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Melukote · Karnataka

श्री चेलुवनारायण स्वामी मन्दिर

श्री चेलुवनारायण स्वामी मन्दिर (तिरुनारायणपुरम्) — मेलुकोटे (मेलकोटे), यदुगिरि पहाड़ी, पाण्डवपुर तालुक, ज़िला मण्ड्या, कर्नाटक

श्री चेलुवनारायण / तिरुनारायण / सेल्वा पिल्लै / रामप्रिय — श्री रामानुजाचार्य का कर्नाटक-प्रमुख-पीठ (12-वर्ष-निवास 1098-1110 ईस्वी चोल-निर्वासन-काल); प्रसिद्ध वैरमुडि (हीरा-मुकुट) ब्रह्मोत्सव; तीन-राज-मुकुट (वैरमुडि + राजमुडि + कृष्णराज-मुडि); मण्ड्यम् आयङ्गर-समुदाय-मूल-स्थान

अन्य नाम: चेलुवनारायण स्वामी · तिरुनारायण · तिरुनारायणपुरम् · मेलुकोटे / मेलकोटे · यदुगिरि / यतिशैल · सेल्वा पिल्लै (उत्सव-मूर्ति)

  • श्री रामानुजाचार्य का कर्नाटक-प्रम…
  • वैरमुडि ब्रह्मोत्सव
  • तीन-राज-मुकुट: वैरमुडि
  • बीबी नाच्यार
श्री चेलुवनारायण स्वामी मन्दिर
दर्शन समय
07:00 – 20:30
स्वरूप
श्री रामानुज-द्वारा-पुनः-स्थापित मूल-मूर…
स्थान
Melukote · Karnataka
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • श्री रामानुजाचार्य का कर्नाटक-प्रमुख-पीठ — 12-वर्ष-निवास 1098-1110 ईस्वी चोल-निर्वासन-काल; मूल-मूर्ति-पुनः-स्थापना 1099 ईस्वी; उपाधि 'यति-राज' एवं स्थल-नाम 'यति-शैल'
  • वैरमुडि ब्रह्मोत्सव — फाल्गुन-मास 13-दिवसीय; वैरमुडि (हीरा-मुकुट) रात्रि-समय एक-बार-वार्षिक, सूर्य-प्रकाश-वर्जित; 2026: 22 मार्च-2 अप्रैल (27/28 मार्च रात्रि वैरमुडि-शोभायात्रा); 4-5 लाख+ श्रद्धालु
  • तीन-राज-मुकुट: वैरमुडि (मूल-नारायण-मुकुट; गरुड-पुनःप्राप्त परम्परा) + राजमुडि (राजा वडेयार I, 17वीं शताब्दी) + कृष्णराज-मुडि (कृष्णराज वडेयार III, 19वीं शताब्दी); मण्ड्या-ज़िला-राजकोष में संरक्षित; पुलिस-सुरक्षा-एस्कॉर्ट के साथ वार्षिक-स्थानान्तरण
  • बीबी नाच्यार (तुलुक्क नाच्यार) पर्दा-धारी मूर्ति-स्वरूप मुख्य-मूर्ति-पादों पर — श्री रामानुज द्वारा दिल्ली-से-लाया-गया उत्सव-मूर्ति 'सेल्वा पिल्लै' के साथ आगमन-कथा; मेलुकोटे का अद्वितीय-इको-सेरेमोनियल-संगम
  • मण्ड्यम् आयङ्गर-समुदाय का मूल-स्थान — श्री रामानुज-संग तमिलनाडु-से प्रवास; मण्ड्यम-तमिल-बोली; 1790 तिपु सुल्तान-नरक-चतुर्दशी ~700-800 परिवार-नरसंहार; 200+ वर्ष-दीवाली-शोक-परम्परा
  • योग नरसिंह हिल-शीर्ष-शाला (~300-600 पाषाण-सोपान); भक्त प्रह्लाद-स्थापना-परम्परा
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

मूल-मूर्ति श्री तिरुनारायण / चेलुवनारायण — खड़ा-स्वरूप विष्णु, चतुर्भुज (शङ्ख-चक्र-गदा-पद्म); उत्सव-मूर्ति 'सेल्वा पिल्लै / चेलुवपिल्लै राय / रामप्रिय' (श्री रामानुज द्वारा दिल्ली-से-लाया-गया); पट्ट-महिषी यदुगिरि नाच्यार (लक्ष्मी); बीबी नाच्यार (तुलुक्क नाच्यार) मुख्य-मूर्ति-पादों पर पर्दा-धारी मुस्लिम-राजकुमारी-मूर्ति-स्वरूप — मेलुकोटे की अद्वितीयता

श्री रामानुज-द्वारा-पुनः-स्थापित मूल-मूर्ति (1099 ईस्वी); उत्सव-मूर्ति 'सेल्वा पिल्लै' दिल्ली-राजकुमारी-कथा-केन्द्र; बीबी नाच्यार पर्दा-धारी-मूर्ति-स्वरूप-स्थापित (श्रीरङ्गम के तुलुक्क नाच्यार-चित्र-स्वरूप-स्थापना से भिन्न)

सम्प्रदाय: श्री वैष्णव — कर्नाटक-प्रमुख-पीठ; श्री रामानुजाचार्य का 12-वर्ष-निवास-स्थान (1098-1110 ईस्वी); यदुगिरि यतिराज मठ (आदि-स्थापना श्री रामानुज) + पराकाल मठ + अहोबिल मठ शाखाएँ सम्मिलित; मण्ड्यम् आयङ्गर-समुदाय का मूल-स्थान

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

तिरुनारायण-स्थल-पुराण

मूल-मूर्ति तिरुनारायण विष्णु ने ब्रह्मा को उपहार-स्वरूप दी; ब्रह्मा से सनत्कुमार-होकर यदुवादद्रि (यदुगिरि / मेलुकोटे) में स्थापित। पहाड़ी का युग-नाम: नारायणाद्रि (कृत), वेदाद्रि (त्रेता), यदुगिरि / यादवाद्रि (द्वापर), यति-शैल (कलि-युग; श्री रामानुज-निवास-पश्चात्)

वैरमुडि कथा (हीरा-मुकुट का मूल)

वैरमुडि-मुकुट मूल-नारायण-मुकुट था; क्षीर-सागर-मन्थन-काल असुर विरोचन ने लूट-लिया; गरुड ने पुनः-प्राप्त-कर मन्दिर को सौंपा। तब-से वर्ष में केवल-एक-रात (फाल्गुन-काल) सूर्य-प्रकाश-वर्जित-अधीन उत्सव-मूर्ति को धारण कराया जाता है।

श्री रामानुज-सेल्वा पिल्लै कथा (उत्सव-मूर्ति-पुनःप्राप्ति)

मेलुकोटे की उत्सव-मूर्ति को 'दिल्ली सुल्तान' (लोक-कथा; ऐतिहासिक-असंगत) ले गए। श्री रामानुज दिल्ली पहुँचे; सुल्तान की पुत्री ने मूर्ति को गुड़िया-स्वरूप अपनाया था। रामानुज ने 'चेलुव पिल्ले!' (प्रिय पुत्र) पुकारा एवं मूर्ति उनके पास आ गयी — इसीलिए नाम 'सेल्वा पिल्लै / चेलुवपिल्लै'। राजकुमारी (बीबी नाच्यार / तुलुक्क नाच्यार) मूर्ति का अनुसरण-कर मेलुकोटे आयी एवं मूर्ति में विलीन हो गयी; मुख्य-मूर्ति-पादों पर पर्दा-धारी-स्वरूप पूज्य।

योग नरसिंह कथा (हिल-शीर्ष-शाला)

यदुगिरि-शीर्ष-शाला की योग-नरसिंह-मूर्ति भक्त प्रह्लाद द्वारा स्थापित-पूज्य परम्परा; योग-पट्ट-धारी आसन-मुद्रा; कृष्णराज वडेयार III ने स्वर्ण-मुकुट दान किया।

संत एवं परम्परा

  • श्री रामानुजाचार्य (1017-1137 ईस्वी; मेलुकोटे-निवास 1098-1110 ईस्वी / 12-14 वर्ष) — कर्नाटक-वैष्णव-दीक्षा-प्रसार; मूल-मूर्ति-पुनः-स्थापना; उत्सव-मूर्ति-दिल्ली-से-पुनःप्राप्ति; यतिराज-उपाधि
  • होयसल राजा बिट्टिदेव (~1108 ईस्वी श्री रामानुज द्वारा वैष्णव-दीक्षा-पश्चात् नाम 'विष्णुवर्धन'; 1108-1152 ईस्वी शासन) — प्रमुख-संरक्षक; मन्दिर-निर्माण 5,000 गद्याण-संरक्षण; ग्राम-दान
  • ऋषि सनत्कुमार — मूल-मूर्ति-वाहक
  • बीबी नाच्यार (तुलुक्क नाच्यार) — दिल्ली-राजकुमारी; उत्सव-मूर्ति-अनुसरण-कर विलीन
  • भक्त प्रह्लाद — योग नरसिंह-स्थापना-परम्परा
  • विजयनगर-राजवंश (14-16वीं शताब्दी) — जीर्णोद्धार + राय-गोपुरम-प्रारम्भ
  • राजा वडेयार I (1614 ईस्वी विजयनगर से जागीर-ग्रहण-काल) — राजमुडि-दान
  • कृष्णराज वडेयार III (19वीं शताब्दी) — कृष्णराज-मुडि-दान
  • यदुगिरि यतिराज मठ + पराकाल मठ + अहोबिल मठ — मठ-शाखाएँ
  • मण्ड्यम् आयङ्गर-समुदाय — श्री रामानुज-संग तमिलनाडु-से प्रवास; मण्ड्यम-तमिल-बोली
  • कर्नाटक मुज़राई-विभाग (HR&CE) — आधुनिक-प्रशासन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 1098श्री रामानुज द्वारा मेलुकोटे-आगमन; चोल कुलोत्तुङ्ग I-निर्वासन-काल का प्रारम्भWikipedia Cheluvanarayana + Jeeyar Asrams + Acharya.org बहु-स्रोत
  2. 1099श्री रामानुज द्वारा गुप्त-मूल-मूर्ति की पुनः-स्थापनाWikipedia + Acharya.org
  3. 1104होयसल राजा विष्णुवर्धन के 5,000 गद्याण-संरक्षण से मुख्य-मन्दिर-निर्माण-सम्पन्नWikipedia + karnataka.com बहु-स्रोत
  4. 1108होयसल राजा बिट्टिदेव का श्री रामानुज द्वारा वैष्णव-दीक्षा-पश्चात् नाम-परिवर्तन 'विष्णुवर्धन'Wikipedia बहु-स्रोत
  5. 1614राजा वडेयार I को विजयनगर से मेलुकोटे-जागीर; वडेयार-संरक्षण-काल प्रारम्भ; राजमुडि-दानWikipedia + Karnataka Tourism बहु-स्रोत
  6. 1790नरक-चतुर्दशी (दीवाली-पूर्व) 1790 — तिपु सुल्तान-सेना ने ~700-800 मण्ड्यम् आयङ्गर-परिवारों का श्रीरङ्गपटना में संहार किया (तिपु-विरुद्ध रानी लक्ष्मम्मन्नी + अंग्रेज़-गठबन्धन-कारण); 200+ वर्ष-दीवाली-शोक-परम्परा-स्थापनाSwarajya + Organiser बहु-स्रोत
  7. 1976संस्कृत अनुसन्धान अकादमी (Academy of Sanskrit Research) मेलुकोटे में स्थापना; 1978 उद्घाटन; सहस्र-वैदिक/संस्कृत पाण्डुलिपि-संरक्षणWikipedia Melukote
  8. 2026वैरमुडि ब्रह्मोत्सव 2026: 22 मार्च-2 अप्रैल; 27 मार्च रात्रि-शोभायात्रा (9 PM-3 AM) वैरमुडि हीरा-मुकुट-धारण; 4-5 लाख+ श्रद्धालुSanatana Vibes + Tirthayatra + Utsav.gov.in बहु-स्रोत
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

07:00 से 20:30 तक

प्रातः दर्शन एवं अलङ्कार07:00-13:00
दैनिक
मध्याह्न-विश्राम (बन्द)13:00-16:00
दैनिक
सायं दर्शन16:00-20:30
दैनिक
वैरमुडि-रात्रि-शोभायात्रा (वार्षिक)21:00-03:00
केवल फाल्गुन-काल एक-रात्रि

विशेष नियम: वैरमुडि हीरा-मुकुट केवल रात्रि-समय धारण-योग्य — सूर्य-प्रकाश पूर्ण-वर्जित; उत्सव-काल पुलिस-एस्कॉर्ट मण्ड्या-ज़िला-राजकोष से मुकुट-स्थानान्तरण; योग नरसिंह हिल-शीर्ष पहुँच ~300-600 सोपान; गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; पारम्परिक-वेश-नियम

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
07:00-13:00 + 16:00-20:30 (दैनिक)
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

मुख्य-मन्दिर तिरुनारायण; बीबी नाच्यार पर्दा-धारी-शाला मुख्य-मूर्ति-पादों पर; अधूरा राय-गोपुरम बाह्य-दर्शन।

वैरमुडि रात्रि-शोभायात्रा दर्शन (वार्षिक)निःशुल्क

केवल फाल्गुन-काल एक-रात्रि; 2026 — 27/28 मार्च रात्रि; हीरा-मुकुट-धारण विश्व-दुर्लभ-दर्शन।

योग नरसिंह हिल-शीर्ष-शालानिःशुल्क

~300-600 पाषाण-सोपान-चढ़ाई; निचला-भाग मोटर-योग्य पार्किंग-तक, अन्तिम ~150 सोपान; भक्त प्रह्लाद-स्थापना-परम्परा।

कल्याणी पुष्करिणी स्नाननिःशुल्क

108 पारम्परिक-तालाबों में सर्वाधिक-वृहत्; चार-तरफ़ा स्तम्भित-गलियारे + अष्टकोणीय भुवनेश्वरी मण्डप।

अक्का-तङ्गी कोला युग्म-तालाबनिःशुल्क

'बड़ी-बहन / छोटी-बहन' युग्म-तालाब; एक मीठा-जल, दूसरा कुछ-लवण।

यदुगिरि यतिराज मठ + संस्कृत अनुसन्धान अकादमी

श्री रामानुज-स्थापित यतिराज-मठ-दर्शन; संस्कृत अनुसन्धान अकादमी (1978-स्थापित) पाण्डुलिपि-संरक्षण-केन्द्र।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

वैरमुडि ब्रह्मोत्सव 2026 — 13-दिवसीयफाल्गुन (मार्च-अप्रैल)

22 मार्च-2 अप्रैल 2026; मन्दिर का सर्वाधिक-प्रसिद्ध-उत्सव; 27 मार्च रात्रि वैरमुडि हीरा-मुकुट-शोभायात्रा (21:00-03:00); सूर्य-प्रकाश-वर्जित; मण्ड्या-ज़िला-राजकोष से पुलिस-एस्कॉर्ट-सहित मुकुट-स्थानान्तरण; 4-5 लाख+ श्रद्धालु; क्रम — राजमुडि (अधिकांश-दिन) → वैरमुडि (एक-रात्रि) → कृष्णराज-मुडि (अन्तिम-दिन कुछ-परम्पराओं में)।

वैकुण्ठ एकादशीमार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी

वैष्णव-प्रमुख-तिथि।

रामानुज जयन्ती (तिरुवादिरै-चित्तिरै)चित्तिरै (चैत्र) तिरुवादिरै-नक्षत्र

श्री रामानुजाचार्य जन्म-वर्षगाँठ; मेलुकोटे-12-वर्ष-निवास-स्मरण।

नरक-चतुर्दशी शोक-परम्परा (दीवाली-पूर्व)कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी

1790 तिपु सुल्तान-नरसंहार-स्मरण; 200+ वर्ष-मण्ड्यम् आयङ्गर-समुदाय-दीवाली-शोक-परम्परा।

ब्रह्मोत्सवम्विशेष-तिथि

वार्षिक ब्रह्मोत्सवम्।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

वैरमुडि रात्रि-हीरा-मुकुट-दर्शन-संकल्प (विश्व-दुर्लभ)

वर्ष में केवल एक-रात्रि (फाल्गुन-काल) हीरा-मुकुट-धारण; सूर्य-प्रकाश-वर्जित; मूल-नारायण-मुकुट-कथा; 4-5 लाख+ श्रद्धालु; जीवन-में-एक-बार-दर्शन-दुर्लभ-संकल्प

स्रोत: Wikipedia Vairamudi + Karnataka Tourism + Utsav.gov.in बहु-स्रोत

श्री रामानुज-सम्प्रदाय-दीक्षा संकल्प (12-वर्ष-निवास-स्थल)

श्री रामानुज का कर्नाटक-12-वर्ष-निवास-स्थल; यतिराज-मठ-दर्शन; विशिष्टाद्वैत-दीक्षा-तीर्थ; गद्य-त्रय-पारायण

स्रोत: Jeeyar Asrams + Acharya.org बहु-स्रोत

सेल्वा-पिल्लै उत्सव-मूर्ति-दर्शन-संकल्प

दिल्ली-से श्री रामानुज द्वारा पुनःप्राप्त उत्सव-मूर्ति; बीबी नाच्यार-संग वैष्णव-इस्लामी-संगम-कथा-केन्द्र

स्रोत: Holy Dham + Kshetra Puranas बहु-स्रोत

तीन-राज-मुकुट दर्शन-संकल्प

वैरमुडि + राजमुडि + कृष्णराज-मुडि तीनों मुकुट-दर्शन — होयसल-वडेयार-वैष्णव संरक्षण-परम्परा का प्रतीक

स्रोत: Wikipedia + Karnataka Tourism बहु-स्रोत

योग नरसिंह हिल-शीर्ष-दर्शन-संकल्प

भक्त प्रह्लाद-स्थापना-परम्परा; योग-नरसिंह-योग-साधना-संकल्प-तीर्थ; कृष्णराज वडेयार III स्वर्ण-मुकुट

स्रोत: Tirthayatra Yoga Narasimha + Wikipedia

मण्ड्यम् आयङ्गर समुदाय-दर्शन-संकल्प

मण्ड्यम् आयङ्गर-समुदाय का मूल-स्थान; मण्ड्यम-तमिल-संस्कृति-संरक्षण; 1790-नरसंहार-स्मरण-200-वर्ष-दीवाली-शोक-परम्परा

स्रोत: Swarajya + Organiser + Wikipedia Iyengar बहु-स्रोत

कल्याणी-तालाब स्नान-संकल्प (108-पारम्परिक-तालाबों में सर्वाधिक-वृहत्)

108 पारम्परिक-तालाबों में सर्वाधिक-वृहत्; चार-तरफ़ा स्तम्भित-गलियारे + अष्टकोणीय भुवनेश्वरी मण्डप; अनुष्ठानिक-स्नान-संकल्प

स्रोत: Karnataka.com Kalyani Tank

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवायद्वादशाक्षर मन्त्रभागवत-परम्परा
  • ॐ नमो नारायणायअष्टाक्षर मन्त्रवैष्णव परम्परा
  • श्री रामानुज गद्य-त्रयगद्य-स्तोत्रश्री रामानुज (मेलुकोटे-निवास-काल-रचित)इस मन्दिर हेतुश्री रामानुज द्वारा मेलुकोटे में रचित गद्य-त्रय; यतिराज-मठ-दर्शन-काल पारायण
  • विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रस्तोत्रमहाभारत अनुशासन पर्व
  • ॐ चेलुवनारायणाय नमः / सेल्वा-पिल्लै नाम-जपनाम-मन्त्रस्थानीय वैष्णव परम्पराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

योग नरसिंह हिल-शीर्ष-शाला (मन्दिर-परिसर)1.5 किमी

भक्त प्रह्लाद-स्थापना-परम्परा; योग-पट्ट-धारी आसन-मुद्रा; कृष्णराज वडेयार III स्वर्ण-मुकुट

कल्याणी पुष्करिणी (मन्दिर-तालाब)100 मी

108 पारम्परिक-तालाबों में सर्वाधिक-वृहत्; अष्टकोणीय भुवनेश्वरी मण्डप

अक्का-तङ्गी कोला (युग्म-तालाब)200 मी

बड़ी-बहन/छोटी-बहन युग्म-तालाब; एक मीठा-जल दूसरा लवण

अधूरा राय-गोपुरम (विजयनगर 16वीं-शताब्दी)200 मी

विजयनगर-अधूरा-निर्माण; ग्रेनाइट-स्तम्भ; फिल्म-शूटिंग-पृष्ठभूमि-प्रसिद्ध

यदुगिरि यतिराज मठ (श्री रामानुज-स्थापित)300 मी

श्री रामानुज-आदि-स्थापना; निरन्तर-पीठाधिपति-परम्परा

बीबी नाच्यार पर्दा-धारी-शाला (मुख्य-मूर्ति-पादों पर)10 मी

दिल्ली-राजकुमारी-पर्दा-धारी-मूर्ति-स्वरूप; मेलुकोटे का अद्वितीय इस्लामी-वैष्णव-संगम

संस्कृत अनुसन्धान अकादमी (1978-स्थापित)1 किमी

सहस्र-वैदिक/संस्कृत-पाण्डुलिपि-संरक्षण-केन्द्र

श्रीरङ्गपटना (ऐतिहासिक 1790 नरसंहार-स्थल)40 किमी

1790 मण्ड्यम् आयङ्गर-नरसंहार-स्थल; ऐतिहासिक-स्मारक

श्री रामानुजाचार्य पीठ-यात्रा (कर्नाटक-तमिलनाडु)

श्री रामानुज का कर्नाटक-प्रमुख-पीठ — मेलुकोटे (12-वर्ष-निवास) + श्रीरङ्गम (तिरुवरसु-संरक्षित-देह) + काञ्ची वरदराज (विशिष्टाद्वैत-दीक्षा) + तिरुनारायणपुरम् + तिरुक्कोष्टियूर — पीठ-यात्रा-संयोजन

5 मंदिर

वैरमुडि ब्रह्मोत्सव वार्षिक तीर्थयात्रा

वैरमुडि एक-रात्रि-वार्षिक हीरा-मुकुट-दर्शन; 4-5 लाख+ वार्षिक-श्रद्धालु

1 मंदिर

कर्नाटक-वैष्णव क्लस्टर (मेलुकोटे + श्रीरङ्गपटना + मैसुरु-चामुण्डेश्वरी)

मेलुकोटे (वैष्णव) + श्रीरङ्गपटना (ऐतिहासिक) + मैसुरु-चामुण्डेश्वरी (शक्ति-पीठ) + सोमनाथपुर — कर्नाटक-दक्षिणी क्लस्टर

4 मंदिर

होयसल-स्थापत्य-यात्रा (मेलुकोटे + सोमनाथपुर + बेलूर + हलेबीडु)

होयसल राजा विष्णुवर्धन-संरक्षित मेलुकोटे + अन्य-होयसल-स्थापत्य-तीर्थ संयोजन

4 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री चेलुवनारायण स्वामी मन्दिर, मेलुकोटे, पाण्डवपुर तालुक, ज़िला मण्ड्या, कर्नाटक — PIN 571431
हवाई अड्डा
मैसुरु हवाई अड्डा (MYQ) — ~55 किमी; बेङ्गलुरु अन्तर्राष्ट्रीय (BLR) — ~155 किमी
रेलवे
मण्ड्या रेलवे स्टेशन (MYA) — ~33 किमी; मैसुरु जङ्क्शन — ~55 किमी
बस-स्टैण्ड
मेलुकोटे बस-स्टैण्ड (KSRTC); मण्ड्या / पाण्डवपुर / मैसुरु बस-सेवा
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम; वैरमुडि ब्रह्मोत्सव 22 मार्च-2 अप्रैल 2026; रामानुज-जयन्ती चित्तिरै-तिरुवादिरै; अप्रैल-जून तापमान 35°C+
प्रबन्धन
कर्नाटक हिन्दू धार्मिक संस्थान एवं धर्मादाय बन्धन विभाग (मुज़राई); क्षेत्रीय आयुक्त मैसूर मण्डल; मण्ड्या ज़िला-प्रशासन मुकुट-संरक्षण
52 किमीMysuru
33 किमीMandya
18 किमीPandavapura
55 किमीMysuru Airport
133 किमीBengaluru
155 किमीBengaluru International Airpor…
40 किमीSrirangapatna
80 किमीSravanabelagola
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