शिव पुराण
कोटिरुद्र संहिता — घृष्णेश्वर माहात्म्य; कुसुमा-घुश्मा भक्ता एवं उसकी सौत-ईर्ष्या की कथा
Verul (Aurangabad / Chhatrapati Sambhajinagar District) · Maharashtra
घृष्णेश्वर / घुश्मेश्वर — कुसुमा-घुश्मा का स्वामी; द्वादश-ज्योतिर्लिंग
अन्य नाम: घृष्णेश्वर · घुश्मेश्वर · घुश्मेश · वेरुळ का शिव · अन्तिम ज्योतिर्लिंग

इस मन्दिर की विशेषता
श्री घृष्णेश्वर (शिव — द्वादश ज्योतिर्लिंग; कुसुमा-घुश्मा भक्ता की कथा से सम्बद्ध)
स्वयंभू शिवलिंग — गर्भगृह में मूल लिंग
सम्प्रदाय: शैव
कोटिरुद्र संहिता — घृष्णेश्वर माहात्म्य; कुसुमा-घुश्मा भक्ता एवं उसकी सौत-ईर्ष्या की कथा
देवगिरि-वेरुळ क्षेत्र का माहात्म्य
घृष्णेश्वर-क्षेत्र के संदर्भ
आदि शंकराचार्य — 'हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये' — षष्ठ-श्लोक चतुर्थ-पद; अन्तिम ज्योतिर्लिंग
05:30 से 21:30 तक · मध्याह्न विश्राम 12:30-13:00 (मध्याह्न विश्राम)
दिन की प्रथम आरती
भोग-निवेदन सहित
सायं-काल का प्रमुख अनुष्ठान — दीप-शंख-घंटा
दिन की अन्तिम आरती; मंदिर बन्द
मुख्य घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन निःशुल्क।
विशेष टिकट से शीघ्र-दर्शन; मूल्य आधिकारिक काउंटर पर सत्यापित करें।
दूध, मधु, पवित्र जल से अभिषेक की व्यवस्था।
वर्ष का सर्वोच्च पर्व — 4-प्रहर पूजा; विस्तारित दर्शन-समय। 2026 — 15 फरवरी रविवार।
सम्पूर्ण मास शिव-उपासना; प्रति-सोमवार रुद्राभिषेक
विशेष शिव-नाग पूजा
त्रयोदशी सायं विशेष शिव-पूजा
आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र अनुसार अन्तिम (द्वादश) ज्योतिर्लिंग; 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा का अनिवार्य समापन-तीर्थ
स्रोत: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)
कुसुमा-घुश्मा भक्ता की कथा — संकट में भी अटूट शिव-भक्ति का आदर्श; सन्तान-स्वास्थ्य, संकट-निवारण, कौटुम्बिक-शान्ति हेतु विशेष माहात्म्य
स्रोत: शिव पुराण कोटिरुद्र संहिता
एलोरा गुफाओं (UNESCO विश्व धरोहर) से मात्र 1 किमी; प्राचीन शिल्प एवं तीर्थ-दर्शन का दुर्लभ संगम
स्रोत: स्थल-परंपरा + UNESCO
5वीं-10वीं शताब्दी की 34 चट्टान-कटी गुफाएँ — हिन्दू, बौद्ध, जैन त्रि-धर्म स्थापत्य का अद्वितीय संगम; प्रसिद्ध 'कैलाश मंदिर' (गुफा 16) — दुनिया का सबसे बड़ा अखंड-पाषाण-कटा शिव मंदिर; UNESCO धरोहर 1983 से। घृष्णेश्वर-यात्रा के साथ अनिवार्य।
8वीं शताब्दी की राष्ट्रकूट राजवंश की रचना; एकल चट्टान से तराशा गया विश्व का सबसे बड़ा शिव-मंदिर; घृष्णेश्वर-यात्रा का अनिवार्य अंग
12वीं शताब्दी का अजेय किला (पूर्व नाम 'देवगिरि'); 200 मीटर ऊँचा शंकु-आकार पहाड़ी पर; भारत के सबसे प्राचीन एवं रणनीतिक किलों में से एक
औरंगज़ेब के पुत्र आज़म शाह द्वारा माता रबिया-उद-दौरानी की स्मृति में निर्मित ताज महल-शैली का मकबरा
5वीं-7वीं शताब्दी की 12 बौद्ध चट्टान-कटी गुफाएँ
ईसा-पूर्व 2री शताब्दी की 30 बौद्ध चट्टान-कटी गुफाएँ; भित्ति-चित्रों के लिए विश्व-प्रसिद्ध; UNESCO धरोहर। घृष्णेश्वर-एलोरा-अजन्ता संयुक्त 3-दिवसीय यात्रा।
अन्तिम (द्वादश) ज्योतिर्लिंग — 'घुश्मेशं च शिवालये' (आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का समापन-पद)
12 मंदिर
महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों में अन्तिम; एलोरा से संयुक्त
3 मंदिर
केन्द्रीय; 3-दिवसीय UNESCO + ज्योतिर्लिंग धरोहर-संयोजन