स्कन्द पुराण
हरिद्वार-माहात्म्य; गंगा-द्वार के तीर्थों का वर्णन
Haridwar · Uttarakhand
श्री मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार (हर की पौड़ी क्षेत्र)
मनसा देवी — मनोवांछित-फल-दायिनी; शिव के मन से उत्पन्न
अन्य नाम: मनसा देवी · मन की देवी · बिल्व पर्वत की देवी · वासुकि-भगिनी

इस मन्दिर की विशेषता
श्री मनसा देवी (शक्ति-स्वरूप; शिव के मन से उत्पन्न; नाग-राज वासुकि की बहन)
विग्रह में 8 भुजाएँ; 5 मुख वाली दूसरी मूर्ति भी; नीचे मुख्य मंदिर एवं ऊपर बिल्व पर्वत पर शक्ति-पीठ
सम्प्रदाय: शाक्त — मनोवांछित-फल देवी
हरिद्वार-माहात्म्य; गंगा-द्वार के तीर्थों का वर्णन
मनसा देवी — शिव-मानस-पुत्री एवं वासुकि-भगिनी कथा
गंगा-द्वार (हरिद्वार) के अनेक संदर्भ
हरिद्वार-कुम्भ का सर्वोच्च माहात्म्य
05:00 से 21:00 तक · मध्याह्न विश्राम 12:00-14:00 (मध्याह्न भोग — गर्भगृह बन्द)
दिन की प्रथम आरती
सायं प्रमुख अनुष्ठान
दिन की अन्तिम आरती
मुख्य मनसा देवी दर्शन निःशुल्क। पैदल मार्ग 1.5 किमी (700 सीढ़ी) या रोपवे विकल्प।
वयस्क ₹439 राउण्ड-ट्रिप; बालक (90-110 cm) ₹225। 5-7 मिनट; प्रतिदिन 5:30 AM - 7:00 PM। मनसा देवी ↔ चण्डी देवी संयुक्त रोपवे ₹95।
मंदिर परिसर में पारंपरिक 'मौली-धागा' पवित्र वृक्षों पर बाँधने की परंपरा; मनोकामना-पूर्ति के पश्चात् पुनः-आगमन कर खोलना
मनसा देवी का सर्वोच्च वार्षिक पर्व — 9-रात्रि विशेष शाक्त-उपासना; प्रति-रात्रि अलंकार; लाखों श्रद्धालु। 2026 शारदीय नवरात्रि — 12-21 अक्टूबर।
हरिद्वार-कुम्भ के पञ्च-तीर्थों में मनसा देवी प्रमुख; करोड़ों श्रद्धालु; अगला हरिद्वार कुम्भ 2033
9 कन्याओं का पूजन; मनसा देवी-विशेष
हर की पौड़ी पर गंगा-स्नान; मनसा देवी दर्शन साथ-साथ
मनसा देवी = वासुकि-नाग-राज की बहन; नाग-दोष-निवारण की विशेष पूजा
मनसा देवी = 'मन की देवी' — मनोवांछित कामनाओं की पूर्ति-दायिनी; मौली-धागा बाँधकर मनोकामना मांगने एवं पूर्ण होने पर खोलने की प्रसिद्ध परंपरा
स्रोत: देवी पुराण + स्थल-परंपरा
मनसा = वासुकि नाग-राज की बहन; सर्प-दंश, विष, एवं काल-सर्प दोष-निवारण हेतु विशेष माहात्म्य
स्रोत: देवी पुराण + तंत्र शास्त्र
हरिद्वार 7 सप्तपुरी में अग्रणी (मोक्षदायिनी); पंच-तीर्थ (मनसा-चण्डी-माया-दक्षेश्वर-हर की पौड़ी) की पूर्ण-यात्रा से मोक्ष
स्रोत: स्कन्द पुराण + गरुड़ पुराण
हरिद्वार का सर्वोच्च तीर्थ; गंगा-द्वार का प्रमुख घाट; मान्यता-अनुसार समुद्र-मंथन की अमृत-बूँद यहीं गिरी; प्रति-सायं भव्य गंगा-आरती (विश्व-प्रसिद्ध); कुम्भ-स्नान का मुख्य घाट
हरिद्वार के पंच-तीर्थों में मनसा देवी की पूरक देवी; भी रोपवे सुविधा; पंच-तीर्थ-यात्रा अनिवार्य
हरिद्वार के पंच-तीर्थों में सम्मिलित; आदि-शक्ति माया देवी
राजा दक्ष-यज्ञ-स्थल; सती-अग्नि-प्रवेश का स्थल; हरिद्वार पंच-तीर्थ
स्वामी रामदेव का योगपीठ; भारत माता मंदिर — सम-वर्तमान आध्यात्मिक केन्द्र
योग-राजधानी; त्रिवेणी घाट; लक्ष्मण झूला; राम झूला; अनेक आश्रम
5 पंच-तीर्थों में अग्रणी देवी-तीर्थ; क्रम: हर की पौड़ी → मनसा देवी → चण्डी देवी → माया देवी → दक्षेश्वर महादेव
5 मंदिर
हरिद्वार 7 सप्तपुरी में सम्मिलित; मनसा देवी हरिद्वार का प्रमुख देवी-तीर्थ
7 मंदिर
हरिद्वार 4 कुम्भ-स्थलों में अग्रणी; मनसा देवी कुम्भ-यात्रा का अनिवार्य अंग
हरिद्वार की 3 प्रमुख देवियों का संयुक्त दर्शन — एक दिन में पूर्ण
3 मंदिर
हरिद्वार — चार धाम यात्रा का प्रारम्भिक तीर्थ-नगरी; यहाँ से गंगोत्री-यमुनोत्री-केदारनाथ-बद्रीनाथ की यात्रा