अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्
आदि शंकराचार्य रचित — 2रे श्लोक का प्रारम्भ: 'अलम्पुरे जोगुलाम्बा श्रीशैले भ्रमराम्बिका। कोल्हापुरे महालक्ष्मीः माहुर्ये एकवीरिका' — 5वाँ अष्टादश पीठ
Alampur · Telangana
श्री जोगुलाम्बा बाला ब्रह्मेश्वर स्वामी देवस्थानम् — अलम्पुर, ज़िला जोगुलाम्बा-गडवाल, तेलंगाना
जोगुलाम्बा — योगिनी-अम्बा (योगिनियों की माता); ऊर्ध्व-दन्त शक्ति-पीठ; ग्रृह-चण्डी; अष्टादश शक्ति-पीठों में 5वें स्थान पर
अन्य नाम: योगुलाम्बा · जोगिनुला अम्मा · योग-अम्बा · ग्रृह-चण्डी (घरों की रक्षिका)

इस मन्दिर की विशेषता
श्री जोगुलाम्बा देवी — प्रेत-आसन (शव पर बैठी) में उग्र-योगिनी स्वरूप; मस्तक पर बिच्छू, मेंढक एवं छिपकली; जिह्वा बाहर निकली हुई; आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित श्री-चक्र भी विद्यमान
उग्र योगिनी-स्वरूप — शव पर आसीन; मस्तक पर बिच्छू/मेंढक/छिपकली; जिह्वा-प्रसारित; भारत के विरल-तंत्रिक देवी-स्वरूपों में से एक
सम्प्रदाय: शाक्त — श्री-विद्या / योगिनी-कुल तंत्र (आदि शंकराचार्य परंपरा-स्थापित श्री-चक्र सहित)
आदि शंकराचार्य रचित — 2रे श्लोक का प्रारम्भ: 'अलम्पुरे जोगुलाम्बा श्रीशैले भ्रमराम्बिका। कोल्हापुरे महालक्ष्मीः माहुर्ये एकवीरिका' — 5वाँ अष्टादश पीठ
अलम्पुर (प्राचीन हेमलापुरम् / हटाम्पुरम्) का प्रमुख शाक्त-तीर्थ के रूप में उल्लेख
अलम्पुर शक्ति-पीठ की महत्ता; ऊर्ध्व-दन्त अंग-पतन कथा
तांत्रिक-रसायन-शास्त्र ग्रन्थ; 2005 के पुनर्निर्माण का स्थापत्य-आधार
07:00 से 20:30 तक · मध्याह्न विश्राम 13:00-14:00 (मध्याह्न विश्राम)
सामान्य दर्शन-काल
भैरव (बाल ब्रह्मेश्वर) का प्रातः अभिषेक
मध्याह्न नैवेद्य-समर्पण
अपराह्न अभिषेक
वस्त्र-संहिता: पुरुष — श्वेत-पञ्चा/धोती; महिलाएँ — साड़ी/सलवार-दुपट्टा सहित
फोटोग्राफी: गर्भगृह के भीतर फोटोग्राफी प्रतिबंधित — संकेत-पट्ट का पालन करें
जोगुलाम्बा देवी का दर्शन निःशुल्क; पंक्ति-आधारित।
₹200 दम्पति-शुल्क; देवस्थानम काउंटर पर बुकिंग।
देवी के 300-नाम-पूजन; देवस्थानम काउंटर बुकिंग।
श्री-विद्या तांत्रिक-स्तोत्र पारायण।
सन्तान-प्राप्ति हेतु विशेष-संकल्प पूजा।
देवी माहात्म्यम् पूर्ण पारायण-सहित होमम्।
30 दिनों तक प्रति-दिन कुङ्कुमार्चना।
₹50 (दो-पहिया); ₹100 (चार-पहिया)।
ध्वजारोहणम् से प्रारम्भ; महा-पूर्णाहुति, सहस्र-घटाभिषेकम्, शान्ति-कल्याणोत्सवम् पर पूर्णता। 2025 तिथियाँ: 30 जनवरी - 3 फरवरी 2025। 2026 की सटीक तिथियाँ देवस्थानम् माघ मास निकट प्रकाशित करता है (दिसंबर 2025 अन्त)।
सूर्य का मकर-राशि-प्रवेश 15:13 IST; पवित्र-स्नान। 2026 — बुधवार 14 जनवरी।
विशेष अभिषेक; मन्दिर मध्य-रात्रि तक खुला; निशीथ-काल पूजा 12:09 AM-1:01 AM (16 फरवरी)। 2026 — रविवार 15 फरवरी।
9-दिवसीय देवी-उपासना; घटस्थापना मुहूर्त 06:52-07:43 AM 19 मार्च; राम-नवमी 27 मार्च पर पूर्णता। 2026 — गुरुवार 19 मार्च से शुक्रवार 27 मार्च।
9-रात्रि उत्सव; मन्दिर मध्य-रात्रि तक खुला। 2026 घटस्थापना — रविवार 11 अक्टूबर; विजयदशमी — मंगलवार 20 अक्टूबर।
तुङ्गभद्रा-कृष्णा संगमम् पर 12-दिवसीय पुष्करम-स्नान-महोत्सव। अगला: 12-23 अगस्त 2028। 2025-26 का तेलंगाना PRASAD-कॉरिडोर-विकास इसी कृष्ण पुष्करम के लिए तैयारी।
अगला: 2032। 12-दिवसीय तुङ्गभद्रा-स्नान-महोत्सव।
आदि शंकराचार्य-रचित अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् में 5वाँ पीठ — 'अलम्पुरे जोगुलाम्बा'; पूर्व: चामुण्डा क्रौञ्च-पट्टण (4); पश्चात्: श्रीशैल भ्रमराम्बिका (6)
स्रोत: अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् (आदि शंकराचार्य)
जोगुलाम्बा = 'जोगिनुला अम्मा' (योगिनियों की माता); आदि शंकराचार्य-स्थापित श्री-चक्र; उग्र-योगिनी प्रेत-आसन-स्वरूप तंत्र-साधना के विरल-स्थलों में सम्मिलित
स्रोत: श्री-विद्या तंत्र + रसरत्नाकरम्
अलम्पुर 'श्रीशैलम् का पश्चिमी द्वार' — मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिङ्ग + भ्रमराम्बिका शक्ति-पीठ + जोगुलाम्बा शक्ति-पीठ की 3-दिवसीय संयुक्त-यात्रा
स्रोत: स्थल-परंपरा
देवस्थानम् द्वारा 'सन्तान पूजा' (₹800) मंगलवार-शुक्रवार पर निःसन्तान-दम्पति हेतु आधिकारिक-सेवा
स्रोत: देवस्थानम् पारंपरिक-सेवा
जोगुलाम्बा का 'ग्रृह-चण्डी' स्वरूप — घर-परिवार के रक्षा-संकल्प हेतु पूज्य
स्रोत: स्थल-परंपरा
1390 से 2005 तक 615 वर्ष तक मूलविग्रह को बाल ब्रह्मेश्वर-पाताळेश्वर-कक्ष में गुप्त-पूजन की निरन्तरता — श्रद्धा-दृढ़ता का अद्वितीय प्रमाण-दर्शन
स्रोत: स्थल-इतिहास
बादामी चालुक्य-काल के 9 शिव-मन्दिर: बाल ब्रह्म, तारक ब्रह्म, स्वर्ग ब्रह्म, पद्म ब्रह्म, गरुड़ ब्रह्म, कुमार ब्रह्म, अर्क ब्रह्म, वीर ब्रह्म, विश्व ब्रह्म — ASI-संरक्षित (1951 से); भारत का अद्वितीय 10-मन्दिर शाक्त-शैव परिसर
जोगुलाम्बा-पीठ का भैरव; नवब्रह्मा का एकमात्र निरन्तर-सक्रिय-पूजित शिव-मन्दिर; 1390-2005 तक जोगुलाम्बा मूलविग्रह का गुप्त-संरक्षण-स्थल
मूल-रूप से कुडवेल्ली के नदी-संगम पर; 1979-1990 में श्रीशैलम् बाँध-जल-स्तर वृद्धि के कारण अलम्पुर में स्थानान्तरित
राष्ट्रकूट एवं पश्चिमी चालुक्य-निर्मित अतिरिक्त 23 मन्दिर (9वीं-11वीं शताब्दी)
पुनरुद्धारित महिषासुर-मर्दिनी, लज्जा-गौरी, नटराज, पॉलिश-नन्दी एवं पञ्चतन्त्र शिल्प-खण्ड संरक्षित
तुङ्गभद्रा एवं कृष्णा का पवित्र-संगम; पुष्करम-स्नान-स्थल; 2028 कृष्ण पुष्करम का प्रमुख-स्थल
12 ज्योतिर्लिङ्गों में सम्मिलित मल्लिकार्जुन + अष्टादश शक्ति-पीठों में 6वाँ भ्रमराम्बिका; अलम्पुर 'श्रीशैलम् का पश्चिमी प्रवेश-द्वार'
श्री राघवेन्द्र स्वामी बृन्दावन; द्वैत-वेदान्त-परंपरा का प्रमुख-तीर्थ
5वाँ पीठ — 'अलम्पुरे जोगुलाम्बा'; पूर्व: चामुण्डा क्रौञ्च-पट्टण (4); पश्चात्: श्रीशैल भ्रमराम्बिका (6)
18 मंदिर
श्रीशैलम् का पश्चिमी प्रवेश-द्वार — मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिङ्ग + भ्रमराम्बिका शक्ति-पीठ + जोगुलाम्बा शक्ति-पीठ की संयुक्त-यात्रा
3 मंदिर · 3 दिन
1 शक्ति (जोगुलाम्बा) + 9 शिव (बाल/तारक/स्वर्ग/पद्म/गरुड़/कुमार/अर्क/वीर/विश्व ब्रह्म) — एक चारदीवारी-परिसर में पैदल-यात्रा; भारत में अद्वितीय
10 मंदिर · 1 दिन
जोगुलाम्बा अलम्पुर → भ्रमराम्बिका श्रीशैलम् → कनक दुर्गा विजयवाड़ा (तेलंगाना/AP देवी-त्रिक)
3 मंदिर
मन्त्रालयम् (राघवेन्द्र) → अलम्पुर (जोगुलाम्बा) → यागन्ती → महानन्दी → अहोबिलम → श्रीशैलम्
6 मंदिर · 6 दिन