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Chidambaram · Tamil Nadu

श्री चिदम्बरम् नटराज मंदिर

श्री चिदम्बरम् नटराज मंदिर (थिल्लै नटराज)

नटराज — नृत्य के स्वामी; आकाश-तत्व का शिव

अन्य नाम: चिदम्बरम् नटराज · थिल्लै नटराज · आनन्द नटराज · आकाश-लिंग

  • 5 पञ्च-भूत स्थलम्
  • 5 पञ्च-सभा क्षेत्र
  • 108 शिव-दिव्य-क्षेत्र
  • 108 दिव्य देशम्
श्री चिदम्बरम् नटराज मंदिर
दर्शन समय
06:00 – 22:00
स्वरूप
आकाश-लिंग
स्थान
Chidambaram · Tamil Nadu
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम। आरुद्र दर्श…
काल
मूल मंदिर: 10वीं शताब्दी

इस मन्दिर की विशेषता

  • 5 पञ्च-भूत स्थलम् (आकाश-तत्व)
  • 5 पञ्च-सभा क्षेत्र (कनक-सभा — चिदम्बरम्)
  • 108 शिव-दिव्य-क्षेत्र (नायन्मार थेवारम्-स्तुत)
  • 108 दिव्य देशम् (विष्णु — गोविन्दराज पेरुमाल भी इसी मंदिर में)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री नटराज (शिव — पञ्च-भूत स्थलों में आकाश-तत्व; आनन्द-तांडव-कर्ता); सहचर्या देवी शिवकामसुन्दरी

आकाश-लिंग — चिद-सभा (चित्-सभा) में कोई दृश्य लिंग नहीं; आवरण-वस्त्र के पीछे रिक्त-आकाश (चिदम्बर रहस्यम्); नटराज की प्रसिद्ध नृत्य-मुद्रा वाली कांस्य-प्रतिमा

सम्प्रदाय: शैव (दीक्षित ब्राह्मण-पुजारी परंपरा)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

स्कन्द पुराण

चिदम्बर-माहात्म्य; नटराज-तांडव कथा

शिव पुराण

पञ्च-भूत स्थल माहात्म्य; आकाश-लिंग संदर्भ

थेवारम् (तमिल)

नायन्मार — विशेषतः मणिक्कवाचकर रचित तिरुवाचकम् एवं तिरुक्कोवैयार

संत एवं परम्परा

  • मणिक्कवाचकर (9वीं शताब्दी) — चिदम्बरम् के 4 शैव-कुरुक्षेत्र-संत में से एक; तिरुवाचकम् (51 पद) + तिरुक्कोवैयार रचयिता; चिदम्बरम् में ही शिव-तत्व में लीन
  • थिरुज्ञानसम्बन्दर, अप्पर, सुन्दरर — 63 नायन्मार में से 3 प्रमुख; चिदम्बरम् स्तुति-स्तोत्र रचयिता
  • व्याघ्रपाद ऋषि एवं पतंजलि — चिदम्बरम् के आदि-ऋषि; नटराज-तांडव-दर्शन के लिए तप
  • राजराज चोल प्रथम (985-1014) एवं राजेन्द्र चोल प्रथम (1014-1044) — मुख्य निर्माण-संरक्षक

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 95010वीं शताब्दी — चोल राजवंश द्वारा मुख्य मंदिर-निर्माणWikipedia Nataraja Temple Chidambaram
  2. 110011वीं-12वीं शताब्दी — विक्रम चोल एवं कुलोत्तुङ्ग चोल द्वितीय द्वारा गोपुर एवं मण्डप-विस्तारWikipedia
  3. 1500विजयनगर एवं नायक-काल में अन्य विस्तारWikipedia
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:00 से 22:00 तक · मध्याह्न विश्राम 12:00-16:30 (मध्याह्न विश्राम)

पल्ली-एलुच्चि / उषत्कालम् (प्रातः जागरण)06:00-07:00
दैनिक
कलसन्धि07:30-09:00
दैनिक
उच्चि-कालम् (मध्याह्न)10:00-12:00
दैनिक
सायं पूजा (Sayarakshai)16:30-18:00
दैनिक
इरण्डाम्कालम्18:30-20:00
दैनिक
अर्ध-जाम पूजा (शयन)21:00-22:00
दैनिक

दिन की अन्तिम पूजा — चिदम्बर रहस्यम् दर्शन का विशेष क्षण

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
06:00-12:00 एवं 16:30-22:00
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

नटराज एवं चिदम्बर रहस्यम् दर्शन निःशुल्क।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

नटराज ब्रह्मोत्सवम् — आरुद्र दर्शनम् (मार्गाझि)तमिल मार्गाझि मास, आरुद्र नक्षत्र (दिसंबर-जनवरी)

वर्ष का सर्वोच्च उत्सव — 10-दिवसीय ब्रह्मोत्सवम्; नटराज-आनन्द-तांडव-दर्शन; भव्य रथ-यात्रा; लाखों श्रद्धालु

ऐप्पसी ब्रह्मोत्सवम् (अक्टूबर-नवम्बर)तमिल ऐप्पसी मास, पूराडम नक्षत्र

10-दिवसीय द्वितीय ब्रह्मोत्सवम्

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

4-प्रहर पूजा; 2026 — 15 फरवरी

थाई-पूसम्तमिल थाई मास, पूसम नक्षत्र

नटराज एवं मुरुगन संयुक्त उत्सव

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

आकाश-तत्व ध्यान एवं ब्रह्म-ज्ञान

चिदम्बर रहस्यम् = निराकार ब्रह्म-दर्शन; आकाश-तत्व का ध्यान; अद्वैत-ज्ञान-पीठ

स्रोत: मणिक्कवाचकर तिरुवाचकम् + पतंजलि नटराज-स्तोत्र

5 पञ्च-भूत स्थलम् यात्रा का आकाश-तीर्थ

पञ्च-भूत स्थल यात्रा का सर्वोच्च तीर्थ; आकाश-तत्व का स्थूल-दर्शन

स्रोत: पञ्च-भूत स्थल परंपरा

नृत्य-कला एवं संगीत-सिद्धि

नटराज नृत्य के अधिष्ठाता; कलाकारों एवं नर्तकों की प्रिय देवता

स्रोत: तमिल शैव-परंपरा

5 पञ्च-सभा क्षेत्र यात्रा (कनक-सभा)

चिदम्बरम् 5 पञ्च-सभाओं में कनक-सभा-स्थल; अन्य 4: मधुरै रजत-सभा, कुट्रालम् चित्र-सभा, तिरुनेल्वेली ताम्र-सभा, तिरुवालंगाडु रत्न-सभा

स्रोत: तमिल शैव परंपरा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • नटराज स्तोत्रम् (पतंजलि-कृत)स्तोत्रमहर्षि पतंजलि रचितइस मन्दिर हेतु
  • तिरुवाचकम् (मणिक्कवाचकर)स्तोत्र-संग्रह (तमिल)9वीं शताब्दी मणिक्कवाचकर रचित — 51 पदइस मन्दिर हेतुचिदम्बरम् में रचित; शैव-सिद्धान्त का मूल-ग्रन्थ
  • शिवानन्द लहरीस्तोत्रआदि शंकराचार्य
  • ॐ नमः शिवायमंत्रयजुर्वेद
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

गोविन्दराज पेरुमाल मंदिर (108 दिव्य देशम्)100 मी

विष्णु-शिव संयुक्त मंदिर — अद्वितीय; 108 दिव्य देशम् में सम्मिलित

थिल्लै काली अम्मन मंदिर1 किमी

नटराज की मूल देवी थिल्लै काली; नटराज-नृत्य-स्पर्धा कथा का स्थल

व्याघ्रपाद + पतंजलि तपोवन500 मी

व्याघ्रपाद ऋषि (बाघ-चरण) एवं पतंजलि (सर्प-स्वरूप) की तपस्या-स्थली

Thanjavur Brihadeshwara Temple (UNESCO)90 किमी

चोल राजराज प्रथम का सर्वोच्च मंदिर; तमिलनाडु शिव-धाम संयुक्त-यात्रा

5 पञ्च-भूत स्थलम् यात्रा

आकाश-तत्व (सर्वोच्च तत्व); अन्य 4: एकाम्बरेश्वर (पृथ्वी), जम्बुकेश्वर (जल), अरुणाचलेश्वर (अग्नि), श्रीकालहस्ती (वायु)

5 मंदिर

5 पञ्च-सभा क्षेत्र (नटराज-तांडव)

कनक-सभा (स्वर्ण-सभा) — सर्वोच्च; अन्य 4: मधुरै रजत-सभा, कुट्रालम् चित्र-सभा, तिरुनेल्वेली ताम्र-सभा, तिरुवालंगाडु रत्न-सभा

5 मंदिर

108 शिव-दिव्य-क्षेत्र

नायन्मार थेवारम्-स्तुत — सर्वोच्च क्षेत्र

108 मंदिर

तमिलनाडु शिव-धाम यात्रा (चिदम्बरम् + मधुरै + तिरुवण्णामलै + रामेश्वरम्)

दक्षिण के 4 प्रमुख शिव-धामों में सर्वोच्च (आकाश-तत्व)

4 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
अरुल्मीगु सबनायगर तिरुक्कोयिल (चिदम्बरम् नटराज), चिदम्बरम् — 608001, कुडलूर जिला, तमिलनाडु
हवाई अड्डा
त्रिची हवाई अड्डा (TRZ) — ~160 किमी; चेन्नई (MAA) — ~245 किमी; पुदुचेरी (PNY) — ~70 किमी
रेलवे
चिदम्बरम् रेलवे स्टेशन (CDM) — मंदिर से ~1.5 किमी
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम। आरुद्र दर्शनम् (दिसंबर) पीक।
वेबसाइट
https://tnhrce.gov.in
1.5 किमीChidambaram Station
70 किमीPondicherry
70 किमीKumbakonam
90 किमीThanjavur
160 किमीTrichy
270 किमीMadurai
245 किमीChennai
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