तिरुपति बालाजी मंदिर में बाल दान की परंपरा का क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
बाल दान अर्थ: अहंकार त्याग + कर्म-बंधन मुक्ति + नया जीवन। पौराणिक कथा: ग्वालिन ने भगवान के सिर पर बाल लगाए — भगवान ने वरदान दिया। 600+ नाई, प्रतिदिन 50,000+ श्रद्धालु। अर्पित बाल विग उद्योग में — TTD की आय। पूर्णतः स्वैच्छिक — अनिवार्य नहीं।
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