मंदिर में उत्सव मूर्ति और मूल मूर्ति में क्या अंतर है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मूल मूर्ति: गर्भगृह स्थायी, पत्थर/भारी, अचल, सर्वाधिक शक्तिशाली, भक्त स्पर्श नहीं, नित्य पूजा। उत्सव मूर्ति: पंचधातु/हल्की, चल — शोभायात्रा/रथ यात्रा, कुछ में स्पर्श अनुमत, लघु प्रतिरूप। उदाहरण: तिरुपति मूलवर=वेंकटेश्वर, उत्सवर=मलयप्पा। उत्सव मूर्ति = 'भगवान भक्तों के पास आते हैं'।
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