स्कन्द पुराण
काँची माहात्म्य; एकाम्बरेश्वर-कथा
Kanchipuram · Tamil Nadu
श्री एकाम्बरेश्वर मंदिर (एकम्ब्रनाथर्), काँचीपुरम्
एकाम्बरेश्वर — पृथ्वी-तत्व का स्वामी; एक-आम्र-नाथ (एक आम्र-वृक्ष के देवता)
अन्य नाम: एकाम्बरेश्वर · एकम्ब्रनाथर् · पृथ्वी-लिंग शिव

इस मन्दिर की विशेषता
श्री एकाम्बरेश्वर (शिव — पञ्च-भूत स्थलों में पृथ्वी-तत्व का शिव-लिंग)
स्वयंभू पृथ्वी-लिंग (मिट्टी से बना) — गर्भगृह में जल-अभिषेक वर्जित (केवल स्पर्श-पूजा); 3,500-वर्षीय आम्र-वृक्ष परिसर में
सम्प्रदाय: शैव
काँची माहात्म्य; एकाम्बरेश्वर-कथा
पञ्च-भूत स्थल माहात्म्य
नायन्मार थिरुज्ञानसम्बन्दर एवं अप्पर रचित स्तुति
06:00 से 20:30 तक · मध्याह्न विश्राम 12:30-16:00 (मध्याह्न विश्राम)
दिन की अन्तिम पूजा
मुख्य एकाम्बरेश्वर दर्शन निःशुल्क।
एकाम्बरेश्वर-कामाक्षी विवाहोत्सव — पाण्ड्य-काल से चली आ रही परंपरा; 13-दिवसीय भव्य उत्सव
रात्रि-जागरण; 4-प्रहर पूजा। 2026 — 15 फरवरी।
3,500-वर्षीय आम्र-वृक्ष के अंतर्गत विशेष पूजा
वार्षिक रथ-यात्रा एवं भव्य अलंकार
एकाम्बरेश्वर-कामाक्षी विवाह-कथा से सम्बद्ध; पंगुनी उत्तिरम विवाहोत्सव के दिन विवाह-इच्छुकों के लिए विशेष पुण्य
स्रोत: स्कन्द पुराण काँची माहात्म्य
पञ्च-भूत यात्रा (पृथ्वी-काँची + जल-तिरुवनैकल + अग्नि-तिरुवण्णामलै + वायु-कालहस्ती + आकाश-चिदंबरम) का पहला तीर्थ
स्रोत: पञ्च-भूत स्थल परंपरा
मिट्टी-लिंग पूजा एवं 4-वर्णीय आम्र-फल प्रसाद से सन्तान-कृपा
स्रोत: स्थल-परंपरा
काँची-शिव-धाम का प्रमुख तीर्थ
स्रोत: तमिल शैव परंपरा
मंदिर का स्थल-वृक्ष; मान्यता: एक ही वृक्ष की 4 शाखाओं पर 4 अलग-अलग प्रकार के आम्र-फल — 4 वेदों के प्रतीक
एकाम्बरेश्वर की पत्नी; काँची त्रिमूर्ति का अनिवार्य अंग
108 दिव्य देशम्; विष्णु-काँची मुख्य मंदिर
8वीं शताब्दी पल्लव-काल; काँची का प्राचीनतम स्थापत्य
पृथ्वी-तत्व; 5 स्थल: एकाम्बरेश्वर (पृथ्वी) + जम्बुकेश्वर (जल) + अरुणाचलेश्वर (अग्नि) + श्रीकालहस्ती (वायु) + चिदंबरम् (आकाश)
5 मंदिर
शिव-काँची; कामाक्षी + वरदराज के साथ संयुक्त
3 मंदिर
थेवारम्-स्तुत; तमिल शैव-परंपरा का प्रमुख तीर्थ
108 मंदिर
काँची — सप्तपुरी में सम्मिलित
7 मंदिर