शाबर मंत्र क्या होते हैं और बिना दीक्षा जप सकते हैं या नहीं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शाबर = लोक भाषा मंत्र (नाथ/गोरखनाथ/सिद्ध परंपरा)। दावा: बिना दीक्षा, तत्काल फल। सत्यता: मूल शाबर गुरुमुखी थे। बाजार/इंटरनेट के अधिकांश अप्रामाणिक। सावधानी: अज्ञात स्रोत से न लें। वैदिक/भक्ति मंत्र सदा सुरक्षित और प्रमाणित।
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