ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

Bhadrachalam · Telangana

श्री सीता रामचन्द्र स्वामी मन्दिर

श्री सीता रामचन्द्र स्वामी मन्दिर — भद्राचलम् (भद्रगिरि / भद्राद्रि), ज़िला भद्राद्रि कोठागुडेम, तेलङ्गाना

श्री सीता-राम-लक्ष्मण (वैकुण्ठ राम-स्वरूप) — चतुर्भुज वैकुण्ठ-राम बैठे, सीता वाम-जङ्घा पर, लक्ष्मण वाम-पार्श्व खड़े; शङ्ख-चक्र-स्थान विपरीत-धारण (विष्णु-परम्परा-असम्मत; ऋषि भद्र-अनुरोध-कारण); स्वयम्भू-मूर्ति; भद्र-गिरि-स्वरूप-पर्वत; 'दक्षिण अयोध्या' उपाधि-धारी

अन्य नाम: भद्राचलम् · भद्रगिरि · भद्राद्रि · दक्षिण अयोध्या · रामदासु मन्दिर

  • 'दक्षिण अयोध्या' उपाधि-धारी
  • तेलङ्गाना राज्य-प्रायोजित श्री राम…
  • वैष्णवीय आगम-शास्त्र पञ्चरात्र-शैल…
  • वैकुण्ठ-राम-मूर्ति-विशिष्टता
श्री सीता रामचन्द्र स्वामी मन्दिर
दर्शन समय
04:00 (सुप्रभात-सेवा) – 21:00 (पवळिम्पु सेवा-पश्चात्)
स्वरूप
चतुर्भुज वैकुण्ठ-राम सीता-लक्ष्मण-सङ्ग ब…
स्थान
Bhadrachalam · Telangana
उत्तम ऋतु
श्री राम-नवमी 27 मार्च 2026 सीता-राम…
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 'दक्षिण अयोध्या' उपाधि-धारी; भारत के प्रमुख-राम-तीर्थों में सम्मिलित (अयोध्या + भद्राचलम् + रामेश्वरम् पारम्परिक-राम-त्रिकोण)
  • तेलङ्गाना राज्य-प्रायोजित श्री राम-नवमी सीता-राम कल्याण-महोत्सवम् का केन्द्र-तीर्थ — मुख्यमन्त्री-दत्त मुत्याल-तालम्ब्रालु (मोती-तालम्ब्रालु) एवं रेशम-वस्त्रों का वार्षिक-समर्पण-स्थल
  • वैष्णवीय आगम-शास्त्र पञ्चरात्र-शैली-पालन; श्रीरङ्गम्-केन्द्रित आगम-शैली-अनुकरण
  • वैकुण्ठ-राम-मूर्ति-विशिष्टता — चतुर्भुज + सीता वाम-जङ्घा पर + शङ्ख-चक्र-स्थान विपरीत (ऋषि भद्र-अनुरोध); विश्व का प्रमुख वैकुण्ठ-राम-तीर्थ
  • गोदावरी-नदी-तट तीर्थ; गोदावरी-स्नान दर्शन-पूर्व पारम्परिक
  • वार्षिक 12-दिवसीय वसन्त-पक्ष तिरुकल्याण ब्रह्मोत्सवालु; 2026: 19 मार्च - 2 अप्रैल; कल्याणम्-शिखर-दिन 27 मार्च 2026 (श्री राम-नवमी)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री वैकुण्ठ-राम (चतुर्भुज; बैठे) — सीता वाम-जङ्घा पर, लक्ष्मण वाम-पार्श्व खड़े; ऊर्ध्व-दक्ष-हस्त शङ्ख (साधारणतया उत्तर-दिशा-धारण के अनुसार चक्र-स्थान) + ऊर्ध्व-वाम-हस्त चक्र — परम्परा-विपरीत (ऋषि भद्र-अनुरोध-कारण); स्वयम्भू-मूर्ति; उप-देवता: योगानन्द नरसिंह (शक्तिशाली स्वयम्भू), श्री रङ्गनाथ (रङ्गनायकुल गुट्टा-शिखर), लक्ष्मी ठायार, दशाञ्जनेय (हनुमान), गोविन्दराज स्वामी, श्री अञ्जनेय स्वामी

चतुर्भुज वैकुण्ठ-राम सीता-लक्ष्मण-सङ्ग बैठे-मूर्ति; शङ्ख-चक्र-स्थान विपरीत; पञ्चरात्र-आगम-वैष्णव-पूजा (श्रीरङ्गम्-शैली)

सम्प्रदाय: श्री-वैष्णव-सम्प्रदाय (पञ्चरात्र-आगम; श्रीरङ्गम्-शैली-अनुकरण); प्रशासन: तेलङ्गाना देवादाय (देवस्थानम्) विभाग (2014-तेलङ्गाना राज्य-गठन-पश्चात्; पूर्व-काल आन्ध्र प्रदेश देवस्थानम् 1958-से); राज्य-संरक्षित मन्दिर

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

ऋषि भद्र कथा (मन्दिर-नाम-व्युत्पत्ति-स्रोत)

ऋषि भद्र — पर्वत-राज मेरु एवं अप्सरा मेनका के पुत्र (एक अन्य-स्रोत: 'वेरु देवी' — लघु-विभिन्नता)। नारद-मुनि ने उन्हें राम-मन्त्र-दीक्षा दी; उन्होंने दण्डकारण्य-गोदावरी-तट पर तपस्या की। श्री राम ने (वन-वास-काल) उनको दर्शन-पश्चात् लौटने-पर मुक्ति-प्रदान का वचन दिया, परन्तु राम-स्वरूप में नहीं लौटे। ऋषि भद्र ने पारम्परिक-कथन-अनुसार अगले-युग में तपस्या-जारी रखी। अन्ततः विष्णु ने वैकुण्ठ-राम-रूप (सीता एवं लक्ष्मण-सहित) में प्रकट होकर ऋषि भद्र के अनुरोध-पर अपने श्रीपाद उनके सिर पर रखे — वे स्वयं पर्वत बन गए। इसलिए मन्दिर-स्थल 'भद्रा-चलम्' (भद्र + अचलम् = भद्र-पर्वत) नाम-धारी हुआ।

भक्त रामदासु (कञ्चर्ल गोपन्न) — मन्दिर-पुनर्निर्माण कथा (17वीं-शताब्दी)

कञ्चर्ल गोपन्न (जन्म ~1620 ईस्वी; नेलकोण्डपल्ली, खम्मम्-ज़िला; निधन 1688 भद्राचलम्) — कुतुब-शाही गोलकोण्डा सुल्तान अबुल हसन तानाशाह (शासन 1672-1686) के अधीन पल्वञ्चा-परगणा के तहसीलदार, अपने मामा अक्कन्ना एवं मदन्ना के माध्यम से नियुक्त। उन्होंने ~6 लाख वराह राज-राजस्व बिना-अनुमति मन्दिर-पुनर्निर्माण-व्यय किया। मन्दिर-पुनर्निर्माण 17वीं-शताब्दी उत्तरार्द्ध-पूर्ण (प्रचलित-तिथि 1674)। तानाशाह ने गोपन्न को गोलकोण्डा-क़िले में ~12 वर्ष कारागार-दण्ड दिया। पारम्परिक-कथा: श्री राम एवं लक्ष्मण ने तानाशाह के स्वप्न में प्रकट होकर 6 लाख वराह 'राम मादा / राम मुद्रा' (राम-शिलालिखित स्वर्ण-मुद्रा) में प्रतिदान किया — रामदासु को मुक्त किया गया। उन्होंने दशरथि-शतकम् + ~132-190 कीर्तनाएँ तेलुगु में रचीं (37 कारागार-पूर्व + 64 कारागार-काल + 31 मुक्ति-पश्चात् — समीक्षात्मक-संस्करण-अनुसार); त्यागराज को प्रेरणा दी।

श्री राम-नवमी राज्य-प्रायोजित सीता-राम-कल्याण-महोत्सवम्

भद्राचलम् में श्री राम-नवमी = तेलङ्गाना राज्य-प्रायोजित वार्षिक-उत्सव। वसन्त-पक्ष तिरुकल्याण ब्रह्मोत्सवालु 12-दिवसीय (2026: 19 मार्च - 2 अप्रैल 2026)। कल्याणम्-शिखर-दिन 27 मार्च 2026 (शुक्रवार; मध्याह्न-मुहूर्त ~10:30 AM - 12:30 PM; मिथिला स्टेडियम)। तेलङ्गाना मुख्यमन्त्री (वर्तमान ए. रेवन्थ रेड्डी) तेलङ्गाना सरकार-ओर-से मुत्याल-तालम्ब्रालु (मोती-तालम्ब्रालु) + रेशम-वस्त्र अर्पण करते हैं। स्केल: लाखों-श्रद्धालु; 2 लाख तालम्ब्रालु-पैकेट + 1 लाख लड्डू तैयार; ~2,000 पुलिस तैनात। श्री राम-पट्टाभिषेकम् अगले-दिन (28 मार्च 2026)।

वैकुण्ठ एकादशी 21-दिवसीय वैकुण्ठ-द्वार-उत्सव

श्रीरङ्गम्-परम्परा-अनुकरण; वैकुण्ठ-द्वार-उद्घाटन; तैरण-उत्सव + रथ-शोभायात्रा; भद्राद्रि क्षेत्र माहात्म्य (ब्रह्म-पुराण)-में सूचीबद्ध।

संत एवं परम्परा

  • ऋषि भद्र — मेरु-पुत्र; नारद-दीक्षा-शिष्य; भद्राद्रि-पर्वत-स्वरूप-प्राप्ति-केन्द्र
  • नारद मुनि — ऋषि भद्र को राम-मन्त्र-दीक्षा-दाता
  • श्री राम + सीता + लक्ष्मण (वैकुण्ठ-राम-स्वरूप) — मूल-दर्शन-दाता; वन-वास-काल पर्णशाला (35 किमी) में निवास-कथा
  • कञ्चर्ल गोपन्न / भक्त रामदासु (1620-1688) — मन्दिर-पुनर्निर्माता; तहसीलदार-गोलकोण्डा; 12-वर्ष-कारागार; दशरथि-शतकम् + ~132-190 कीर्तनाएँ-रचयिता
  • तानाशाह अबुल हसन कुतुब-शाही (शासन 1672-1686) — गोलकोण्डा सुल्तान; रामदासु-नियोक्ता एवं कारागार-दाता; स्वप्न-राम-दर्शन-कथा-केन्द्र
  • अक्कन्ना एवं मदन्ना (रामदासु-मामा) — गोलकोण्डा-दरबार-में रामदासु-नियुक्ति-कारक
  • त्यागराज (1767-1847; तेलुगु संगीत-रत्न-त्रय) — रामदासु-कीर्तनाओं से प्रेरित कर्नाटक-संगीत-शिखर
  • तेलङ्गाना मुख्यमन्त्री (वर्तमान ए. रेवन्थ रेड्डी) — श्री राम-नवमी राज्य-प्रायोजित कल्याणम्-काल मुत्याल-तालम्ब्रालु + रेशम-वस्त्र-समर्पक
  • तेलङ्गाना देवादाय विभाग — 2014-राज्य-गठन-पश्चात् मन्दिर-प्रशासक

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. अति-प्राचीन-स्थापना (पुराण-काल; ऋषि भद्र-तपस्या-काल; ब्रह्म-पुराण-भद्राद्रि-क्षेत्र-माहात्म्य-में सूचीबद्ध)Bhadradri Temple Official + Wikipedia बहु-स्रोत
  2. 1672तानाशाह अबुल हसन कुतुब-शाही गोलकोण्डा-शासन-प्रारम्भ; रामदासु-तहसीलदार-नियुक्ति (अक्कन्ना-मदन्ना-सिफारिश)Wikipedia Bhadrachala Ramadasu बहु-स्रोत
  3. 1674मन्दिर-पुनर्निर्माण-पूर्ण ~1674 ईस्वी (कञ्चर्ल गोपन्न / रामदासु द्वारा); ~6 लाख वराह राज-राजस्व-व्यय बिना-अनुमतिWikipedia + Sadashree बहु-स्रोत
  4. 1685रामदासु-गोलकोण्डा-क़िले में कारागार-दण्ड ~12 वर्ष; पारम्परिक 'राम-मादा'-गोल्ड-मुद्रा-प्रतिदान-कथा-कालWikipedia बहु-स्रोत
  5. 1688भक्त रामदासु-निधन भद्राचलम् मेंWikipedia
  6. 1958आन्ध्र प्रदेश देवस्थानम् विभाग-प्रशासन-प्रारम्भBhadradri Temple Official
  7. 1986अगस्त 1986 — गोदावरी बाढ़ ने कल्याण-मण्डपम् को गोपुरम्-स्तर तक डुबा दिया; ऐतिहासिक-उच्च-जल-स्तर-चिह्नWikipedia बहु-स्रोत
  8. 2014तेलङ्गाना राज्य-गठन; मन्दिर-प्रशासन तेलङ्गाना देवादाय विभाग को स्थानान्तरितBhadradri Temple Official
  9. 2016अक्टूबर 2016 — भद्राद्रि कोठागुडेम ज़िला-गठनBhadradri Temple Official
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

04:00 (सुप्रभात-सेवा) से 21:00 (पवळिम्पु सेवा-पश्चात्) तक · मध्याह्न विश्राम 12:00-13:00

सुप्रभात-सेवा (जागरण)04:00
दैनिक
बाल-भोग05:30-07:00
दैनिक
अर्चन08:30-11:30
दैनिक
राज-भोगम् (मध्याह्न-भोजन)11:30-12:00
दैनिक
(मन्दिर-विश्राम)12:00-13:00
दैनिक
दरबार-सेवा (सायं)19:00-20:00
दैनिक
पवळिम्पु सेवा (शयन-समापन)21:00
दैनिक

वस्त्र-संहिता: पुरुष: धोती / लुङ्गी / कुर्ता-पैजामा (पारम्परिक-केवल); स्त्री: साड़ी / चूड़ीदार + ऊपरी-वस्त्र; जूते-त्याग अनिवार्य

फोटोग्राफी: गर्भगृह / आन्तरिक-खण्ड फोटोग्राफी + मोबाइल फोन कड़ाई से निषिद्ध; मोबाइल केवल बाह्य-क्षेत्र-अनुमत

विशेष नियम: गोदावरी-स्नान दर्शन-पूर्व पारम्परिक; गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; मध्याह्न-विश्राम 12:00-13:00; श्री राम-नवमी काल (~मार्च-अप्रैल) सर्वाधिक-भीड़ — समय-व्यवस्था राज्य-सरकार-नियन्त्रित; पारम्परिक-वस्त्र-कड़ाई

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
04:00-12:00 + 13:00-21:00

वैकुण्ठ-राम-सीता-लक्ष्मण मूर्ति-दर्शन कनक-गर्भगृह से।

अर्चन-सेवा

व्यक्तिगत-नाम-गोत्र-सङ्ग; मन्दिर-कार्यालय-बुकिंग।

सीता-राम कल्याण-महोत्सवम् दर्शन (श्री राम-नवमी 27 मार्च 2026)निःशुल्क

तेलङ्गाना राज्य-प्रायोजित वार्षिक-उत्सव; मिथिला स्टेडियम; मुख्यमन्त्री मुत्याल-तालम्ब्रालु-समर्पण; लाखों-श्रद्धालु; 12-दिवसीय वसन्त-पक्ष ब्रह्मोत्सवालु (19 मार्च - 2 अप्रैल 2026)।

वैकुण्ठ एकादशी 21-दिवसीय उत्सवनिःशुल्क

वैकुण्ठ-द्वार-उद्घाटन; तैरण-उत्सव + रथ-शोभायात्रा; श्रीरङ्गम्-परम्परा।

गोदावरी-स्नान + दर्शन-संकल्पनिःशुल्क

मन्दिर-वाम-तट गोदावरी-स्नान दर्शन-पूर्व पारम्परिक।

पर्णशाला-दर्शन (35 किमी; राम-सीता-लक्ष्मण-निवास-वन-वास-स्थल)निःशुल्क

गोदावरी-तट; सीता-साड़ी-धोने-राधागुट्टा + पद-चिह्न + स्वर्ण-मृग-कथा-स्थल + रावण-सीता-हरण-स्थल पारम्परिक-मान्यता।

रामदासु-कीर्तना-दर्शन (मन्दिर-गायक-परम्परा)निःशुल्क

रामदासु-तेलुगु कीर्तनाओं का दैनिक/मौसमी-गायन-परम्परा।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

वसन्त-पक्ष तिरुकल्याण ब्रह्मोत्सवालु (12-दिवसीय) + श्री राम-नवमी सीता-राम कल्याणम्चैत्र शुक्ल नवमी (मार्च-अप्रैल); 2026: 19 मार्च - 2 अप्रैल 2026; कल्याणम् 27 मार्च 2026

तेलङ्गाना राज्य-प्रायोजित; मिथिला स्टेडियम; मुख्यमन्त्री मुत्याल-तालम्ब्रालु-समर्पण; लाखों-श्रद्धालु; श्री राम-पट्टाभिषेकम् 28 मार्च 2026 अगले-दिन

वसन्तोत्सवम् (होली-काल)फाल्गुन (फरवरी-मार्च)

मुत्याल-तालम्ब्रालु-तैयारी-काल

वैकुण्ठ एकादशी (21-दिवसीय)मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (दिसंबर-जनवरी); 2026: ~30 दिसंबर 2026

21-दिवसीय वैकुण्ठ-द्वार-उद्घाटन; तैरण-उत्सव + रथ-शोभायात्रा; भद्राद्रि क्षेत्र माहात्म्य (ब्रह्म-पुराण)-में सूचीबद्ध

विजय-दशमी (10-दिवसीय दशहरा)आश्विन शुक्ल दशमी (अक्टूबर); 2026: 20 अक्टूबर 2026

10-दिवसीय दशहरा-उत्सव

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

श्री राम-नवमी सीता-राम कल्याणम्-दर्शन-संकल्प (वार्षिक 27 मार्च 2026)

तेलङ्गाना राज्य-प्रायोजित वार्षिक-कल्याण-महोत्सवम्; मिथिला स्टेडियम; मुख्यमन्त्री मुत्याल-तालम्ब्रालु-समर्पण; लाखों-श्रद्धालु; भारत के प्रमुख-सीता-राम-कल्याण-तीर्थों में सम्मिलित

स्रोत: Telangana Today + Hindustone + Hans India बहु-स्रोत

वैकुण्ठ-राम-दर्शन-संकल्प (विशिष्ट चतुर्भुज-मूर्ति)

चतुर्भुज वैकुण्ठ-राम सीता-वाम-जङ्घा + लक्ष्मण-वाम-पार्श्व; शङ्ख-चक्र-स्थान विपरीत (ऋषि भद्र-अनुरोध-कारण); विश्व का प्रमुख वैकुण्ठ-राम-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + Tirthayatra + Telangana Tourism बहु-स्रोत

वैकुण्ठ एकादशी-व्रत-संकल्प (21-दिवसीय)

वैकुण्ठ-द्वार-उद्घाटन-दर्शन; तैरण-उत्सव + रथ-शोभायात्रा; मोक्ष-संकल्प-तीर्थ (श्रीरङ्गम्-परम्परा-अनुकरण)

स्रोत: ब्रह्म-पुराण-भद्राद्रि-क्षेत्र-माहात्म्य + Wikipedia बहु-स्रोत

रामदासु-कीर्तना-पाठ-संकल्प (भक्त-रामदासु-स्मरण)

~132-190 तेलुगु-कीर्तनाएँ (दशरथि-शतकम्-सहित); कारागार-काल-रचित; पारम्परिक-राम-मादा-गोल्ड-मुद्रा-स्वर्ण-कथा-केन्द्र; भक्ति-शक्ति-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + Sadashree बहु-स्रोत

गोदावरी-स्नान-संकल्प (गोदावरी-पुष्करम् पारम्परिक)

गोदावरी-नदी-वाम-तट-तीर्थ; दर्शन-पूर्व स्नान-परम्परा; पवित्र-नदी-तीर्थ

स्रोत: परम्परा + Wikipedia

पर्णशाला-राम-निवास-स्थल-दर्शन-संकल्प (35 किमी)

वन-वास-काल राम-सीता-लक्ष्मण-निवास-स्थल; सीता-साड़ी-धोने-राधागुट्टा + पद-चिह्न + स्वर्ण-मृग-कथा-स्थल; रामायण-स्थल-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Kothagudem.telangana.gov.in + Tirthayatra बहु-स्रोत

दक्षिण अयोध्या-तीर्थयात्रा-संकल्प (राम-त्रिकोण)

अयोध्या + भद्राचलम् + रामेश्वरम् पारम्परिक-राम-त्रिकोण; दक्षिण-भारत-राम-तीर्थ-शिखर

स्रोत: अनेक-स्रोत-पारम्परिक-फ्रेमिंग बहु-स्रोत

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • दशरथि शतकम् (भक्त रामदासु-कृत)शतक-स्तोत्रकञ्चर्ल गोपन्न / भक्त रामदासु (1620-1688)इस मन्दिर हेतुभद्राचलम्-मन्दिर-समर्पित तेलुगु-शतक-स्तोत्र
  • रामदासु-कीर्तनाएँ (~132-190 तेलुगु कीर्तनाएँ)कीर्तना-संग्रहभक्त रामदासु (37 कारागार-पूर्व + 64 कारागार-काल + 31 मुक्ति-पश्चात्)इस मन्दिर हेतुत्यागराज (1767-1847) को प्रेरित कर्नाटक-संगीत-शिखर
  • राम-तारक-मन्त्रतारक-मन्त्रवैष्णव-परम्परा
  • राम-रक्षा-स्तोत्ररक्षा-स्तोत्रबुधकौशिक ऋषि-कृत
  • विष्णु सहस्रनामसहस्रनाम-स्तोत्रमहाभारत अनुशासन-पर्व
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

योगानन्द नरसिंह-शाला (स्वयम्भू)100 मी

स्वयम्भू नरसिंह-मूर्ति; 'अति-शक्तिशाली'-कीर्ति; उप-शाला-दर्शन-योग्य

श्री रङ्गनाथ-शाला (रङ्गनायकुल गुट्टा-शिखर)200 मी

दक्षिण-मुख रङ्गनाथ-शाला; श्रीरङ्गम्-परम्परा-अनुकरण

लक्ष्मी ठायार-शाला + दशाञ्जनेय हनुमान-शाला + गोविन्दराज स्वामी-शाला + श्री अञ्जनेय स्वामी-शाला50 मी

उप-शालाएँ; पारम्परिक-दर्शन-क्रम-अनुसार

गोदावरी-नदी-वाम-तट + स्नान-घाट50 मी

दर्शन-पूर्व पवित्र-स्नान-तीर्थ; मन्दिर-वाम-तट; 1986-बाढ़ ऐतिहासिक-जल-स्तर-चिह्न

पर्णशाला (राम-निवास-वन-वास-स्थल)35 किमी

वन-वास-काल राम-सीता-लक्ष्मण-निवास-स्थल; सीता-साड़ी-धोने-राधागुट्टा + पद-चिह्न + स्वर्ण-मृग-कथा-स्थल; रावण-सीता-हरण-स्थल पारम्परिक-मान्यता

मिथिला स्टेडियम (श्री राम-नवमी कल्याणम्-स्थल)500 मी

वार्षिक श्री राम-नवमी सीता-राम कल्याणम्-स्थल; मुख्यमन्त्री-समर्पण-स्थल

रामदासु-कारागार-स्मारक100 मी

भक्त रामदासु-कारागार-काल-स्मारक

दक्षिण भारत राम-तीर्थयात्रा (अयोध्या + भद्राचलम् + रामेश्वरम् 'राम-त्रिकोण')

'दक्षिण अयोध्या' — दक्षिण-भारत-राम-तीर्थ-शिखर

3 मंदिर

भद्राचलम् + पर्णशाला तीर्थयात्रा (राम-वन-वास-स्मरण)

मुख्य-राम-तीर्थ; पर्णशाला-राम-निवास-स्थल-सङ्ग 35 किमी-दूरी

2 मंदिर

तेलङ्गाना दण्डकारण्य-राम-तीर्थ-क्लस्टर

दण्डकारण्य-राम-तीर्थ-शिखर; ब्रह्म-पुराण-भद्राद्रि-क्षेत्र-माहात्म्य-स्रोत-तीर्थ

4 मंदिर

श्री राम-नवमी कल्याण-तीर्थ-यात्रा (भद्राचलम् + तिरुपति + वोन्तिमिट्टा)

दक्षिण-भारत के प्रमुख-सीता-राम कल्याण-तीर्थों में सम्मिलित

3 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री सीता रामचन्द्र स्वामी मन्दिर, भद्राचलम्, ज़िला भद्राद्रि कोठागुडेम, तेलङ्गाना — PIN 507111 (गोदावरी-नदी-वाम-तट)
हवाई अड्डा
विजयवाड़ा हवाई अड्डा (VGA) — ~142 किमी; हैदराबाद RGIA (HYD) — ~310 किमी वैकल्पिक
रेलवे
भद्राचलम् रोड स्टेशन (BDCR) कोठागुडेम — मन्दिर-से ~40 किमी
बस-स्टैण्ड
भद्राचलम् बस-स्टैण्ड (मन्दिर-समीप); तेलङ्गाना RTC नियमित-बस-सेवा
उत्तम ऋतु
श्री राम-नवमी 27 मार्च 2026 सीता-राम कल्याणम्; 12-दिवसीय वसन्त-पक्ष ब्रह्मोत्सवालु 19 मार्च - 2 अप्रैल 2026; वैकुण्ठ एकादशी ~30 दिसंबर 2026 21-दिवसीय; विजय-दशमी 20 अक्टूबर 2026; शीत-मासों (नवंबर-फरवरी) में यात्रा-आरामदायक; पावस-ऋतु (जून-सितंबर) में गोदावरी-बाढ़-सम्भावना
प्रबन्धन
तेलङ्गाना देवादाय (देवस्थानम्) विभाग — 2014-तेलङ्गाना राज्य-गठन-पश्चात् प्रशासन-स्थानान्तर (पूर्व-काल आन्ध्र प्रदेश देवस्थानम् 1958-से); राज्य-संरक्षित मन्दिर; मुख्यमन्त्री (वर्तमान ए. रेवन्थ रेड्डी) वार्षिक श्री राम-नवमी काल मुत्याल-तालम्ब्रालु एवं रेशम-वस्त्र-समर्पण-परम्परा; अधिकृत-वेबसाइट bhadradritemple.telangana.gov.in
40 किमीBhadrachalam Road Railway
142 किमीVijayawada
35 किमीParnashala
310 किमीHyderabad
410 किमीVisakhapatnam
220 किमीWarangal
श्री सीता रामचन्द्र स्वामी मन्दिर — दर्शन, आरती, इतिहास एवं यात्रा | Pauranik | Pauranik