श्रीमद् भागवत पुराण
स्कन्ध 10 — श्रीकृष्ण-राधा वृन्दावन-लीला
Vrindavan (Mathura District) · Uttar Pradesh
बांके बिहारी — 'त्रिभंगी' मुद्रा वाले श्रीकृष्ण
अन्य नाम: बांके बिहारी जी · बिहारी जी · ठाकुर जी

इस मन्दिर की विशेषता
श्री बांके बिहारी (श्रीकृष्ण-राधा संयुक्त-स्वरूप; निधि-वन में स्वामी हरिदास के समक्ष प्रकट)
त्रिभंगी मुद्रा में काले संगमरमर का विग्रह; राधा एवं कृष्ण के संयुक्त-रूप का प्राकट्य (मान्यता)
सम्प्रदाय: निम्बार्क / हरिदासी (हरिदासी सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर)
स्कन्ध 10 — श्रीकृष्ण-राधा वृन्दावन-लीला
राधा-कृष्ण-लीला
केलि-माल; वृन्दावन रसिकानन्द
दिन की प्रथम आरती (कोई मंगला आरती नहीं)
दिन की अन्तिम आरती
मुख्य बांके बिहारी दर्शन निःशुल्क। प्रति-5-मिनट परदा खींचने की अद्वितीय परंपरा।
आरती-पास से शीघ्र-दर्शन; मूल्य काउंटर पर सत्यापित करें।
वर्ष में एकमात्र दिन जब मंगला आरती होती है (1:45 AM); झूलन-उत्सव; पूर्ण-रात्रि दर्शन। 2026 — वैष्णव/मंदिर 5 सितंबर शनिवार (DrikPanchang पुष्ट; स्मार्त 4 सितंबर)।
राधा-जन्म-उत्सव; विशेष शृंगार
वर्ष में एकमात्र दिन जब बांके बिहारी हाथ में बाँसुरी धारण करते हैं; रास-लीला-स्मरण
विश्व-प्रसिद्ध वृन्दावन होली; फूल-होली; अबीर-गुलाल; लाखों श्रद्धालु
स्वामी हरिदास के जन्म-दिवस पर विशेष पूजा
बांके बिहारी = राधा-कृष्ण के एक-रूप का प्राकट्य; दाम्पत्य-प्रेम एवं रासेश्वरी कृपा हेतु
स्रोत: स्वामी हरिदास परंपरा
मान्यता: बांके बिहारी के नेत्रों में अधिक-समय न देखें — मनोकामना तत्काल पूर्ण होती है किन्तु भक्त 'भौतिक' हो जाते हैं; इसी कारण 5-मिनट परदा परंपरा
स्रोत: स्थल-परंपरा
वृन्दावन के 7 ठाकुर मंदिरों में सबसे लोकप्रिय; ब्रज-यात्रा का अनिवार्य तीर्थ
स्रोत: वैष्णव परंपरा
स्वामी हरिदास की मूल तप-स्थली; मान्यता: बांके बिहारी प्रति-रात्रि यहाँ राधा-गोपियों के साथ रास-लीला करते हैं; रात्रि के बाद किसी को रहने की अनुमति नहीं
हित-हरिवंश-संप्रदाय; राधावल्लभी परंपरा का मुख्य मंदिर
16वीं शताब्दी का 7-मंजिला अकबर-काल मंदिर (मूल); गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय
श्रीकृष्ण-जन्म-स्थल; अनिवार्य संयुक्त-यात्रा
जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा 2012 में निर्मित आधुनिक संगमरमर मंदिर; प्रति-रात्रि प्रकाश-शो
श्रील प्रभुपाद द्वारा 1975 में निर्मित; गौड़ीय वैष्णव
सबसे लोकप्रिय; अन्य 6: राधावल्लभ, गोविन्द देव, मदन मोहन, गोपीनाथ, जुगल किशोर, राधा रमण
7 मंदिर
वृन्दावन का प्रमुख तीर्थ; ब्रज-84-कोस परिक्रमा का अंग
मुख्य पीठ; स्वामी हरिदास निधि-वन एवं बांके बिहारी