स्कन्द पुराण
चिदम्बर-माहात्म्य; नटराज-तांडव कथा
Chidambaram · Tamil Nadu
श्री चिदम्बरम् नटराज मंदिर (थिल्लै नटराज)
नटराज — नृत्य के स्वामी; आकाश-तत्व का शिव
अन्य नाम: चिदम्बरम् नटराज · थिल्लै नटराज · आनन्द नटराज · आकाश-लिंग

इस मन्दिर की विशेषता
श्री नटराज (शिव — पञ्च-भूत स्थलों में आकाश-तत्व; आनन्द-तांडव-कर्ता); सहचर्या देवी शिवकामसुन्दरी
आकाश-लिंग — चिद-सभा (चित्-सभा) में कोई दृश्य लिंग नहीं; आवरण-वस्त्र के पीछे रिक्त-आकाश (चिदम्बर रहस्यम्); नटराज की प्रसिद्ध नृत्य-मुद्रा वाली कांस्य-प्रतिमा
सम्प्रदाय: शैव (दीक्षित ब्राह्मण-पुजारी परंपरा)
चिदम्बर-माहात्म्य; नटराज-तांडव कथा
पञ्च-भूत स्थल माहात्म्य; आकाश-लिंग संदर्भ
नायन्मार — विशेषतः मणिक्कवाचकर रचित तिरुवाचकम् एवं तिरुक्कोवैयार
06:00 से 22:00 तक · मध्याह्न विश्राम 12:00-16:30 (मध्याह्न विश्राम)
दिन की अन्तिम पूजा — चिदम्बर रहस्यम् दर्शन का विशेष क्षण
नटराज एवं चिदम्बर रहस्यम् दर्शन निःशुल्क।
वर्ष का सर्वोच्च उत्सव — 10-दिवसीय ब्रह्मोत्सवम्; नटराज-आनन्द-तांडव-दर्शन; भव्य रथ-यात्रा; लाखों श्रद्धालु
10-दिवसीय द्वितीय ब्रह्मोत्सवम्
4-प्रहर पूजा; 2026 — 15 फरवरी
नटराज एवं मुरुगन संयुक्त उत्सव
चिदम्बर रहस्यम् = निराकार ब्रह्म-दर्शन; आकाश-तत्व का ध्यान; अद्वैत-ज्ञान-पीठ
स्रोत: मणिक्कवाचकर तिरुवाचकम् + पतंजलि नटराज-स्तोत्र
पञ्च-भूत स्थल यात्रा का सर्वोच्च तीर्थ; आकाश-तत्व का स्थूल-दर्शन
स्रोत: पञ्च-भूत स्थल परंपरा
नटराज नृत्य के अधिष्ठाता; कलाकारों एवं नर्तकों की प्रिय देवता
स्रोत: तमिल शैव-परंपरा
चिदम्बरम् 5 पञ्च-सभाओं में कनक-सभा-स्थल; अन्य 4: मधुरै रजत-सभा, कुट्रालम् चित्र-सभा, तिरुनेल्वेली ताम्र-सभा, तिरुवालंगाडु रत्न-सभा
स्रोत: तमिल शैव परंपरा
विष्णु-शिव संयुक्त मंदिर — अद्वितीय; 108 दिव्य देशम् में सम्मिलित
नटराज की मूल देवी थिल्लै काली; नटराज-नृत्य-स्पर्धा कथा का स्थल
व्याघ्रपाद ऋषि (बाघ-चरण) एवं पतंजलि (सर्प-स्वरूप) की तपस्या-स्थली
चोल राजराज प्रथम का सर्वोच्च मंदिर; तमिलनाडु शिव-धाम संयुक्त-यात्रा
आकाश-तत्व (सर्वोच्च तत्व); अन्य 4: एकाम्बरेश्वर (पृथ्वी), जम्बुकेश्वर (जल), अरुणाचलेश्वर (अग्नि), श्रीकालहस्ती (वायु)
5 मंदिर
कनक-सभा (स्वर्ण-सभा) — सर्वोच्च; अन्य 4: मधुरै रजत-सभा, कुट्रालम् चित्र-सभा, तिरुनेल्वेली ताम्र-सभा, तिरुवालंगाडु रत्न-सभा
5 मंदिर
नायन्मार थेवारम्-स्तुत — सर्वोच्च क्षेत्र
108 मंदिर
दक्षिण के 4 प्रमुख शिव-धामों में सर्वोच्च (आकाश-तत्व)
4 मंदिर