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Kolkata · West Bengal

श्री कालीघाट काली मन्दिर

श्री कालीघाट काली मन्दिर — कोलकाता (आदि-पीठ कालिक्षेत्र)

कालीघाट / कालिक्षेत्र — सती के दक्षिण पाद-अङ्गुष्ठ का शक्ति-पीठ

अन्य नाम: कालीघाट · आदि-पीठ · आदि शक्ति-पीठ · कालिक्षेत्र · कालिकता काली

  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा
  • कालिका पुराण-वर्णित 4 आदि शक्ति-पी…
  • बंगाल शक्ति-तीर्थ परंपरा का केन्द्…
  • कोलकाता-नगर का नामकरण-स्रोत
श्री कालीघाट काली मन्दिर
दर्शन समय
05:00 – 22:30
स्वरूप
त्रिनेत्रा
स्थान
Kolkata · West Bengal
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
वर्तमान संरचना: 1809 ईस्वी

इस मन्दिर की विशेषता

  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा — कालीघाट; सती का दक्षिण पाद-अङ्गुष्ठ (दायाँ पैर का अंगूठा); भैरव: नकुलेश्वर महादेव
  • कालिका पुराण-वर्णित 4 आदि शक्ति-पीठों में सम्मिलित (अन्य 3: बिमला-पुरी, तारा-तारिणी-बेरहामपुर, कामाख्या-गुवाहाटी)
  • बंगाल शक्ति-तीर्थ परंपरा का केन्द्र (कालीघाट + दक्षिणेश्वर + तारापीठ + बक्रेश्वर)
  • कोलकाता-नगर का नामकरण-स्रोत — कालिक्षेत्र → कालिकाता → कलकत्ता → कोलकाता
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री दक्षिण-काली — कोई नियमित मूर्ति नहीं; गर्भगृह में सती के दक्षिण पाद-अङ्गुष्ठ (दायाँ पैर का अंगूठा) रूपी कसौटी-शिला स्वयं देवी; इसके ऊपर साधु-संतों द्वारा तीन-नेत्र, स्वर्ण-जिह्वा एवं चार-भुजा-स्वरूप अध्यारोपित (खड्ग, असुर-कटा-शीर्ष, वर-अभय-मुद्रा)

त्रिनेत्रा (रजत-कमल-नेत्र); स्वर्ण-निर्मित प्रसारित-जिह्वा; 4 भुजाएँ (दो में खड्ग एवं असुर-कटा-शीर्ष, दो वर/अभय-मुद्रा में); काली-काला कसौटी-शिला मुख-स्वरूप

सम्प्रदाय: शाक्त — कालिकुल तांत्रिक परंपरा; 10 महाविद्याओं में काली

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

देवी भागवत पुराण

दक्ष-यज्ञ कथा एवं सती-अंग-पतन; 51 शक्ति-पीठ परंपरा का आधार

कालिका पुराण

कालिक्षेत्र को 4 आदि शक्ति-पीठों में अग्रणी घोषित

तंत्रचूड़ामणि

51 शक्ति-पीठ सूची — कालीघाट / दक्षिण-पाद-अङ्गुष्ठ / नकुलेश्वर भैरव

ब्रह्म-यामल तंत्र

आद्या-स्तोत्र — आद्या-माँ की उपासना का तांत्रिक मूल

संत एवं परम्परा

  • आत्माराम ब्रह्मचारी एवं ब्रह्मानन्द गिरि — वर्तमान कसौटी-स्वरूप मुख-शिला पर मुख + जिह्वा + भुजाओं की स्थापना
  • चौरंगा गिरि (15वीं शताब्दी नाथ-संत) — कालिक्षेत्र में काली-शिला एवं स्वयंभू नकुलेश्वर शिवलिंग की प्रथम पहचान
  • पद्मावती देवी (लक्ष्मीकान्त राय चौधरी की माता; 1570 ईस्वी) — कालीकुण्ड-तालाब में सती-अङ्गुष्ठ की पुनः-खोज
  • सन्तोष राय चौधरी (सबर्ण-राय चौधरी वंश; 1798-1809) — वर्तमान मंदिर के निर्माता; देवी को 595 बीघा भूमि-दान
  • काशीनाथ राय (1835) — नाटमण्डप (सभा-मण्डप) के निर्माता
  • हलदर-परिवार — कालीघाट के परंपरागत सेबाइत (पूज्य-वर्ग); उच्चतम-न्यायालय द्वारा 1960 के दशक में सेबाइत-अधिकार + सरकारी-प्रतिनिधित्व समिति
  • श्री रामकृष्ण परमहंस (1856-1886 दक्षिणेश्वर-पुजारी) — कालीघाट-दर्शन के दौरान मातृ-दर्शन एवं समाधि-अनुभव
  • रानी रासमणि — कोलकाता का प्रथम सार्वजनिक मार्ग कालीघाट तक निर्मित; दक्षिणेश्वर-कालीघाट तीर्थ-अक्ष
  • मदर टेरेसा (1952) — कालीघाट मंदिर के निकटवर्ती भवन में 'निर्मल हृदय' (मृत्यु-शय्या आश्रय) की स्थापना

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 15701570 ईस्वी — पद्मावती देवी द्वारा कालीकुण्ड-तालाब में सती के दक्षिण पाद-अङ्गुष्ठ-शिला की पुनः-खोजWikipedia + Bharatpedia + Discovering Kolkata
  2. 18091798-1809 ईस्वी — सबर्ण-राय चौधरी वंश के सन्तोष राय चौधरी द्वारा 11-वर्षीय निर्माण-कार्य पूर्ण; वर्तमान मंदिर-संरचनाWikipedia + Kolkata Tourism + Incredible India
  3. 18351835 ईस्वी — काशीनाथ राय द्वारा नाटमण्डप (सभा-मण्डप) का निर्माणKolkata Tourism + Incredible India
  4. 18541854 ईस्वी — पंजाब-नरेश तारा सिंह द्वारा निकटवर्ती नकुलेश्वर भैरव मंदिर का प्रस्तर-स्वरूप पुनर्निर्माणDiscovering Kolkata
  5. 19521952 ईस्वी — मदर टेरेसा द्वारा मंदिर के निकट 'निर्मल हृदय' (मृत्यु-शय्या आश्रय) की स्थापनाMissionaries of Charity + Wikipedia Kalighat Home for the Dying
  6. 20242024 ईस्वी — कोलकाता नगर निगम (₹165 करोड़) + रिलायन्स फाउण्डेशन (₹35 करोड़) द्वारा ₹200 करोड़ का जीर्णोद्धार; तीन शिखरों पर ~50 किग्रा स्वर्ण-मुलम्माWikipedia + Kolkata Tourism
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:00 से 22:30 तक · मध्याह्न विश्राम 14:00-17:00 (भोग एवं स्वच्छता हेतु बन्द)

मंगल आरती04:00-04:30
दैनिक

दिन की प्रथम आरती; दर्शन-काल से पूर्व

नित्य पूजा05:30-07:00
दैनिक
भोग आरती (मध्याह्न)12:00-12:30
दैनिक

मध्याह्न-भोग के पश्चात् मंदिर 14:00-17:00 बन्द

सन्ध्या आरती18:30-19:00
दैनिक
शयन आरती22:00-22:15
दैनिक

दिन की अन्तिम आरती

वस्त्र-संहिता: पारंपरिक वस्त्र अनुशंसित — महिलाएँ साड़ी/सलवार; पुरुष कुर्ता-धोती/पतलून; स्लीवलेस एवं पश्चिमी शॉर्ट्स अनुपयुक्त; सिर-ढकाव वाञ्छित

फोटोग्राफी: गर्भगृह एवं सम्पूर्ण मंदिर-परिसर में फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी कठोरतापूर्वक निषिद्ध

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
05:00-14:00 एवं 17:00-22:30
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

मुख्य काली दर्शन निःशुल्क; आधिकारिक सरकारी एवं मंदिर-समिति की स्थिति।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

पयला बैसाख (पोइला बोइशाख — बंगला नववर्ष)बैसाख प्रथम दिवस — बंगला सम्वत् 1433

बंगाल का नववर्ष-पर्व; मंदिर में विशेष पूजा एवं हाल-खाता-अनुष्ठान। 2026 — बुधवार 15 अप्रैल।

स्नान यात्रा (कुण्डुपुकुर तालाब)ज्येष्ठ पूर्णिमा (बंगला पञ्जिका)

मंदिर-परिसर के कुण्डुपुकुर तालाब में पवित्र-स्नान; जल को गंगा-समान-पुण्यदायी माना जाता है

महालय (पितृ-पक्ष अमावस्या)आश्विन अमावस्या — देवी-पक्ष का प्रारम्भ

देवी-पक्ष-प्रारम्भ; दुर्गा-पूजा का शास्त्रीय आगमन। 2026 — शनिवार 10 अक्टूबर।

दुर्गा पूजा (शारदीय नवरात्रि — बंगाल का सर्वोच्च पर्व)आश्विन शुक्ल षष्ठी-दशमी

बंगाल का सर्वोच्च वार्षिक पर्व; षष्ठी 16 अक्टूबर (शुक्र), सप्तमी 17-18 अक्टूबर, महाअष्टमी (सन्धि-पूजा + कुमारी-पूजा) 19 अक्टूबर (सोम), महानवमी 20 अक्टूबर (मंगल), विजयदशमी (सिन्दूर-खेला + विसर्जन) 21 अक्टूबर (बुध) — 2026।

काली पूजा / श्यामा पूजा (दीपावली रात्रि)कार्तिक अमावस्या — निशीथ-काल तांत्रिक-पूजा

कालीघाट का सर्वोच्च एक-रात्रि पर्व; निशीथ-काल (~11:39 PM-12:28 AM) तांत्रिक-पूजा; सम्पूर्ण रात्रि विस्तृत समय। 2026 — रविवार 8 नवंबर।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

शत्रु-नाश एवं तांत्रिक-संरक्षण

दक्षिण-काली — असुर-संहारिणी; तंत्र-पथ में सर्वोच्च देवी-स्वरूप

स्रोत: कालिका पुराण + ब्रह्म-यामल तंत्र

सती-अंग-तीर्थ-संकल्प (4 आदि शक्ति-पीठ)

कालीघाट (दक्षिण पाद-अङ्गुष्ठ) + बिमला पुरी + तारा-तारिणी + कामाख्या — 4 आदि शक्ति-पीठों में सम्मिलित

स्रोत: कालिका पुराण

बंगाल शक्ति-तीर्थ यात्रा

कालीघाट + दक्षिणेश्वर (भवतारिणी) + तारापीठ + बक्रेश्वर — बंगाल की शास्त्रीय शक्ति-तीर्थ-यात्रा

स्रोत: बंगाल शाक्त-परंपरा

रामकृष्ण-परंपरा-संकल्प

श्री रामकृष्ण परमहंस ने यहाँ मातृ-दर्शन एवं समाधि अनुभव की; रानी रासमणि-मार्ग द्वारा दक्षिणेश्वर-कालीघाट तीर्थ-अक्ष

स्रोत: रामकृष्ण-परंपरा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • आद्या स्तोत्रम् (आद्या-काली)स्तोत्रब्रह्म-यामल तंत्र — 20 श्लोकइस मन्दिर हेतुबंगाल का सर्वाधिक-पठित काली-स्तोत्र; कालीघाट एवं दक्षिणेश्वर दोनों में नियमित-पाठ
  • कर्पूराधि स्तोत्रम् (कर्पूरादि स्तोत्र)तांत्रिक स्तोत्रमहानिर्वाण-कृष्णानन्द आगमवागीश परंपराइस मन्दिर हेतुकालीघाट तांत्रिक उपासना का केन्द्रीय स्तोत्र
  • महिषासुर-मर्दिनी स्तोत्रम् (अयि गिरि-नन्दिनी)स्तोत्रआदि शंकराचार्य-कृत (परंपरागत मान्यता) — 21 श्लोकइस मन्दिर हेतु
  • दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्यम्)ग्रन्थमार्कण्डेय पुराण अध्याय 81-93इस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

आदि गंगा (मंदिर के सम्मुख)0 मी

हुगली नदी की प्राचीन-मूल धारा; मध्ययुगीन-काल की प्रमुख गंगा-वाहिनी; पुण्य-स्नान-स्थल

कुण्डुपुकुर तालाब (मंदिर-परिसर के भीतर)100 मी

जल को गंगा-समान पुण्यदायी माना जाता है; स्नान-यात्रा का स्थल

नकुलेश्वर भैरव मंदिर (हलदर पारा लेन)100 मी

स्वयंभू शिवलिंग; कालीघाट का संरक्षक भैरव; 1854 में पंजाब-नरेश तारा सिंह द्वारा प्रस्तर-स्वरूप निर्मित

निर्मल हृदय (मदर टेरेसा का मृत्यु-शय्या आश्रय)50 मी

1952 में मदर टेरेसा द्वारा स्थापित; पूर्व काली मंदिर-अनुबन्ध-भवन में

दक्षिणेश्वर काली मंदिर (भवतारिणी)13 किमी

रानी रासमणि द्वारा 1855 में स्थापित; श्री रामकृष्ण परमहंस का पुजारी-काल (1856-1886); कोलकाता मेट्रो नीली रेखा द्वारा सीधी पहुँच

बेलूर मठ (रामकृष्ण मिशन मुख्यालय)18 किमी

स्वामी विवेकानन्द द्वारा स्थापित रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय

तारापीठ (बीरभूम)250 किमी

51 शक्ति-पीठ — सती की तृतीय-नेत्र; बामा खेपा-परंपरा

4 आदि शक्ति-पीठ यात्रा (कालिका पुराण)

कालीघाट (पाद-अङ्गुष्ठ — पूर्व-बंगाल) + बिमला (पाद — पुरी) + तारा-तारिणी (वक्ष — बेरहामपुर) + कामाख्या (योनि — गुवाहाटी) — 4 आदि-पीठों में सम्मिलित

4 मंदिर

51 शक्ति-पीठ यात्रा-संकल्प

दक्षिण पाद-अङ्गुष्ठ-पीठ; भैरव: नकुलेश्वर

51 मंदिर

बंगाल शक्ति-तीर्थ चतुष्ट्य

कालीघाट + दक्षिणेश्वर (भवतारिणी) + तारापीठ + बक्रेश्वर — बंगाल की शास्त्रीय देवी-तीर्थ-यात्रा

4 मंदिर

कोलकाता पवित्र-नगर पैदल-परिक्रमा

कालीघाट मंदिर → नकुलेश्वर भैरव → निर्मल हृदय → आदि-गंगा घाट → 19वीं शताब्दी कालीघाट पट-चित्र-कला केन्द्र

5 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री कालीघाट काली मन्दिर, अनामी संघ, कालीघाट, कोलकाता — 700026, पश्चिम बंगाल
हवाई अड्डा
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (CCU) — ~22 किमी; सड़क-मार्ग 50 मिनट से 1 घंटा
रेलवे
हावड़ा जंक्शन — ~10-11 किमी (विद्यासागर सेतु + AJC बोस मार्ग); सियालदाह — ~9.7 किमी
बस-स्टैण्ड
कालीघाट मेट्रो स्टेशन (नीली रेखा) — मंदिर से 0.44 किमी; जतीन दास पार्क मेट्रो (उत्तरी निकास) — 0.67 किमी; कोलकाता ट्राम कालीघाट टर्मिनस मंदिर के निकटवर्ती
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; दुर्गा-पूजा (16-21 अक्टूबर 2026) एवं काली-पूजा रात्रि (8 नवंबर 2026) पीक; मानसून (जुलाई-सितंबर) में आद्या-गंगा क्षेत्र में जल-भराव
हेल्पलाइन
033-2243-6440 (एकल-स्रोत — सत्यापन के पश्चात् ही उपयोग करें)
0.44 किमीKalighat Metro Station
0.67 किमीJatin Das Park Metro
9.7 किमीSealdah Railway Station
11 किमीHowrah Junction
22 किमीNSCB International Airport
13 किमीDakshineswar Kali Temple
18 किमीBelur Math
250 किमीTarapeeth
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