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Madurai · Tamil Nadu

श्री मीनाक्षी अम्मन मंदिर / अरुल्मीगु मीनाक्षी सुन्दरेश्वरर मंदिर

मीनाक्षी सुन्दरेश्वर — मत्स्य-नयन देवी एवं सुन्दर-शिव

अन्य नाम: मीनाक्षी अम्मन · मीनाक्षी-सुन्दरेश्वरर · मधुरै-मीनाक्षी · अंगायरकन्नि अम्मन

  • 108 शिव-दिव्य-क्षेत्रों में अग्रणी
  • तमिल शैव-परंपरा का मूल-स्थान
  • दक्षिण भारत का सबसे प्रसिद्ध शिव-श…
श्री मीनाक्षी अम्मन मंदिर / अरुल्मीगु मीनाक्षी सुन्दरेश्वरर मंदिर
दर्शन समय
05:00 – 22:00
स्वरूप
मीनाक्षी देवी का हरे रंग का विग्रह
स्थान
Madurai · Tamil Nadu
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
मूल मंदिर: प्राचीन पाण्ड्य-काल

इस मन्दिर की विशेषता

  • 108 शिव-दिव्य-क्षेत्रों में अग्रणी (दक्षिण के पञ्च-सभा क्षेत्रों के मध्य रजत-सभा-स्थल)
  • तमिल शैव-परंपरा का मूल-स्थान
  • दक्षिण भारत का सबसे प्रसिद्ध शिव-शक्ति युगल-मंदिर
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री मीनाक्षी देवी (पार्वती — मत्स्य-नयन वाली देवी, पाण्ड्य राजकुमारी-स्वरूप) एवं श्री सुन्दरेश्वर (शिव — सुन्दर-स्वरूप, मीनाक्षी के पति)

मीनाक्षी देवी का हरे रंग का विग्रह (मरकत-वर्ण); सुन्दरेश्वर का शिवलिंग। यमक-मंदिर — दो प्रमुख गर्भगृह।

सम्प्रदाय: शैव-शाक्त संयुक्त (दक्षिण भारत की द्रविड़ शैव-शाक्त परंपरा का प्रमुख केन्द्र)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

तिरुविलैयाडल पुराणम् (तमिल)

परंजोति मुनिवर रचित — 64 शिव-लीलाओं का संकलन; मीनाक्षी-सुन्दरेश्वर विवाह कथा का विस्तृत वर्णन

स्कन्द पुराण

मधुरै-माहात्म्य; पाण्ड्य राजवंश एवं मीनाक्षी-कथा का संदर्भ

नालयिर दिव्य प्रबन्धम् / थेवारम् (तमिल)

नायन्मार सन्तों के तमिल-शैव स्तोत्र — मधुरै-सुन्दरेश्वर स्तुति

हलासय-माहात्म्य

मधुरै के मूल नाम 'हलासय क्षेत्र' का माहात्म्य

संत एवं परम्परा

  • मलयध्वज पाण्ड्य एवं रानी कांचनमाला — मीनाक्षी के पुत्री-प्राप्ति-यज्ञ के पाण्ड्य राजा; यज्ञ-अग्नि से 3-स्तनीय कन्या के रूप में मीनाक्षी का प्राकट्य
  • मीनाक्षी देवी — पाण्ड्य-राजकुमारी रूप में अवतरित पार्वती; भारत-विजय अभियान के पश्चात् कैलाश में शिव-दर्शन से तृतीय-स्तन-विलुप्ति एवं विवाह-संकल्प
  • तिरुमलै नायक (1623-1659) — मधुरै नायक राजवंश के प्रमुख सम्राट; वर्तमान मंदिर के अनेक गोपुर एवं मण्डपों के निर्माता; नायक-कला का स्वर्ण-काल
  • थिरुज्ञानसम्बन्दर एवं अप्पर (7वीं शताब्दी) — 63 नायन्मार में से प्रमुख तमिल-शैव सन्त; थेवारम् में मीनाक्षी-सुन्दरेश्वर स्तुति

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 6006वीं-7वीं शताब्दी — प्रारंभिक पाण्ड्य-काल का मूल मंदिर; नायन्मार थेवारम् स्तोत्रों में स्तुतिWikipedia + Britannica
  2. 12001190-1216 — पाण्ड्य सम्राट सादैय-वर्मन कुलशेखर पाण्ड्य प्रथम के काल में वर्तमान मंदिर के प्राचीनतम भाग का निर्माण — मीनाक्षी-गर्भगृह केन्द्रीय भाग एवं सुन्दरेश्वर-प्रवेश गोपुरWikipedia Meenakshi Temple
  3. 13111311 ईस्वी — दिल्ली सल्तनत के सेनापति मलिक काफूर द्वारा मधुरै पर आक्रमण; मीनाक्षी मंदिर का व्यापक विनाश एवं स्वर्ण-आभूषण-लूटWikipedia Meenakshi Temple
  4. 150016वीं शताब्दी — मधुरै नायक राजवंश द्वारा मंदिर का पुनर्निर्माण प्रारम्भ; प्रांगण-विस्तारWikipedia + Britannica
  5. 16231623-1659 — सम्राट तिरुमलै नायक के राजकाल में मंदिर का सर्वाधिक विस्तार: 14 भव्य गोपुर (दक्षिणी सर्वोच्च 52 मीटर / 170 फीट); प्रत्येक गोपुर पर हज़ारों मूर्तियाँ — देवता, स्वर्गीय-प्राणी, हिन्दू महाकाव्यों के दृश्य; अधिकांश 1000-स्तम्भ मण्डप एवं स्वर्ण-कमल पुष्करिणी का जीर्णोद्धारBritannica + Wikipedia + Ancient Origins
  6. 202619-30 अप्रैल 2026 — चित्तिरै तिरुविलै महोत्सव (12-दिवसीय); 28 अप्रैल — मीनाक्षी तिरुकल्याणम् (दिव्य विवाहोत्सव); 30 अप्रैल-6 मई — कल्लाझगर उत्सवTamilNadu Tourism + Marvel Tours
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:00 से 22:00 तक · मध्याह्न विश्राम 12:30-16:00 (मध्याह्न विश्राम)

तिरुवनन्तल / सुप्रभातम्05:00-05:30
दैनिक

दिन का प्रथम जागरण-अनुष्ठान

विला पूजै / प्रातः अभिषेक06:30-07:15
दैनिक
कलसांधि पूजै07:15-08:00
दैनिक
तिरुकलसांधि पूजै (मध्याह्न)10:30-12:15
दैनिक
मालै पूजै (सायं)16:30-17:30
दैनिक
अर्ध-जाम पूजै19:30-20:30
दैनिक

सायं प्रमुख आरती

पल्लि-अरै पूजै (शयन-कक्ष पूजा)21:15-21:45
दैनिक

मीनाक्षी-सुन्दरेश्वर के शयन-कक्ष में अद्वितीय रात्रि-अनुष्ठान — सुन्दरेश्वर के विग्रह को पालकी में मीनाक्षी के शयन-कक्ष तक ले जाया जाता है; अवश्य-दर्शनीय

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
05:00-12:30 एवं 16:00-22:00
उपयुक्त
सभी भक्त

मीनाक्षी एवं सुन्दरेश्वर दोनों गर्भगृहों का निःशुल्क दर्शन।

विशेष शीघ्र दर्शन
उपयुक्त
समय-सीमित भक्त

विशेष टिकट से शीघ्र-दर्शन; मूल्य आधिकारिक काउंटर पर सत्यापित करें। ऑनलाइन बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध।

विशेष पूजा / अर्चना
उपयुक्त
श्रद्धालु एवं संकल्प हेतु

अभिषेकम्, अर्चना, थिरुकल्याणम् पूजा आदि की ऑनलाइन बुकिंग। QR-कोड युक्त ई-टिकट ईमेल/SMS द्वारा प्राप्त।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

चित्तिरै तिरुविलै महोत्सव (12-दिवसीय) — मधुरै का सर्वोच्च उत्सवचैत्र-वैशाख (तमिल चित्तिरै मास, अप्रैल-मई)

मधुरै का सबसे बड़ा वार्षिक उत्सव — 12 दिनों का दिव्य विवाह उत्सव। मुख्य आकर्षण: 'मीनाक्षी तिरुकल्याणम्' — मीनाक्षी एवं सुन्दरेश्वर का दिव्य विवाह; भव्य रथ-यात्रा। दर्शन-समय 04:00-24:00 तक विस्तारित। 2026 — 19-30 अप्रैल; तिरुकल्याणम् 28 अप्रैल मंगलवार। 30 अप्रैल-6 मई: कल्लाझगर उत्सव (विष्णु अलगर पेरुमाल का जलाझाडी प्रवेश)।

नवरात्रि / दशहराआश्विन शुक्ल प्रतिपदा-दशमी

मीनाक्षी देवी की 9-रात्रि विशेष शाक्त-पूजा; प्रति-रात्रि अलंकार

आवणि मूलम् (अगस्त-सितंबर)तमिल आवणि मास, मूल नक्षत्र

मीनाक्षी का राज्याभिषेक एवं तिरुमलै नायक का जन्म-दिन उत्सव

थाई-पूसम् (जनवरी-फरवरी)तमिल थाई मास, पूसम नक्षत्र

मुरुगन (कार्तिकेय) उत्सव; मीनाक्षी मंदिर परिसर के मुरुगन शिखर-दर्शन

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

सुन्दरेश्वर का विशेष शिव-अभिषेक; रात्रि-जागरण। 2026 — 15 फरवरी रविवार।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

विवाह-योग एवं दाम्पत्य-सुख

मीनाक्षी-सुन्दरेश्वर युगल — आदर्श दाम्पत्य का प्रतीक; अविवाहितों के लिए सुयोग्य वर/वधू-प्राप्ति, विवाहितों के लिए दाम्पत्य-सामंजस्य; तिरुकल्याणम् दर्शन से विशेष फल

स्रोत: तिरुविलैयाडल पुराणम् + स्थल-परंपरा

स्त्री-शक्ति, साहस एवं नेतृत्व-गुण

मीनाक्षी देवी — स्त्री-योद्धा एवं भारत-विजय सम्राज्ञी; नेतृत्व एवं साहस की अधिष्ठात्री; स्त्री-शक्ति का तमिल-परंपरागत प्रतीक

स्रोत: तिरुविलैयाडल पुराणम् + तमिल-संगम साहित्य

दक्षिण भारत के पञ्च-सभा क्षेत्रों में रजत-सभा दर्शन

मधुरै शिव-तांडव के पञ्च-सभा क्षेत्रों में 'रजत-सभा' स्थल (अन्य 4: चिदम्बरम् कनक-सभा, कुट्रालम् चित्र-सभा, तिरुनेल्वेली ताम्र-सभा, तिरुवालंगाडु रत्न-सभा)

स्रोत: तमिल शैव-परंपरा

108 शिव-दिव्य-क्षेत्रों में अग्रणी दर्शन

तमिल शैव-परंपरा के 108 शिव-दिव्य-क्षेत्रों में मधुरै-सुन्दरेश्वर अग्रणी; नायन्मार-स्तुत क्षेत्र

स्रोत: थेवारम् + तेव-आरम् परंपरा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • मीनाक्षी पञ्च-रत्नम्स्तोत्रआदि शंकराचार्य रचित — 5 श्लोकों में मीनाक्षी-स्तुतिइस मन्दिर हेतुमीनाक्षी-उपासना का प्रमुख स्तोत्र
  • मीनाक्षी अष्टकम् / सुप्रभातम्स्तोत्रस्थल-परंपराइस मन्दिर हेतु
  • ललिता सहस्रनामस्तोत्रब्रह्माण्ड पुराणशाक्त-उपासना का सर्वोच्च स्तोत्र; मीनाक्षी-अर्चना में प्रयुक्त
  • थेवारम् (तमिल)स्तोत्र-संग्रहनायन्मार सन्त — विशेषतः थिरुज्ञानसम्बन्दर एवं अप्परइस मन्दिर हेतुमधुरै-सुन्दरेश्वर स्तुति के तमिल-स्तोत्र
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

स्वर्ण-कमल पुष्करिणी (पोट्ट्रामरै कुलम)100 मी

मंदिर की मुख्य पुष्करिणी — 50m × 37m (165ft × 120ft); मध्य में स्वर्ण-मण्डित कमल-विग्रह; स्तम्भयुक्त परिक्रमा-पथ पर देवता-गाथाओं की मूर्तियाँ। मीनाक्षी-दर्शन से पूर्व पवित्र स्नान-स्थल।

1000-स्तम्भ मण्डप (आयिरम काल मण्डपम्)200 मी

वस्तुतः 985 स्तम्भ; प्रत्येक पर याली (सिंह-हाथी संकर), देवता, अप्सरा की विस्तृत मूर्तिकला; स्तम्भों को थपथपाने पर संगीतमय स्वर — रहस्य अनसुलझा। अब मंदिर-संग्रहालय भी।

तिरुमलै नायक महल1.5 किमी

1636 में तिरुमलै नायक द्वारा निर्मित द्रविड़-इस्लामिक संमिश्र शैली का राजमहल; भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित। शाम 6:45 बजे प्रकाश-ध्वनि-शो।

पुथु मण्डपम् (Puthu Mandapam)300 मी

तिरुमलै नायक द्वारा निर्मित नवीन-मण्डप; अब वस्त्र एवं हस्त-शिल्प बाज़ार; स्थानीय व्यंजन। मंदिर-दर्शन के पश्चात् अनिवार्य।

अलगर कोयिल (Azhagar Koyil) — विष्णु मंदिर21 किमी

श्री कल्लाझगर पेरुमाल (विष्णु — मीनाक्षी के भाई के रूप) का प्राचीन मंदिर। चित्तिरै-उत्सव में अलगर के मधुरै-आगमन (वैगै नदी पार) का प्रमुख समारोह।

तिरुपरंकुन्द्रम् मुरुगन मंदिर8 किमी

6 अरुपडैवीडु (मुरुगन-कार्तिकेय के 6 निवास-स्थलों) में प्रथम; मधुरै दर्शन के साथ अनिवार्य

गांधी मेमोरियल संग्रहालय3 किमी

महात्मा गांधी का स्मारक एवं संग्रहालय; मधुरै-दर्शन का गैर-धार्मिक अनिवार्य भाग

तमिलनाडु शिव-धाम यात्रा (मधुरै + चिदम्बरम् + तिरुवण्णामलै + रामेश्वरम्)

दक्षिण के 4 प्रमुख शिव-धामों में अग्रणी; पञ्च-सभा क्षेत्रों के मध्य रजत-सभा-स्थल

4 मंदिर

108 शिव-दिव्य-क्षेत्र (नायन्मार-स्तुत क्षेत्र)

मधुरै-सुन्दरेश्वर 108 शिव-दिव्य-क्षेत्रों में अग्रणी; नायन्मार थिरुज्ञानसम्बन्दर एवं अप्पर थेवारम्-स्तुत

108 मंदिर

मधुरै तीर्थ-समूह (मीनाक्षी + तिरुपरंकुन्द्रम् + अलगर कोयिल + कूडल अलगर)

केन्द्रीय; 2-दिवसीय पूर्ण मधुरै यात्रा-योजना

अरुपडैवीडु मुरुगन यात्रा

तिरुपरंकुन्द्रम् (मधुरै) अरुपडैवीडु का प्रथम-स्थल; मीनाक्षी दर्शन के साथ संयुक्त

6 मंदिर

दक्षिण भारत राम-कृष्ण यात्रा (मधुरै + रामेश्वरम् + मन्नार-गुडी + तिरुवायरु)

रामेश्वरम् (174 किमी) से संयुक्त यात्रा-पथ

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
अरुल्मीगु मीनाक्षी सुन्दरेश्वरर तिरुक्कोयिल, मधुरै — 625001, मधुरै जिला, तमिलनाडु
हवाई अड्डा
मधुरै हवाई अड्डा (IXM) — मंदिर से ~11 किमी; चेन्नई अन्तर्राष्ट्रीय (MAA) — 464 किमी
रेलवे
मधुरै जंक्शन (MDU) — मंदिर से ~2 किमी (निकटतम); दक्षिण रेलवे का प्रमुख जंक्शन
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; तापमान 20-32°C। मानसून (अक्टूबर-दिसंबर) सुहाना। अप्रैल-जून अति-गर्म (35-42°C) — चित्तिरै तिरुविलै-काल में भारी भीड़ के बावजूद उत्सव-काल।
2 किमीMadurai Junction Railway
11 किमीMadurai Airport
136 किमीTrichy
174 किमीRameswaram
217 किमीCoimbatore
244 किमीKanyakumari
442 किमीBengaluru
464 किमीChennai
580 किमीTirupati
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