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Ranipauwa · Mustang District, Gandaki Province

श्री मुक्तिनाथ मन्दिर

श्री मुक्तिनाथ मन्दिर (तिरुसालग्रामम् / चुमिग ग्यात्सा) — रानीपौवा, मुस्तङ ज़िला, गण्डकी प्रदेश, नेपाल (हिमालय थोरङ ला पास-तलहटी)

श्री मुक्तिनाथ / मुक्ति-नारायण / सालग्रामम् / सालिग्राम-क्षेत्र — 108 दिव्य देशम का 108वाँ (एकमात्र भारत-मुख्य-भूमि-बाह्य); 8 स्वयं व्यक्त क्षेत्र में सम्मिलित; 51 शक्ति-पीठ में गण्डकी-चण्डी-पीठ + चक्रपाणि-भैरव; वज्रयान बौद्ध 24 तान्त्रिक-पीठ में सम्मिलित (तिब्बती-नाम 'चुमिग ग्यात्सा' = '100 जल'); शालिग्राम-शिला का विश्व-एकमात्र प्राकृतिक-स्रोत; पञ्च-भूत-स्थल (पृथ्वी + जल + अग्नि + वायु + आकाश)

अन्य नाम: मुक्तिनाथ · मुक्ति-नारायण · तिरुसालग्रामम् (तमिल नाम) · मूर्ति पेरुमाल · चुमिग ग्यात्सा (तिब्बती) · सालग्राम-क्षेत्र · मुक्ति-क्षेत्र

  • 108 दिव्य देशम का 108वाँ
  • 8 स्वयं व्यक्त क्षेत्र
  • 51 शक्ति-पीठ
  • वज्रयान बौद्ध 24-तान्त्रिक-पीठ में…
श्री मुक्तिनाथ मन्दिर
दर्शन समय
05:00 (मौसम-अनुसार) – 20:30 (मौसम-अनुसार)
स्वरूप
स्वयं व्यक्त
स्थान
Ranipauwa · Mustang District, Gandaki Province
उत्तम ऋतु
मार्च-मई
काल
वैदिक-पूर्व पूज्य-स्थल

इस मन्दिर की विशेषता

  • 108 दिव्य देशम का 108वाँ — एकमात्र भारत-मुख्य-भूमि-बाह्य दिव्य-देशम; तमिल-नाम 'तिरुसालग्रामम्'; कुलशेखर-अल्वार-गायित
  • 8 स्वयं व्यक्त क्षेत्र (अष्टाक्षर) में सम्मिलित: श्रीरङ्गम + तिरुमाला + नैमिषारण्य + पुष्कर + सालग्राम (मुक्तिनाथ) + बद्रीनाथ + श्री-मुष्णम् + तोताद्रि
  • 51 शक्ति-पीठ — गण्डकी चण्डी-शक्ति + चक्रपाणि-भैरव; गण्डकी-नदी-स्रोत-पीठ; सटीक-शरीर-अङ्ग-अट्रिब्यूशन स्रोत-असंगत (शिरस् vs जङ्घा vs कनपटी)
  • वज्रयान बौद्ध 24-तान्त्रिक-पीठ में सम्मिलित — पद्मसम्भव (गुरु रिनपोचे)-आशीर्वादित
  • 108 बैल-मुख (गोमुख) काँस्य-जल-स्पाउट 'मुक्तिधारा' — हिन्दू-परम्परा अनुसार 108-स्नान से सर्व-पाप-निवारण-मोक्ष; बौद्ध-परम्परा अनुसार 108-क्लेश-निवारण
  • ज्वाला माई मन्दिर — प्राकृतिक-नित्य-प्रज्वलित-त्रि-शिखा (मीथेन-गैस-स्व-अग्नि + निकटवर्ती-झरना-जल = जल-अग्नि-एक-कक्ष-संगम — भूगर्भीय-आध्यात्मिक चमत्कार)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

विष्णु — मुक्तिनाथ / मुक्ति-नारायण (मोक्ष-दाता); जीवन-आकार स्वर्ण/ताम्र-मूर्ति, पद्मासन, पीत-वस्त्र; गर्भगृह में पट्ट-महिषी श्रीदेवी (लक्ष्मी) + भूदेवी; गरुड + गणेश + सप्तर्षि + जानकी-सीता-लव-कुश + आण्डाल + श्री रामानुज (2009 प्रतिष्ठित) + गौतम बुद्ध सहायक-शाला-स्थापित; बौद्ध-परम्परा में अवलोकितेश्वर/चेन्रेज़िग (करुणा-बोधिसत्व) रूप में पूज्य

स्वयं व्यक्त (स्व-प्रकट) क्षेत्र; पैगोडा-शैली बहु-तल पगडण्डी-छत नेपाली-स्थापत्य; सक्रिय तिब्बती-बौद्ध भिक्षुणी-मठ मन्दिर-पार्श्व — विश्व का दुर्लभ-जीवित हिन्दू-बौद्ध सह-निवास उदाहरण

सम्प्रदाय: वैष्णव — श्री वैष्णव सम्प्रदाय (दिव्य देशम; कुलशेखर-अल्वार-गायित 7वीं-9वीं शताब्दी; श्री रामानुज-सम्बन्ध) + बौद्ध — वज्रयान/तिब्बती-बौद्ध (पद्मसम्भव-आशीर्वादित; 21 तारा + डाकिनी-अधिष्ठित; 24-तान्त्रिक-पीठ) — द्वि-धर्म-संगम विश्व-अद्वितीय

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

शालिग्राम-स्थल-पुराण (मुख्य-कथा)

ब्रह्मा-इन्द्र-शिव ने विष्णु से प्रार्थना की कि वे शिला-स्वरूप-निवास करें; विष्णु ने घोषणा की कि वे चक्र-तीर्थ (मुक्ति-क्षेत्र) में शालिग्राम-स्वरूप निवास करेंगे। वज्रकीट-कृमि शिलाओं में चक्र-रेखाएँ उत्कीर्ण करते हैं। यह विश्व का एकमात्र प्राकृतिक-शालिग्राम-स्रोत; काली गण्डकी नदी-तट से ~165-400 मिलियन-वर्ष-पुरातन काले-अम्मोनाइट-फॉसिल मिलते हैं; स्रोत-झील दामोदर कुण्ड (ऊपरी मुस्तङ ~5,400 मीटर)।

108 मुक्तिधारा कथा

108 बैल-मुख जल-स्पाउट काली गण्डकी हिमनद-धारा से सतत-प्रवाहित; हिन्दू-परम्परा अनुसार सभी-108 में स्नान करने पर 108 दिव्य-देशम-यात्रा का पुण्य एवं सर्व-पाप-निवारण-मोक्ष; बौद्ध-परम्परा अनुसार 108-मानसिक-क्लेश (किलेशा) का शुद्धीकरण।

ज्वाला माई पञ्च-भूत-कथा

मन्दिर के नीचे/पार्श्व ज्वाला माई शाला में 3 प्राकृतिक-नित्य-प्रज्वलित-शिखाएँ हैं; ज़मीन-तले से मीथेन-गैस-स्व-अग्नि + निकटवर्ती-झरना — एक-ही-कक्ष में जल-अग्नि-संगम। पञ्च-भूत-सम्पूर्णता (पृथ्वी + जल + अग्नि + वायु + आकाश) के कारण विष्णु एवं बुद्ध दोनों-धर्म-परम्परा इसे चमत्कार-स्थल मानते हैं।

बौद्ध परम्परा — चुमिग ग्यात्सा कथा

तिब्बती-नाम 'चुमिग ग्यात्सा' (100 जल); पद्मसम्भव (गुरु रिनपोचे) ने तिब्बत-यात्रा-काल आशीर्वाद दिया; 21 तारा + डाकिनी (आकाश-नर्तकी)-अधिष्ठित; वज्रयान-बौद्ध 24-तान्त्रिक-पीठ में सम्मिलित।

दिव्य-प्रबन्धम् — कुलशेखर अल्वार-गायित

तिरुसालग्रामम् 108वाँ-दिव्य-देशम; एकमात्र-नेपाल-स्थित; देवता मूर्ति-पेरुमाल; 7वीं-9वीं शताब्दी अल्वार-गायन।

शक्ति-पीठ कथा

51 शक्ति-पीठों में सम्मिलित — सती-शरीर-पतन-स्थल; गण्डकी चण्डी-शक्ति + चक्रपाणि-भैरव; गण्डकी-नदी-स्रोत-पीठ। सटीक-शरीर-अङ्ग-अट्रिब्यूशन स्रोत-असंगत।

संत एवं परम्परा

  • ब्रह्मा-इन्द्र-शिव — शालिग्राम-स्थल-कथा-केन्द्र
  • शालङ्कायन ऋषि — प्राचीन-पूज्य-स्थापना
  • कुलशेखर अल्वार (7वीं-9वीं शताब्दी) — दिव्य-प्रबन्धम् मङ्गलाशासनम्
  • श्री रामानुजाचार्य (1017-1137) — सम्बद्ध; 2009 श्री रामानुज-मूर्ति-प्रतिष्ठा
  • पेरिय तिरुमलै नम्बि (श्री रामानुज-मामा, 973 ईस्वी) — तिरुमाला आकाश-गङ्गा-जल-वाहन-परम्परा का वैष्णव-तीर्थ-जल-पूजा-स्थापना-आदर्श
  • पद्मसम्भव (गुरु रिनपोचे) — तिब्बत-यात्रा-काल आशीर्वाद; वज्रयान-बौद्ध-स्थापना
  • रानी सुवर्ण-प्रभा देवी (राजा रण-बहादुर शाह-पत्नी; पृथ्वी-नारायण शाह-पुत्र-वधू; ~1815 ईस्वी) — वर्तमान पैगोडा-मन्दिर-निर्माण
  • 21 तारा + डाकिनी — वज्रयान-तान्त्रिक-अधिष्ठित
  • मुक्तिनाथ विकास समिति (Muktinath Development Committee; muktinathdc.org.np) — आधुनिक-प्रबन्धन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 973पेरिय तिरुमलै नम्बि-काल (श्री रामानुज-मामा); तिरुमाला आकाश-गङ्गा-जल-वाहन-परम्परा-स्थापना; मुक्तिनाथ-वैष्णव-तीर्थ-जल-पूजा-आदर्श-सम्बद्धTirumala Tirupati Yatra + Vaishnava बहु-स्रोत
  2. 1815रानी सुवर्ण-प्रभा देवी द्वारा वर्तमान पैगोडा-शैली बहु-तल-छत मन्दिर-निर्माणWikipedia + Vedicfeed + Sacred Sites बहु-स्रोत
  3. 2009श्री रामानुजाचार्य-मूर्ति का मुक्तिनाथ-मन्दिर में प्रतिष्ठानWikipedia Muktinath + Muktinathdarshan
  4. 2026यारतुङ मेला 2026: 17-19 अगस्त 2026 (श्रावण पूर्णिमा-काल); 3-दिवसीय अश्व-दौड़ + तीरन्दाज़ी ग्रीष्म-समापन-समारोहMustang Trek Nepal + Nepal Highland Treks बहु-स्रोत
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:00 (मौसम-अनुसार) से 20:30 (मौसम-अनुसार) तक

प्रातः आरती एवं अभिषेकम्05:00-08:00
दैनिक
मध्याह्न पूजा12:00
दैनिक
सायं आरती18:00
दैनिक
शेज आरती20:30
दैनिक

विशेष नियम: मन्दिर ~3,762 मी ऊँचाई पर — ऊँचाई-बीमारी (AMS)-जोखिम (अनुकूलन आवश्यक); शीतकाल (दिसंबर-फरवरी) हिमपात + सड़क-जोखिम; 108 मुक्तिधारा-जल हिमनद-तप्त-शीत वर्ष-पर्यन्त; नेपाल-वीसा भारतीयों के लिए नहीं (केवल पहचान-पत्र); शालिग्राम-निर्यात नेपाल-नियामन-अधीन; गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; पारम्परिक-वेश-नियम

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

मुख्य-गर्भगृह दर्शन (मुक्तिनाथ-विष्णु)निःशुल्क
समय
05:00-20:30 (मौसम-अनुसार)
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

जीवन-आकार स्वर्ण/ताम्र-मूर्ति-दर्शन; श्रीदेवी + भूदेवी पार्श्व-स्थित।

108 मुक्तिधारा-स्नान-संकल्पनिःशुल्क

108 बैल-मुख जल-स्पाउट के नीचे क्रम-स्नान; हिमनद-शीत-जल; हिन्दू-परम्परा अनुसार सर्व-पाप-निवारण-मोक्ष; बौद्ध-परम्परा अनुसार 108-क्लेश-शुद्धीकरण।

लक्ष्मी-कुण्ड + सरस्वती-कुण्ड स्नाननिःशुल्क

मुक्ति-कुण्ड के दो-नामित-कुण्ड; 108 मुक्तिधारा-स्नान-पूर्व त्रि-स्नान-परम्परा।

ज्वाला माई शाला दर्शन (नित्य-प्रज्वलित-त्रि-शिखा)निःशुल्क

मन्दिर-नीचे/पार्श्व; मीथेन-स्व-अग्नि + निकटवर्ती-झरना-जल = जल-अग्नि-एक-कक्ष-संगम; भूगर्भीय-आध्यात्मिक चमत्कार।

शालिग्राम-शिला दर्शन/संग्रह (काली गण्डकी नदी-तट)

विश्व-एकमात्र प्राकृतिक-शालिग्राम-स्रोत; नेपाल-निर्यात-नियामन-अधीन तीर्थयात्री-संग्रह-अनुमत; नित्य-पूज्य-अनिकोनिक-विष्णु-स्वरूप।

तिब्बती-बौद्ध भिक्षुणी-मठ दर्शननिःशुल्क

मन्दिर-पार्श्व सक्रिय वज्रयान-बौद्ध भिक्षुणी-मठ; दुर्लभ हिन्दू-बौद्ध सह-निवास-दर्शन।

श्री रामानुज-मूर्ति दर्शन (2009-प्रतिष्ठित)निःशुल्क

मुख्य-गर्भगृह में स्थापित; आण्डाल + सीता-लव-कुश-संग।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

यारतुङ मेला 2026 (3-दिवसीय; ग्रीष्म-समापन-समारोह)श्रावण पूर्णिमा-काल (अगस्त)

17-19 अगस्त 2026 (श्रावण पूर्णिमा-समीप); 3-दिवसीय अश्व-दौड़ + तीरन्दाज़ी; मुस्तङ-घोड़ों + लोगों के दीर्घ-काल-सम्बन्ध-प्रमाण; ग्रीष्म-काल-समापन।

जनई पूर्णिमाश्रावण पूर्णिमा (अगस्त)

ब्राह्मण/क्षत्रिय जनेऊ-नवीनीकरण-दिवस; यारतुङ मेला के साथ संयुक्त।

ऋषि तर्पणीविशेष-तिथि

ऋषि-तर्पण।

विजय-दशमी (दशैन)आश्विन शुक्ल दशमी

नेपाल के राष्ट्रीय-उत्सव दशैन-काल।

राम-नवमीचैत्र शुक्ल नवमी

राम-जयन्ती।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

मोक्ष-संकल्प (मुक्तिनाथ नाम-अनुसार)

'मुक्तिनाथ' = मोक्ष-दाता-प्रभु; नाम-अनुसार सर्व-मोक्ष-संकल्प-तीर्थ; मुक्ति-क्षेत्र पुराण-काल 4 साल्वेशन-क्षेत्रों में सम्मिलित

स्रोत: Wikipedia + Vedicfeed + Sacred Sites बहु-स्रोत

108 मुक्तिधारा-स्नान-संकल्प (विश्व-अद्वितीय)

108-स्नान से 108 दिव्य-देशम-यात्रा-पुण्य + सर्व-पाप-निवारण-मोक्ष; बौद्ध-परम्परा अनुसार 108-क्लेश-शुद्धीकरण; द्वि-धर्म-दर्शन-संकल्प

स्रोत: Wikipedia + Muktinath Darshan + Nepal Tourism Board

शालिग्राम-शिला-प्राप्ति-संकल्प (विश्व-एकमात्र स्रोत)

विश्व का एकमात्र प्राकृतिक-शालिग्राम-स्रोत; काली गण्डकी नदी-तट से ~165-400 मिलियन-वर्ष-पुरातन काले-अम्मोनाइट; पुराण-कथा वज्रकीट-चक्र-उत्कीर्णन; नित्य-पूज्य-अनिकोनिक-विष्णु-स्वरूप

स्रोत: Wikipedia Shaligram + Hinduism Today + Down To Earth बहु-स्रोत

ज्वाला माई पञ्च-भूत-दर्शन-संकल्प (विश्व-अद्वितीय)

पृथ्वी + जल + अग्नि + वायु + आकाश पञ्च-भूत-सम्पूर्णता; मीथेन-स्व-अग्नि + निकटवर्ती-झरना एक-कक्ष में; भूगर्भीय-आध्यात्मिक चमत्कार-दर्शन

स्रोत: Wikipedia + Sacred Sites + Hinduism Today बहु-स्रोत

हिन्दू-बौद्ध सह-निवास-दर्शन-संकल्प (विश्व-दुर्लभ)

एकमात्र विश्व-स्थल जो एक-साथ वैष्णव-दिव्य-देशम + स्वयं-व्यक्त-क्षेत्र + शक्ति-पीठ + वज्रयान-तान्त्रिक-पीठ + पञ्च-भूत-स्थल; नेपाल का जीवित हिन्दू-बौद्ध धार्मिक-सद्भाव-प्रतीक

स्रोत: Wikipedia + Chumig Gyatsa + Hinduism Today बहु-स्रोत

गण्डकी चण्डी शक्ति-पीठ-संकल्प

51 शक्ति-पीठों में सम्मिलित; गण्डकी चण्डी-शक्ति + चक्रपाणि-भैरव; गण्डकी-नदी-स्रोत-पीठ

स्रोत: Wikipedia Shakta pithas

अष्ट स्वयं व्यक्त क्षेत्र यात्रा-संकल्प

8 स्वयं व्यक्त (अष्टाक्षर) क्षेत्र में सम्मिलित; अष्टाक्षर-यात्रा-शृङ्खला

स्रोत: Hindu Blog + पुराण परम्परा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवायद्वादशाक्षर मन्त्रभागवत-परम्परा
  • ॐ नमो नारायणायअष्टाक्षर मन्त्रवैष्णव परम्परा
  • ॐ मुक्तिनाथाय नमः / मुक्तिनाथ-नाम-जपनाम-मन्त्रवैष्णव परम्पराइस मन्दिर हेतु
  • तिरुसालग्रामम्-पासुर (कुलशेखर अल्वार)तमिल वैष्णव स्तोत्रनालायिर दिव्य प्रबन्धम्इस मन्दिर हेतु108वाँ-दिव्य-देशम मङ्गलाशासनम्
  • ॐ मणि पद्मे हूँ (अवलोकितेश्वर बोधिसत्व मन्त्र)वज्रयान बौद्ध मन्त्रतिब्बती बौद्ध परम्पराइस मन्दिर हेतुबौद्ध-परम्परा-दर्शन-काल
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

ज्वाला माई शाला (पञ्च-भूत नित्य-प्रज्वलित-त्रि-शिखा)50 मी

मीथेन-स्व-अग्नि + निकटवर्ती-झरना-जल एक-कक्ष में; पञ्च-भूत-सम्पूर्णता का विश्व-अद्वितीय-दर्शन

108 मुक्तिधारा गोमुख-स्पाउट100 मी

108 बैल-मुख जल-स्पाउट; हिमनद-शीत-जल; हिन्दू-बौद्ध द्वि-धर्म-स्नान-संकल्प

लक्ष्मी-कुण्ड + सरस्वती-कुण्ड (मुक्ति-कुण्ड)100 मी

108 मुक्तिधारा-पूर्व त्रि-स्नान-कुण्ड

तिब्बती-बौद्ध भिक्षुणी-मठ50 मी

सक्रिय वज्रयान-बौद्ध भिक्षुणी-मठ; विश्व-दुर्लभ हिन्दू-बौद्ध सह-निवास

कागबेनी (काली गण्डकी पुरातन-तीर्थयात्रा-विश्राम)8 किमी

पुरातन-तीर्थयात्रा-विश्राम-नगर; पितृ-तर्पण-स्थल

जोमसोम (मुख्य-निकटतम-पहुँच + STOL हवाई-अड्डा)20 किमी

मुस्तङ-ज़िला-केन्द्र; मुख्य-पहुँच-बिन्दु

मार्फा (सेब-ग्राम)30 किमी

प्रसिद्ध सेब + सेब-ब्रांडी (मार्फा-कैल्वाडोस); पारम्परिक-थकाली-संस्कृति

दामोदर कुण्ड (शालिग्राम-स्रोत-झील; उच्च-ऊँचाई ट्रेक)50 किमी

शालिग्राम-शिला-मूल-स्रोत-झील; उच्च-ऊँचाई ट्रेक (अनुभवी-केवल)

थोरङ ला पास (अन्नपूर्णा सर्किट 5,416 मी)30 किमी

अन्नपूर्णा-सर्किट उच्चतम-बिन्दु; ट्रेकर्स-मार्ग

108 दिव्य देशम (वैष्णव यात्रा-शृङ्खला)

108वाँ-दिव्य-देशम 'तिरुसालग्रामम्'; एकमात्र भारत-मुख्य-भूमि-बाह्य; कुलशेखर-अल्वार-गायित

108 मंदिर

8 स्वयं व्यक्त विष्णु-क्षेत्र (अष्टाक्षर-क्षेत्र)

सम्मिलित: श्रीरङ्गम + तिरुमाला + नैमिषारण्य + पुष्कर + सालग्राम (मुक्तिनाथ) + बद्रीनाथ + श्री-मुष्णम् + तोताद्रि

8 मंदिर

51 शक्ति-पीठ यात्रा (गण्डकी-चण्डी पीठ)

गण्डकी-नदी-स्रोत-पीठ; एकमात्र-नेपाल-स्थित शक्ति-पीठों में सम्मिलित

51 मंदिर

वज्रयान बौद्ध 24-तान्त्रिक-पीठ (चुमिग ग्यात्सा)

तिब्बती-बौद्ध 24-तान्त्रिक-पीठ में सम्मिलित; पद्मसम्भव-आशीर्वादित; 21 तारा + डाकिनी-अधिष्ठित

24 मंदिर

अन्नपूर्णा सर्किट तीर्थ-ट्रेक

मनाङ → थोरङ फेदी → थोरङ ला (5,416 मी) → मुक्तिनाथ → कागबेनी → जोमसोम → घोरेपानी ट्रेक

5 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री मुक्तिनाथ मन्दिर, रानीपौवा, मुस्तङ ज़िला, गण्डकी प्रदेश, नेपाल
हवाई अड्डा
जोमसोम हवाई-अड्डा (STOL; 20-मिनट उड़ान पोखरा-से); अग्रिम-कनेक्टिविटी पोखरा (PKR) → काठमाण्डू (KTM) अन्तर्राष्ट्रीय
रेलवे
नेपाल में रेलवे-सेवा सीमित; भारत-नज़दीकी रेलवे गोरखपुर (~300 किमी) सीमा-पार
बस-स्टैण्ड
जोमसोम बस-स्टैण्ड (मुख्य-कनेक्टिविटी); पोखरा से 195 किमी जीप-मार्ग 8-10 घण्टे; अन्नपूर्णा-सर्किट ट्रेक थोरङ ला पास (5,416 मी) पैदल-मार्ग वैकल्पिक
उत्तम ऋतु
मार्च-मई + सितंबर-नवंबर सर्वोत्तम (शिखर-काल अक्टूबर-नवंबर हिमालय-दृश्य); दिसंबर-फरवरी हिमपात + सड़क-जोखिम (परन्तु जीप-सामान्य-पहुँच); यारतुङ मेला 17-19 अगस्त 2026; जनई पूर्णिमा अगस्त; ऊँचाई-अनुकूलन ~2-3 दिन पोखरा-जोमसोम-कागबेनी पथ-पर अनुशंसित
प्रबन्धन
मुक्तिनाथ विकास समिति (Muktinath Development Committee); स्थानीय न्यासी-मण्डल; मुक्तिनाथ बायुदा बहुदा प्रबन्धन ट्रस्ट
वेबसाइट
https://muktinathdc.org.np
20 किमीJomsom
195 किमीPokhara
350 किमीKathmandu
60 किमीManang
50 किमीDamodar Kunda
8 किमीKagbeni
30 किमीMarpha
300 किमीGorakhpur
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