श्रीमद् भागवत पुराण
स्कन्ध 10 + 11 — श्रीकृष्ण की द्वारका-स्थापना; मथुरा से प्रस्थान कर समुद्र-तट पर 'द्वारवती' का निर्माण; अन्तिम महाप्रस्थान
Dwarka · Gujarat
श्री द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर)
द्वारकाधीश / जगत् मंदिर / त्रिलोकसुन्दरम्
अन्य नाम: जगत् मंदिर · द्वारकाधीश · द्वारका-नाथ · रणछोड़राय

इस मन्दिर की विशेषता
श्री द्वारकाधीश (श्रीकृष्ण — द्वारका के अधिपति 'रणछोड़राय' स्वरूप में)
चतुर्भुज विष्णु-स्वरूप; काले रंग का विग्रह
सम्प्रदाय: वैष्णव
स्कन्ध 10 + 11 — श्रीकृष्ण की द्वारका-स्थापना; मथुरा से प्रस्थान कर समुद्र-तट पर 'द्वारवती' का निर्माण; अन्तिम महाप्रस्थान
मौसल पर्व — यदु वंश का अन्त एवं द्वारका का समुद्र-में-निमज्जन
द्वारका-वर्णन एवं श्रीकृष्ण की राज-लीला
द्वारका के समुद्र-निमज्जन का संदर्भ
द्वारका माहात्म्य
06:30 से 21:30 तक · मध्याह्न विश्राम 13:00-17:00 (मध्याह्न विश्राम)
दिन की प्रथम आरती
बहु-स्रोत सहमत
दिन की अन्तिम आरती; मंदिर 21:30 बजे बन्द
मंदिर के बाहर से ही प्रवेश; गोमती-घाट के निकट से चढ़ाई। दर्शन निःशुल्क।
उपलब्धता अनुसार। मूल्य आधिकारिक काउंटर पर पुष्टि करें।
मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक पर्व — श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव। आधी-रात ठीक 12:00 बजे श्रीकृष्ण के जन्म का स्वागत; मंगला आरती; पूर्ण नगर-सजावट; देश-भर से लाखों भक्त। मंदिर महाभोग के बाद रात्रि 2:00 बजे बन्द होता है। 2026 — स्मार्त परंपरा: 3 सितंबर गुरुवार; वैष्णव परंपरा एवं ISKCON: 4 सितंबर शुक्रवार। द्वारकाधीश (वैष्णव) में 4 सितंबर शुक्रवार।
गोवर्धन-पर्वत-कथा का स्मरण; श्रीकृष्ण को 56 भोग एवं अन्न-पर्वत का अर्पण
तुलसी-शालिग्राम विवाह; द्वारकाधीश-मंदिर में विशेष आयोजन
मंदिर में चन्दन-लेप का आरम्भ — ग्रीष्म-काल हेतु शीतल-लेप परंपरा
वैष्णव परंपरा में श्रीकृष्ण की रंग-लीला का स्मरण
द्वारका 7 सप्तपुरियों में मोक्षदायिनी नगरी — श्रीकृष्ण-दर्शन से मोक्ष-मार्ग का संकल्प; द्वारकाधीश-दर्शन-मात्र से जन्म-मरण-चक्र की मुक्ति
स्रोत: श्रीमद् भागवत पुराण + स्कन्द पुराण द्वारका माहात्म्य
आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मूल चार-धामों में पश्चिम-धाम के रूप में द्वारका; चारों धामों की पूर्ण यात्रा से मुक्ति
स्रोत: आदि शंकराचार्य परंपरा
द्वारका-कृष्ण का 'रणछोड़राय' स्वरूप — जरासंध से रण-त्याग कर भक्तों की रक्षा; भक्तों के लिए 'शरणागत-वत्सल' का आदर्श
स्रोत: श्रीमद् भागवत पुराण + हरिवंश पुराण
द्वारकाधीश दर्शन से पूर्व पवित्र स्नान की पारंपरिक अनिवार्यता; गोमती-पश्चिमी से 56 सीढ़ी (बावन-पाहाच) से मंदिर का स्वर्ग-द्वार
मंदिर के दक्षिण-मुख्य प्रवेश-द्वार के 56 सीढ़ी का मार्ग; मान्यता: स्वर्ग के मार्ग का प्रवेश। (विकिपीडिया एवं बहु-स्रोत पुष्टि)
श्रीकृष्ण का निवास-स्थल; 'बेट' = उपहार (मित्र सुदामा द्वारा प्रदत्त मान्यता); प्रमुख कृष्ण-मंदिर। 25 फरवरी 2024 से सुदर्शन सेतु (₹979 करोड़, 2.32 किमी केबल-स्टेड) के माध्यम से 24×7 सड़क-संपर्क। तीर्थयात्रा अधूरी मानी जाती है बेट द्वारका के बिना।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सम्मिलित। शिव पुराण की दारुक-असुर एवं भक्त सुप्रिय की कथा से सम्बद्ध 'दारुकावन' स्थल। द्वारका-नागेश्वर यात्रा संयुक्त रूप से की जाती है।
आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित 4 चातुराम्नाय पीठों में पश्चिमी मठ; साम वेद का अधिकार-क्षेत्र; मूल महावाक्य 'तत्त्वमसि'
श्रीकृष्ण की पट्टरानी रुक्मिणी का प्राचीन मंदिर; द्वारका-यात्रा के साथ अनिवार्य
PM श्री मोदी द्वारा 25 फरवरी 2024 को उद्घाटित — भारत का सबसे लंबा केबल-स्टेड पुल; 2,320 मीटर लम्बा, 27.2 मी चौड़ा; ₹979 करोड़ निर्माण-लागत; फुटपाथ पर भगवद्गीता के श्लोक एवं श्रीकृष्ण-चित्रों से सज्जित
गौड़ीय वैष्णव-परंपरा का आधुनिक कृष्ण-मंदिर
पश्चिम-धाम — द्वारका। अन्य 3: पुरी जगन्नाथ (पूर्व), रामेश्वरम् (दक्षिण), बद्रीनाथ (उत्तर)। आदि शंकराचार्य द्वारा सम्पूर्ण भारत-राष्ट्र की भू-सांस्कृतिक एकता हेतु प्रतिष्ठित।
4 मंदिर
7 मोक्षदायिनी नगरियों में द्वारका; अन्य 6: अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, काँची, उज्जैन
7 मंदिर
98वाँ दिव्य देशम् — आलवारों के नालायिर दिव्य प्रबन्धम् में स्तुत
108 मंदिर
केन्द्रीय; 5-तीर्थ-समूह की पूर्ण यात्रा 2-3 दिनों में
द्वारका मुख्य कृष्ण-धाम; 2 ज्योतिर्लिंग (नागेश्वर + सोमनाथ) के साथ संयुक्त यात्रा