महाभारत
श्रीकृष्ण ने अर्जुन को 'जम्बू पर्वत' पर मातृ देवी की प्रार्थना का परामर्श दिया (वर्तमान जम्मू से सम्बद्ध) — ऐतिहासिकतम संदर्भ
Katra · Jammu and Kashmir
श्री माता वैष्णो देवी मंदिर (भवन)
वैष्णवी देवी / त्रिकुटा / शेरांवाली माता
अन्य नाम: माता रानी · त्रिकुटा माता · शेरांवाली · वैष्णवी · जय माता दी

इस मन्दिर की विशेषता
श्री माता वैष्णो देवी (आदि शक्ति का अंशावतार)
गर्भजून (Womb Cave) में तीन प्राकृतिक शिला-पिंडियाँ — दायीं ओर महाकाली, मध्य में महालक्ष्मी, बायीं ओर महासरस्वती — एक साथ देवी की त्रिशक्ति का प्रतीक। पारंपरिक मूल गुफा अत्यंत संकीर्ण है; भक्तों को रेंगकर निकलना पड़ता है — यह आध्यात्मिक पुनर्जन्म का प्रतीक मानी जाती है।
सम्प्रदाय: शाक्त (देवी उपासना)
श्रीकृष्ण ने अर्जुन को 'जम्बू पर्वत' पर मातृ देवी की प्रार्थना का परामर्श दिया (वर्तमान जम्मू से सम्बद्ध) — ऐतिहासिकतम संदर्भ
महादेवी के 108 नामों में 'वैष्णवी' का उल्लेख
वैष्णवी देवी का सर्व-प्रथम स्वरूप-वर्णन
शाक्त परंपरा का मूल ग्रन्थ — माता आदि शक्ति/चण्डी/दुर्गा के स्वरूप का विस्तार
भैरव-वैष्णवी कथा एवं त्रिकुटा पर्वत पर माता के तपोवास का स्थानीय परंपरागत वर्णन
05:00 (मौसम एवं भीड़ के अनुसार) से 00:00 (मध्यरात्रि — आरती के बीच विश्राम) तक · मध्याह्न विश्राम आरती के समय गर्भजून बन्द — दिन में दो आरती-कालीन विराम (प्रात: एवं सायं)
मुख्य गर्भजून आरती; दुर्गा भवन रिसेप्शन में रिपोर्टिंग 05:50 (आरती से 30 मिनट पूर्व); केवल 100 टिकट प्रति सत्र
रिपोर्टिंग 18:50; 100 टिकट प्रति सत्र
रिपोर्टिंग 17:50; 100 टिकट प्रति सत्र
वस्त्र-संहिता: साधारण-शालीन, सर्दियों में गर्म वस्त्र अनिवार्य (Sanjichhat-Bhawan पर तापमान शून्य तक); चमड़े की वस्तुएँ निषिद्ध
कटरा से 13-14 किमी पैदल यात्रा — बाणगंगा → चरण पादुका → अध्कुवारी (गर्भजून) → हिमकोटी → सञ्जिछत → भवन; 5-7 घंटे का ट्रेक। यात्रा पर्ची (Yatra Parchi) अनिवार्य — ऑनलाइन या Katra काउंटर पर निःशुल्क।
अध्कुवारी → भवन: ₹450 (GST सहित); भवन → अध्कुवारी (वापसी): ₹300। ऑनलाइन बुकिंग SMVDSB साइट से; मासिक स्लॉट 1 तारीख प्रातः 10 बजे खुलते हैं।
केवल आधिकारिक SMVDSB काउंटर पर ऑफ़लाइन बुकिंग — Katra में। दरें (2026): पालकी (एक तरफा) ₹2,100-₹2,500; घोड़ा/टट्टू ₹700-₹900; पिठ्ठू (पोर्टर) ₹700-₹1,000
Katra हेलीपैड (Udhampur Road, बस स्टैंड से 2 किमी) से Sanjichhat तक 8-मिनट उड़ान; Sanjichhat से Bhawan 2.5 किमी पैदल/बैटरी कार। हर 20 मिनट; प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे (मौसम सापेक्ष)। Round-trip ₹4,640।
Jammu Airport/शहर से Katra तक — एक तरफा ₹8,880; round-trip ₹16,500
Bi-cable Jig-back प्रणाली; 2 बंद कैबिन प्रति 40-45 व्यक्ति; 800 भक्त/घंटा क्षमता; 3-5 मिनट में 2.5 किमी की कठिन चढ़ाई पूरी
गर्भजून के सम्मुख विशेष स्थान — सीमित संख्या में पास
SMVDSB काउंटर के माध्यम से बुकिंग
9-दिवसीय पर्व — पुरानी गुफा (Original Cave) इन दिनों में दर्शन के लिये खुलती है; देवी के नौ रूपों का दैनिक पूजन; पंडित श्रीधर परंपरा का स्मरण कर कन्या-पूजन। दैनिक भक्त-संख्या में कई गुना वृद्धि।
दूसरी प्रमुख वार्षिक नवरात्रि — महिषासुर-मर्दिनी रूप की उपासना; पुरानी गुफा खुलती है; अष्टमी एवं नवमी पर सर्वाधिक भीड़
विशेष श्रृंगार एवं दीप-सज्जा; पारंपरिक रूप से भीड़ अधिक
नववर्ष के पहले दर्शन हेतु अत्यंत भीड़। 2022 की भगदड़ के बाद SMVDSB ने RFID-आधारित यात्रा पर्ची, स्काईवॉक, अलग प्रवेश-निकास, संख्या-सीमा एवं वास्तविक-समय भीड़ निगरानी जैसे सुरक्षा-उपाय लागू किये।
भीड़: पीक भीड़; पूर्व-बुकिंग अनिवार्य; भीड़-नियंत्रण व्यवस्था सख्त
विशेष शृंगार; कटरा-नगर में रंगों का उत्सव
मान्यता: सच्चे मन से माता का स्मरण कर 13-14 किमी पैदल यात्रा करने से माता प्रत्यक्ष बुलाती हैं; कोई भी भक्त बिना माता के बुलावे (sade) यहाँ नहीं पहुँचता। ऐतिहासिक रूप से विवाह, संतान, रोग-मुक्ति, धन-समृद्धि की 'मन्नतें' सर्वाधिक
स्रोत: स्थल-परंपरा; देवी भागवत पुराण के देवी-स्वरूप-वर्णन का विस्तार
महाकाली रूप में देवी की उपासना से शत्रु-नाश एवं रक्षा
स्रोत: देवी-कवचम् + दुर्गा सप्तशती
गर्भजून (Womb Cave) में रेंगकर प्रवेश करना — माता के गर्भ से पुनः जन्म लेने का प्रतीक; पाप-निवारण
स्रोत: स्थल-परंपरा
परंपरानुसार वैष्णो देवी दर्शन भैरों मंदिर के दर्शन बिना अधूरा माना जाता है — स्वयं माता द्वारा दिया गया वर। भवन से 2.5 किमी कठिन चढ़ाई या Bhawan-Bhairo रोपवे (3-5 मिनट) द्वारा।
वह मूल गुफा जिसमें वैष्णवी देवी ने 9 मास तक तपस्या की; भक्त रेंगकर प्रवेश करते हैं — आध्यात्मिक पुनर्जन्म का प्रतीक। बाणगंगा से ~6 किमी; पारंपरिक यात्रा का मध्य-बिंदु।
मान्यता: माता वैष्णवी ने भागते समय यहाँ क्षण-भर रुककर भैरों की दिशा में दृष्टि डाली; उनकी चरण-पादुकाओं की छाप शिला पर अंकित है
मान्यता: माता ने हनुमान की प्यास बुझाने हेतु तीर मारकर भूमि से गंगा प्रकट की ('बाण' + 'गंगा')। 'बल' = केश; देवी ने यहाँ अपने केश धोये भी। चेनाब की सहायक नदी। यात्रा से पूर्व स्नान का पारंपरिक नियम।
पैदल यात्रा का दृश्यात्मक मनोरम बिन्दु; हिमालय-दर्शन; विश्राम सुविधा
हेलीकॉप्टर सेवा का ऊपरी अन्तिम स्टेशन; भवन तक 2.5 किमी पैदल/बैटरी कार
गर्भजून की मूल पुरानी संकीर्ण गुफा — केवल नवरात्रि एवं विशेष पर्वों पर रेंगकर प्रवेश हेतु खुलती है। शेष समय भक्त नई गुफा (1977 में खोली गयी अधिक चौड़ी गुफा) से दर्शन करते हैं।
मुख्य लक्ष्य — गर्भजून में त्रिशक्ति-पिंडी दर्शन। यात्रा भैरों मंदिर पर ही पूर्ण मानी जाती है।
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