शिव पुराण
कोटिरुद्र संहिता — भीमाशंकर माहात्म्य; डाकिनी क्षेत्र एवं भीम-असुर वध कथा
Bhorgiri (Khed, Pune District) · Maharashtra
भीमाशंकर — डाकिनी क्षेत्र का भीम-स्वरूप शिव
अन्य नाम: भीमाशंकर · मोटेश्वर महादेव (विवादित) · डाकिनी के भीमशंकर

इस मन्दिर की विशेषता
श्री भीमाशंकर (शिव — षष्ठम ज्योतिर्लिंग; त्रिपुरासुर/भीमासुर वध-कथा से सम्बद्ध रौद्र-स्वरूप)
स्वयंभू शिवलिंग — गर्भगृह में मूल लिंग
सम्प्रदाय: शैव
कोटिरुद्र संहिता — भीमाशंकर माहात्म्य; डाकिनी क्षेत्र एवं भीम-असुर वध कथा
त्रिपुरासुर-वध कथा एवं सह्याद्रि-क्षेत्र का माहात्म्य
आदि शंकराचार्य — 'परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्' — पञ्चम श्लोक द्वितीय-पद
04:30 से 21:30 तक
दिन की प्रथम आरती; मंदिर-द्वार-खुलने का अनुष्ठान
अंतर्गत अभिषेक 14:00 बजे तक
अंतर्गत अभिषेक 18:00 बजे तक विस्तारित
सायं-काल का प्रमुख अनुष्ठान
दिन की अन्तिम आरती
मुख्य भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग दर्शन निःशुल्क।
विशेष टिकट से शीघ्र-दर्शन; मूल्य आधिकारिक काउंटर पर सत्यापित करें।
रुद्राभिषेकम्, लक्षार्चन, होम-हवन की बुकिंग।
वर्ष का सर्वोच्च पर्व — विस्तारित दर्शन-समय; 4-प्रहर पूजा; अंतर्गत अभिषेक 18:00 तक। 2026 — 15 फरवरी रविवार।
सम्पूर्ण मास शिव-उपासना; प्रति-सोमवार विशेष रुद्राभिषेक; अंतर्गत अभिषेक 18:00 तक विस्तारित
त्रयोदशी सायंकाल विशेष शिव-पूजा; अंतर्गत अभिषेक विस्तारित
माघ शुक्ल सप्तमी — सूर्य-शिव-संयुक्त पूजा
शिव-नाग संयुक्त-पूजा; भीमाशंकर वन-क्षेत्र में नाग-दर्शन परंपरा
आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र अनुसार 'डाकिन्यां भीमशंकरम्' — षष्ठम ज्योतिर्लिंग; 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन से सात जन्मों के पाप-नाश एवं मोक्ष
स्रोत: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)
भीमासुर-वध कथा से सम्बद्ध — शिव के रौद्र-स्वरूप का दर्शन शत्रु-निवारण, संकट-मोचन एवं विजय-प्राप्ति हेतु विशेष फलदायी
स्रोत: शिव पुराण कोटिरुद्र संहिता + स्कन्द पुराण
भीमाशंकर — भीमा नदी का उद्गम-स्थल (शिव के पसीने से उत्पन्न); भीमा-स्नान से पाप-निवारण
स्रोत: शिव पुराण भीमाशंकर माहात्म्य
934 मीटर (3,064 फीट) ऊँचे सह्याद्रि वन-क्षेत्र (भीमाशंकर वन्य-जीव अभयारण्य) में स्थित; प्रकृति-शक्ति एवं शिव-तत्व का संयुक्त दर्शन
स्रोत: स्थल-परंपरा
भीमा नदी (कृष्णा की प्रमुख सहायक) का उद्गम-स्थल; मान्यता अनुसार शिव के पसीने से उत्पन्न; पवित्र स्नान-स्थल
131 वर्ग किमी अभयारण्य; पश्चिमी घाट के 12 जैव-विविधता हॉटस्पॉटों में सम्मिलित; महाराष्ट्र राज्य पशु 'इण्डियन जायंट स्क्विरल' (Ratufa indica elphistonii — भीमाशंकर-स्थानिक उप-प्रजाति)। मंदिर-दर्शन के साथ ट्रेकिंग एवं वन्य-दर्शन।
वन-गुफा में स्थित प्राचीन शिव-लिंग; मूल भीमाशंकर का गुप्त-स्वरूप माना जाता है
प्राकृतिक झील; हनुमान-मंदिर एवं पवित्र स्नान-स्थल
अद्भुत प्राकृतिक पहाड़ी संरचना — नाग के फण के समान; सह्याद्रि का सर्वोच्च दृश्य
साईं बाबा समाधि मंदिर; महाराष्ट्र-तीर्थ-यात्रा का अनिवार्य अंग
षष्ठम ज्योतिर्लिंग — 'डाकिन्यां भीमशंकरम्' (आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र पञ्चम-श्लोक द्वितीय-पद)
12 मंदिर
महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों में मध्य-स्थल
3 मंदिर
पुणे-क्षेत्र के 4 प्रमुख तीर्थों में अग्रणी
केन्द्रीय; ट्रेकिंग + तीर्थ + वन्य-जीव दर्शन का अद्वितीय संयोजन (इण्डियन जायंट स्क्विरल देखने हेतु)