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Srivilliputhur · Tamil Nadu

अरुल्मिगु आण्डाल समेत रङ्गमन्नर मन्दिर + वटपत्रशायी पेरुमाल मन्दिर

अरुल्मिगु आण्डाल समेत रङ्गमन्नर मन्दिर + वटपत्रशायी पेरुमाल मन्दिर — श्रीविल्लिपुत्तूर, ज़िला विरुधुनगर, तमिलनाडु (एक-परिक्षेत्र, दो पृथक-गर्भगृह)

श्री आण्डाल (गोदा देवी) + वटपत्रशायी पेरुमाल + रङ्गमन्नर — 108 दिव्य देशम (पाण्ड्य नाडु क्षेत्र); 12 अल्वारों में एकमात्र महिला-अल्वार आण्डाल का जन्म-स्थान; तिरुप्पावै + नाच्यार तिरुमोझि-रचनास्थल; 192-फुट 11-तल रजगोपुरम तमिलनाडु राज्य-शासन-मुहर पर प्रदर्शित (विवादित)

अन्य नाम: आण्डाल मन्दिर · वटपत्रशायी पेरुमाल मन्दिर · तिरुविल्लिपुत्तूर · गोदा देवी जन्म-स्थान

  • 108 दिव्य देशम
  • 12 अल्वारों में एकमात्र महिला-अल्व…
  • 192-फुट
  • तिरुप्पावै
अरुल्मिगु आण्डाल समेत रङ्गमन्नर मन्दिर + वटपत्रशायी पेरुमाल मन्दिर
दर्शन समय
06:00 – 21:00
स्वरूप
विष्णु वट-पत्र-शायी
स्थान
Srivilliputhur · Tamil Nadu
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम
काल
8वीं-9वीं शताब्दी ईस्वी

इस मन्दिर की विशेषता

  • 108 दिव्य देशम (पाण्ड्य नाडु क्षेत्र) में सम्मिलित (विशिष्ट-संख्या-व्यवस्था स्रोत-असंगत — सामान्य 'पाण्ड्य-नाडु' phrasing)
  • 12 अल्वारों में एकमात्र महिला-अल्वार आण्डाल का जन्म-स्थान — गोदा देवी; पेरियाल्वार (विष्णुचित्तर) पाल्य-पिता; दोनों अल्वार एक-नगर-जन्मे (अद्वितीय)
  • 192-फुट / ~59 मी / 11-तल विजयनगर 15वीं-शताब्दी रजगोपुरम — तमिलनाडु राज्य-शासन-मुहर पर प्रदर्शित (आधिकारिक-डिज़ाइनर-कथन के अनुसार मीनाक्षी-गोपुरम-attribution विवादित)
  • तिरुप्पावै (30 पासुर) + नाच्यार तिरुमोझि (143 पासुर, 15 खण्ड) — आण्डाल-रचना; मार्गळि-काल 30-दिवसीय तिरुप्पावै-पारायण विश्व-व्यापी परम्परा
  • आण्डाल-रङ्गनाथ कल्याण-कथा — आण्डाल श्रीरङ्गम-यात्रा-पश्चात् रङ्गनाथ-मूर्ति में विलीन; वार्षिक आण्डाल-रङ्गमन्नर कल्याण-उत्सव
  • अद्वितीय वटपत्रशायी iconography — कोस्मिक-प्रलय-काल मार्कण्डेय-दर्शन-कथा
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

विष्णु (वटपत्रशायी) — कोस्मिक-प्रलय-काल वट-पत्र (बरगद-पत्ता) पर शिशु-कृष्ण-रूप शयन; पूर्व-मुख गर्भगृह; पादों के समीप श्रीदेवी + भूदेवी; शीर्ष-समीप ऋषि भृगु; पादों पर ऋषि मार्कण्डेय; ऋषि-दर्शन-कथा-स्मारक; पट्ट-महिषी आण्डाल/रङ्गमन्नर पृथक-गर्भगृह में

विष्णु वट-पत्र-शायी (कोस्मिक-प्रलय-शिशु-स्वरूप, अद्वितीय iconography); आण्डाल पृथक-शाला में तोते-धारी मूर्ति-स्वरूप; रङ्गमन्नर (रङ्ग-वर) — श्रीरङ्गनाथ का वर-स्वरूप, आण्डाल-संग कल्याण-स्मारक

सम्प्रदाय: श्री वैष्णव — 12 अल्वारों में एकमात्र महिला-अल्वार आण्डाल (~8वीं शताब्दी ईस्वी) + उनके पाल्य-पिता पेरियाल्वार (विष्णुचित्तर) दोनों इसी-नगर में; तिरुप्पावै (30 पासुर) + नाच्यार तिरुमोझि (143 पासुर) + तिरुप्पल्लाण्डु (12 पासुर) — नालायिर दिव्य प्रबन्धम् का प्रमुख-योगदान

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

आण्डाल-जन्म-कथा (मूल-स्थल-पुराण)

विष्णुचित्तर (पेरियाल्वार) — श्रीविल्लिपुत्तूर के माली-ब्राह्मण ने मन्दिर-उद्यान में तुलसी-पौधे के नीचे शिशु-कन्या पायी; नाम 'कोडै/गोदा' (पृथ्वी-उपहार); भूदेवी का अवतार-मान्य; पाल्य-पुत्री बना-कर वैष्णव-संस्कारों से पाला। तरुणी होते-होते आण्डाल ने स्वयं को रङ्गनाथ-वधू-स्वरूप-कल्पना-कर श्रीरङ्गनाथ-संग विवाह-संकल्प किया।

आण्डाल-रङ्गनाथ कल्याण-कथा

आण्डाल ने किसी-भी-मर्त्य से विवाह-अस्वीकार-कर रङ्गनाथ-संग विवाह-संकल्प; नाच्यार तिरुमोझि उनके स्वप्न-विवाह-वर्णन; भव्य-वैवाहिक-शोभायात्रा श्रीविल्लिपुत्तूर से श्रीरङ्गम-तक; गर्भगृह में आण्डाल रङ्गनाथ-मूर्ति में विलीन-कर भगवान-संग एक-रूप हो गयीं — वापस नहीं लौटीं। रङ्गनाथ ने 'रङ्ग-वर'-स्वरूप यहाँ आकर वर-धारण किया; इसीलिए विग्रह 'रङ्गमन्नर' (रङ्ग-राजा-वर) नाम-धारी।

वटपत्रशायी कथा (मार्कण्डेय-दर्शन)

ऋषि मार्कण्डेय ने कोस्मिक-प्रलय-काल देखा कि एक दिव्य-शिशु बरगद-पत्ते पर तैर रहा है; उन्होंने शिशु-शरीर में प्रवेश-कर पूरे-ब्रह्माण्ड को संरक्षित देखा। यह विष्णु का वटपत्रशायी-स्वरूप; पादों पर सर्वाधिक-प्राचीन-ज्ञात-शिल्प 886 ईस्वी नागेश्वर मन्दिर।

नालायिर दिव्य प्रबन्धम् — आण्डाल + पेरियाल्वार-गायन

आण्डाल — तिरुप्पावै (30 पासुर) + नाच्यार तिरुमोझि (143 पासुर, 15 खण्ड); पेरियाल्वार — तिरुप्पल्लाण्डु (12 पासुर मङ्गलाशासनम् — दिव्य-प्रबन्धम्-पाठ-परम्परा का प्रारम्भिक-आवाहन); 4,000-पासुर-कोश का प्रमुख-योगदान

संत एवं परम्परा

  • आण्डाल (गोदा देवी / नाच्यार; ~8वीं शताब्दी) — 12 अल्वारों में एकमात्र महिला; भूदेवी-अवतार-मान्य
  • पेरियाल्वार (विष्णुचित्तर) — आण्डाल के पाल्य-पिता; तिरुप्पल्लाण्डु-रचयिता; पाण्ड्य-राजा द्वारा मदुरै में सम्मानित (कूडल अळगर विष्णु-साक्षी)
  • श्रीरङ्गनाथ (श्रीरङ्गम) — आण्डाल के पति-स्वरूप; आण्डाल-विलीनीकरण-स्थल
  • ऋषि भृगु — गर्भगृह-शीर्ष-समीप पूज्य
  • ऋषि मार्कण्डेय — गर्भगृह-पादों पर पूज्य; वटपत्रशायी-दर्शन-कथा-केन्द्र
  • थिरुमलै-नायक (1623-1659) — चौल्ट्री + तालाब + चित्र-कला + गोपुरम-स्वर्ण-लेपन
  • रानी मङ्गम्मल (1689-1706) — संरक्षण
  • वीरप्रताप वीर सदाशिवदेव महाराय (विजयनगर, 1550 ईस्वी) — ग्राम-दान शिलालेख
  • तमिलनाडु HR&CE विभाग — आधुनिक-प्रशासन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 1550विजयनगर-राजा वीरप्रताप वीर सदाशिवदेव महाराय द्वारा ग्राम-दान (मण्डप उत्तर-दीवार शिलालेख)Wikipedia Srivilliputhur + Tamil Nadu Tourism बहु-स्रोत
  2. 145015वीं-शताब्दी विजयनगर-काल 192-फुट 11-तल रजगोपुरम-निर्माणWikipedia + Cultural Heritage of India बहु-स्रोत
  3. 1650थिरुमलै-नायक (1623-1659) प्रमुख-नवीनीकरण: चौल्ट्री + तालाब + चित्र-कला + स्वर्ण-गोपुरमWikipedia + Astroved बहु-स्रोत
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:00 से 21:00 तक

प्रातः दर्शन06:00-13:00
दैनिक
मध्याह्न-विश्राम (बन्द)13:00-16:00
दैनिक
सायं दर्शन16:00-21:00
दैनिक
मार्गळि (दिसंबर-जनवरी) ब्राह्म-मुहूर्त तिरुप्पावै-पारायण04:00-06:00
मार्गळि-मास 30 दिन

विशेष नियम: गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; एक-परिक्षेत्र दो पृथक-गर्भगृह (वटपत्रशायी NE + आण्डाल-रङ्गमन्नर SW); मार्गळि-काल ब्राह्म-मुहूर्त-तिरुप्पावै-परम्परा; पारम्परिक-वेश-नियम

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
06:00-13:00 + 16:00-21:00 (दैनिक)
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

वटपत्रशायी + आण्डाल-रङ्गमन्नर दोनों पृथक-गर्भगृह दर्शन; 192-फुट रजगोपुरम बाह्य-दर्शन।

विशेष सशुल्क दर्शन₹100

~₹100 विशेष-कतार दर्शन।

आण्डाल जन्म-स्थान तुलसी-उद्यान दर्शननिःशुल्क

मन्दिर-उद्यान-स्थल जहाँ पेरियाल्वार ने शिशु-आण्डाल पायी।

मार्गळि-काल तिरुप्पावै-पारायण-संकल्प (30-दिवसीय)

दिसंबर-जनवरी मार्गळि-मास ब्राह्म-मुहूर्त-काल एक-पासुर-दैनिक; 30वें-दिन भव्य-समापन।

आडि पूरम् आण्डाल-रङ्गमन्नर कल्याण-दर्शन (वार्षिक)

आडि-मास (जुलाई-अगस्त) पूरम-नक्षत्र पर आण्डाल-जन्म-वर्षगाँठ + 8वें-दिन तुलसी-उद्यान-प्राप्ति-स्मारक; कल्याण-उत्सव।

192-फुट 11-तल रजगोपुरम बाह्य-दर्शन (तमिलनाडु राज्य-शासन-मुहर-प्रदर्शित)

विजयनगर 15वीं-शताब्दी; तमिलनाडु राज्य-शासन-मुहर-प्रदर्शित (विवादित: डिज़ाइनर-कथन-अनुसार मीनाक्षी-गोपुरम)।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

आडि पूरम् (तिरुवाडिपूरम् — आण्डाल-जन्म-वर्षगाँठ)आडि मास पूरम-नक्षत्र (जुलाई-अगस्त)

मन्दिर का सर्वाधिक-प्रमुख-उत्सव; आण्डाल का जन्म-नक्षत्र पूरम-तारा; आडि-मास 8वें-दिन पेरियाल्वार-तुलसी-उद्यान-प्राप्ति-स्मारक; वार्षिक आण्डाल-रङ्गमन्नर कल्याण-उत्सव।

मार्गळि / मार्गझि / धनुर्मास तिरुप्पावै-पारायण (30-दिवसीय)मार्गळि (दिसंबर-जनवरी)

30-दिन प्रत्येक-दिन एक-पासुर ब्राह्म-मुहूर्त-काल पारायण; 30वें-दिन भव्य-समापन-समारोह।

पेरियाल्वार मङ्गलाशासनम् (आणि उत्सवम्)तमिल आणि/आडि (जून-जुलाई/जुलाई-अगस्त)

पेरियाल्वार-सम्मान वार्षिक उत्सव।

ब्रह्मोत्सवम्विशेष-तिथि

ब्रह्मोत्सवम्-वार्षिक।

वैकुण्ठ एकादशी + गरुड-सेवैमार्गळि शुक्ल एकादशी

वैष्णव-प्रमुख-तिथि।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

विवाह-योग-संकल्प (आण्डाल-रङ्गनाथ कल्याण-परम्परा)

आण्डाल-रङ्गनाथ विवाह-कथा-केन्द्र; आडि पूरम् वार्षिक कल्याण-उत्सव; विशेषतः कन्या-वर्ग के विवाह-योग-संकल्प-तीर्थ — विश्व-व्यापी प्रसिद्ध

स्रोत: Wikipedia Andal + omspiritualshop + Temple Purohit बहु-स्रोत

मार्गळि तिरुप्पावै-पारायण-संकल्प (30-दिवसीय)

30-दिन ब्राह्म-मुहूर्त-काल एक-पासुर-दैनिक पारायण-संकल्प; आण्डाल-रचित मूल-तीर्थ; विश्व-व्यापी वैष्णव-परम्परा

स्रोत: Indica Today + दिव्य-प्रबन्धम्

आण्डाल-दर्शन-संकल्प (एकमात्र महिला-अल्वार)

12 अल्वारों में एकमात्र महिला-अल्वार आण्डाल का जन्म-स्थान-दर्शन; महिला-भक्तों के लिए अद्वितीय-तीर्थ

स्रोत: HinduPost + Yantrachants बहु-स्रोत

वटपत्रशायी कोस्मिक-दर्शन-संकल्प (मार्कण्डेय-कथा)

विष्णु का वट-पत्र-शायी कोस्मिक-प्रलय-शिशु-स्वरूप-दर्शन; मार्कण्डेय-दर्शन-कथा-स्मारक

स्रोत: Sahapedia + The Statesman बहु-स्रोत

तमिलनाडु राज्य-मुहर रजगोपुरम-दर्शन (192-फुट)

तमिलनाडु राज्य-शासन-मुहर पर प्रदर्शित (विवादित) 192-फुट 11-तल विजयनगर रजगोपुरम-दर्शन — दक्षिण-भारत के सर्वाधिक-ऊँचे गोपुरमों में

स्रोत: Cultural Heritage of India + Wikipedia

108 दिव्य देशम यात्रा-संकल्प

पाण्ड्य-नाडु क्षेत्र दिव्य-देशम; अल्वार-गायित-यात्रा-शृङ्खला

स्रोत: दिव्य-प्रबन्धम्

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • तिरुप्पावै (30 पासुर) — आण्डाल-रचिततमिल भक्ति-स्तोत्रआण्डाल (~8वीं शताब्दी)इस मन्दिर हेतुमार्गळि-मास 30-दिवसीय ब्राह्म-मुहूर्त-पारायण; विश्व-व्यापी वैष्णव-परम्परा
  • नाच्यार तिरुमोझि (143 पासुर, 15 खण्ड) — आण्डाल-रचिततमिल भक्ति-स्तोत्रआण्डालइस मन्दिर हेतुआण्डाल के रङ्गनाथ-स्वप्न-विवाह-वर्णन
  • तिरुप्पल्लाण्डु (12 पासुर मङ्गलाशासनम्) — पेरियाल्वार-रचितमङ्गलाशासनम्पेरियाल्वार (विष्णुचित्तर)इस मन्दिर हेतुनालायिर दिव्य प्रबन्धम्-पाठ का प्रारम्भिक-आवाहन
  • ॐ नमो भगवते वासुदेवायद्वादशाक्षर मन्त्रभागवत-परम्परा
  • ॐ नमो नारायणायअष्टाक्षर मन्त्रवैष्णव परम्परा
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

तुलसी-उद्यान (आण्डाल-प्राप्ति-स्थल; मन्दिर-परिसर)50 मी

मन्दिर-उद्यान-स्थल जहाँ पेरियाल्वार ने शिशु-आण्डाल पायी; आण्डाल-जन्म-स्मारक

श्रीरङ्गनाथस्वामी मन्दिर श्रीरङ्गम (आण्डाल-विलीनीकरण-स्थल)290 किमी

आण्डाल-रङ्गनाथ कल्याण-स्थल; आण्डाल-विलीनीकरण-स्थल; 108 दिव्य-देशम-प्रथम

अळगर-कोइल मदुरै (अन्य पाण्ड्य-नाडु दिव्य-देशम)80 किमी

108 दिव्य-देशम पाण्ड्य-नाडु क्लस्टर; आण्डाल-तपस्या-स्थल (बैठ-स्वरूप)

मीनाक्षी अम्मन मन्दिर मदुरै80 किमी

तमिलनाडु प्रमुख शक्ति-पीठ; पाण्ड्य-नाडु क्लस्टर

शेण्बग-थोप्पु वन (पश्चिमी-घाट तलहटी)8 किमी

पश्चिमी-घाट तलहटी प्राकृतिक-वन; तीर्थयात्रा-पर्यटन

शिवकाशी (पटाखा-नगर)20 किमी

भारत का पटाखा-निर्माण-केन्द्र

108 दिव्य देशम (पाण्ड्य नाडु क्षेत्र)

पाण्ड्य-नाडु दिव्य-देशम; आण्डाल-जन्म-स्थान

108 मंदिर

आण्डाल-रङ्गनाथ कल्याण-तीर्थयात्रा (श्रीविल्लिपुत्तूर → श्रीरङ्गम)

आण्डाल-जन्म-स्थान → श्रीरङ्गम-विलीनीकरण-स्थल — द्वि-तीर्थ-यात्रा; आण्डाल का कल्याण-शोभायात्रा-मार्ग

2 मंदिर

पाण्ड्य-नाडु तमिलनाडु-दक्षिणी दिव्य-देशम क्लस्टर (श्रीविल्लिपुत्तूर + मदुरै + अळगर-कोइल + तिरुनेलवेली)

तमिलनाडु-दक्षिणी पाण्ड्य-नाडु क्लस्टर-यात्रा का प्रमुख-तीर्थ

6 मंदिर

मार्गळि तिरुप्पावै-पारायण-तीर्थ-यात्रा (विश्व-व्यापी)

आण्डाल-तिरुप्पावै-मूल-स्थान; 30-दिवसीय पारायण-तीर्थ-यात्रा-केन्द्र

1 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
अरुल्मिगु आण्डाल समेत रङ्गमन्नर मन्दिर + वटपत्रशायी पेरुमाल मन्दिर, श्रीविल्लिपुत्तूर, ज़िला विरुधुनगर, तमिलनाडु — PIN 626125
हवाई अड्डा
मदुरै अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IXM) — ~65-78 किमी (~1 घण्टे 20 मिनट ड्राइव)
रेलवे
श्रीविल्लिपुत्तूर रेलवे स्टेशन (SVPR; दक्षिण-रेलवे विरुधुनगर-सेङ्गोट्टै लाइन) — नगर-में-स्थित
बस-स्टैण्ड
श्रीविल्लिपुत्तूर बस-स्टैण्ड — मन्दिर-समीप; मदुरै/राजपालयम/शिवकाशी/सङ्करनकोविल/सेङ्गोट्टै/सत्तूर बस-सेवा
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम; आडि पूरम् जुलाई-अगस्त (आण्डाल-जन्म); मार्गळि तिरुप्पावै-पारायण दिसंबर-जनवरी; अप्रैल-जून तापमान 38-40°C
प्रबन्धन
तमिलनाडु HR&CE विभाग
1 किमीSrivilliputhur Railway Station
75 किमीMadurai International Airport
80 किमीMadurai City
20 किमीSivakasi
18 किमीRajapalayam
8 किमीShenbaga Thoppu Forest
80 किमीAlagar Kovil
100 किमीTirunelveli
540 किमीChennai
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