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Horanadu · Karnataka

श्री क्षेत्र होरनाडु

श्री क्षेत्र होरनाडु — आदिशक्त्यात्मक श्री अन्नपूर्णेश्वरी मन्दिर, होरनाडु, कलसा तालुक, ज़िला चिक्कमगलूरु, कर्नाटक

आदिशक्त्यात्मक श्री अन्नपूर्णेश्वरी = अन्न-पूर्ण-स्वरूपा देवी; 'कोई-भी श्रद्धालु होरनाडु से भूखा-नहीं-लौटेगा'-परम्परा का प्रतिष्ठित-तीर्थ; ऋषि अगस्त्य-स्थापित परम्परा-अनुसार; योइस (जोयिस/जोशी)-परिवार ~400-वर्ष-वंशानुगत धर्मकर्ता-प्रबन्धित

अन्य नाम: श्री क्षेत्र होरनाडु · होरनाडु अन्नपूर्णेश्वरी · हॉर्नाडु / होर्नाडु (विभिन्न-वर्तनी) · अन्न-दान-तीर्थ

  • कर्नाटक के प्रमुख अन्नदान-तीर्थों…
  • जोयिस-परिवार ~400-वर्ष वंशानुगत धर…
  • होरनाडु = कलसा-तालुक का सर्वोच्च आ…
  • 1973 पुनःप्रतिष्ठा शृङ्गेरी-जगद्गु…
श्री क्षेत्र होरनाडु
दर्शन समय
06:30 – 21:30
स्वरूप
स्वर्ण-कवच-आच्छादित अन्नपूर्णेश्वरी-मूर्…
स्थान
Horanadu · Karnataka
उत्तम ऋतु
रथोत्सव/ब्रह्मोत्सवम् फरवरी-मार्च
काल
प्राचीन-काल

इस मन्दिर की विशेषता

  • कर्नाटक के प्रमुख अन्नदान-तीर्थों में सम्मिलित — दैनिक तीन निःशुल्क-भोजन (प्रात:-नाश्ता + मध्याह्न + सायं) सर्व-धर्म-जाति-सम्प्रदाय-निरपेक्ष
  • जोयिस-परिवार ~400-वर्ष वंशानुगत धर्मकर्ता-न्यासी — दक्षिण-भारत के दुर्लभ निजी-परिवार-न्यासी-तीर्थों में सम्मिलित
  • होरनाडु = कलसा-तालुक का सर्वोच्च आद्यन्ती-शक्ति-तीर्थ — भद्रा-नदी-तट; पश्चिम-घाट / मलनाड-क्षेत्र
  • 1973 पुनःप्रतिष्ठा शृङ्गेरी-जगद्गुरु अभिनव विद्यातीर्थ-कृत — शृङ्गेरी शारदा पीठम्-सम्बद्ध तीर्थ
  • श्रद्धालुओं-हेतु निःशुल्क रहने-व्यवस्था (अतिथि-शाला) — परम्परागत यात्रा-व्यवस्था का अद्वितीय-तीर्थ
  • कोल्लूर मूकाम्बिका के सङ्ग कर्नाटक-तटीय/मलनाड-क्षेत्र के दो प्रमुख-अन्नदान-देवी-तीर्थ
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

आदिशक्त्यात्मक श्री अन्नपूर्णेश्वरी देवी — खड़ी-पीठम् पर चतुर्भुजा; शङ्ख + चक्र + श्री-चक्र + देवी-गायत्री-धारणा; सम्पूर्ण-स्वर्ण-कवच (कवसम्) से शीर्ष-पाद; उप-देवता: नवग्रह-शाला (1981-निर्मित), अन्य प्राङ्गण-शालाएँ

स्वर्ण-कवच-आच्छादित अन्नपूर्णेश्वरी-मूर्ति; चतुर्भुजा-खड़ी-स्वरूप

सम्प्रदाय: शाक्त-वैष्णव-समन्वय; प्रशासन: जोयिस (जोशी)-परिवार ~400-वर्ष वंशानुगत धर्मकर्ता-न्यासी (श्री क्षेत्र होरनाडु आधिकारिक); न-मुज़राई-न-शृङ्गेरी-शासित; निजी वंशानुगत-न्यासी-परिवार; 5वें धर्मकर्ता श्री डी.बी. वेङ्कटसुब्ब जोयिस (1962-नवीकरण); 6वें श्री डी.वी. गजेन्द्र प्रसन्न जोयिस (1981 नवग्रह-शाला-निर्माण); 1973 पुनःप्रतिष्ठा एवं महाकुम्भाभिषेकम् — शृङ्गेरी शारदा पीठम् के जगद्गुरु श्री अभिनव विद्यातीर्थ महास्वामीजी द्वारा (न आदि शङ्कराचार्य द्वारा; यह सम्भव-नहीं)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

ऋषि अगस्त्य-स्थापना कथा (पारम्परिक)

अनेक-शताब्दियों-पूर्व ऋषि अगस्त्य ने भद्रा-नदी-तट होरनाडु-स्थल पर आदिशक्त्यात्मक श्री अन्नपूर्णेश्वरी-मूर्ति-प्रतिष्ठा की — पारम्परिक-कथन (indian-heritage.org + कर्नाटक पर्यटन + chikkamagaluru.nic.in; सटीक-शताब्दी-तिथि अप्रमाणित)। 'अन्न-पूर्ण = अन्न-से-परिपूर्ण' देवी-स्वरूप-कारण अन्नदान-केन्द्रीय-तीर्थ।

जोयिस-परिवार वंशानुगत धर्मकर्ता कथा (~400 वर्ष)

जोयिस (योइस/जोशी)-परिवार ~400 वर्षों-से वंशानुगत-धर्मकर्ता-न्यासी-परम्परा। 5वें धर्मकर्ता श्री डी.बी. वेङ्कटसुब्ब जोयिस ने 1962 ईस्वी मन्दिर-नवीकरण किया। 6वें धर्मकर्ता श्री डी.वी. गजेन्द्र प्रसन्न जोयिस ने 1981 नवग्रह-शाला-निर्माण कराई। मन्दिर निजी-परिवार-न्यासी-शासित (न मुज़राई न शृङ्गेरी)।

1973 पुनःप्रतिष्ठा एवं महाकुम्भाभिषेकम् कथा

1973 ईस्वी पुनःप्रतिष्ठा एवं महाकुम्भाभिषेकम् शृङ्गेरी शारदा पीठम् के जगद्गुरु श्री अभिनव विद्यातीर्थ महास्वामीजी द्वारा सम्पन्न (indian-heritage.org + sanatanavibes बहु-स्रोत-सम्मति)। (कर्नाटक पर्यटन + chikkamagaluru.nic.in स्रोतों में 'आदि शङ्कराचार्य'-गलत-श्रेय; यह कालक्रम-विरुद्ध — आदि शङ्कराचार्य 8वीं शताब्दी)।

अन्नदान-परम्परा कथा (मन्दिर-केन्द्रीय)

मन्दिर-केन्द्रीय-परम्परा: दैनिक तीन निःशुल्क-भोजन (प्रात:-नाश्ता 7:30 + मध्याह्न 12:30 + सायं 7:30) + चाय/कॉफी/नाश्ता — सर्व-श्रद्धालु-धर्म/जाति/सम्प्रदाय-निरपेक्ष (कर्नाटक पर्यटन + indian-heritage.org + chikkamagaluru.nic.in 3-स्रोत-सम्मति)। 'कोई-भी श्रद्धालु होरनाडु से भूखा-नहीं-लौटेगा'-परम्परा का पारम्परिक-दावा। दैनिक-संख्या-सटीक-आँकड़ा अप्रमाणित (30K-50K-दावे एकल-स्रोत — drop; 'सहस्रों-दैनिक' qualitative-केवल)।

संत एवं परम्परा

  • ऋषि अगस्त्य — पारम्परिक-स्थापक
  • जोयिस (योइस/जोशी)-परिवार — ~400-वर्ष वंशानुगत धर्मकर्ता-वंश
  • 5वें धर्मकर्ता श्री डी.बी. वेङ्कटसुब्ब जोयिस — 1962-नवीकरण
  • 6वें धर्मकर्ता श्री डी.वी. गजेन्द्र प्रसन्न जोयिस — 1981 नवग्रह-शाला-निर्माण
  • जगद्गुरु श्री अभिनव विद्यातीर्थ महास्वामीजी (शृङ्गेरी शारदा पीठम्) — 1973 पुनःप्रतिष्ठा एवं महाकुम्भाभिषेकम्-कर्ता

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. प्राचीन-काल — ऋषि अगस्त्य-स्थापना पारम्परिक-कथन (सटीक-शताब्दी अप्रमाणित)indian-heritage.org + कर्नाटक पर्यटन + chikkamagaluru.nic.in बहु-स्रोत-परम्परा-स्तर
  2. 19625वें धर्मकर्ता श्री डी.बी. वेङ्कटसुब्ब जोयिस-मन्दिर-नवीकरणindian-heritage.org
  3. 1973पुनःप्रतिष्ठा एवं महाकुम्भाभिषेकम् — शृङ्गेरी जगद्गुरु अभिनव विद्यातीर्थ महास्वामीजी-कृतindian-heritage.org + sanatanavibes बहु-स्रोत
  4. 19816वें धर्मकर्ता श्री डी.वी. गजेन्द्र प्रसन्न जोयिस — नवग्रह-शाला-निर्माणindian-heritage.org
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:30 से 21:30 तक · मध्याह्न विश्राम 09:00-11:00 + 14:00-19:00 (कर्नाटक पर्यटन-स्रोत)

मन्दिर-उद्घाटन + प्रात:-दर्शन06:30-09:00
दैनिक
महामङ्गलारती (प्रात:)09:00
दैनिक
(मन्दिर-विश्राम)09:00-11:00
दैनिक
मध्याह्न-दर्शन11:00-14:00
दैनिक
कुङ्कुमार्चन11:00
दैनिक
महामङ्गलारती (मध्याह्न)13:30
दैनिक
(मन्दिर-विश्राम)14:00-19:00
दैनिक
सायं-दर्शन19:00-21:30
दैनिक
कुङ्कुमार्चन (सायं)19:00
दैनिक
महामङ्गलारती (सायं; मन्दिर-समापन)21:00
दैनिक

वस्त्र-संहिता: पुरुष: गर्भगृह-प्रवेश-काल शर्ट-त्याग (शाल/उत्तरीय-कन्धे-वस्त्र-अनिवार्य; कर्नाटक पर्यटन + chikkamagaluru.nic.in बहु-स्रोत); स्त्री: पारम्परिक साड़ी/सलवार-सूट (दक्षिण-भारतीय-मन्दिर-मानक)

फोटोग्राफी: आधिकारिक-नीति-स्रोतों-में नहीं — drop

विशेष नियम: मध्याह्न-विश्राम 09:00-11:00 + 14:00-19:00; पुरुष-शर्ट-त्याग गर्भगृह-प्रवेश-काल अनिवार्य (शाल/उत्तरीय-कन्धे-वस्त्र); पारम्परिक-वस्त्र

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
06:30-09:00 + 11:00-14:00 + 19:00-21:30

स्वर्ण-कवच-आच्छादित अन्नपूर्णेश्वरी-मूर्ति-दर्शन।

अन्नदान (तीन निःशुल्क-भोजन दैनिक)निःशुल्क
समय
नाश्ता 07:30 + मध्याह्न 12:30 + सायं 19:30

सर्व-श्रद्धालु-धर्म/जाति-निरपेक्ष; मन्दिर-केन्द्रीय-परम्परा; 'कोई-भी श्रद्धालु भूखा-नहीं'-दावा।

निःशुल्क रहने-व्यवस्था (अतिथि-शाला)निःशुल्क

श्रद्धालुओं-हेतु मन्दिर-निःशुल्क-गेस्ट-रूम।

कुङ्कुमार्चन-सेवा

मन्दिर-कार्यालय-बुकिंग; 11:00 + 19:00 दैनिक।

रथोत्सव / ब्रह्मोत्सवम् (5-दिवसीय वार्षिक)निःशुल्क

फरवरी-मार्च-काल; मन्दिर-वार्षिक-शिखर-उत्सव।

अक्षय-तृतीया / अक्षय-तदिगे (देवी-आविर्भाव-दिन)निःशुल्क

अप्रैल-मई-काल; देवी-जन्म-वर्षगाँठ-उत्सव।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

रथोत्सव / ब्रह्मोत्सवम् (5-दिवसीय वार्षिक)माघ-फाल्गुन (फरवरी-मार्च)

5-दिवसीय वार्षिक-उत्सव; मन्दिर-शिखर-उत्सव

अक्षय-तृतीया / अक्षय-तदिगे (देवी-आविर्भाव-दिन)वैशाख शुक्ल तृतीया (अप्रैल-मई); 2026: 20 अप्रैल 2026

देवी-जन्म-वर्षगाँठ-उत्सव

नवरात्रि (9-दिवसीय)आश्विन शुक्ल प्रतिपदा-नवमी (सितंबर-अक्टूबर); 2026: 11-19 अक्टूबर 2026

9-दिवसीय शक्ति-उत्सव

श्रावण-मास (वार्षिक देवी-मास)श्रावण (जुलाई-अगस्त)

मास-पर्यन्त विशेष-पूजा-अर्पण

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

अन्नदान-सेवन-संकल्प (तीन निःशुल्क-भोजन दैनिक)

सर्व-श्रद्धालु-धर्म/जाति-निरपेक्ष; 'कोई-भी श्रद्धालु भूखा-नहीं'-परम्परा; अन्नदान-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Karnataka Tourism + indian-heritage.org + chikkamagaluru.nic.in 3-बहु-स्रोत

स्वर्ण-कवच-अन्नपूर्णेश्वरी-दर्शन-संकल्प

सम्पूर्ण-स्वर्ण-कवच-आच्छादित चतुर्भुजा देवी-मूर्ति; आदिशक्त्यात्मक अन्नपूर्णेश्वरी-दर्शन-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: indian-heritage.org + बहु-स्रोत

अन्नपूर्णा-स्तोत्र-पाठ-संकल्प (आदि शङ्कराचार्य-कृत)

12-श्लोक अन्नपूर्णा-स्तोत्र-पाठ; आदि शङ्कराचार्य-कृत; अन्न-पूर्णता-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: परम्परा

अक्षय-तृतीया-दर्शन-संकल्प (देवी-आविर्भाव-दिन)

वैशाख शुक्ल तृतीया 20 अप्रैल 2026 — देवी-जन्म-वर्षगाँठ-उत्सव

स्रोत: बहु-स्रोत

नवरात्रि-9-दिवसीय शक्ति-संकल्प

11-19 अक्टूबर 2026; आद्यन्ती-शक्ति-तीर्थ

स्रोत: पञ्चाङ्ग + परम्परा

निःशुल्क-रहने-व्यवस्था-संकल्प (अतिथि-शाला)

श्रद्धालुओं-हेतु मन्दिर-निःशुल्क-गेस्ट-रूम; परम्परागत-तीर्थयात्रा-अद्वितीय-व्यवस्था

स्रोत: indian-heritage.org + Karnataka Tourism

जोयिस-परिवार-न्यासी-दर्शन-संकल्प (~400-वर्ष-परम्परा)

जोयिस-परिवार ~400-वर्ष वंशानुगत धर्मकर्ता; दक्षिण-भारत-दुर्लभ निजी-परिवार-न्यासी-तीर्थ-दर्शन-संकल्प

स्रोत: Official srikshetrahoranadu + indian-heritage.org

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • अन्नपूर्णा-स्तोत्र (आदि शङ्कराचार्य-कृत)स्तोत्रआदि शङ्कराचार्य-कृत 12-श्लोक स्तोत्रइस मन्दिर हेतुअन्नपूर्णेश्वरी-तीर्थ-नित्य-पाठ-परम्परा
  • ललिता सहस्रनामसहस्रनाम-स्तोत्रब्रह्माण्ड पुराण
  • देवी-महात्म्यम् (दुर्गा-सप्तशती)सप्तशती-स्तोत्रमार्कण्डेय पुराण
  • अन्नपूर्णेश्वरी-अष्टकम्अष्टक-स्तोत्रहोरनाडु-शाक्त-परम्पराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

नवग्रह-शाला (मन्दिर-प्राङ्गण; 1981-निर्मित)50 मी

6वें धर्मकर्ता डी.वी. गजेन्द्र प्रसन्न जोयिस-निर्मित; नवग्रह-शान्ति-स्थल

भद्रा-नदी (मन्दिर-तट)100 मी

होरनाडु-स्थल भद्रा-नदी-तट; पवित्र-नदी

कलसा-नगर (कलसेश्वर शिव-मन्दिर)10 किमी

तालुक-केन्द्र; कलसेश्वर शिव-तीर्थ; होरनाडु-यात्रा-सङ्ग पारम्परिक

शृङ्गेरी शारदा पीठम् (75 किमी)75 किमी

आदि शङ्कराचार्य-स्थापित प्रथम-पीठ; 1973 पुनःप्रतिष्ठा-कर्ता जगद्गुरु-पीठम्

कोल्लूर मूकाम्बिका (110 किमी)110 किमी

परशुराम-क्षेत्र-सप्त-मुक्ति-स्थल-देवी-स्थान; तटीय-कर्नाटक-देवी-तीर्थ-युग्म

उडुपी श्री कृष्ण मठ (145 किमी)145 किमी

मध्व-सम्प्रदाय-केन्द्र; तटीय-कर्नाटक-तीर्थ-क्लस्टर

होरनाडु-कोल्लूर-शृङ्गेरी कर्नाटक-शाक्त-त्रिक-तीर्थयात्रा

अन्नदान-केन्द्र-तीर्थ; ~400-वर्ष-वंशानुगत निजी-न्यासी-परम्परा; मलनाड-केन्द्र

3 मंदिर

मलनाड-तीर्थ-क्लस्टर (होरनाडु + कलसेश्वर + शृङ्गेरी)

मलनाड-केन्द्रीय-देवी-तीर्थ

3 मंदिर

तटीय-कर्नाटक-देवी-तीर्थ-युग्म (होरनाडु + कोल्लूर मूकाम्बिका)

तटीय-कर्नाटक-देवी-तीर्थ-युग्म का अन्नदान-केन्द्र

2 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री क्षेत्र होरनाडु - आदिशक्त्यात्मक श्री अन्नपूर्णेश्वरी मन्दिर, होरनाडु, कलसा तालुक, ज़िला चिक्कमगलूरु, कर्नाटक — PIN 577181 (भद्रा-नदी-तट; पश्चिम-घाट / मलनाड-क्षेत्र; ऊँचाई 831 मी)
हवाई अड्डा
मङ्गलूर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IXE) — ~126 किमी; बेङ्गलूरु (BLR) ~316 किमी वैकल्पिक
रेलवे
मङ्गलूर रेलवे (~126 किमी); काडुर / चिक्कमगलूरु ~125 किमी वैकल्पिक
बस-स्टैण्ड
कलसा बस-स्टैण्ड (10 किमी-समीप); होरनाडु बस-स्टैण्ड मन्दिर-समीप; कर्नाटक RTC नियमित-बस-सेवा
उत्तम ऋतु
रथोत्सव/ब्रह्मोत्सवम् फरवरी-मार्च; अक्षय-तृतीया 20 अप्रैल 2026 (देवी-आविर्भाव-दिन); नवरात्रि 11-19 अक्टूबर 2026; श्रावण-मास जुलाई-अगस्त; शीत-मासों (नवंबर-फरवरी) में मलनाड-यात्रा-आरामदायक; पावस-ऋतु (जून-सितंबर) में पश्चिम-घाट-भारी-वर्षा
प्रबन्धन
जोयिस (योइस/जोशी)-परिवार ~400-वर्ष वंशानुगत धर्मकर्ता-न्यासी (श्री क्षेत्र होरनाडु आधिकारिक + indian-heritage.org); न-मुज़राई-न-शृङ्गेरी-शासित; निजी वंशानुगत-न्यासी-परिवार; 5वें धर्मकर्ता डी.बी. वेङ्कटसुब्ब जोयिस (1962-नवीकरण); 6वें डी.वी. गजेन्द्र प्रसन्न जोयिस (1981 नवग्रह-शाला); 1973 पुनःप्रतिष्ठा शृङ्गेरी जगद्गुरु अभिनव विद्यातीर्थ महास्वामीजी-कृत
10 किमीKalasa
75 किमीSringeri
98 किमीChikkamagaluru
126 किमीMangalore
125 किमीKadur Railway
316 किमीBangalore
110 किमीKollur Mookambika
145 किमीUdupi
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