नारदजी ने भगवान को दो शाप दिये — वे क्या थे?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
दो शाप — (1) मनुष्य शरीर धारण करना होगा, (2) स्त्री-विरह (पत्नी वियोग) का दुख सहना होगा। भगवान ने प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार किया — यही रामावतार की पृष्ठभूमि बनी। भगवान ने कहा — शंकर शतनाम जपो, शान्ति मिलेगी।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।