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Thirunageswaram · Tamil Nadu

अरुल्मिगु श्री ओप्पिलिअप्पन पेरुमाल मन्दिर

अरुल्मिगु श्री ओप्पिलिअप्पन पेरुमाल मन्दिर — तिरुविन्नगर / तिरुनागेश्वरम् ग्राम, कुम्बकोणम-समीप, ज़िला तञ्जावुर, तमिलनाडु

श्री ओप्पिलिअप्पन (उप्पिलिअप्पन) / लवण-वर्जित वेङ्कटेश — 108 दिव्य देशम का 60वाँ; विश्व का एकमात्र मन्दिर जहाँ नैवेद्य पूर्णतः लवण-रहित; तिरुपति वेङ्कटेश्वर के ज्येष्ठ-भ्राता-मान्य; अद्वितीय मार्कण्डेय-गर्भगृह-स्थापित-सन्त-स्वरूप

अन्य नाम: ओप्पिलिअप्पन · उप्पिलिअप्पन · तिरुविन्नगर · लवण-वर्जित वेङ्कटेश · वेङ्कटाचलपति (तमिल-नाम)

  • 108 दिव्य देशम का 60वाँ
  • विश्व का एकमात्र मन्दिर जहाँ नैवेद…
  • एकमात्र दिव्य-देशम जहाँ पेरुमाल 5-…
  • गर्भगृह में मार्कण्डेय-ऋषि-कन्या-द…
अरुल्मिगु श्री ओप्पिलिअप्पन पेरुमाल मन्दिर
दर्शन समय
06:00 – 21:00
स्वरूप
खड़ा-विष्णु पूर्व-मुख ~8-फुट
स्थान
Thirunageswaram · Tamil Nadu
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 108 दिव्य देशम का 60वाँ (तिरुविन्नगर)
  • विश्व का एकमात्र मन्दिर जहाँ नैवेद्य पूर्णतः लवण (नमक)-रहित; देवता-उपाधि 'लवण-वर्जित वेङ्कटेश'; गरुड-सन्निधि के बाहर भी नमक-वर्जित
  • एकमात्र दिव्य-देशम जहाँ पेरुमाल 5-स्वरूपों में पूज्य (पोन्नप्पन, मणिअप्पन, मुत्तप्पन, विन्नगरप्पन, एण्णप्पन)
  • गर्भगृह में मार्कण्डेय-ऋषि-कन्या-दान-स्वरूप पार्श्व-स्थापना — विश्व में अद्वितीय iconography
  • तिरुपति वेङ्कटेश्वर के ज्येष्ठ-भ्राता-मान्य (स्थानीय परम्परा)
  • अहोरात्र-पुष्करिणी — दिवस एवं रात्रि दोनों समय स्नान-योग्य एकमात्र वैष्णव-तीर्थ-कुण्ड
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री ओप्पिलिअप्पन पेरुमाल — विष्णु खड़ा-स्वरूप, ~8-फुट उच्च, पूर्व-मुख; पट्ट-महिषी भूदेवी (मार्कण्डेय-गोद-पुत्री) मुख्य-मूर्ति के दक्षिण-पार्श्व बैठी; ऋषि मार्कण्डेय वाम-पार्श्व बैठ कन्या-दान-स्वरूप — गर्भगृह में ऋषि-स्थापना अत्यन्त-दुर्लभ; पञ्च-स्वरूप-पूज्य: पोन्नप्पन (उत्सवर), मणिअप्पन, मुत्तप्पन (अब अनुपलब्ध), विन्नगरप्पन (गर्भगृह), एण्णप्पन — अष्टविनायक की भाँति 5-स्वरूप-पूज्य एकमात्र दिव्य-देशम

खड़ा-विष्णु पूर्व-मुख ~8-फुट; गर्भगृह में मार्कण्डेय-कन्या-दान-स्वरूप पार्श्व-स्थित — विश्व में अद्वितीय; विमान-नाम सुद्धानन्द (शुद्ध-आनन्द) विमान

सम्प्रदाय: श्री वैष्णव — तेनकलै-वडकलै दोनों; 7वीं-9वीं शताब्दी ईस्वी अल्वार-गायित दिव्य-देशम; पेरियाल्वार + तिरुमङ्गै-अल्वार + नम्म-अल्वार (कुल 3 अल्वार-गायन, 47 पासुर)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

मार्कण्डेय-तपस्या-कथा (मूल-स्थल-पुराण)

मृकण्डु-ऋषि-पुत्र मार्कण्डेय ने 16-वर्ष-अमर-वर प्राप्त-कर 1,000-वर्ष-तपस्या की — लक्ष्मी-कन्या-स्वरूप एवं विष्णु-दामाद-इच्छा। तमिल पङ्गुनि-मास के श्रावण-नक्षत्र पर तुलसी-पौधे के नीचे लक्ष्मी ने शिशु-स्वरूप-प्रकटन किया। विवाह-योग्य आयु पर विष्णु वृद्ध-ब्राह्मण-वेश-धारी आये एवं हाथ-माँगा; मार्कण्डेय ने आपत्ति की कि कन्या अल्प-वयस्क — 'उचित-नमक-प्रयोग-पाक नहीं जानती'। विष्णु ने कहा — 'यदि तुम्हारी पुत्री बिना-नमक पकाएगी, तो भी मैं उसे श्रेष्ठ-भोजन मानूँगा' — एवं तत्क्षण विवाह किया। इसीलिए इस-मन्दिर का सम्पूर्ण-नैवेद्य लवण-रहित बनाया जाता है — विश्व में एकमात्र साल्ट-फ्री दिव्य-देशम।

दिव्य-प्रबन्धम् (नालायिर दिव्य प्रबन्धम्) — तिरुविन्नगर मङ्गलाशासनम्

60वाँ दिव्य-देशम; पेरियाल्वार + तिरुमङ्गै-अल्वार + नम्म-अल्वार-गायित कुल 47 पासुर; पैगै-अल्वार एवं पेय-अल्वार भी इस-क्षेत्र-सन्दर्भ-दान्ति

संत एवं परम्परा

  • मृकण्डु-ऋषि-पुत्र मार्कण्डेय — मूल-तपस्वी; भूदेवी-गोद-पिता; गर्भगृह में मूर्ति-रूप-स्थापित
  • पेरियाल्वार + तिरुमङ्गै-अल्वार + नम्म-अल्वार — 47 पासुर-गायन
  • पैगै-अल्वार + पेय-अल्वार — क्षेत्र-सन्दर्भ-दान्ति
  • राजराज चोल I + राजेन्द्र चोल I — शिलालेखीय-दान
  • तञ्जावुर-नायक (16-17वीं शताब्दी) — उत्तरकालीन-योगदान
  • तमिलनाडु HR&CE विभाग — आधुनिक-प्रशासन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 800मध्यकालीन-चोल-काल प्रमुख-निर्माण-काल (8वीं शताब्दी-अन्त-पश्चात्)Wikipedia + Templefolks बहु-स्रोत
  2. 1000राजराज चोल I + राजेन्द्र चोल I के शिलालेखीय-दानWikipedia + tntemplesproject
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:00 से 21:00 तक

प्रातः दर्शन06:00-13:00
दैनिक
मध्याह्न-विश्राम (बन्द)13:00-16:00
दैनिक
सायं दर्शन16:00-21:00
दैनिक
पुरट्टसि-काल (मध्य-सितंबर — मध्य-अक्टूबर) सुप्रभातम् 03:40 + विश्वरूप दर्शन 04:0003:40-04:00
पुरट्टसि-काल

विशेष नियम: मन्दिर-नैवेद्य पूर्णतः नमक-रहित; गरुड-सन्निधि के बाहर भी नमक-वर्जित (बाहर से नमक-युक्त-वस्तु लाना पाप-मान्य); गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; पारम्परिक-वेश-नियम

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
06:00-13:00 + 16:00-21:00 (दैनिक)
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

60वाँ दिव्य-देशम; अद्वितीय नमक-रहित-नैवेद्य-तीर्थ; 5-स्वरूप-पेरुमाल-दर्शन; पारम्परिक 15-20 मिनट दर्शन।

विशेष कल्याण-उत्सवम् पूजा-बुकिंग

विष्णु-भूदेवी विवाह-पुनः-अभिनय-पूजा (कल्याण-उत्सव)। प्रारम्भिक-विवाह-संकल्प-प्रसिद्ध।

नमक-रहित-नैवेद्य प्रसादम् ग्रहणनिःशुल्क

विश्व का एकमात्र पूर्णतः-नमक-रहित-प्रसाद; पारम्परिक-दर्शनार्थ-स्वाद।

मासिक श्रावण-व्रत (तिरुओणम-नक्षत्र-दिन)

प्रत्येक-मास तिरुओणम-नक्षत्र पर भक्त नमक-रहित-भोजन-व्रत।

अहोरात्र-पुष्करिणी स्नाननिःशुल्क

दिवस एवं रात्रि दोनों समय स्नान-योग्य एकमात्र वैष्णव-तीर्थ-कुण्ड।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

रथ-उत्सव (तेर तिरुविळा) — प्रमुख-उत्सव (9-दिवसीय)पङ्गुनि (मार्च-अप्रैल)

मन्दिर का सर्वाधिक-प्रसिद्ध 9-दिवसीय रथ-शोभायात्रा।

वसन्त-उत्सवम् (6-दिवसीय)वैकासी (मई-जून)

वसन्त-ऋतु-समारोह।

पवित्रोत्सवम् (5-दिवसीय)आवणि (अगस्त-सितंबर)

मन्दिर-शुद्धीकरण-उत्सव।

ब्रह्मोत्सवम् 2026 (9-दिवसीय)पुरट्टसि (सितंबर-अक्टूबर)

15 सितंबर 2026-प्रारम्भ (verified.realestate-तृतीय-स्रोत-अनुमान); 9-दिवसीय भव्य-समारोह।

कल्याण-उत्सवम् (विष्णु-भूदेवी विवाह-पुनः-अभिनय) — 12-दिवसीयऐप्पसि (अक्टूबर-नवंबर); श्रावण-नक्षत्र-प्रारम्भ

12-दिवसीय कल्याण-उत्सव; प्रारम्भिक-विवाह-संकल्प-तीर्थ।

अध्ययन-उत्सवम् (10-दिवसीय/10-रात्रिक)मार्गळि (दिसंबर-जनवरी)

दिव्य-प्रबन्धम् पारायण-उत्सव।

तेप्पोत्सवम् (तैरण-उत्सव) — 5-दिवसीयथै (जनवरी-फरवरी)

अहोरात्र-पुष्करिणी पर देव-तैरण।

अक्षय तृतीया — विवाह-वर्षगाँठवैशाख शुक्ल तृतीया

विष्णु-भूदेवी विवाह-वर्षगाँठ-स्मरण।

राम-नवमी (10-दिवसीय)चैत्र शुक्ल नवमी

10-दिवसीय; समापन-अभिषेकम्।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

विवाह-योग-संकल्प (शीघ्र-विवाह-तीर्थ)

विष्णु-भूदेवी-विवाह-स्थल; प्रारम्भिक-विवाह एवं शुभ-वैवाहिक-योग-संकल्प-तीर्थ; कल्याण-उत्सवम्-पुनः-अभिनय-प्रसिद्ध

स्रोत: Divinvite + स्थानीय परम्परा बहु-स्रोत

नमक-रहित-नैवेद्य-दर्शन-संकल्प (विश्व-अद्वितीय)

विश्व का एकमात्र मन्दिर जहाँ नैवेद्य पूर्णतः लवण-रहित; अद्वितीय-प्रसाद-दर्शन-संकल्प

स्रोत: IndiaDivine + Cybernag + Wikipedia बहु-स्रोत

मासिक श्रावण-व्रत-संकल्प (तिरुओणम-नक्षत्र-दिन)

प्रत्येक-मास तिरुओणम-नक्षत्र पर नमक-रहित-भोजन-व्रत; मासिक-तीर्थ-स्थापना-संकल्प

स्रोत: Wikipedia + Templefolks

5-स्वरूप-पेरुमाल-दर्शन-संकल्प (अद्वितीय)

एकमात्र दिव्य-देशम जहाँ पेरुमाल 5-स्वरूपों में पूज्य; अद्वितीय-स्वरूप-दर्शन-संकल्प

स्रोत: Templefolks + 108divyadesam

ज्येष्ठ-भ्राता वेङ्कटेश-दर्शन-संकल्प (तिरुपति-सम्बद्ध)

तिरुपति वेङ्कटेश्वर के ज्येष्ठ-भ्राता-मान्य; तिरुपति-यात्रा-पूर्व-दर्शन-संकल्प परम्परा

स्रोत: Go Tirupati + Tirumala Tirupati Yatra

अहोरात्र-पुष्करिणी रात्रि-स्नान-संकल्प

एकमात्र वैष्णव-तीर्थ-कुण्ड जहाँ रात्रि-काल भी स्नान-योग्य; अहोरात्र (दिवस-रात्रि)-स्नान-संकल्प

स्रोत: Templefolks + Wikipedia

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवायद्वादशाक्षर मन्त्रभागवत-परम्परा
  • ॐ नमो नारायणायअष्टाक्षर मन्त्रवैष्णव परम्परा
  • तिरुविन्नगर पासुर-गायन (47 पासुर — पेरियाल्वार + तिरुमङ्गै-अल्वार + नम्म-अल्वार)तमिल वैष्णव स्तोत्रनालायिर दिव्य प्रबन्धम्इस मन्दिर हेतु60वाँ दिव्य-देशम मङ्गलाशासनम्
  • ॐ लवण-वर्जिताय नमः / ओप्पिलिअप्पन-नाम-जपनाम-मन्त्रस्थानीय वैष्णव परम्पराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

तिरुनागेश्वरम् राहु-स्थल (नवग्रह नाग-मन्दिर)1.5 किमी

नवग्रह 9 मन्दिरों में राहु-तीर्थ; काल-सर्प-दोष-निवारण; ओप्पिलिअप्पन-समीप द्वि-तीर्थ-दर्शन

कुम्बकोणम कुम्बेश्वर मन्दिर (ब्रह्म-तीर्थ)6 किमी

कुम्बकोणम का प्रमुख शिव-तीर्थ; महामहम्-कुण्ड-समीप; प्रसिद्ध शैव-तीर्थ

सारङ्गपाणि पेरुमाल मन्दिर (दिव्य-देशम)6 किमी

108 दिव्य-देशम में सम्मिलित; कुम्बकोणम का दूसरा प्रमुख वैष्णव-तीर्थ; एक-दिवसीय-संयुक्त-दर्शन

अहोरात्र-पुष्करिणी (मन्दिर-तीर्थ-कुण्ड)100 मी

एकमात्र वैष्णव-तीर्थ-कुण्ड जहाँ दिवस एवं रात्रि दोनों समय स्नान-योग्य

तञ्जावुर बृहदेश्वर मन्दिर (UNESCO विश्व-धरोहर)40 किमी

राजराज चोल I-निर्मित (1010 ईस्वी); UNESCO विश्व-धरोहर-सूचीबद्ध

स्वामिमलै (मुरुगन 6-पडैवीडु)15 किमी

मुरुगन 6 पडैवीडु में सम्मिलित

108 दिव्य देशम (वैष्णव यात्रा-शृङ्खला)

60वाँ दिव्य-देशम (तिरुविन्नगर); पेरियाल्वार + तिरुमङ्गै-अल्वार + नम्म-अल्वार-गायित 47 पासुर

108 मंदिर

कुम्बकोणम-दिव्य-देशम-क्लस्टर एक-दिवसीय यात्रा

ओप्पिलिअप्पन + सारङ्गपाणि + अन्य कुम्बकोणम-क्षेत्र दिव्य-देशम — 4-5 तीर्थ-संयोजन

5 मंदिर

तिरुपति वेङ्कटेश्वर-तीर्थयात्रा-पूर्व ज्येष्ठ-भ्राता दर्शन-परम्परा

तिरुपति-यात्रा-पूर्व ओप्पिलिअप्पन-दर्शन-परम्परा (ज्येष्ठ-भ्राता-मान्य); द्वि-तीर्थ-संयोजन

2 मंदिर

नवग्रह-तीर्थयात्रा संयोजन (राहु-स्थल तिरुनागेश्वरम्)

ओप्पिलिअप्पन + तिरुनागेश्वरम् राहु-स्थल युग्म-तीर्थ; काल-सर्प-दोष + विवाह-योग संयुक्त-संकल्प

2 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
अरुल्मिगु श्री ओप्पिलिअप्पन पेरुमाल मन्दिर, तिरुनागेश्वरम् ग्राम, कुम्बकोणम तालुक, ज़िला तञ्जावुर, तमिलनाडु — PIN 612204
हवाई अड्डा
तिरुचिरापल्ली अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (TRZ) — ~90-95 किमी (प्राथमिक); मदुरै (~190 किमी) + चेन्नई (~310 किमी) वैकल्पिक
रेलवे
कुम्बकोणम जङ्क्शन रेलवे स्टेशन — ~5-7 किमी (निकटतम)
बस-स्टैण्ड
कुम्बकोणम बस-स्टैण्ड (TNSTC) — ~5-7 किमी; ऑटो/टैक्सी 15 मिनट
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम; ब्रह्मोत्सवम् 15 सितंबर 2026-समीप-प्रारम्भ; पङ्गुनि रथ-उत्सव मार्च-अप्रैल; कल्याण-उत्सव ऐप्पसि अक्टूबर-नवंबर; अक्षय तृतीया विवाह-वर्षगाँठ वैशाख शुक्ल तृतीया
प्रबन्धन
तमिलनाडु HR&CE विभाग (NOT TTD — आधिकारिक-स्पष्टीकरण)
वेबसाइट
https://oppiliappan.org
6 किमीKumbakonam Junction
40 किमीThanjavur
95 किमीTiruchirappalli
190 किमीMadurai
310 किमीChennai
110 किमीPondicherry
470 किमीTirupati
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