मंदिर में देवता के अलग-अलग दर्शन (सुबह/दोपहर/शाम) का क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मंगला(जागरण), श्रृंगार(राजा), ग्वाल(कृष्ण), राजभोग(भोजन), उत्थापन(विश्राम बाद), संध्या(दरबार), शयन(अंतिम)। भगवान=जीवित=24घंटे सेवा। नाथद्वारा=8 झांकी।
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