श्री सूर्य देव (मूल-गर्भगृह-देवता; पुनः-वर्तमान-काल-में-नहीं; ASI-संरक्षित); मूल-डिज़ाइन-स्वरूप: 12-जोड़ी (24-कुल) रथ-चक्र + 7-घोड़े (सूर्य-रथ-वास्तुकला); उप-शाला: मायादेवी मन्दिर (देर-11वीं-शताब्दी; मुख्य-मन्दिर-पूर्व-flag), वैष्णव मन्दिर (1956-खोजा), नटमन्दिर + भोगमण्डप-ध्वंस
सूर्य-रथ-वास्तुकला: 12-जोड़ी (24-कुल) रथ-चक्र (~3.7 मीटर / 12 फीट व्यास प्रत्येक; शुक्ल + कृष्ण पक्ष-संयोजन = 12 मास); 7-घोड़े (संस्कृत-छन्द-नाम: गायत्री + बृहती + उष्णिक् + जगती + त्रिष्टुप् + अनुष्टुप् + पङ्क्ति — Wikipedia पाठ-समर्थित-व्याख्या; लोकप्रिय 'सप्ताह-दिन/सप्त-रंग' पाठ-स्रोत-नहीं — flag); रथ-चक्र-सूर्य-घड़ी मिनट-स्तर-शुद्धता (8 प्रमुख-स्पोक प्रति-चक्र; व्यापक-प्रचलित)
सम्प्रदाय: सौर / सूर्य-उपासना; आधुनिक-काल: ASI-संरक्षित-स्मारक (पूजा-अब-नहीं; 1903-ASI-काल जगमोहन-रेत-भरण); पूर्व-गङ्ग-वंश-निर्मित-ऐतिहासिक-स्मारक