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Badrinath · Uttarakhand

श्री बद्रीनाथ मंदिर

बद्रीनारायण / बद्री विशाल / बद्रिकाश्रम

अन्य नाम: बद्री विशाल · बद्रीनारायण · बद्री नाथ

  • 108 Divya Desam
  • Char Dham
  • Chota Char Dham
  • Pancha Badri
श्री बद्रीनाथ मंदिर
दर्शन समय
04:30 – 21:00
स्वरूप
1 फ़ुट
स्थान
Badrinath · Uttarakhand
उत्तम ऋतु
मई-जून
काल
अति प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 108 Divya Desam
  • Char Dham (4 मूल)
  • Chota Char Dham (उत्तराखंड)
  • Pancha Badri
  • 7 Saptapuri (परंपरा-संबद्ध)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री बद्रीनारायण (विष्णु)

1 फ़ुट (0.30 मीटर) काले शालिग्राम पाषाण विग्रह — पद्मासन मुद्रा में, शंख एवं चक्र धारण किये हुए। मान्यता: स्वयंभू मूर्ति।

सम्प्रदाय: वैष्णव

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

स्कन्द पुराण

द्वितीय स्कन्ध, प्रथम अध्याय, 57वाँ श्लोक — विभिन्न युगों में 'बद्रिकाश्रम' का वर्णन; सत्ययुग में 'मुक्ति-प्रद' नाम

स्कन्द पुराण

वैष्णव खण्ड — बद्रीनाथ क्षेत्र माहात्म्य; ब्रह्म कपाल पर पिण्डदान का माहात्म्य (अन्य स्थलों से 8 गुना अधिक फलदायी)

गरुड़ पुराण

ब्रह्म कपाल पर पितृ-तर्पण एवं श्राद्ध-कर्म का माहात्म्य

विष्णु पुराण

नर-नारायण की तपस्या-कथा; लक्ष्मी के बद्री-वृक्ष रूप धारण की कथा

संत एवं परम्परा

  • आदि शंकराचार्य (9वीं शताब्दी) — बद्रीनाथ को तीर्थ-स्थल के रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया; केरल के नंबूदरी ब्राह्मण को मुख्य पुजारी ('रावल') के रूप में नियुक्त करने की परंपरा प्रारम्भ की; जोशीमठ में नरसिंह मंदिर भी इन्हीं के काल में स्थापित। पंडित ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने 2 मई 2014 से जुलाई 2024 तक रावल के रूप में सेवा की (10 वर्ष), तत्पश्चात् स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति; नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी कार्यवाहक मुख्य रावल नियुक्त।
  • नर एवं नारायण (ऋषि-स्वरूप) — विष्णु पुराण अनुसार धर्म-वर्धन हेतु इसी क्षेत्र में दीर्घ तपस्या; अलकनंदा के दोनों ओर तप्त एवं शीतल कुण्ड की खोज की एवं इस स्थान का नाम 'बद्री विशाल' रखा

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. -1पौराणिक काल — विष्णु ने नारायण रूप में हिमालय में तपस्या की; देवी लक्ष्मी ने बद्री (बेर) वृक्ष का रूप धारण कर बर्फ़ीली हवाओं से रक्षा की — 'बद्री-नाथ' नाम का स्रोतविष्णु पुराण + विकिपीडिया
  2. 8009वीं शताब्दी — आदि शंकराचार्य द्वारा बद्रीनाथ का तीर्थ-स्थल के रूप में पुनरुद्धार; रावल-परंपरा (केरल नंबूदरी ब्राह्मण) की स्थापनाविकिपीडिया + Garhwal Post
  3. 1939'श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939' — श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का गठनविकिपीडिया + BKTC आधिकारिक
  4. 202221 अक्टूबर 2022 — प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का बद्रीनाथ-केदारनाथ दौरा; माना ग्राम से ₹3,400+ करोड़ की सड़क-रोपवे परियोजनाओं की आधारशिला (माना से माना पास NH07; जोशीमठ-मलारी NH107B); प्रधानमंत्री का कथन: 'सीमा का प्रत्येक गाँव देश का पहला गाँव है' (माना को अंतिम नहीं प्रथम घोषित)PMIndia + ANI + India TV
  5. 20232023 यात्रा-काल — रिकॉर्ड 18.4 लाख तीर्थयात्री बद्रीनाथ धाम पहुँचे — अब तक का सर्वोच्च वार्षिक फुटफॉलSacred Yatra + Char Dham reports
  6. 2024नवंबर 2024 — बद्रीनाथ धाम के देव-विग्रहों का शीतकालीन प्रवास प्रारम्भ; उत्सव-विग्रह योगध्यान बद्री मंदिर (पांडुकेश्वर) में, मुख्य उपासना नरसिंह मंदिर (जोशीमठ) में स्थानांतरित। 2024 के 14,35,341 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये।ANI + BignewsNetwork
  7. 20252025 यात्रा-काल — 14,53,827 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये, 2024 का रिकॉर्ड पार किया।Char Dham Yatra reports
  8. 2025₹481 करोड़ का बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान — 85 एकड़ में 'श्री बद्रीनाथ धाम कॉरिडोर प्रोजेक्ट': मंदिर परिसर का पुनर्विकास, अलकनंदा रिवर-फ्रंट + प्लाज़ा, सड़क चौड़ीकरण, हिमालयी पारिस्थितिकी-सम्मत भूकंप-सुरक्षित वास्तुकला। निर्माण: M/s Gawar Construction Limited; वास्तु-योजना: INI Design Studio। पूर्ण होने का लक्ष्य: 2025-26। PM श्री मोदी एवं CM श्री धामी की नियमित समीक्षा।Organiser + ConstructionWorld + ThePrint + BigInfo
  9. 202623 जनवरी 2026 (वसंत पंचमी) — टिहरी नरेश के राज-दरबार (नरेन्द्र नगर, टिहरी गढ़वाल) में सदियों-पुरानी परंपरा के अनुसार BKTC ने 2026 कपाट उद्घाटन तिथि 23 अप्रैल 2026 प्रात: 6:15 बजे घोषित की।BKTC + Char Dham reports
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

04:30 से 21:00 तक · मध्याह्न विश्राम 13:00-16:00

मंगला आरती04:30-05:00
दैनिक

मंदिर खुलने के तुरन्त बाद पहली आरती

महाभिषेक पूजा (VIP / Closed-Door)04:30-06:30
दैनिकबुकिंग आवश्यक

VIP बंद-द्वार पूजा; आधिकारिक badri-kedar.gov.in से पूर्व-बुकिंग आवश्यक

सामान्य दर्शन आरम्भ07:30-08:00
दैनिक

प्रात: अभिषेक के बाद सामान्य भक्तों हेतु दर्शन प्रारम्भ

राजभोग आरती (मध्याह्न)11:30
दैनिक
गीत गोविन्द एवं संध्या आरती18:00-19:30
दैनिक

जयदेव कृत गीत गोविन्द के पदों के संग संगीतमय आरती

शयन आरती20:30 (क्यू समाप्ति-सापेक्ष)
दैनिक

दिन की अंतिम आरती — सभी भक्तों के दर्शन-समाप्ति के बाद आरम्भ होती है

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य (निःशुल्क) दर्शननिःशुल्क
समय
04:30-13:00 एवं 16:00-21:00
उपयुक्त
सभी भक्त — कोई पास अनिवार्य नहीं

अलकनंदा तट पर मंदिर के सम्मुख क्यू दर्शन। दर्शन से पूर्व तप्त कुण्ड में स्नान की पारंपरिक प्रथा (मंदिर के नीचे प्राकृतिक गर्म जल कुण्ड; तापमान ~55°C / 131°F वर्ष-भर)। Char Dham Yatra Registration अनिवार्य।

महाभिषेक पूजा (VIP)
उपयुक्त
गर्भगृह में विशेष पूजा-अनुष्ठान चाहने वाले भक्त

प्रात: 4:30-6:30 के समय गर्भगृह में अभिषेक एवं पूजा; आधिकारिक BKTC पोर्टल से पूर्व-बुकिंग

पंजीकरण (Char Dham Yatra Parchi) — अनिवार्य एवं निःशुल्कनिःशुल्क

4 आधिकारिक चैनल: (1) ऑनलाइन registrationandtouristcare.uk.gov.in, (2) मोबाइल ऐप 'Tourist Care Uttarakhand' (Google Play + Apple App Store), (3) WhatsApp: 8394833833, (4) टोल-फ्री: 01351364। आधार + फोटो + सक्रिय मोबाइल + आपातकालीन सम्पर्क आवश्यक। QR पास यात्रिमित्र द्वारा स्कैन।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

कपाट खुलना (वार्षिक आरम्भ)वैशाख — अक्षय तृतीया के निकट

वसंत पंचमी पर BKTC द्वारा तिथि घोषित। योगध्यान बद्री मंदिर पांडुकेश्वर (उत्सव-विग्रह का शीतकालीन निवास) एवं नरसिंह मंदिर जोशीमठ (मुख्य पूजा-स्थल) से डोली यात्रा बद्रीनाथ पहुँचती है। 2026 — 23 अप्रैल गुरुवार प्रात: 6:15 बजे कपाट उद्घाटन (BKTC घोषित)।

कपाट बन्द होना (भैया दूज)कार्तिक शुक्ल द्वितीया (दिवाली के 2 दिन बाद)

विधिवत् कपाट बन्द; देव-विग्रहों का शीतकालीन प्रवास प्रारम्भ — उत्सव-विग्रह योगध्यान बद्री पांडुकेश्वर में, मुख्य पूजा नरसिंह मंदिर जोशीमठ में स्थानांतरित।

बद्री-केदार उत्सवजून (वार्षिक)

BKTC आयोजित 8-दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव — बद्रीनाथ एवं केदारनाथ की संयुक्त भक्ति-कला परंपरा

माता मूर्ति का मेला (वाम्न द्वादशी)श्रावण/भाद्रपद शुक्ल द्वादशी

बद्रीनाथ से 3 किमी दूर माता मूर्ति मंदिर (माना ग्राम के निकट) — विष्णु-माता (नर-नारायण की माता) को समर्पित। नर-नारायण के माता से वार्षिक मिलन-स्मरण।

जन्माष्टमी एवं अन्य वैष्णव पर्व

विशेष शृंगार एवं पूजा-अनुष्ठान

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

मोक्ष एवं वैकुण्ठ-प्राप्ति

बद्रीनाथ की मान्यता 'भू-वैकुण्ठ' के रूप में — विष्णु का पृथ्वी पर साक्षात् निवास; दर्शन-मात्र से वैकुण्ठ-गमन के मार्ग का संकल्प

स्रोत: स्कन्द पुराण, द्वितीय स्कन्ध — 'मुक्ति-प्रद' (सत्य युग में); विष्णु पुराण नर-नारायण कथा

पितृ-दोष निवारण एवं पूर्वजों की मुक्ति

ब्रह्म कपाल पर पिण्डदान — अन्य तीर्थों (गया, हरिद्वार, प्रयाग, पुष्कर, काशी) से 8 गुना अधिक फलदायी; पुराण-वचनानुसार 'अंतिम श्राद्ध' — इसके बाद उन पितरों हेतु पुनः पिण्डदान आवश्यक नहीं

स्रोत: स्कन्द पुराण + गरुड़ पुराण

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय — द्वादशाक्षर मंत्रमंत्रविष्णु-उपासना का सर्वोच्च मंत्र; भागवत पुराण में वर्णितइस मन्दिर हेतुबद्रीनाथ में जप-परंपरा
  • विष्णु सहस्रनामस्तोत्रमहाभारत, अनुशासन पर्व — 1,000 नाममंदिर में नित्य पाठ-परंपरा
  • गीत गोविन्दस्तोत्र / पद-संग्रहजयदेव कृत (12वीं शताब्दी); 12 सर्गों में राधा-कृष्ण-लीलाइस मन्दिर हेतुबद्रीनाथ की संध्या-आरती में गीत गोविन्द के पदों का संगीतमय गायन
  • श्री बद्रीनाथ अष्टोत्तर शतनामावलि (108 नाम)नामावलिवैष्णव-परंपराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

तप्त कुण्ड50 मी

प्राकृतिक सल्फर युक्त गर्म जल कुण्ड; तापमान ~55°C (131°F) वर्ष-भर। दर्शन से पूर्व स्नान की पारंपरिक अनिवार्यता।

ब्रह्म कपाल250 मी

पुराण-वचनानुसार पितृ-तर्पण एवं पिण्डदान का सर्वोच्च-फलदायी क्षेत्र — गया के बाद सबसे शक्तिशाली। मान्यता: ब्रह्मा का शिर इसी स्थान पर गिरा था (शिव-ब्रह्महत्या-मुक्ति की कथा)।

माता मूर्ति मंदिर3 किमी

विष्णु की माता को समर्पित; मान्यता: माता मूर्ति ने विष्णु से कोख से जन्म लेने का वर माँगा — परिणामस्वरूप नर-नारायण के रूप में जन्म। वाम्न द्वादशी पर वार्षिक मेला।

माना ग्राम3 किमी

जनसंख्या ~10,000। 21 अक्टूबर 2022 को PM श्री नरेन्द्र मोदी ने 'अंतिम नहीं, प्रथम गाँव' घोषित किया एवं ₹3,400+ करोड़ की सड़क-रोपवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी। निकटवर्ती तीर्थ: व्यास गुफा, गणेश गुफा (जहाँ वेदों-उपनिषदों का लेखन-कार्य हुआ माना जाता है), भीम पुल।

भीम पुल4 किमी

सरस्वती नदी पर प्राकृतिक पाषाण-पुल। मान्यता: स्वर्गारोहण मार्ग पर द्रौपदी की सहायता हेतु भीम ने विशाल शिला रखकर पुल बनाया। निकट द्रौपदी मंदिर।

वसुधारा जलप्रपात10 किमी

122 मीटर ऊँचा प्राकृतिक जलप्रपात। मान्यता: स्वर्गारोहण मार्ग पर पांडवों का पड़ाव; सहदेव ने यहीं देहत्याग किया। 'वसुधारा' = ऐश्वर्य-धारा। मान्यता: केवल निष्पाप एवं शुद्ध भक्तों को ही जल की दिव्य धाराओं का अनुभव होता है।

योगध्यान बद्री, पांडुकेश्वर (शीतकालीन उत्सव-विग्रह स्थान)25 किमी

पंच बद्री में एक; बद्रीनाथ के उत्सव-विग्रह का शीतकालीन निवास (नवम्बर-अप्रैल)। मूल मंदिर के समकालीन; उद्धव (विष्णु के भ्राता) की शीतकालीन उपासना।

नरसिंह मंदिर, जोशीमठ (शीतकालीन मुख्य पूजा-स्थल)45 किमी

बद्रीनाथ के मुख्य देव-विग्रह के शीतकालीन उपासना-स्थल के रूप में मान्य; आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित; भविष्य-बद्री किंवदंती से जुड़ा।

हेमकुंड साहिब (सिख गुरुद्वारा)50 किमी

गुरु गोबिन्द सिंह (10वें सिख गुरु, 1666-1708) को समर्पित; ऊँचाई 4,632 मी। गोविन्दघाट → घांघरिया हेलीकॉप्टर सेवा (Pawan Hans) ~5 मिनट उड़ान। बद्रीनाथ-Hemkund दोनों गोविन्दघाट जंक्शन से जुड़े।

चोटा चार धाम (उत्तराखंड)

4 धामों में सर्वोच्च विष्णु-धाम; क्रम: यमुनोत्री → गंगोत्री → केदारनाथ → बद्रीनाथ। 2026 कपाट: यमुनोत्री+गंगोत्री 19 अप्रैल, केदारनाथ 22 अप्रैल 8 AM, बद्रीनाथ 23 अप्रैल 6:15 AM।

मूल चार धाम (आदि शंकराचार्य निर्धारित)

उत्तर का धाम — पूर्व पुरी (जगन्नाथ), पश्चिम द्वारका, दक्षिण रामेश्वरम, उत्तर बद्रीनाथ

4 मंदिर

108 दिव्य देशम् यात्रा

108 वैष्णव दिव्य क्षेत्रों में सम्मिलित — आलवारों द्वारा नालायिर दिव्य प्रबन्धम् में स्तुत; पद्मासन मुद्रा वाले विष्णु-स्वरूपों में प्रमुख

108 मंदिर

पंच बद्री यात्रा

बद्री विशाल — पंच बद्री समूह का प्रमुख; अन्य 4: योगध्यान बद्री (पांडुकेश्वर), भविष्य बद्री (सुबाईं), वृद्ध बद्री (अणिमठ), आदि बद्री (रानीखेत रोड)

5 मंदिर

सप्तपुरी मोक्षदायिनी यात्रा

बद्रिकाश्रम — परंपरा-संबद्ध मोक्ष-स्थल

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

हवाई अड्डा
जॉली ग्रांट हवाई अड्डा, देहरादून (DED) — बद्रीनाथ से ~315 किमी सड़क मार्ग
रेलवे
ऋषिकेश रेलवे स्टेशन — बद्रीनाथ से ~295 किमी
उत्तम ऋतु
मई-जून + सितम्बर-अक्टूबर सर्वोत्तम; जुलाई-अगस्त मानसून में बादल फटना/भू-स्खलन का जोखिम; नवम्बर-अप्रैल मंदिर पूर्णतः बन्द
हेल्पलाइन
साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन: 1930, Char Dham पंजीकरण WhatsApp: 8394833833, टोल-फ्री: 01351364
3 किमीMana Village
25 किमीGovindghat
45 किमीJoshimath
25 किमीPandukeshwar
295 किमीRishikesh
315 किमीDehradun
320 किमीHaridwar
535 किमीDelhi
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