मंदिर में भगवान को सुलाने और जगाने की परंपरा कहां है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तिरुमला: सुप्रभातम् (3AM — विश्वप्रसिद्ध)। पुरी: बड़ा श्रृंगार भोग (रात 11)। नाथद्वारा: 8 झांकी/दिन (सबसे विस्तृत)। द्वारका/मथुरा/काशी। वैष्णव=विस्तृत, दक्षिण=elaborate।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंदिर ज्ञान
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।