तंत्र और भक्ति में क्या मेल है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
विरोधी नहीं — पूरक। तंत्र=भक्ति विस्तार (मंत्र=भक्ति, पूजा=भक्ति)। गीता: 'श्रद्धा बिना=निष्फल'। सप्तशती=तांत्रिक+भक्ति। कुलार्णव: तंत्र=भक्ति+ज्ञान+कर्म समन्वय। 'भक्ति बिना तंत्र=मशीन, दोनों मिलें=पूर्ण।'
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तंत्र शास्त्र
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