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Alagar Kovil · Tamil Nadu

अरुल्मिगु कल्लळगर / सुन्दरराज पेरुमाल मन्दिर

अरुल्मिगु कल्लळगर / सुन्दरराज पेरुमाल मन्दिर (अळगर कोइल / तिरुमलिरुञ्चोलै) — अळगर पहाड़ी, ज़िला मदुरै, तमिलनाडु

श्री कल्लळगर / सुन्दरराज पेरुमाल / परमस्वामी / मलयप्पन — 108 दिव्य देशम में सम्मिलित (पाण्ड्य नाडु क्षेत्र); गोयदेवी मीनाक्षी (मदुरै) के ज्येष्ठ-भ्राता; चित्रा-पौर्णिमी पर 21 किमी यात्रा-कर वैगै नदी में अवतरण-परम्परा

अन्य नाम: कल्लळगर · अळगर · सुन्दरराज पेरुमाल · तिरुमलिरुञ्चोलै पेरुमाल · परमस्वामी · मलयप्पन

  • 108 दिव्य देशम
  • गोयदेवी मीनाक्षी
  • तमिलनाडु राज्य-घोषित 10-दिवसीय राज…
  • आण्डाल का तपस्या-स्थल
अरुल्मिगु कल्लळगर / सुन्दरराज पेरुमाल मन्दिर
दर्शन समय
06:00 – 20:00
स्वरूप
खड़ा-विष्णु पूर्व-मुख
स्थान
Alagar Kovil · Tamil Nadu
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 108 दिव्य देशम (पाण्ड्य नाडु क्षेत्र) में सम्मिलित (विशिष्ट-संख्या-व्यवस्था स्रोत-असंगत: 93वाँ या 102वाँ — सामान्य-वर्गीकरण)
  • गोयदेवी मीनाक्षी (मदुरै) के ज्येष्ठ-भ्राता — चित्रा-पौर्णिमी मीनाक्षी-कल्याण-कथा का प्रमुख-पात्र
  • तमिलनाडु राज्य-घोषित 10-दिवसीय राज्य-उत्सव — कल्लळगर-वैगै-अवतरण; 2026 — 27 अप्रैल-6 मई; वैगै-नदी-अवतरण शुक्रवार 1 मई 2026 (चित्रा-पौर्णिमी)
  • आण्डाल का तपस्या-स्थल — अळगर मलै पर कृष्ण-विवाह-संकल्प-हेतु तप; यहाँ आण्डाल बैठ-स्वरूप पूज्य (अद्वितीय)
  • पथिनेट्टम्पडि करुप्पसामी — अळगर-मलै के 18-सोपान संरक्षक-देव; मन्दिर-कुञ्जी रात्रि-समय इनके सामने रखी जाती है; उनकी शाला वर्ष में केवल एक बार (आडि पौर्णिमी) खुलती है
  • योग नरसिंह गुफा-शाला — ऋषि रोमश-स्थापित
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री कल्लळगर / सुन्दरराज पेरुमाल — विष्णु खड़ा-स्वरूप पूर्व-मुख; श्रीदेवी एवं भूदेवी पार्श्व-स्थित; उत्सवर सुन्दरराजर पञ्चायुध-धारी (शङ्ख-चक्र-तलवार-धनुष-गदा); पट्ट-महिषी थिरुमगल / सुन्दरवल्ली ठायार

खड़ा-विष्णु पूर्व-मुख; नाम 'कल्लळगर' = 'कल्लर (चोर) + अळगर (सुन्दर)' = 'हृदय-चोर-सुन्दर' (वैकल्पिक: कल्लर-समुदाय-व्युत्पन्न); स्वर्ण-विमान सुन्दर-पाण्ड्य-निर्मित

सम्प्रदाय: श्री वैष्णव — दिव्य-प्रबन्धम्-गायित; 6-अल्वार-गायन: नम्म-अल्वार (46) + पेरियाल्वार (34) + तिरुमङ्गै-अल्वार (22) + आण्डाल (11) + भूतत्तल्वार (3) + पेय-अल्वार (1) = कुल 128 पासुर — श्रीरङ्गम (247) + तिरुमाला (202) + तिरुक्कण्णपुरम (128) के समकक्ष सर्वाधिक-गायित दिव्य-देशम में

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

चित्रा-पौर्णिमी मीनाक्षी-कल्याण-कथा (मूल-स्थल-पुराण)

देवी मीनाक्षी (मदुरै) ने अपने ज्येष्ठ-भ्राता कल्लळगर को सुन्दरेश्वर (शिव)-संग विवाह-निमन्त्रण भेजा। कल्लळगर 21 किमी पैदल-यात्रा-कर मदुरै-पहुँचे, परन्तु विवाह तब-तक सम्पन्न हो चुका था। अप्रसन्न-कल्लळगर ने मदुरै-नगर में प्रवेश-अस्वीकार किया एवं वैगै-नदी से लौट गए — स्वर्ण-अश्व-वाहन-आरूढ़ नदी में प्रवेश-कर बहन-दामाद को नदी से ही आशीर्वाद दिया; तत्पश्चात् अळगर-कोइल वापसी।

मण्डूक-ऋषि (सुतपा) शाप-निवारण कथा (समानान्तर-कथा)

वैगै-अवतरण ने नूपुर-गङ्गा / वेगवती पर मण्डूक-ऋषि (सुतपा) का शाप-निवारण भी किया।

नालायिर दिव्य प्रबन्धम्

'तिरुमलिरुञ्चोलै' मङ्गलाशासनम् — 6 अल्वारों (नम्म-अल्वार 46 + पेरियाल्वार 34 + तिरुमङ्गै 22 + आण्डाल 11 + भूतत्तल्वार 3 + पेय-अल्वार 1 = कुल 128 पासुर)

आण्डाल-कृष्ण-विवाह-संकल्प कथा

आण्डाल ने अळगर मलै पर कृष्ण-संग विवाह-संकल्प-हेतु तपस्या की; यहाँ आण्डाल बैठ-स्वरूप पूज्य — सर्व-अन्य-दिव्य-देशम से भिन्न।

योग नरसिंह कथा

ऋषि रोमश ने यहाँ नरसिंह-प्रतीक स्थापित किया; भगवान ने दर्शन देकर योग-नरसिंह-रूप में स्थायी-निवास किया।

संत एवं परम्परा

  • देवी मीनाक्षी (मदुरै) — कनिष्ठ-बहन; चित्रा-पौर्णिमी कथा-केन्द्र
  • 6 अल्वार — नम्म-अल्वार + पेरियाल्वार + तिरुमङ्गै-अल्वार + आण्डाल + भूतत्तल्वार + पेय-अल्वार
  • आण्डाल — अळगर मलै पर तपस्या; बैठ-स्वरूप-पूज्य (अद्वितीय)
  • ऋषि रोमश — योग-नरसिंह-स्थापना
  • मण्डूक-ऋषि (सुतपा) — शाप-निवारण-कथा
  • सुन्दर-पाण्ड्य — विमान-स्वर्ण-लेपन
  • मलयध्वज-पाण्ड्य — प्रवेश-गोपुरम-निर्माण
  • थिरुमलै-नायक (16-17वीं शताब्दी) — सम्मुख-मण्डपम-निर्माण
  • तमिलनाडु HR&CE विभाग — आधुनिक-प्रशासन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 8007वीं-9वीं शताब्दी अल्वार-गायित-काल; 'तिरुमलिरुञ्चोलै'-नामकरणWikipedia + Mahavishnu Info बहु-स्रोत
  2. 1600थिरुमलै-नायक (16-17वीं शताब्दी) द्वारा सम्मुख-मण्डपम-निर्माण; पजहमुडिर्चोलै-मुरुगन का स्थानान्तरणWikipedia + Pilgrimaide
  3. 2026तमिलनाडु राज्य-घोषित 10-दिवसीय चित्रा-पौर्णिमी उत्सव: 27 अप्रैल-6 मई 2026; वैगै-नदी-अवतरण शुक्रवार 1 मई 2026 (पौर्णिमी-तिथि 30 अप्रैल 21:52 - 1 मई 22:49)Hindu Blog + Marvel Tours
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:00 से 20:00 तक

प्रातः दर्शन06:00-11:00
दैनिक
मध्याह्न-विश्राम (बन्द)11:00-16:00
दैनिक
सायं दर्शन16:00-20:00
दैनिक
उत्सव-काल विस्तार04:00-22:00+
उत्सव-काल

विशेष नियम: गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; पथिनेट्टम्पडि करुप्पसामी (18-सोपान संरक्षक) शाला वर्ष में केवल आडि पौर्णिमी पर खुलती है; पारम्परिक-वेश-नियम; आण्डाल-शाला बैठ-स्वरूप अद्वितीय

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
06:00-11:00 + 16:00-20:00 (दैनिक)
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

108 दिव्य देशम पाण्ड्य-नाडु; पहाड़ी-तलहटी पर मन्दिर।

चित्रा-पौर्णिमी वैगै-अवतरण दर्शन (वार्षिक)निःशुल्क

2026 — शुक्रवार 1 मई 2026 (पौर्णिमी); 8वें-दिन स्वर्ण-अश्व-वाहन-सेवा; तमिलनाडु राज्य-घोषित 10-दिवसीय उत्सव; लाखों श्रद्धालु।

योग नरसिंह गुफा-शाला दर्शननिःशुल्क

ऋषि रोमश-स्थापित योग नरसिंह गुफा-शाला।

आण्डाल बैठ-स्वरूप दर्शन (अद्वितीय)निःशुल्क

अळगर मलै पर आण्डाल-तपस्या-स्मारक; सर्व-अन्य-दिव्य-देशम से भिन्न बैठ-स्वरूप।

पथिनेट्टम्पडि करुप्पसामी (आडि पौर्णिमी वार्षिक)निःशुल्क

18-सोपान संरक्षक-देव; वर्ष में केवल आडि पौर्णिमी पर शाला खुलती है।

पकल-पत्तु एवं इरा-पत्तु (10-दिवसीय वैकुण्ठ-एकादशी-चक्र)

10-दिवसीय दिवस + 10-दिवसीय रात्रि उत्सव; 8वें-दिन स्वर्ण-अश्व-वाहनम्।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

चित्रा-पौर्णिमी (तमिलनाडु राज्य-घोषित 10-दिवसीय उत्सव) 2026चैत्र पूर्णिमा (अप्रैल-मई)

27 अप्रैल-6 मई 2026; वैगै-नदी-अवतरण शुक्रवार 1 मई 2026; 8वें-दिन स्वर्ण-अश्व-वाहन-सेवा; मीनाक्षी-कल्याण-पश्चात्-कथा-स्मरण; मदुरै-चित्रा-उत्सव 19 अप्रैल-5 मई 2026 के समानान्तर; लाखों श्रद्धालु।

पकल-पत्तु + इरा-पत्तु (वैकुण्ठ-एकादशी-चक्र)मार्गळि (दिसंबर-जनवरी)

10-दिवसीय दिवस + 10-दिवसीय रात्रि; 8वें-दिन स्वर्ण-अश्व-वाहनम्।

आडि पौर्णिमी (पथिनेट्टम्पडि करुप्पसामी शाला उद्घाटन)आडि (जुलाई-अगस्त) पूर्णिमा

वर्ष में केवल इसी-दिन पथिनेट्टम्पडि करुप्पसामी (18-सोपान संरक्षक) शाला खुलती है।

आण्डाल-तिरुप्पावै पारायण (मार्गळि-मास)मार्गळि

30-दिन तिरुप्पावै-पासुर-पारायण; आण्डाल-तपस्या-स्थल विशेष।

विष्णु-दर्शन-पर्वविशेष-तिथि

एकादशी + वैष्णव-पर्व।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

108 दिव्य देशम यात्रा-संकल्प

'तिरुमलिरुञ्चोलै' पाण्ड्य-नाडु दिव्य-देशम; 128-पासुर-गायित — सर्वाधिक-गायित-दिव्य-देशम में

स्रोत: दिव्य-प्रबन्धम् + Mahavishnu Info

विवाह-संकल्प (आण्डाल-तपस्या-स्थल)

आण्डाल ने कृष्ण-विवाह-संकल्प-हेतु यहाँ तपस्या की; आण्डाल बैठ-स्वरूप अद्वितीय; विवाह-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Mahavishnu Info + Holy Shrines

चित्रा-पौर्णिमी वैगै-अवतरण दर्शन-संकल्प (वार्षिक)

तमिलनाडु राज्य-घोषित 10-दिवसीय उत्सव; मीनाक्षी-कल्याण-पश्चात्-कथा-स्मरण; पारिवारिक-सद्भाव एवं भ्रातृ-भाव संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Deccan Chronicle + Hindu Blog + Marvel Tours

योग नरसिंह गुफा-दर्शन-संकल्प

ऋषि रोमश-स्थापित योग नरसिंह गुफा-शाला; योग-साधना-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Pilgrimaide + Holy Shrines

पथिनेट्टम्पडि करुप्पसामी संरक्षण-संकल्प (आडि पौर्णिमी)

अळगर-मलै के 18-सोपान संरक्षक-देव; मन्दिर-कुञ्जी रात्रि-समय इनके सामने रखी जाती है; आडि पौर्णिमी पर वार्षिक-दर्शन-दुर्लभ-संकल्प

स्रोत: Astroulagam

मीनाक्षी-कल्लळगर भ्रातृ-भाव-यात्रा-संकल्प

मीनाक्षी-मन्दिर (मदुरै) + कल्लळगर मन्दिर (अळगर कोइल) — भगिनी-भ्राता द्वि-तीर्थ-दर्शन-संकल्प

स्रोत: Wikipedia + Storibuzz

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवायद्वादशाक्षर मन्त्रभागवत-परम्परा
  • ॐ नमो नारायणायअष्टाक्षर मन्त्रवैष्णव परम्परा
  • तिरुमलिरुञ्चोलै 128-पासुर-गायन (नम्म-अल्वार 46 + पेरियाल्वार 34 + तिरुमङ्गै 22 + आण्डाल 11 + भूतत्तल्वार 3 + पेय-अल्वार 1)तमिल वैष्णव स्तोत्रनालायिर दिव्य प्रबन्धम्इस मन्दिर हेतुश्रीरङ्गम + तिरुमाला + तिरुक्कण्णपुरम के समकक्ष सर्वाधिक-गायित दिव्य-देशम में
  • आण्डाल तिरुप्पावै (मार्गळि-काल)तमिल भक्ति-स्तोत्रआण्डालइस मन्दिर हेतुआण्डाल की तपस्या-स्थल
  • ॐ सुन्दरराजाय नमः / कल्लळगर-नाम-जपनाम-मन्त्रस्थानीय वैष्णव परम्पराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

पजहमुडिर्चोलै मुरुगन मन्दिर (6 अरु पडैवीडु में 6वाँ)2.5 किमी

मुरुगन 6 पडैवीडु में 6वाँ; अळगर-कोइल से ~2.5 किमी; मदुरै-से ~25 किमी उत्तर; मूल-मुरुग-देव-स्थानान्तरण थिरुमलै-नायक-काल

मीनाक्षी अम्मन मन्दिर (मदुरै)21 किमी

मीनाक्षी-सुन्दरेश्वर तीर्थ; कल्लळगर की कनिष्ठ-बहन; भगिनी-भ्राता द्वि-तीर्थ

नूपुर-गङ्गा थीर्थम् + रक्कायी अम्मन (अळगर-मलै पर्वत-स्रोत)1 किमी

रक्कायी अम्मन-गर्भगृह से प्रवाहित अज्ञात-स्रोत-धारा; मण्डूक-ऋषि शाप-निवारण-स्थल

पथिनेट्टम्पडि करुप्पसामी (18-सोपान संरक्षक)500 मी

अळगर-मलै के संरक्षक-देव; मन्दिर-कुञ्जी रात्रि-समय इनके सामने रखी जाती है; आडि पौर्णिमी पर वार्षिक-शाला-उद्घाटन

आण्डाल बैठ-स्वरूप शाला (मन्दिर-परिसर)100 मी

आण्डाल-कृष्ण-विवाह-तपस्या-स्मारक; सर्व-अन्य-दिव्य-देशम से भिन्न बैठ-स्वरूप

योग नरसिंह गुफा-शाला (मन्दिर-परिसर)100 मी

ऋषि रोमश-स्थापित योग नरसिंह

अलङ्गनल्लूर (जल्लिकट्टु-नगर)18 किमी

विश्व-प्रसिद्ध जल्लिकट्टु-स्थल; कल्लळगर-वैगै-यात्रा-मार्ग पर

108 दिव्य देशम (पाण्ड्य नाडु क्षेत्र)

'तिरुमलिरुञ्चोलै' पाण्ड्य-नाडु दिव्य-देशम; 128-पासुर-गायित

108 मंदिर

मदुरै भगिनी-भ्राता द्वि-तीर्थ (मीनाक्षी + कल्लळगर)

मीनाक्षी (शक्ति) + कल्लळगर (विष्णु) — मदुरै ~21 किमी; चित्रा-पौर्णिमी-कथा-केन्द्र

2 मंदिर

अळगर-मलै शृङ्खला बहु-तीर्थ (कल्लळगर + पजहमुडिर्चोलै मुरुगन)

एक-पर्वत-शृङ्खला दो-तीर्थ — वैष्णव + शैव-कौमार-संगम (मुरुग)

2 मंदिर

मदुरै-क्षेत्र पाण्ड्य-नाडु दिव्य-देशम क्लस्टर (श्रीविल्लिपुत्तूर आण्डाल सहित)

अळगर-कोइल + मीनाक्षी + श्रीविल्लिपुत्तूर आण्डाल (80 किमी) — तमिलनाडु-दक्षिणी क्लस्टर

3 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
अरुल्मिगु कल्लळगर सुन्दरराज पेरुमाल मन्दिर, अळगर कोइल ग्राम, मदुरै-नायकनपट्टी मार्ग, ज़िला मदुरै, तमिलनाडु — PIN 625002 (क्षेत्रीय)
हवाई अड्डा
मदुरै अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IXM) — ~25 किमी
रेलवे
मदुरै जङ्क्शन (MDU) — ~22 किमी; ~36 मिनट ड्राइव
बस-स्टैण्ड
मदुरै-केन्द्रीय बस-स्टैण्ड से TNSTC बस-सेवा; अळगर कोइल बस-स्टॉप मन्दिर-समीप
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम; चित्रा-पौर्णिमी 27 अप्रैल-6 मई 2026 (वैगै-अवतरण 1 मई); आडि पौर्णिमी जुलाई-अगस्त; अप्रैल-जून 40°C+ तापमान-वर्जित
प्रबन्धन
तमिलनाडु HR&CE विभाग
22 किमीMadurai Junction
25 किमीMadurai International Airport
18 किमीAlanganallur
2.5 किमीPazhamudircholai Murugan
21 किमीMeenakshi Amman Mandir Madurai
80 किमीSrivilliputhur Andal Temple
175 किमीRameswaram
460 किमीChennai
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