BAPS-वैश्विक-वंश-परम्परा कथा (1907-)
BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) की स्थापना 1907 में शास्त्रीजी महाराज (शास्त्री यज्ञपुरुषदास; 1905-संगठन-निर्माण; 5 जून 1907-बोचासन-मन्दिर-मूर्ति-प्रतिष्ठा) द्वारा वडताल-डायोसीज़-से अलग होकर। सिद्धान्त: अक्षर-पुरुषोत्तम-उपासना (स्वामीनारायण = पुरुषोत्तम; गुणातीतानन्द स्वामी = अक्षर)। वर्तमान-वैश्विक: 44 शिखरबद्ध-मन्दिर + 1,300+ कुल-मन्दिर (2024-स्थिति)।
