राजराज चोल प्रथम-निर्माण ऐतिहासिक-वृत्तान्त
राजराज चोल प्रथम (शासन 985-1012 ईस्वी; चोल साम्राज्य-उत्कर्ष-काल का सर्वाधिक-शक्तिशाली राजा) ने 1003-1010 ईस्वी में स्वयं की राजधानी तञ्जावूर में राजराजेश्वरम् (आज का बृहदीश्वर) मन्दिर-निर्माण कराया। 1010 ईस्वी = राजराज के 25वें-राज्य-वर्ष-275वें-दिन ASI-शिलालेख-अनुसार प्रतिष्ठा हुई। मन्दिर-कलश-स्वर्ण-निर्मित-अर्पण-शिलालेख-अनुसार राजराज ने स्वयं अर्पण किया। मन्दिर-निर्माण-काल ~130,000 टन ग्रेनाइट का प्रयोग किया गया जो ~60 किमी-त्रिज्या में ग्रेनाइट-खान-अनुपस्थिति-कारण पुदुक्कोट्टै-क्षेत्र-से (~50-100 किमी) परिवहन किया गया मान्य।
