ऋषि अगस्त्य-स्थापना कथा (पारम्परिक)
अनेक-शताब्दियों-पूर्व ऋषि अगस्त्य ने भद्रा-नदी-तट होरनाडु-स्थल पर आदिशक्त्यात्मक श्री अन्नपूर्णेश्वरी-मूर्ति-प्रतिष्ठा की — पारम्परिक-कथन (indian-heritage.org + कर्नाटक पर्यटन + chikkamagaluru.nic.in; सटीक-शताब्दी-तिथि अप्रमाणित)। 'अन्न-पूर्ण = अन्न-से-परिपूर्ण' देवी-स्वरूप-कारण अन्नदान-केन्द्रीय-तीर्थ।
