वायु पुराण में ऋषियों के अलग-अलग मतों का क्या तात्विक अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वायु पुराण के ऋषियों के अलग-अलग मत यह दर्शाते हैं कि सत्यलोक अनिर्वचनीय और अतीन्द्रिय है। हर ऋषि ने एक आयाम देखा — पूर्ण स्वरूप केवल ब्रह्मा जानते हैं।
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