शालिग्राम-स्थल-पुराण (मुख्य-कथा)
ब्रह्मा-इन्द्र-शिव ने विष्णु से प्रार्थना की कि वे शिला-स्वरूप-निवास करें; विष्णु ने घोषणा की कि वे चक्र-तीर्थ (मुक्ति-क्षेत्र) में शालिग्राम-स्वरूप निवास करेंगे। वज्रकीट-कृमि शिलाओं में चक्र-रेखाएँ उत्कीर्ण करते हैं। यह विश्व का एकमात्र प्राकृतिक-शालिग्राम-स्रोत; काली गण्डकी नदी-तट से ~165-400 मिलियन-वर्ष-पुरातन काले-अम्मोनाइट-फॉसिल मिलते हैं; स्रोत-झील दामोदर कुण्ड (ऊपरी मुस्तङ ~5,400 मीटर)।
