मार्कण्डेय पुराण
देवी माहात्म्यम् (दुर्गा सप्तशती) — अध्याय 81-93; चण्ड-मुण्ड वध एवं चामुण्डा-नामकरण कथा
Mysuru · Karnataka
श्री चामुण्डेश्वरी देवी मंदिर, चामुण्डी पहाड़ी — मैसूर
चामुण्डेश्वरी — चण्ड एवं मुण्ड असुरों का संहार करने वाली देवी; महिषासुर-मर्दिनी; क्रौञ्च-पीठ की देवी
अन्य नाम: चामुण्डी · महिषासुर-मर्दिनी · क्रौञ्च-पीठ की देवी · वुडेयार राज-कुलदेवी

इस मन्दिर की विशेषता
श्री चामुण्डेश्वरी देवी (दुर्गा-शक्ति-स्वरूप; चण्ड + मुण्ड + महिषासुर-संहारिणी; मैसूर वुडेयार राज-वंश की कुलदेवी)
आसन-मुद्रा में बैठी हुई अष्ट-भुजा देवी; गर्भगृह में श्री चक्र-स्थापित
सम्प्रदाय: शाक्त — क्रौञ्च-पीठ परंपरा
देवी माहात्म्यम् (दुर्गा सप्तशती) — अध्याय 81-93; चण्ड-मुण्ड वध एवं चामुण्डा-नामकरण कथा
चामुण्डा-कौशिकी (दुर्गा) के ललाट से उत्पन्न; चण्ड एवं मुण्ड असुरों का संहार
आदि शंकराचार्य रचित — 'लंकायाम् शाङ्करी देवी, काञ्ची काञ्चिकपूर्ण / प्रद्युम्ने शृङ्खला देवी, चामुण्डा क्रौञ्च पट्टणे' — चौथा शक्ति-पीठ
07:30 से 21:00 तक · मध्याह्न विश्राम 14:00-15:30 (मध्याह्न विश्राम — गर्भगृह बन्द)
प्रातःकालीन अभिषेक — दर्शन-पूर्व
शुक्रवार-विशेष — प्रातः 5 बजे प्रारम्भ
सामान्य दर्शन-काल
सायंकालीन अभिषेक
दिन का अन्तिम दर्शन-काल
सामान्य कतार — पैदल पंक्ति; प्रतीक्षा समय सप्ताहांत एवं उत्सव-दिनों में अधिक।
₹30 टिकट — विशेष कतार; ऑनलाइन एवं प्रवेश-काउंटर दोनों उपलब्ध।
₹100 प्रीमियम कतार — कम प्रतीक्षा; आधिकारिक काउंटर एवं ऑनलाइन।
आषाढ़-मास के 4 शुक्रवारों हेतु विशेष ₹2,000 पैकेज — स्वर्ण-पालकी-दर्शन के निकटवर्ती स्थान।
₹300 प्रीमियम-कतार — कम प्रतीक्षा।
देवी को साड़ी-अर्पण की वार्षिक परंपरा; मंदिर को इससे प्रति-वर्ष ~₹1 करोड़ का राजस्व (2019 तक का सत्यापित आँकड़ा — Star of Mysore)। पंजीकरण: e-ticket portal एवं काउंटर।
विशेष होम — आधिकारिक e-Seva पोर्टल से बुकिंग।
देवी की उत्सव-मूर्ति को स्वर्ण-पालकी में मंदिर-प्रदक्षिणा; मैसूर का अति-विशिष्ट साप्ताहिक उत्सव; लाखों श्रद्धालु। 2026 के 4 आषाढ़ शुक्रवार — 17 जुलाई, 24 जुलाई, 31 जुलाई, 7 अगस्त।
देवी के उत्सव-मूर्ति प्रतिष्ठा-दिवस; पहाड़ी की प्रदक्षिणा-पालकी-यात्रा। तिथि — आषाढ़ शुक्ल सप्तमी (कन्नड़ पञ्चांग के अनुसार); 2025 में 17 जुलाई को मनाया गया। 2026 की सटीक तिथि स्थानीय कन्नड़ पञ्चांग से सत्यापन करें।
मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक पर्व — कर्नाटक राज्य-उत्सव; 9-रात्रि शाक्त-उपासना; प्रतिदिन विशेष अलंकार; उत्सव-मूर्ति की रजत-रथ-यात्रा। 2026 शारदीय नवरात्रि प्रारम्भ — रविवार 11 अक्टूबर 2026।
मैसूर पैलेस में राज-तलवार 'पट्टदा कत्ती' की पारंपरिक शोभायात्रा; मंदिर में विशेष पूजा। 2026 — मंगलवार 20 अक्टूबर।
देवी की पञ्च-लोहा उत्सव-मूर्ति को स्वर्ण-अम्बारी में स्थापित कर मैसूर पैलेस से बन्नी-मण्डप तक 5 किमी हाथी-शोभायात्रा; पारंपरिक 'बन्नी-वृक्ष' पूजा; रात्रि 'पंजिना कवायत्तु' (मशाल-परेड)। 2026 — बुधवार 21 अक्टूबर।
चामुण्डा = महिषासुर-मर्दिनी; दुष्ट-संहारिणी; शत्रु-विघ्न-नाश हेतु प्रधान देवी
स्रोत: देवी माहात्म्यम् (मार्कण्डेय पुराण अध्याय 81-93)
चामुण्डा मंत्र-उपासना से रोग, अरिष्ट एवं तामसिक-शक्तियों से रक्षा; नवार्ण-मंत्र का बहु-सूत्रीय फल
स्रोत: दुर्गा सप्तशती
मैसूर वुडेयार राज-कुलदेवी परंपरा; राज-संरक्षण-प्राप्ति की देवी के रूप में मान्यता
स्रोत: वुडेयार राज-परंपरा (1399 से)
आदि शंकराचार्य-रचित अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् के क्रम-4 का पीठ; क्रौञ्च-पट्टण
स्रोत: अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् (आदि शंकराचार्य)
17वीं शताब्दी की एक-शिला ग्रैनाइट नंदी (दोड्डा देवराज वुडेयार-कालीन); खुली श्रद्धा-स्थल; प्रति-दिन अभिषेक
चामुण्डेश्वरी से पुराना शिव-मंदिर; वार्षिक रथोत्सव एवं तेप्पोत्सव
दोड्डा देवराज वुडेयार-कालीन (शासन 1659-1673); ~10 फुट सीमेंट-प्रतिमा; बायाँ हाथ नाग, दायाँ तलवार; मैसूर-नामकरण से सम्बन्धित
पहाड़ी पर स्थित विष्णु-मंदिर
चामुण्डेश्वरी की भगिनी-देवी के रूप में मान्य; वुडेयार-स्थापित; वार्षिक जात्रा 16-18 फरवरी
देवी की पञ्च-लोहा उत्सव-मूर्ति वर्ष-पर्यन्त यहीं रहती है; जम्बू सवारी का प्रारम्भ-स्थल
क्रम-4 — चामुण्डा क्रौञ्च पट्टण; पूर्व: प्रद्युम्न शृङ्खला (3); पश्चात्: अलम्पुर जोगुलाम्बा (5)
18 मंदिर
केन्द्रीय शक्ति-पीठ — चामुण्डेश्वरी मंदिर + मैसूर पैलेस + बन्नी-मण्डप; विजयदशमी-दिवस 5 किमी जम्बू सवारी मार्ग
3 मंदिर
मूकाम्बिका (कोल्लूर) + चामुण्डेश्वरी (मैसूर) + बनशंकरी (बादामी) + कटील दुर्गा-परमेश्वरी (मैंगलोर) — संयुक्त परंपरा