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Kanchipuram · Tamil Nadu

श्री काँची कामाक्षी अम्मन मंदिर, काँचीपुरम्

कामाक्षी — कामनाओं की देवी; ललिता त्रिपुर-सुन्दरी

अन्य नाम: काँची कामाक्षी · कामाक्षी अम्मन · ललिता त्रिपुर सुन्दरी

  • आदि शंकराचार्य के 3 प्रमुख शक्ति-प…
  • 7 सप्तपुरी
  • 18 महा-शक्ति-पीठ में सम्मिलित
  • 108 शक्ति-पीठों में सम्मिलित
श्री काँची कामाक्षी अम्मन मंदिर, काँचीपुरम्
दर्शन समय
05:30 – 20:30
स्वरूप
पद्मासन-मुद्रा में बैठी हुई देवी
स्थान
Kanchipuram · Tamil Nadu
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
मूल पीठ: 5वीं-8वीं शताब्दी ईस्वी

इस मन्दिर की विशेषता

  • आदि शंकराचार्य के 3 प्रमुख शक्ति-पीठों में अग्रणी (अन्य 2: विशालाक्षी काशी + मीनाक्षी मधुरै)
  • 7 सप्तपुरी (काँची — मोक्षदायिनी नगरी)
  • 18 महा-शक्ति-पीठ में सम्मिलित (कामाख्या-स्वरूप)
  • 108 शक्ति-पीठों में सम्मिलित (विश्व-व्यापी मान्यता)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री कामाक्षी देवी (ललिता त्रिपुर-सुन्दरी रूप; आदि शंकराचार्य द्वारा प्रतिष्ठित श्री-चक्र-स्थापित-शान्त-स्वरूप)

पद्मासन-मुद्रा में बैठी हुई देवी; 4 भुजाएँ — पाश, अंकुश, पुष्प-धनुष, पुष्प-बाण; आदि शंकराचार्य-स्थापित श्री चक्र विग्रह के समक्ष

सम्प्रदाय: शाक्त — श्री-विद्या परंपरा

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

ब्रह्माण्ड पुराण

ललिता सहस्रनाम — कामाक्षी = ललिता त्रिपुर-सुन्दरी

देवी भागवत पुराण

शक्ति-पीठ कथा

स्कन्द पुराण

काँची माहात्म्य

सौन्दर्य लहरी

आदि शंकराचार्य रचित — कामाक्षी-स्तुति

संत एवं परम्परा

  • आदि शंकराचार्य (8वीं शताब्दी) — कामाक्षी के फेरस-रूप को शान्त-स्वरूपिणी में परिवर्तित करने हेतु श्री चक्र स्थापना; काँची कामकोटि पीठ की स्थापना; सौन्दर्य लहरी रचना
  • मूक-शंकर एवं कांची आचार्य परंपरा — काँची कामकोटि पीठ के परंपरागत आचार्य
  • जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिगल — काँची कामकोटि पीठ के पीठाधीश; मंदिर के पारंपरिक न्यासी

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 6005वीं-8वीं शताब्दी — पल्लव-काल में मूल मंदिर-निर्माणWikipedia Kamakshi Amman Temple
  2. 8008वीं शताब्दी — आदि शंकराचार्य द्वारा श्री चक्र स्थापना एवं कांची कामकोटि पीठ की स्थापनाWikipedia + Kanchi Kamakoti Peetham
  3. 1500चोल + विजयनगर-काल में मंदिर-विस्तार एवं प्रांगण-निर्माणWikipedia
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:30 से 20:30 तक · मध्याह्न विश्राम 12:00-16:00 (मध्याह्न विश्राम)

उषा कालम्05:30-06:00
दैनिक

दिन की प्रथम पूजा

प्रातः पूजा एवं अभिषेक06:00-12:00
दैनिक
मध्याह्न पूजा11:00-12:00
दैनिक
सायं पूजा16:00-19:00
दैनिक
अर्ध-जाम पूजा (शयन)20:00-20:30
दैनिक

दिन की अन्तिम पूजा

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
05:30-12:00 एवं 16:00-20:30
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

मुख्य कामाक्षी देवी दर्शन निःशुल्क।

विशेष अर्चना / अभिषेक
उपयुक्त
श्रद्धालु एवं संकल्प हेतु

ललिता-सहस्रनाम-अर्चना, श्री-चक्र-अर्चना, कुमकुम-अर्चना; ऑनलाइन बुकिंग।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

नवरात्रि (आश्विन)आश्विन शुक्ल प्रतिपदा-दशमी

मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक पर्व — 9-रात्रि विशेष शाक्त-उपासना; प्रति-रात्रि अलंकार; लाखों श्रद्धालु। 2026 शारदीय नवरात्रि — 12-21 अक्टूबर।

तेप्पम् (फ्लोट उत्सव)थाई-माघ मास

देवी की रथ-यात्रा एवं कमलासन-मण्डप पुष्करिणी में फ्लोट

ब्रह्मोत्सवम् (10-दिवसीय)वसन्त

10-दिवसीय वार्षिक उत्सव; रथ-यात्रा; भव्य अलंकार

आदि-पूरम्तमिल आदि मास, पूरम नक्षत्र

तमिल देवी-पर्व का प्रमुख दिन

विशाख विशाखाष्टमी

देवी की वर्ष-गाँठ

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

विवाह-योग एवं दाम्पत्य-सुख

कामाक्षी = 'काम-पूर्ति' देवी; ललिता त्रिपुर-सुन्दरी रूप; विवाह-संकल्प एवं सुयोग्य-वर/वधू-प्राप्ति हेतु विशेष

स्रोत: ब्रह्माण्ड पुराण ललिता सहस्रनाम

श्री-विद्या एवं तंत्र-सिद्धि

आदि शंकराचार्य-स्थापित श्री चक्र; श्री-विद्या-उपासना का प्रमुख पीठ

स्रोत: तंत्र शास्त्र + सौन्दर्य लहरी

आदि शंकराचार्य के 3 शक्ति-पीठ यात्रा

कामाक्षी (काँची) + विशालाक्षी (काशी) + मीनाक्षी (मधुरै) — आदि शंकराचार्य परंपरा-स्तुत 3 प्रमुख शक्ति-पीठों की संयुक्त यात्रा का पीठ

स्रोत: आदि शंकराचार्य परंपरा

7 सप्तपुरी मोक्ष

काँची 7 सप्तपुरी मोक्षदायिनी नगरी में सम्मिलित

स्रोत: स्कन्द पुराण + गरुड़ पुराण

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ललिता सहस्रनामस्तोत्रब्रह्माण्ड पुराण — 1,000 नामइस मन्दिर हेतुकामाक्षी = ललिता; मूल स्तोत्र
  • सौन्दर्य लहरीस्तोत्रआदि शंकराचार्य रचित — 100 श्लोकइस मन्दिर हेतु
  • कामाक्षी अष्टकम्स्तोत्रस्थल-परंपराइस मन्दिर हेतु
  • श्री विद्या पञ्चदशाक्षरी मंत्रमंत्रतंत्र शास्त्रइस मन्दिर हेतुश्री-चक्र-उपासना का मूल मंत्र
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

श्री एकाम्बरेश्वर मंदिर (पञ्च-भूत: पृथ्वी)1.5 किमी

पञ्च-भूत स्थलों में पृथ्वी-तत्व का शिव-मंदिर; काँची-यात्रा अनिवार्य

श्री वरदराज पेरुमाल मंदिर3 किमी

108 दिव्य देशम् में सम्मिलित; विष्णु-कांची का मुख्य मंदिर; काँची = शिव-काँची + विष्णु-काँची

कुमारकोट्टम् (मुरुगन) मंदिर1 किमी

मुरुगन (कार्तिकेय) मंदिर; काँची-त्रिमूर्ति त्रिकोण (शिव + विष्णु + शक्ति + मुरुगन)

काँची कामकोटि पीठम् (शंकराचार्य मठ)500 मी

आदि शंकराचार्य-स्थापित 5 शंकराचार्य पीठों में सम्मिलित; मंदिर के पारंपरिक न्यासी

कैलासनाथर मंदिर2 किमी

8वीं शताब्दी पल्लव-कालीन शिव मंदिर; काँची का प्राचीनतम स्थापत्य

आदि शंकराचार्य 3 शक्ति-पीठ (कामाक्षी + विशालाक्षी + मीनाक्षी)

अग्रणी — काँची कामाक्षी; अन्य 2: काशी विशालाक्षी + मधुरै मीनाक्षी

3 मंदिर

7 सप्तपुरी मोक्षदायिनी यात्रा

काँची 7 सप्तपुरी में सम्मिलित; अन्य 6: अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, उज्जैन, द्वारका

7 मंदिर

काँची त्रिमूर्ति यात्रा (कामाक्षी + एकाम्बरेश्वर + वरदराज पेरुमाल)

केन्द्रीय; काँची की त्रिमूर्ति (शिव + विष्णु + शक्ति) — 1-दिवसीय यात्रा

3 मंदिर

108 दिव्य देशम् यात्रा (विष्णु-काँची)

वरदराज + काँचीपुरम् के अन्य दिव्य देशम् मंदिरों के साथ

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री काँची कामाक्षी अम्बल देवस्थानम्, काँचीपुरम् — 631502, तमिलनाडु
हवाई अड्डा
चेन्नई अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (MAA) — ~70 किमी
रेलवे
काँचीपुरम् रेलवे स्टेशन (CJ) — मंदिर से ~2 किमी
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; तापमान 20-30°C। नवरात्रि एवं ब्रह्मोत्सवम् पीक भीड़।
वेबसाइट
https://kanchikamakshi.org
2 किमीKanchipuram Railway Station
1.5 किमीEkambareshwar Temple
3 किमीVaradaraja Perumal Temple
70 किमीChennai Airport
65 किमीMahabalipuram
80 किमीVellore
110 किमीTirupati
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