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Omkareshwar (Mandhata) · Madhya Pradesh

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, माण्धाता

ओंकार-ईश्वर / अमलेश्वर — ॐ-स्वरूप शिव

अन्य नाम: ओंकार ज्योतिर्लिंग · माण्धाता का ओंकारेश्वर · ॐकार-शिव · ॐ-द्वीप का स्वामी

  • 12 ज्योतिर्लिंग
  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र के चतु…
  • ज्योतिर्लिंगों में अद्वितीय
श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, माण्धाता
दर्शन समय
05:00 – 21:30
स्वरूप
ओंकारेश्वर शिवलिंग
स्थान
Omkareshwar (Mandhata) · Madhya Pradesh
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
मूल पीठ: अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 12 ज्योतिर्लिंग (चतुर्थ — 'ओंकारममलेश्वरम्')
  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र के चतुर्थ श्लोक का प्रथम-पद
  • ज्योतिर्लिंगों में अद्वितीय — एक स्थान पर दो ज्योतिर्लिंग (ओंकारेश्वर + ममलेश्वर)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री ओंकारेश्वर (शिव — ॐ-स्वरूप ज्योतिर्लिंग); सहयोगी ज्योतिर्लिंग श्री ममलेश्वर / अमरेश्वर (नर्मदा के दक्षिणी तट पर)

ओंकारेश्वर शिवलिंग — माण्धाता द्वीप पर; ममलेश्वर शिवलिंग — दक्षिणी तट पर। 'द्विरूप ज्योतिर्लिंग' — एक ही ज्योतिर्लिंग के दो रूप।

सम्प्रदाय: शैव

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

शिव पुराण

कोटिरुद्र संहिता — ओंकारेश्वर-माहात्म्य; विन्ध्य पर्वत-देवता द्वारा शिव-आराधना एवं ज्योतिर्लिंग-प्राकट्य कथा

स्कन्द पुराण

रेवा खण्ड — नर्मदा-तीर्थ एवं ओंकार-क्षेत्र का माहात्म्य

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र

आदि शंकराचार्य — 'उज्जयिन्यां महाकालम् ओंकाराममलेश्वरम्' — चतुर्थ श्लोक का प्रथम-पद

लिङ्ग पुराण

ओंकार-स्वरूप शिव का वर्णन; ॐकार-नाद से शिव-तत्व

संत एवं परम्परा

  • विन्ध्य पर्वत-देवता — प्रथम भक्त एवं ज्योतिर्लिंग-प्राकट्य के कारण; पाप-निवारण हेतु शिव-उपासना से बालू-मिट्टी का लिंग बनाकर पूजा; शिव ने 'ओंकारेश्वर' एवं 'अमलेश्वर' दो रूपों में दर्शन दिया
  • आदि शंकराचार्य (8वीं शताब्दी) — माण्धाता द्वीप की गुफा में गुरु गोविन्द-भगवद्पाद से दीक्षा; केरल से 1,600 किमी से अधिक पैदल यात्रा कर ओंकारेश्वर पहुँचे; अद्वैत-वेदान्त की मूल-दीक्षा-स्थली
  • गुरु गोविन्द-भगवद्पाद — आदि शंकराचार्य के गुरु; ओंकारेश्वर की गुफा में निवास; शंकराचार्य को संन्यास-दीक्षा प्रदान
  • रानी अहिल्याबाई होलकर (1725-1795) — मालवा की महारानी; 18वीं शताब्दी में मंदिर-पुनर्निर्माण एवं विस्तार की मुख्य प्रवर्तक

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 700लगभग 8वीं शताब्दी — आदि शंकराचार्य का ओंकारेश्वर-आगमन एवं गुरु गोविन्द-भगवद्पाद से माण्धाता द्वीप की गुफा में संन्यास-दीक्षा (अद्वैत-वेदान्त परंपरा का मूल बिन्दु)Drishti IAS + Wikipedia
  2. 9009वीं-14वीं शताब्दी — परमार राजवंश के काल में मालवा के शैव-तीर्थ के रूप में प्रमुख विकास; प्रारंभिक संरचनात्मक मंदिर-निर्माणInheritage Foundation + MP Tourism
  3. 175018वीं शताब्दी — रानी अहिल्याबाई होलकर के संरक्षण से वर्तमान मंदिर-संरचना का पुनर्निर्माण एवं विस्तार; नागर शैली का परिष्कारMP Tourism + Inheritage Foundation
  4. 202321 सितंबर 2023 — मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 'एकात्म धाम' परियोजना के अन्तर्गत 108 फीट ऊँची 'स्टैचू ऑफ वननेस' (आदि शंकराचार्य) का अनावरण; 54 फीट ऊँचा आधार-पीठ; बहु-धातु निर्मित; शंकराचार्य की चलती-मुद्रा में दुर्लभ प्रतिमा — अद्वैत-दर्शन के प्रसार के प्रतीक रूप मेंIndia TV + Drishti IAS + Statue of Oneness
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:00 से 21:30 तक · मध्याह्न विश्राम 12:20-13:15 (मध्याह्न भोग — गर्भगृह बन्द); 16:00-16:15 (सायं-कालीन शृंगार)

मंगला आरती05:00-05:30
दैनिक

दिन की प्रथम आरती; अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव

नित्य-पूजा एवं अभिषेक05:30-12:20
दैनिक
मध्याह्न भोग12:20-13:15
दैनिक

गर्भगृह बन्द

सायं-कालीन शृंगार16:00-16:15
दैनिक
संध्या आरती20:00-20:30
दैनिक

सायं-काल का प्रमुख अनुष्ठान

शयन आरती20:30-21:00
दैनिक

दिन की अन्तिम आरती; 21:30 बजे मंदिर बन्द

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
05:00-12:20 एवं 13:15-21:30
उपयुक्त
सभी भक्त

मुख्य ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन निःशुल्क।

VIP विशेष दर्शन₹300
उपयुक्त
समय-सीमित भक्त एवं उत्सव-काल हेतु

₹300 प्रति-व्यक्ति VIP विशेष दर्शन (विशेषतः महाशिवरात्रि-काल में लागू); भीड़-प्रबंधन हेतु।

अभिषेकम् एवं विशेष पूजा
उपयुक्त
श्रद्धालु एवं संकल्प हेतु

जलाभिषेक, दूधाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र-अर्चना आदि की बुकिंग। नर्मदा-जल से अभिषेक का विशेष माहात्म्य।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

वर्ष का सर्वोच्च पर्व — मंदिर 24 घण्टे लगातार खुला रहता है। 4-प्रहर पूजा; मध्य-रात्रि (12:00-12:45 AM) विशेष अभिषेक; नर्मदा-जल, बेलपत्र, दूध से अभिषेक; VIP दर्शन ₹300। 2026 — 15-16 फरवरी।

कार्तिक पूर्णिमाकार्तिक शुक्ल पूर्णिमा

नर्मदा-तट पर विशेष दीप-दान; ओंकारेश्वर का प्रमुख आध्यात्मिक उत्सव। 2026 — 24 नवम्बर मंगलवार।

नर्मदा जयन्तीमाघ शुक्ल सप्तमी

देवी नर्मदा का जन्म-दिन उत्सव; नर्मदा-तट पर विशेष पूजा एवं दीप-दान

श्रावण मासश्रावण

सम्पूर्ण मास शिव-उपासना; प्रति-सोमवार विशेष रुद्राभिषेक; नर्मदा-जल से अभिषेक का विशेष माहात्म्य

वैकुण्ठ चतुर्दशीकार्तिक शुक्ल चतुर्दशी

शिव-विष्णु-मिलन का अद्वितीय उत्सव; ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर दोनों में पूजा

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

12 ज्योतिर्लिंग यात्रा का चतुर्थ तीर्थ — दर्शन-मात्र से सात जन्मों के पाप-नाश

आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र अनुसार 'ओंकाराममलेश्वरम्' — चतुर्थ ज्योतिर्लिंग; 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन से सात जन्मों के पाप-नाश एवं मोक्ष

स्रोत: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)

एक ही स्थान पर दो ज्योतिर्लिंगों का एक-स्थानीय दर्शन

ओंकारेश्वर + ममलेश्वर/अमरेश्वर — एक ही ज्योतिर्लिंग के दो रूप; द्वीप-तट एवं नर्मदा के दक्षिणी तट दोनों मंदिरों के संयुक्त-दर्शन से सम्पूर्ण ज्योतिर्लिंग-दर्शन

स्रोत: शिव पुराण कोटिरुद्र संहिता

नर्मदा-स्नान एवं पितृ-मुक्ति

नर्मदा-स्नान को गंगा-स्नान के समान पुण्यदायी माना जाता है; पितृ-तर्पण एवं पिण्ड-दान हेतु विशेष माहात्म्य

स्रोत: स्कन्द पुराण रेवा खण्ड

अद्वैत-वेदान्त दीक्षा एवं ब्रह्म-ज्ञान

आदि शंकराचार्य की दीक्षा-स्थली; अद्वैत-वेदान्त परंपरा का मूल-बिन्दु; ज्ञान-मुमुक्षुओं हेतु तीर्थ-राज

स्रोत: अद्वैत-वेदान्त परंपरा एवं स्थल-इतिहास

ॐ-नाद ध्यान एवं चित्त-शान्ति

ओंकार-स्वरूप शिव — सम्पूर्ण सृष्टि के मूल नाद 'ॐ' का अधिष्ठाता; ध्यान एवं चित्त-शान्ति हेतु सर्वश्रेष्ठ स्थल; ॐ-शाकार द्वीप का प्राकृतिक प्रतीक

स्रोत: लिङ्ग पुराण + माण्डूक्य उपनिषद्

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र — 'ओंकाराममलेश्वरम्'स्तोत्रआदि शंकराचार्य रचित द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र — चतुर्थ श्लोक का प्रथम-पदइस मन्दिर हेतु
  • ॐ नमः शिवाय — पञ्चाक्षर मंत्रमंत्रयजुर्वेद रुद्राध्यायओंकार-स्वरूप शिव का मूल मंत्र
  • ॐकार स्तोत्रम्स्तोत्रस्थल-परंपरा एवं शैव-शास्त्रइस मन्दिर हेतु
  • महामृत्युञ्जय मंत्रमंत्रऋग्वेद 7.59.12रुद्राभिषेक का प्रमुख मंत्र
  • श्री रुद्रम् चमकम्स्तोत्रयजुर्वेद, तैत्तिरीय संहिता
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

श्री ममलेश्वर / अमरेश्वर मंदिर (द्वितीय ज्योतिर्लिंग-स्वरूप)1 किमी

ओंकारेश्वर के साथ युगल-ज्योतिर्लिंग — एक ही ज्योतिर्लिंग के दो स्वरूप; मान्यता अनुसार दोनों के दर्शन से सम्पूर्ण ज्योतिर्लिंग-दर्शन। नर्मदा-तट पर मध्ययुगीन शिव-मंदिर।

स्टैचू ऑफ वननेस (108 फीट आदि शंकराचार्य प्रतिमा)4 किमी

21 सितंबर 2023 को अनावरित — आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची बहु-धातु प्रतिमा; 54 फीट का आधार-पीठ; एकात्म धाम परियोजना। अद्वैत-दर्शन का प्रसार-स्थल; संग्रहालय एवं सांस्कृतिक केन्द्र।

गुरु गोविन्द-भगवद्पाद गुफा (आदि शंकराचार्य दीक्षा-स्थल)800 मी

8वीं शताब्दी की गुफा जहाँ गुरु गोविन्द-भगवद्पाद ने आदि शंकराचार्य को संन्यास-दीक्षा प्रदान की; अद्वैत-वेदान्त परंपरा का प्रत्यक्ष ऐतिहासिक स्थल

नर्मदा-कावेरी संगम500 मी

दो नदियों का संगम-स्थल; पवित्र स्नान एवं तर्पण-स्थल; ओंकारेश्वर-दर्शन से पूर्व पारंपरिक स्नान

महेश्वर (अहिल्या-नगरी)65 किमी

रानी अहिल्याबाई होलकर की राजधानी; नर्मदा-तट पर ऐतिहासिक घाट एवं मंदिर; होलकर-काल का सांस्कृतिक केन्द्र। ओंकारेश्वर-यात्रा के साथ अनिवार्य।

उज्जैन (श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग)135 किमी

12 ज्योतिर्लिंगों में तृतीय — 'उज्जयिन्यां महाकालम्' (ओंकारेश्वर से पहले स्तोत्र-क्रम में); मध्य प्रदेश के दो ज्योतिर्लिंगों का संयुक्त यात्रा-पथ

द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा

चतुर्थ ज्योतिर्लिंग — 'ओंकाराममलेश्वरम्' (आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र चतुर्थ श्लोक प्रथम-पद)

12 मंदिर

मध्य प्रदेश ज्योतिर्लिंग यात्रा (उज्जैन महाकाल + ओंकारेश्वर)

मध्य प्रदेश के 2 ज्योतिर्लिंगों का अनिवार्य युगल-यात्रा

2 मंदिर

ओंकारेश्वर परिक्रमा (7 किमी)

केन्द्रीय; पूर्ण द्वीप-परिक्रमा 1 दिन में पैदल

नर्मदा परिक्रमा (2,600-3,800 किमी)

नर्मदा के सम्पूर्ण तट की परिक्रमा का प्रमुख विश्राम-तीर्थ; उत्तर्वाहिनी पञ्चकोशी मार्ग 15-18 किमी (19 मार्च - 17 अप्रैल 2026)

मालवा तीर्थ यात्रा (ओंकारेश्वर + महेश्वर + मांडू + उज्जैन)

मध्य प्रदेश के मालवा-क्षेत्र के 4 प्रमुख तीर्थों में अग्रणी

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट, ओंकारेश्वर, खंडवा जिला, मध्य प्रदेश — 450554
हवाई अड्डा
देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डा, इंदौर (IDR) — मंदिर से ~83 किमी
रेलवे
ओंकारेश्वर रोड (मोरटक्का) रेलवे स्टेशन — ~12 किमी (नैरो-गेज, खंडवा-अजमेर लाइन); खंडवा जंक्शन (KNW) — ~77 किमी (निकटतम ब्रॉड-गेज स्टेशन)
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; तापमान 12-30°C। मानसून (जुलाई-सितंबर) में नर्मदा-दर्शन अद्भुत। अप्रैल-जून अति-गर्म (35-42°C)। महाशिवरात्रि एवं कार्तिक पूर्णिमा पर पीक भीड़।
12 किमीOmkareshwar Road
77 किमीKhandwa Junction
83 किमीIndore Airport
135 किमीUjjain
65 किमीMaheshwar
270 किमीBhopal
520 किमीNashik
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