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Murudeshwar · Karnataka

श्री मृडेश्वर / मुरुदेश्वर मन्दिर

श्री मृडेश्वर / मुरुदेश्वर मन्दिर — मुरुदेश्वर, भटकल तालुक, ज़िला उत्तर कन्नड, कर्नाटक

श्री म्हाटोबार मुरुदेश्वर (मृडेश्वर) = रावण के आत्म-लिङ्ग-केस-के वस्त्र-गिरने-स्थल; कनडुक/मृडेश-गिरि-पर्वत; अरब-सागर-तीन-तरफ; विश्व-प्रसिद्ध 123-फुट शिव-मूर्ति + 237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम् (R.N. शेट्टी-वित्तपोषित आधुनिकीकरण)

अन्य नाम: मुरुदेश्वर मन्दिर · मृडेश्वर मन्दिर · श्री म्हाटोबार मुरुदेश्वर · मुरुदेश्वर शिव-मन्दिर

  • विश्व-प्रसिद्ध 123-फुट
  • 237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम्
  • गोपुरम्-अन्तर्भाग में लिफ्ट
  • रावण-आत्म-लिङ्ग-वस्त्र-गिरने-स्थल…
श्री मृडेश्वर / मुरुदेश्वर मन्दिर
दर्शन समय
03:00 (Wikipedia + Astroved) – 20:00
स्वरूप
स्वयम्भू-शिवलिङ्ग गर्भगृह में भूमि-तल-नी…
स्थान
Murudeshwar · Karnataka
उत्तम ऋतु
महा शिवरात्रि 15 फरवरी 2026
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • विश्व-प्रसिद्ध 123-फुट (37 मी) शिव-मूर्ति — विश्व की तीसरी-सर्वोच्च शिव-मूर्ति (Wikipedia; 'Statue of Belief' + 'Kailashnath Mahadev Statue Nepal'-पश्चात्); R.N. शेट्टी-वित्तपोषित (~₹5 करोड़); शिवमोग्गा-कशिनाथ-मुख्य-शिल्पकार; ~2 वर्ष-निर्माण-काल
  • 237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम् (2008-पूर्ण; भारत के सर्वोच्च-गोपुरमों में सम्मिलित — श्रीरङ्गम् रङ्गनाथस्वामी राजगोपुरम् ~239 फीट के समकक्ष; 'विश्व का सर्वोच्च'-दावा drop)
  • गोपुरम्-अन्तर्भाग में लिफ्ट — विशाल बाह्य-शिव-मूर्ति का शिखर-से दृश्य
  • रावण-आत्म-लिङ्ग-वस्त्र-गिरने-स्थल पारम्परिक-कथा; गोकर्ण-वस्त्र-स्थल = मृडेश/मुरुदेश; गोकर्ण + मुरुदेश + सज्जेश्वर + गुनेश्वर + धारेश्वर पञ्च-क्षेत्र-क्लस्टर (आंशिक-सत्यापित flag)
  • अरब-सागर-तीन-तरफ कनडुक-गिरि-पर्वत-स्थित; तटीय-कर्नाटक-प्रमुख-स्थल; मुरुदेश्वर रेलवे स्टेशन (MRDW) कोङ्कण-रेलवे-समीप
  • परशुराम-क्षेत्र सप्त-मुक्ति-स्थल में NHI (वे: उडुपी + कोल्लूर + सुब्रह्मण्य + कुम्भाशी + कोटेश्वर + शङ्करनारायण + गोकर्ण; मुरुदेश्वर सम्मिलित-नहीं — बहु-स्रोत-सत्यापित)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री मृडेश-लिङ्ग / म्हाटोबार मुरुदेश्वर — स्वयम्भू-लिङ्ग गर्भगृह में ~2 फीट भूमि-तल-नीचे; आत्म-लिङ्ग-का अंश-मान्यता; उप-देवता: 123-फुट विशाल बाह्य-शिव-मूर्ति (अलग; मन्दिर-समीप), नन्दी (गोपुरम्-समीप)

स्वयम्भू-शिवलिङ्ग गर्भगृह में भूमि-तल-नीचे; अन्धकार-गर्भगृह; प्रत्यक्ष-गर्भगृह-प्रवेश-सीमित (Wikipedia); 123-फुट बाह्य-शिव-मूर्ति अलग-प्रदर्शन-स्थल

सम्प्रदाय: शैव-परम्परा; प्रशासन: R.N. शेट्टी ट्रस्ट / श्री म्हाटोबार मुरुदेश्वर मन्दिर ट्रस्ट; R.N. शेट्टी (RNS Group; पद्म श्री-समान-व्यवसायी-दानवीर) ने मन्दिर-प्रबन्धन एवं आधुनिकीकरण-वित्तपोषण किया; पूर्व-वंशानुगत मुक्तेसर-परम्परा (R.N. शेट्टी-पिता)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

रावण-आत्म-लिङ्ग-वस्त्र-गिरने कथा (मुरुदेश्वर-नाम-व्युत्पत्ति)

त्रेता-युग पारम्परिक-कथा: रावण ने भगवान् शिव से आत्म-लिङ्ग प्राप्त कर लंका-यात्रा-प्रारम्भ की। गणेश-बाल-ब्राह्मण-रूप-में रावण को छल-कर गोकर्ण-स्थल पर लिङ्ग भूमि-स्थापित कराई (लिङ्ग वहाँ स्थिर-हो गया = गोकर्ण-महाबलेश्वर)। क्रोध-में रावण ने आत्म-लिङ्ग-केस के विभिन्न-भागों को विभिन्न-दिशाओं में फेंका — वस्त्र (आवरण) कनडुक-गिरि-पर्वत पर 'मृडेश्वर'-स्थल पर गिरा (इसलिए 'मृडेश' → मुरुदेश्वर नाम)। अन्य-स्थल: सज्जेश्वर (सज्जा-सजावट-डोरी) + गुनेश्वर (केस-ढक्कन) + धारेश्वर (केस-स्वयं) — ये सब + गोकर्ण = पञ्च-क्षेत्र-क्लस्टर पारम्परिक (आंशिक-सत्यापित — flag)। मुख्य-गर्भगृह-लिङ्ग आत्म-लिङ्ग-का छोटा-अंश मान्यता-अनुसार स्वयम्भू-स्वरूप; भूमि-तल-नीचे ~2 फीट।

R.N. शेट्टी आधुनिकीकरण कथा (देर-20वीं-शताब्दी)

R.N. शेट्टी (Ravindranath Shetty; RNS Group-संस्थापक; प्रमुख-व्यवसायी-दानवीर) ने अपने पिता-वंशानुगत मुक्तेसर-परम्परा-पश्चात् मन्दिर-प्रबन्धक-न्यासी बने एवं देर-20वीं-शताब्दी में मन्दिर-आधुनिकीकरण किया — 237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम् (निर्माण-प्रारम्भ 1990; चरण-2 1998; 2008 पूर्ण) + 123-फुट विशाल शिव-मूर्ति (शिल्पकार: शिवमोग्गा-कशिनाथ-नेतृत्व; निर्माण-काल ~2 वर्ष; ~₹5 करोड़ R.N. शेट्टी-वित्तपोषित) + मुरुदेश्वर-नगर-विकास।

123-फुट शिव-मूर्ति विशिष्टता (विश्व-तीसरी-सर्वोच्च; Wikipedia)

123 फुट (37 मीटर) ऊँची विशाल बाह्य-शिव-मूर्ति; विश्व की तीसरी-सर्वोच्च शिव-मूर्ति (Wikipedia-स्रोत-अनुसार; 'Statue of Belief' राजस्थान 369 फुट + 'Kailashnath Mahadev' नेपाल 144 फुट से पश्चात्); सूर्य-प्रत्यक्ष-स्पर्श-डिज़ाइन। अरब-सागर-पृष्ठभूमि-में स्थित।

237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम् + लिफ्ट कथा

20-मञ्जिला 237.5-फुट राज-गोपुरम् 2008-पूर्ण (निर्माण-प्रारम्भ 1990; चरण-2 1998); भारत के सर्वोच्च-गोपुरमों में सम्मिलित (श्रीरङ्गम् रङ्गनाथस्वामी राजगोपुरम् ~239 फीट के समकक्ष; 'विश्व का सर्वोच्च'-दावा विवादास्पद — drop; 'भारत के सर्वोच्च में' phrasing सही)। गोपुरम्-अन्तर्भाग में लिफ्ट से शिखर-तक चढ़ाई — 123-फुट विशाल बाह्य-शिव-मूर्ति का शिखर-से दृश्य। शिल्पकार: S.K. आचार (तमिल) नेतृत्व 500 तंजावूर-कलाकारों-सङ्ग (एकल-स्रोत A Soul Window — flag)।

संत एवं परम्परा

  • रावण (त्रेता-युग पारम्परिक-कथा) — आत्म-लिङ्ग-वस्त्र-गिरने-स्थल-कथा-केन्द्र
  • गणेश-बाल-ब्राह्मण (पारम्परिक-कथा) — आत्म-लिङ्ग-गोकर्ण-स्थापन-छल-कर्ता
  • R.N. शेट्टी (Ravindranath Shetty) — RNS Group-संस्थापक; मन्दिर-न्यासी (वंशानुगत मुक्तेसर-वंशज); देर-20वीं-शताब्दी आधुनिकीकरण-वित्तपोषक
  • R.N. शेट्टी-पिता — वंशानुगत मुक्तेसर (पारम्परिक-प्रबन्धक) — R.N. शेट्टी-पूर्व
  • शिवमोग्गा-कशिनाथ — 123-फुट शिव-मूर्ति-मुख्य-शिल्पकार
  • S.K. आचार (तमिल) + 500 तंजावूर-कलाकार — राज-गोपुरम्-शिल्पकार (एकल-स्रोत-flag)
  • R.N. शेट्टी ट्रस्ट / श्री म्हाटोबार मुरुदेश्वर मन्दिर ट्रस्ट — आधुनिक-शासी-निकाय

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. त्रेता-युग पारम्परिक-कथा — रावण-आत्म-लिङ्ग-वस्त्र-गिरने-स्थल (मृडेश/मुरुदेश)Wikipedia + परम्परा
  2. 1990237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम्-निर्माण-प्रारम्भA Soul Window + Mahashivratri.org
  3. 1998राज-गोपुरम्-निर्माण-चरण-2A Soul Window
  4. 2008237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम्-पूर्णA Soul Window + Mahashivratri.org + Pravase + Wikipedia बहु-स्रोत
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

03:00 (Wikipedia + Astroved) से 20:00 तक · मध्याह्न विश्राम 13:00-15:00 (Wikipedia + Astroved)

मन्दिर-उद्घाटन03:00 (Wikipedia स्रोत; अन्य-स्रोत 06:00)
दैनिक
प्रात:-दर्शन03:00-13:00
दैनिक
प्रात:-आरती~06:30 (Temples.bio स्रोत — एकल-flag)
दैनिक
(मन्दिर-विश्राम)13:00-15:00
दैनिक
सायं-दर्शन15:00-20:00
दैनिक
सन्ध्या-आरती~19:00 (Temples.bio स्रोत — एकल-flag)
दैनिक

वस्त्र-संहिता: मामूली-पारम्परिक-वस्त्र (आधिकारिक-संहिता-स्रोतों-में नहीं — सुझाव-स्तर)

फोटोग्राफी: गर्भगृह-फोटोग्राफी-नीति आधिकारिक-स्रोतों-में नहीं — संभावित-निषेध-अनुमान

विशेष नियम: गर्भगृह अन्धकार + भूमि-तल-नीचे; प्रत्यक्ष-गर्भगृह-प्रवेश-सीमित; मध्याह्न-विश्राम 13:00-15:00; लिफ्ट-शुल्क-पृथक्; दैनिक-समय स्रोतों-में-असम्मति — मन्दिर-कॉल-पुष्टि अनुशंसित

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शन (गर्भगृह-स्थल-लिङ्ग)निःशुल्क
समय
03:00-13:00 + 15:00-20:00

स्वयम्भू-शिवलिङ्ग गर्भगृह-में भूमि-तल-नीचे; अन्धकार-गर्भगृह।

123-फुट विशाल बाह्य-शिव-मूर्ति दर्शननिःशुल्क

गर्भगृह-समीप अलग-प्रदर्शन-स्थल; अरब-सागर-पृष्ठभूमि।

राज-गोपुरम् लिफ्ट (शिखर-से शिव-मूर्ति-दृश्य)₹10

20-मञ्जिला 237.5-फुट गोपुरम्-अन्तर्भाग में लिफ्ट; शिखर-से 123-फुट शिव-मूर्ति का दृश्य; ~₹10 शुल्क (A Soul Window एकल-स्रोत — सम्भवतः-पुराना)।

रुद्राभिषेक-सेवा

₹500-2,500 प्रात:-समय (Temples.bio एकल-स्रोत — flag); मन्दिर-कार्यालय-बुकिंग।

अर्चना-सेवा

₹51-201 (Temples.bio एकल-स्रोत — flag)।

महा शिवरात्रि-दर्शन (15 फरवरी 2026)निःशुल्क

वार्षिक-शिखर-उत्सव; सुप्रभात-सेवा + महा रुद्राभिषेकम् + मुरुदेश्वर-रथ-यात्रा + मध्य-रात्रि महा-आरती + रात्रि-जागरण।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महा शिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी; 2026: 15 फरवरी 2026 (रविवार)

वार्षिक-शिखर-उत्सव; सुप्रभात-सेवा + महा रुद्राभिषेकम् + मुरुदेश्वर-रथ-यात्रा + मध्य-रात्रि महा-आरती + रात्रि-जागरण

कार्तिक पूर्णिमा / कार्तिक शिवरात्रिकार्तिक पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर); 2026: 25 नवंबर 2026

कार्तिक-मास-शिव-विशेष-दिन

मासिक प्रदोष-पूजात्रयोदशी-तिथि

सूर्यास्त-पूर्व विशेष-अभिषेक

श्रावण-मास (शिव-मास)श्रावण (जुलाई-अगस्त)

मास-पर्यन्त विशेष-शिव-पूजा

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

महा शिवरात्रि-व्रत-संकल्प (वार्षिक 15 फरवरी 2026)

रावण-आत्म-लिङ्ग-वस्त्र-कथा-स्थल; तटीय-कर्नाटक-प्रमुख-शिव-तीर्थ-शिवरात्रि-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Drik Panchang + Hindutone बहु-स्रोत

स्वयम्भू-लिङ्ग-दर्शन-संकल्प (आत्म-लिङ्ग-अंश-मान्यता)

गर्भगृह-में भूमि-तल-नीचे ~2 फीट स्वयम्भू-लिङ्ग; आत्म-लिङ्ग-अंश-मान्यता-अनुसार; अद्वितीय-दर्शन-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + परम्परा

123-फुट विशाल शिव-मूर्ति-दर्शन-संकल्प (विश्व-तीसरी-सर्वोच्च)

विश्व की तीसरी-सर्वोच्च शिव-मूर्ति (Wikipedia); R.N. शेट्टी-वित्तपोषित; अरब-सागर-पृष्ठभूमि; आधुनिक-तीर्थयात्रा-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + A Soul Window + Astroved बहु-स्रोत

237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम् + लिफ्ट-शिखर-दृश्य-संकल्प

भारत के सर्वोच्च-गोपुरमों में सम्मिलित (2008-पूर्ण); गोपुरम्-लिफ्ट से शिखर-शिव-मूर्ति-दृश्य; आधुनिक-वास्तुकला-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + A Soul Window + Mahashivratri.org + Pravase बहु-स्रोत

रावण-आत्म-लिङ्ग-पञ्च-क्षेत्र-तीर्थयात्रा-संकल्प

गोकर्ण + मुरुदेश्वर + सज्जेश्वर + गुनेश्वर + धारेश्वर पञ्च-क्षेत्र-क्लस्टर पारम्परिक (आंशिक-सत्यापित — flag)

स्रोत: Wikipedia + परम्परा (आंशिक-सत्यापित)

श्रावण-मासिक-व्रत-संकल्प + प्रदोष-पूजा-संकल्प

साप्ताहिक/मासिक शिव-व्रत-तीर्थ

स्रोत: शिव-पुराण + परम्परा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • शिव पञ्चाक्षरी मन्त्र (नम: शिवाय)पञ्चाक्षरी मन्त्रशैव-परम्परा
  • श्री रुद्रम् + चमकम्वेद-स्तोत्रकृष्ण-यजुर्वेद तैत्तिरीय-संहितारुद्राभिषेक-काल पाठ-परम्परा
  • शिव-तण्डव-स्तोत्रस्तोत्ररावण-कृत पारम्परिक-कथन — मुरुदेश्वर-कथा-केन्द्रीय (आत्म-लिङ्ग-यात्रा-काल)इस मन्दिर हेतुरावण-कथा-कारण विशेष-सम्बद्ध
  • मुरुदेश्वर अष्टकम्अष्टक-स्तोत्रतटीय-कर्नाटक-शैव-परम्पराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

123-फुट विशाल बाह्य-शिव-मूर्ति (मन्दिर-समीप)200 मी

विश्व की तीसरी-सर्वोच्च शिव-मूर्ति; R.N. शेट्टी-वित्तपोषित; शिवमोग्गा-कशिनाथ-शिल्पकार

237.5-फुट 20-मञ्जिला राज-गोपुरम् + लिफ्ट100 मी

भारत के सर्वोच्च-गोपुरमों में सम्मिलित (2008-पूर्ण); गोपुरम्-शिखर-से शिव-मूर्ति-दृश्य लिफ्ट-से

नन्दी-मण्डप100 मी

विशाल-नन्दी-मूर्ति

अरब-सागर-तट (मन्दिर-तीन-तरफ)0 मी

कनडुक-गिरि-पर्वत अरब-सागर-तीन-तरफ; प्राकृतिक-तटीय-दृश्य

गोकर्ण महाबलेश्वर (परशुराम-क्षेत्र सप्त-मुक्ति-स्थल; आत्म-लिङ्ग-मूल-स्थल)75 किमी

रावण-आत्म-लिङ्ग-स्थापन-स्थल; पञ्च-क्षेत्र-क्लस्टर-मूल-तीर्थ; मुरुदेश्वर-वस्त्र-गिरने-कथा-केन्द्र

धारेश्वर / गुनेश्वर / सज्जेश्वर (पञ्च-क्षेत्र-शेष-स्थल)60 किमी

रावण-आत्म-लिङ्ग-केस-भाग-गिरने-पारम्परिक-स्थल (आंशिक-सत्यापित-flag)

उडुपी श्री कृष्ण मठ (120 किमी)120 किमी

मध्व-सम्प्रदाय-केन्द्र; तटीय-कर्नाटक-तीर्थ-क्लस्टर

कोल्लूर मूकाम्बिका (60 किमी)60 किमी

परशुराम-क्षेत्र-देवी-स्थान; तटीय-कर्नाटक-तीर्थ-समूह

रावण-आत्म-लिङ्ग पञ्च-क्षेत्र-तीर्थयात्रा (गोकर्ण + मुरुदेश्वर + धारेश्वर + गुनेश्वर + सज्जेश्वर)

वस्त्र-गिरने-स्थल-मूल; पञ्च-क्षेत्र-क्लस्टर का मुरुदेश-नाम-व्युत्पत्ति-केन्द्र

5 मंदिर

तटीय-कर्नाटक-यात्रा (मुरुदेश्वर + उडुपी + कोल्लूर + गोकर्ण + मङ्गलूर)

तटीय-कर्नाटक-प्रमुख-शिव-स्थल; अरब-सागर-तटीय-दृश्य-केन्द्र

5 मंदिर

विश्व-वृहत्तम शिव-मूर्ति-तीर्थयात्रा (मुरुदेश्वर 123 फुट + Statue of Belief 369 फुट + Kailashnath Mahadev Nepal 144 फुट)

विश्व की तीसरी-सर्वोच्च शिव-मूर्ति-स्थल

3 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री म्हाटोबार मुरुदेश्वर / मृडेश्वर मन्दिर, कनडुक-गिरि-पर्वत, मुरुदेश्वर, भटकल तालुक, ज़िला उत्तर कन्नड, कर्नाटक — PIN 581350 (अरब-सागर-तीन-तरफ)
हवाई अड्डा
मङ्गलूर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IXE) — ~165 किमी; गोवा (GOI) ~250 किमी वैकल्पिक
रेलवे
मुरुदेश्वर रेलवे स्टेशन (MRDW; कोङ्कण-रेलवे) — मन्दिर-से 2 किमी
बस-स्टैण्ड
मुरुदेश्वर बस-स्टैण्ड (मन्दिर-समीप); NH-66 1 किमी-पथ-विचलन (हुनवर-भटकल-मध्य)
उत्तम ऋतु
महा शिवरात्रि 15 फरवरी 2026; कार्तिक पूर्णिमा 25 नवंबर 2026; मासिक प्रदोष; श्रावण-मास जुलाई-अगस्त; शीत-मासों (नवंबर-फरवरी) में तटीय-कर्नाटक-यात्रा-आरामदायक; पावस-ऋतु (जून-सितंबर) में पश्चिम-घाट-तटीय-भारी-वर्षा
प्रबन्धन
R.N. शेट्टी ट्रस्ट / श्री म्हाटोबार मुरुदेश्वर मन्दिर ट्रस्ट; R.N. शेट्टी (Ravindranath Shetty; RNS Group-संस्थापक) — मन्दिर-न्यासी एवं देर-20वीं-शताब्दी आधुनिकीकरण-वित्तपोषक; R.N. शेट्टी-पिता वंशानुगत मुक्तेसर (पारम्परिक-प्रबन्धक) थे
2 किमीMurudeshwar Railway
14 किमीBhatkal
22 किमीHonnavar
75 किमीGokarna
85 किमीKarwar
120 किमीUdupi
60 किमीKollur Mookambika
165 किमीMangalore
250 किमीGoa
491 किमीBangalore
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