शिव पूजा में संकल्प लेते समय गोत्र का उच्चारण क्यों जरूरी है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गोत्र क्यों: आध्यात्मिक पहचान (नाम समान, गोत्र विशिष्ट), ऋषि वंश सम्मान, संकल्प पूर्णता (बिना पते का पत्र), पुण्य सम्प्रेषण। अज्ञात गोत्र = 'काश्यप' (आदि पिता) या 'शिवगोत्र' बोलें। कुल बड़ों/पण्डित से पूछें।
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