शिव पूजा से जीवन में संतुलन कैसे आता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शिव पूजा से संतुलन: अर्धनारीश्वर = स्त्री-पुरुष संतुलन, परिवार-सामंजस्य। पंचाक्षरी = 5 तत्त्वों का संतुलन → शरीर-मन संतुलित। गीता (14.26): शिव = त्रिगुण-अतीत → गुण-संतुलन। नित्य पूजा = अनुशासन (कार्य-परिवार-अध्यात्म)। लिंग पुराण: संहार + सृजन = जीवन-चक्र में समभाव।
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शिव पूजा
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