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Ujjain · Madhya Pradesh

श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर

महाकालेश्वर / महाकाल / दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग

अन्य नाम: महाकाल · बाबा महाकाल · महाकालेश्वर · उज्जयिनी महाकाल · दक्षिणमुखी महाकाल

  • 12 Jyotirlinga
  • 7 Saptapuri
  • 18 Maha Shakti Pithas
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
दर्शन समय
04:00 (भस्म आरती हेतु प्रवेश 3:00 बजे से) – 23:00
स्वरूप
दक्षिणमुखी
स्थान
Ujjain · Madhya Pradesh
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
अति प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 12 Jyotirlinga
  • 7 Saptapuri (Avantika/Ujjayini)
  • 18 Maha Shakti Pithas (परंपरा-संबद्ध)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री महाकालेश्वर (शिव)

दक्षिणमुखी (दक्षिणाभिमुखी) ज्योतिर्लिंग — बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिण-मुख वाला; तांत्रिक 'शिवनेत्र' परंपरा की विशिष्टता। मंदिर त्रिस्तरीय: (1) भू-तल — महाकालेश्वर मुख्य ज्योतिर्लिंग, (2) मध्य-तल — ओंकारेश्वर, (3) ऊपरी-तल — नागचन्द्रेश्वर (केवल नाग पंचमी पर 24 घंटे खुलता है)। सम्पूर्ण परिसर में 5 तल; एक भूमिगत गर्भगृह।

सम्प्रदाय: शैव (तांत्रिक 'शिवनेत्र' एवं वैखानस-शैव परंपरा)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

स्कन्द पुराण

अवन्ती खण्ड — 387 अध्याय; उज्जयिनी (अवन्तिका) एवं नर्मदा क्षेत्र की पवित्रता; महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग एवं काल भैरव सहित अन्य मन्दिरों का माहात्म्य

शिव पुराण

द्वादश ज्योतिर्लिंगों में महाकालेश्वर का माहात्म्य

महाभारत

अवन्ती-नगर का उल्लेख

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)

महाकालेश्वर सम्मिलित

संत एवं परम्परा

  • आदि शंकराचार्य (8वीं शताब्दी) — द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र के रचयिता; महाकालेश्वर सम्मिलित
  • वेद-व्यास — स्कन्द पुराण अवन्ती खण्ड के रचयिता परंपरा
  • महर्षि सान्दीपनि — श्रीकृष्ण-बलराम-सुदामा के गुरु; उज्जैन में आश्रम (निकटवर्ती सान्दीपनि आश्रम तीर्थ)
  • रामचन्द्र शुक्थनकर (18वीं शताब्दी) — पेशवा-काल में मंदिर का मराठा-शैली पुनर्निर्माण

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. -1पौराणिक कथा: अवन्ती के राजा चन्द्रसेन एवं दूषण असुर की कथा — महादेव ने महाकाल रूप में प्रकट होकर असुर का संहार किया एवं भक्तों के अनुरोध पर सदा के लिये यहाँ निवास कियास्कन्द पुराण अवन्ती खण्ड + शिव पुराण
  2. 12351234-35 ई. — दिल्ली सुल्तान इल्तुतमिश ने मंदिर ध्वस्त कियाविकिपीडिया
  3. 1300जलालुद्दीन एवं अलाउद्दीन ख़िलजी द्वारा एकाधिक आक्रमणविकिपीडिया
  4. 173518वीं शताब्दी (1735 ई. के निकट) — पेशवा-काल में रामचन्द्र शुक्थनकर द्वारा वर्तमान मंदिर का मराठा-शैली पुनर्निर्माणविकिपीडिया
  5. 202211 अक्टूबर 2022 — PM श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'महाकाल लोक' कॉरिडोर के फ़ेज़ 1 का उद्घाटन। कुल लागत ₹856 करोड़; कॉरिडोर 900 मीटर लम्बा, क्षेत्र 2.5 हेक्टेयर; 108 अलंकृत बलुआ-पत्थर के स्तम्भ (शीर्ष पर त्रिशूल, स्तम्भों पर शिव की मुद्राएँ); शिव पुराण की कथाओं को दर्शाते 53 प्रकाशित भित्तिचित्र। फुटफॉल चार-गुना, राजस्व दो-गुना हुआ।Sansad TV + Outlook + ETV Bharat
  6. 202329 मई 2023 — महाकाल लोक के 7 'सप्तर्षि' स्टैचुओं में से 6 तेज़ तूफान से ध्वस्त। मूर्तियाँ Fiber Reinforced Plastic (FRP) से ₹66 लाख की लागत पर बनी थीं — अंदर से खोखली। अगस्त 2023 में पुनः FRP प्रतिमाएँ स्थापित कीं।Siasat + National Herald + Organiser + SambadEnglish
  7. 2024अप्रैल 2024 — मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव की सरकार ने FRP प्रतिमाओं के स्थान पर पाषाण-शिल्प (पत्थर) सप्तर्षि प्रतिमाएँ स्थापित करने का आदेश दिया — ₹2.50 करोड़ की परियोजना; ओडिशा के मूर्तिकारों द्वारा निर्मित; निर्माण-कार्यशाला स्थापित; पूर्ण होने में ~4 वर्ष। पूर्व FRP प्रतिमाएँ शहर के चौराहों पर सौन्दर्यीकरण हेतु पुनः उपयोग की जायेंगी।MP CM Mohan Yadav (Big News Network + Organiser + Free Press Journal)
  8. 20241 जनवरी - 15 दिसम्बर 2024 — रिकॉर्ड 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किये; 2024 में ₹165 करोड़ दान (पिछले वर्षों की 3 गुना)। उज्जैन कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष — पदेन (ex-officio)।Deccan Chronicle + ETV Bharat + ANI
  9. 2024दिसम्बर 2024 - मार्च 2025 — मंदिर प्रबंध समिति ने पाया कि पेड दर्शन एवं भस्म आरती शुल्क संग्रह ₹20 लाख से ₹10 लाख प्रति दिन गिर गया। जाँच में 14 व्यक्तियों के विरुद्ध 2,360-पृष्ठ का चार्जशीट; 4 फ़रार। अवैध सशुल्क दर्शन सुविधा संगठित घोटाला उजागर।ETV Bharat
  10. 20251 जनवरी 2025 — नववर्ष पर 31 दिसम्बर 2024 - 1 जनवरी 2025 के बीच ~10 लाख श्रद्धालु; जनवरी 1 को प्रातः 4 बजे से दोपहर 1 बजे तक 1.6 लाख दर्शन; शाम तक अतिरिक्त 1.5 लाख अपेक्षितFree Press Journal + ETV Bharat
  11. 2025जून 2025 — उज्जैन पुलिस ने 9 फर्ज़ी वेबसाइटों को बन्द किया जो श्री महाकालेश्वर भक्त निवास के नाम पर ऑनलाइन आवास बुकिंग की ठगी कर रही थींThe Tribune + Daily Jagran + Curly Tales
  12. 2025मध्यप्रदेश सरकार बजट में सिंहस्थ कुम्भ 2028 हेतु ₹2,000 करोड़ आवंटित; कुल ₹18,840 करोड़ की 523 अधोसंरचना परियोजनाएँ; क्षिप्रा घाटों का 29 किमी विस्तार (शनि मंदिर से नागदा बाईपास तक) ₹780 करोड़ मेंProKerala + Sarkari Tel + Simhastha.org.in
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

04:00 (भस्म आरती हेतु प्रवेश 3:00 बजे से) से 23:00 तक · मध्याह्न विश्राम विशेष पूजा-काल पर अल्प विराम

भस्म आरती (Bhasma Aarti) — विश्व-प्रसिद्ध04:00-06:00
दैनिकशुल्क ₹200बुकिंग आवश्यक

भगवान महाकाल का भस्म से अभिषेक — विश्व में अद्वितीय परंपरा। ऑनलाइन (mahakaleshwar.nic.in) एवं ऑफ़लाइन (मंदिर के निकट काउंटर) बुकिंग। आरती से 1 घंटा पूर्व रिपोर्टिंग; पुरुष धोती (शरीर का ऊपरी भाग खुला), महिला साड़ी अनिवार्य। मूल फोटो-ID अनिवार्य। महाशिवरात्रि पर एकमात्र मध्याह्न में होती है।

भोग आरती (मध्याह्न)10:00 (ग्रीष्म) / 10:30 (शीत)
दैनिक

ऋतु-अनुसार समय

सायं पूजा17:00 (ग्रीष्म) / 17:30 (शीत)
दैनिक
सायं आरती19:00 (ग्रीष्म) / 19:30 (शीत)
दैनिक
शयन आरती22:30-23:00
दैनिक

वर्ष-भर निश्चित; इसके बाद दर्शन बन्द

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य (निःशुल्क) दर्शननिःशुल्क
उपयुक्त
सभी भक्त — कोई पास अनिवार्य नहीं

महाकाल लोक से गर्भगृह तक क्यू दर्शन; निःशुल्क परन्तु पीक काल में 1-3 घंटे प्रतीक्षा

शीघ्र दर्शन (Sugam / Sheeghra Darshan)₹300
उपयुक्त
समय-सीमित भक्त

शास्त्री-मार्गदर्शन के साथ समर्पित लेन; क्यू कम। ₹300 प्रति व्यक्ति (Phase E सत्यापित)। श्रावण एवं महाशिवरात्रि पीक काल में ₹500 तक हो सकता है।

गर्भगृह दर्शन (विशेष)₹1500
उपयुक्त
जो भक्त गर्भगृह में प्रवेश कर शिवलिंग का स्पर्श करना चाहते हैं

₹1,500 (अकेले) से ₹2,500 (भस्म आरती + गर्भगृह कॉम्बो) तक

भस्म आरती VIP पास₹200
उपयुक्त
जो भक्त सर्व-प्रसिद्ध भस्म आरती में सम्मिलित होना चाहते हैं

VIP बुकिंग ₹200; आम भक्तों हेतु सीमित निःशुल्क प्रवेश भी (पीठ की पंक्तियों में)

05
अनुष्ठान

विशेष पूजा एवं सेवा

  • महामृत्युंजय जप पूजा

    अकाल मृत्यु निवारण

  • रुद्राभिषेक

    1 / 5 पंडित विकल्प

  • काल सर्प दोष निवारण पूजा

    तांत्रिक परंपरा अनुसार

  • नवग्रह शान्ति

    ज्योतिषीय निवारण

06
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रि — 9-दिवसीय शिव नवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (फरवरी-मार्च)

मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक उत्सव — 9 दिनों में महाकाल के 9 अलग स्वरूपों का दर्शन (2026: 6-15 फरवरी)। महाशिवरात्रि पर एकमात्र दिन वर्ष में जब भस्म आरती मध्याह्न में होती है। महाशिवरात्रि के अगले दिन (अमावस्या) प्रातः सम्पन्न होने वाली 'सेहरा दर्शन' — महाकाल को दूल्हे के रूप में सजाया जाता है, फूलों के विशाल सेहरा से ढका; यह उज्जैन की विशिष्ट परंपरा। तत्पश्चात् फूल भक्तों में 'सुखी वैवाहिक जीवन' का प्रसाद रूप वितरित।

भीड़: आवास 3-4 माह पूर्व बुक करें; भस्म आरती बुकिंग 30 दिन पूर्व

सावन-भादौ मास की 'महाकाल सवारी' (शाही सवारी)श्रावण-भाद्रपद मास के सोमवार

महाकाल की रजत-पालकी पर भव्य शोभायात्रा — उज्जैन की गलियों से रामघाट तक; क्षिप्रा में स्नान। सावन में 5 सोमवार + भाद्रपद में 2 सोमवार = कुल 6-7 सवारी। 2025 तिथियाँ: 14 जुलाई (प्रथम), 21 जुलाई (द्वितीय), 28 जुलाई, 4 अगस्त, 11 अगस्त, 18 अगस्त (अन्तिम 'शाही सवारी' — सर्वाधिक भव्य)। प्रत्येक सवारी पर महाकाल का अलग शृंगार-स्वरूप।

नाग पंचमी — नागचन्द्रेश्वर दर्शनश्रावण शुक्ल पंचमी (जुलाई-अगस्त)

मंदिर के तृतीय (ऊपरी) तल पर स्थित 'नागचन्द्रेश्वर मंदिर' वर्ष में केवल इसी एक दिन खुलता है — मध्य-रात्रि से अगली मध्य-रात्रि तक 24 घंटे। मूर्ति में शिव नागराज पर बैठे, पार्वती सहित। मान्यता: सर्प-दंश भय निवारण, सर्प-दोष नाश, स्वास्थ्य एवं समृद्धि। पीक काल में 4-6 घंटे प्रतीक्षा।

सिंहस्थ कुम्भ मेला (12-वर्षीय)बृहस्पति सिंह राशि में होने पर — चैत्र-वैशाख-ज्येष्ठ

क्षिप्रा नदी तट पर 12 वर्ष में एक बार आयोजित विशाल कुम्भ। अगला सिंहस्थ 2028: 27 मार्च - 27 मई 2028 (62 दिन)। 3 शाही स्नान: 9 अप्रैल, 23 अप्रैल, 8 मई 2028। मध्यप्रदेश सरकार ने ₹18,840 करोड़ की 523 अधोसंरचना परियोजनाएँ; क्षिप्रा घाटों का 29 किमी विस्तार ₹780 करोड़ में; ₹2,000 करोड़ बजट आवंटन।

नववर्ष (1 जनवरी)

नववर्ष पर 31 दिसम्बर - 1 जनवरी के बीच ~10 लाख भक्त। 2025 में जनवरी 1 को प्रातः 4 - दोपहर 1 के बीच 1.6 लाख दर्शन।

भीड़: पीक रात्रि से प्रातः; भस्म आरती बुकिंग 90 दिन पूर्व

07
आस्था

मनोकामना एवं फल

अकाल मृत्यु निवारण

महाकाल = 'समय का अधीश'; एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग — दक्षिण दिशा यम की मानी जाती है। अकाल मृत्यु एवं काल-भय निवारण का विशिष्ट क्षेत्र।

स्रोत: स्कन्द पुराण अवन्ती खण्ड; शिव पुराण कोटी रुद्र संहिता

काल सर्प दोष निवारण

नागचन्द्रेश्वर दर्शन (नाग पंचमी पर) से सर्प-दोष एवं कुंडली में राहु-केतु पीड़ा का निवारण; तांत्रिक परंपरा।

स्रोत: तांत्रिक परंपरा + ज्योतिष-स्थल परंपरा

मोक्ष एवं समस्त ज्योतिर्लिंग दर्शन का फल

12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वाधिक तांत्रिक/शैव शक्ति का केन्द्र; एक ज्योतिर्लिंग दर्शन से सभी के दर्शन का फल (आदि शंकर परंपरा)

स्रोत: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र

08
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र — महाकाल-श्लोकस्तोत्र-अंशआदि शंकराचार्य प्रणीतइस मन्दिर हेतु12 ज्योतिर्लिंगों के नित्य स्मरण-मंत्र में महाकालेश्वर
  • महाकाल अष्टकम् / महाकालेश्वर स्तोत्रम्स्तोत्रस्थल-परंपरा / आदि शंकर परंपराइस मन्दिर हेतु
  • महामृत्युंजय मंत्रमंत्रऋग्वेद 7.59.12महाकालेश्वर रुद्राभिषेक एवं अकाल मृत्यु निवारण में प्रमुख
  • शिव तांडव स्तोत्रस्तोत्ररावण प्रणीत मान्यतापैन-शैव; भस्म आरती के समय गायन परंपरा में
09
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

श्री काल भैरव मंदिर, उज्जैन6 किमी

विश्व-प्रसिद्ध 'मदिरा-ग्रहण' (शराब अर्पण) परंपरा वाला मंदिर — काल भैरव को मद्य (शराब) अर्पित किया जाता है, पुजारी देवता के होंठों के स्लिट से मद्य रहस्यमय ढंग से गायब हो जाता है। तांत्रिक 'पंचमकार' परंपरा का अवशेष। उज्जैन के क्षेत्रपाल (नगर-रक्षक)। अष्ट भैरवों में मुख्य। मान्यता: महाकाल दर्शन भैरव दर्शन के बिना अधूरा।

हरसिद्धि माता मंदिर600 मी

51 शक्ति-पीठों में एक (कुछ परंपराओं अनुसार) — सती की कोहनी गिरी थी; विक्रमादित्य की कुलदेवी; दीप-स्तम्भ (दीप-स्तम्भ) विख्यात

श्री महाकालेश्वर भक्त निवास400 मी

मंदिर प्रबन्ध समिति द्वारा अधिकृत आवास — मंदिर से 400 मीटर पर; मध्यम मूल्य; आधिकारिक shrimahakaleshwarbhaktaniwas.in से बुकिंग

श्री सान्दीपनि आश्रम5 किमी

महर्षि सान्दीपनि का आश्रम जहाँ श्रीकृष्ण, बलराम एवं सुदामा ने शिक्षा प्राप्त की। 'गणेश-गोपाल' एवं 'कुण्ड' विख्यात

मंगलनाथ मंदिर6 किमी

मंगल ग्रह का जन्म-स्थान मान्यता; मांगलिक दोष निवारण हेतु विश्व-प्रसिद्ध; उज्जैन के सेन्ट्रल मीरिडियन पर अवस्थित (कर्क रेखा से सम्बद्ध जोतिषीय मान्यता)

क्षिप्रा (शिप्रा) नदी / राम घाट1 किमी

सिंहस्थ कुम्भ का मुख्य स्नान-स्थल; सावन सवारी का क्षिप्रा-स्नान भी यहीं; अनेक पूर्वज-तर्पण अनुष्ठान

बड़े गणेश मंदिर एवं चिन्तामणि गणेश700 मी

उज्जैन के प्रसिद्ध गणेश मंदिर

द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा

बारह में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग — तांत्रिक 'शिवनेत्र' परंपरा का केन्द्र; मध्य भारत का सबसे प्रसिद्ध शिव-धाम

12 मंदिर

सप्तपुरी मोक्षदायिनी यात्रा

7 मोक्षदायिनी नगरियों में अवन्तिका (उज्जैन); अन्य 6: अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, काँची, द्वारका

7 मंदिर

उज्जैन तीर्थ-त्रयी (महाकाल + काल भैरव + मंगलनाथ)

केन्द्रीय — काल-भय निवारण, क्षेत्रपाल दर्शन, मांगलिक दोष निवारण की एक-दिवसीय यात्रा

सिंहस्थ कुम्भ — कुम्भ-चक्र

उज्जैन कुम्भ (हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक के साथ 4 कुम्भ स्थलों में); प्रत्येक 12 वर्ष; अगला 2028

4 मंदिर

ओम्कारेश्वर-महाकालेश्वर यात्रा

मध्यप्रदेश के दो ज्योतिर्लिंगों की संयुक्त यात्रा — महाकालेश्वर (उज्जैन) + ओम्कारेश्वर (खंडवा जिले में नर्मदा-तट; अलग ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग जो महाकाल के मध्य-तल ओंकारेश्वर से अलग है)

10
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबन्ध समिति, महाकाल मार्ग, उज्जैन, मध्य प्रदेश — PIN 456006
हवाई अड्डा
देवी अहिल्या बाई होलकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, इन्दौर (IDR) — महाकाल मंदिर से ~57 किमी, सड़क मार्ग से ~1.5 घंटे
रेलवे
उज्जैन जंक्शन (UJN) — महाकाल मंदिर से ~2 किमी; ऑटो/ई-रिक्शा से 10-15 मिनट
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; नवंबर-जनवरी न्यूनतम तापमान 5-15°C; ग्रीष्म 35-45°C; मानसून जुलाई-सितंबर सावन सवारी के लिये विशेष
हेल्पलाइन
टोल-फ्री: 1800-233-1008
57 किमीIndore
190 किमीBhopal
405 किमीAhmedabad
655 किमीMumbai
770 किमीDelhi
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