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तालिका

मंत्र जप करते समय दीपक की ज्योति बढ़ने का क्या अर्थ है?

की तालिका

ज्योत बढ़ना = शुभ (देवता कृपा, मंत्र शक्ति)। स्थिर/उज्ज्वल = पूजा स्वीकार। बुझना = दोष/अशुद्धि। भौतिक कारण भी (हवा, तेल)। संतुलन: शुभ मानें, अंधविश्वास न करें। [समीक्षा आवश्यक] — लोक परंपरा आधारित, एकल शास्त्र प्रमाण सीमित।

क्या करेंक्या न करें
ज्योत स्थिर और उज्ज्वल: पूजा स्वीकार, देवता प्रसन्न।ज्योत बुझ जाना: पूजा में दोष, या वातावरण अशुद्ध।
ज्योत बढ़ना/तेज होना: विशेष कृपा, मंत्र शक्ति सक्रिय।ज्योत बायीं ओर झुकना: सावधानी आवश्यक।
ज्योत दाहिनी ओर झुकना: शुभ।ज्योत काली/धुआंदार: तेल/बत्ती अशुद्ध, या नकारात्मक ऊर्जा।
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