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Bhorgiri (Khed, Pune District) · Maharashtra

श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर

भीमाशंकर — डाकिनी क्षेत्र का भीम-स्वरूप शिव

अन्य नाम: भीमाशंकर · मोटेश्वर महादेव (विवादित) · डाकिनी के भीमशंकर

  • 12 ज्योतिर्लिंग
  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का पञ्…
  • महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों में…
श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर
दर्शन समय
04:30 – 21:30
स्वरूप
स्वयंभू शिवलिंग
स्थान
Bhorgiri (Khed, Pune District) · Maharashtra
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
मूल पीठ: अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 12 ज्योतिर्लिंग (षष्ठम — 'डाकिन्यां भीमशंकरम्')
  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का पञ्चम श्लोक द्वितीय-पद
  • महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों में सम्मिलित (त्र्यम्बकेश्वर + भीमाशंकर + घृष्णेश्वर)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री भीमाशंकर (शिव — षष्ठम ज्योतिर्लिंग; त्रिपुरासुर/भीमासुर वध-कथा से सम्बद्ध रौद्र-स्वरूप)

स्वयंभू शिवलिंग — गर्भगृह में मूल लिंग

सम्प्रदाय: शैव

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

शिव पुराण

कोटिरुद्र संहिता — भीमाशंकर माहात्म्य; डाकिनी क्षेत्र एवं भीम-असुर वध कथा

स्कन्द पुराण

त्रिपुरासुर-वध कथा एवं सह्याद्रि-क्षेत्र का माहात्म्य

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र

आदि शंकराचार्य — 'परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्' — पञ्चम श्लोक द्वितीय-पद

संत एवं परम्परा

  • भीम-असुर — कुम्भकर्ण-पुत्र; पिता के राम-वध से क्रुद्ध होकर 1000 वर्ष की तपस्या से ब्रह्मा से अद्वितीय बल-वरदान प्राप्त; शिव-भक्त राजा पर आक्रमण के समय शिव ने रौद्र-रूप धारण कर त्रिशूल के 'हुम्' नाद से भीमासुर को भस्म किया
  • देवता एवं ऋषियों की प्रार्थना से शिव ने सह्याद्रि में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग रूप में स्थायी निवास स्वीकार किया
  • नाना फडणवीस (1741-1800) — पेशवा-काल के प्रमुख मंत्री; 18वीं शताब्दी में मंदिर के मुख्य शिखर एवं परिसर के कुएँ का निर्माता

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 125013वीं शताब्दी ईस्वी — काले पाषाण से मंदिर-निर्माण (Wikipedia पुष्ट)Wikipedia Bhimashankar Temple
  2. 178018वीं शताब्दी — पेशवा-काल के नाना फडणवीस द्वारा सभा-मण्डप एवं शिखर का परिष्कार; परिसर के कुएँ का निर्माणWikipedia Bhimashankar Temple
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

04:30 से 21:30 तक

काकड़ आरती (प्रातः जागरण)04:30-05:00
दैनिक

दिन की प्रथम आरती; मंदिर-द्वार-खुलने का अनुष्ठान

नित्य पूजा एवं अभिषेक (सामान्य दिवस)05:00-12:00
सामान्य दिवस

अंतर्गत अभिषेक 14:00 बजे तक

नित्य पूजा एवं अभिषेक (विशेष दिवस)05:00-18:00
सोमवार, प्रदोष, श्रावण मास, महाशिवरात्रि

अंतर्गत अभिषेक 18:00 बजे तक विस्तारित

मध्याह्न नैवेद्य12:00-12:30
दैनिक
संध्या आरती19:30-20:00
दैनिक

सायं-काल का प्रमुख अनुष्ठान

शयन आरती21:00-21:30
दैनिक

दिन की अन्तिम आरती

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
04:30-21:30
उपयुक्त
सभी भक्त

मुख्य भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग दर्शन निःशुल्क।

VIP विशेष दर्शन
उपयुक्त
समय-सीमित भक्त

विशेष टिकट से शीघ्र-दर्शन; मूल्य आधिकारिक काउंटर पर सत्यापित करें।

अभिषेकम् एवं विशेष पूजा
उपयुक्त
श्रद्धालु एवं संकल्प हेतु

रुद्राभिषेकम्, लक्षार्चन, होम-हवन की बुकिंग।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

वर्ष का सर्वोच्च पर्व — विस्तारित दर्शन-समय; 4-प्रहर पूजा; अंतर्गत अभिषेक 18:00 तक। 2026 — 15 फरवरी रविवार।

श्रावण मास सोमवारश्रावण

सम्पूर्ण मास शिव-उपासना; प्रति-सोमवार विशेष रुद्राभिषेक; अंतर्गत अभिषेक 18:00 तक विस्तारित

प्रदोष व्रत

त्रयोदशी सायंकाल विशेष शिव-पूजा; अंतर्गत अभिषेक विस्तारित

रथ-सप्तमी

माघ शुक्ल सप्तमी — सूर्य-शिव-संयुक्त पूजा

नाग पंचमीश्रावण शुक्ल पंचमी

शिव-नाग संयुक्त-पूजा; भीमाशंकर वन-क्षेत्र में नाग-दर्शन परंपरा

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

12 ज्योतिर्लिंग यात्रा का षष्ठम तीर्थ — दर्शन-मात्र से सात जन्मों के पाप-नाश

आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र अनुसार 'डाकिन्यां भीमशंकरम्' — षष्ठम ज्योतिर्लिंग; 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन से सात जन्मों के पाप-नाश एवं मोक्ष

स्रोत: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)

शत्रु-निवारण एवं विजय-प्राप्ति

भीमासुर-वध कथा से सम्बद्ध — शिव के रौद्र-स्वरूप का दर्शन शत्रु-निवारण, संकट-मोचन एवं विजय-प्राप्ति हेतु विशेष फलदायी

स्रोत: शिव पुराण कोटिरुद्र संहिता + स्कन्द पुराण

भीमा नदी-स्नान एवं पाप-निवारण

भीमाशंकर — भीमा नदी का उद्गम-स्थल (शिव के पसीने से उत्पन्न); भीमा-स्नान से पाप-निवारण

स्रोत: शिव पुराण भीमाशंकर माहात्म्य

सह्याद्रि शिव-ध्यान एवं प्रकृति-दर्शन

934 मीटर (3,064 फीट) ऊँचे सह्याद्रि वन-क्षेत्र (भीमाशंकर वन्य-जीव अभयारण्य) में स्थित; प्रकृति-शक्ति एवं शिव-तत्व का संयुक्त दर्शन

स्रोत: स्थल-परंपरा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र — 'डाकिन्यां भीमशंकरम्'स्तोत्रआदि शंकराचार्य — द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का पञ्चम श्लोक द्वितीय-पदइस मन्दिर हेतु
  • महामृत्युञ्जय मंत्रमंत्रऋग्वेद 7.59.12रुद्राभिषेक का प्रमुख मंत्र
  • ॐ नमः शिवाय — पञ्चाक्षर मंत्रमंत्रयजुर्वेद रुद्राध्याय
  • श्री रुद्रम् चमकम्स्तोत्रयजुर्वेद, तैत्तिरीय संहिता
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

भीमा नदी उद्गम-स्थल500 मी

भीमा नदी (कृष्णा की प्रमुख सहायक) का उद्गम-स्थल; मान्यता अनुसार शिव के पसीने से उत्पन्न; पवित्र स्नान-स्थल

भीमाशंकर वन्य-जीव अभयारण्य1 किमी

131 वर्ग किमी अभयारण्य; पश्चिमी घाट के 12 जैव-विविधता हॉटस्पॉटों में सम्मिलित; महाराष्ट्र राज्य पशु 'इण्डियन जायंट स्क्विरल' (Ratufa indica elphistonii — भीमाशंकर-स्थानिक उप-प्रजाति)। मंदिर-दर्शन के साथ ट्रेकिंग एवं वन्य-दर्शन।

गुप्त भीमाशंकर3 किमी

वन-गुफा में स्थित प्राचीन शिव-लिंग; मूल भीमाशंकर का गुप्त-स्वरूप माना जाता है

हनुमान तालाब1.5 किमी

प्राकृतिक झील; हनुमान-मंदिर एवं पवित्र स्नान-स्थल

नागफणी (Nagphani)4 किमी

अद्भुत प्राकृतिक पहाड़ी संरचना — नाग के फण के समान; सह्याद्रि का सर्वोच्च दृश्य

शिर्डी (साईं बाबा)220 किमी

साईं बाबा समाधि मंदिर; महाराष्ट्र-तीर्थ-यात्रा का अनिवार्य अंग

द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा

षष्ठम ज्योतिर्लिंग — 'डाकिन्यां भीमशंकरम्' (आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र पञ्चम-श्लोक द्वितीय-पद)

12 मंदिर

महाराष्ट्र त्रि-ज्योतिर्लिंग यात्रा (त्र्यम्बकेश्वर + भीमाशंकर + घृष्णेश्वर)

महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों में मध्य-स्थल

3 मंदिर

पुणे क्षेत्र तीर्थ-यात्रा (भीमाशंकर + अष्टविनायक + पंढरपुर + शिर्डी)

पुणे-क्षेत्र के 4 प्रमुख तीर्थों में अग्रणी

भीमाशंकर ट्रेक एवं वन्य-दर्शन

केन्द्रीय; ट्रेकिंग + तीर्थ + वन्य-जीव दर्शन का अद्वितीय संयोजन (इण्डियन जायंट स्क्विरल देखने हेतु)

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर, भोरगिरि (खेड के पास), पुणे जिला, महाराष्ट्र — 410509
हवाई अड्डा
पुणे अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (PNQ) — ~102 किमी; छत्रपति शिवाजी महाराज मुंबई (BOM) — ~220 किमी
रेलवे
पुणे जंक्शन (PUNE) — ~106 किमी; कर्जत रेलवे स्टेशन (KJT) भी विकल्प
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; तापमान 12-25°C। मानसून (जून-सितंबर) में सह्याद्रि-दृश्य अद्भुत (अधिक वर्षा से सावधानी)। महाशिवरात्रि एवं श्रावण सोमवार पर पीक भीड़।
वेबसाइट
https://bhimashankar.in
106 किमीPune Airport
50 किमीKhed
90 किमीKarjat
220 किमीMumbai
285 किमीNashik
320 किमीAurangabad
220 किमीShirdi
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