शिव पुराण
कोटिरुद्र संहिता, अध्याय 11 — उत्तर दिशा के शिवलिंगों का माहात्म्य; पशुपतिनाथ को 'सर्व-कामनाओं-का-दाता' के रूप में स्तुत
Kathmandu · Bagmati Province
पशुपतिनाथ — सर्व-प्राणी-नाथ शिव
अन्य नाम: पशुपति · पशुपति-नाथ · नेपाल-कैलाश · श्लेष्मन्तक-वन का स्वामी

इस मन्दिर की विशेषता
श्री पशुपतिनाथ (शिव — समस्त प्राणियों के स्वामी; चतुर्मुख मुख-लिंग स्वरूप)
चतुर्मुख मुख-लिंग — 1 मीटर ऊँचा पाषाण-लिंग; चार दिशाओं में मुख; रजत-नाग द्वारा वेष्टित रजत-आधार पर प्रतिष्ठित
सम्प्रदाय: शैव (नेपाल का प्रमुख शैव-पीठ; आदि शंकराचार्य-स्थापित कर्नाटक-मूल भट्ट पुजारी-परंपरा)
कोटिरुद्र संहिता, अध्याय 11 — उत्तर दिशा के शिवलिंगों का माहात्म्य; पशुपतिनाथ को 'सर्व-कामनाओं-का-दाता' के रूप में स्तुत
नेपाल-माहात्म्य खण्ड — पशुपति क्षेत्र एवं श्लेष्मन्तक वन का विस्तृत वर्णन
पशुपति-स्वरूप एवं पशुपति-व्रत का संदर्भ
नेपाल की प्राचीनतम राज-वंशावली — लिच्छवि राजा सुपुष्प देव द्वारा प्रथम पंच-मंजिला मंदिर निर्माण का संदर्भ
गर्भगृह 5 AM से खुलता है (Wikipedia पुष्ट); बाह्य-परिसर 4 AM से सुलभ
बागमती नदी-तट पर भव्य अनुष्ठान — दीप-आरती, मंत्रोच्चारण; काशी-गंगा आरती के समान। गैर-हिन्दू भी बागमती के पश्चिमी तट से दर्शन कर सकते हैं।
दिन का अन्तिम गर्भगृह-अनुष्ठान; बाह्य-परिसर 21:00 बजे तक
गर्भगृह में केवल हिन्दू श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति है। मुख्य शिवलिंग दर्शन निःशुल्क।
बाह्य परिसर के लिए विदेशी पर्यटकों हेतु प्रवेश-शुल्क NPR 1,000 (PADT निर्धारित)। नेपाली एवं भारतीय नागरिक एवं 10 वर्ष से कम आयु के बालक निःशुल्क प्रवेश। शुल्क काउंटर पर सत्यापित करें।
PADT आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन विशेष पूजा एवं अभिषेक की बुकिंग।
पशुपतिनाथ का सर्वोच्च वार्षिक पर्व। 2:15 बजे प्रातः से मंदिर के द्वार खुलते हैं; नेपाल + भारत + विश्व-भर से 10 लाख+ श्रद्धालु आते हैं। 4-प्रहर पूजा (प्रातः, मध्याह्न, सायं, मध्य-रात्रि)। 2026 — 15 फरवरी रविवार।
नेपाली महिलाओं का प्रमुख व्रत-पर्व; लाखों महिलाएँ लाल साड़ी में पशुपतिनाथ-दर्शन हेतु आती हैं; पति की दीर्घायु एवं अविवाहितों के लिए सुयोग्य वर-प्राप्ति का संकल्प
पशुपति क्षेत्र का स्थानीय पर्व; पशुपति-आराधना की रात्रि
सम्पूर्ण मास शिव-उपासना; प्रति-सोमवार विशेष रुद्राभिषेक; नेपाली कांवड़िये एवं भारतीय श्रद्धालु
शिव-पुराण कोटिरुद्र संहिता अनुसार पशुपतिनाथ 'सर्व-कामनाओं-के-दाता' एवं 'मोक्ष-दायी' हैं
स्रोत: शिव पुराण कोटिरुद्र संहिता अध्याय 11
पशुपति क्षेत्र के बागमती-तट का आर्य घाट एवं भस्मेश्वर घाट हिन्दू अन्तिम-संस्कार हेतु सर्वोच्च पवित्र; पितृ-मोक्ष-दायी
स्रोत: स्कन्द पुराण नेपाल-माहात्म्य
'पशुपति' = समस्त प्राणियों के स्वामी; पशु-पाप-मुक्ति एवं अहिंसा-व्रत का अधिष्ठाता; जीव-जन्तु एवं पर्यावरण-संरक्षण का देवता
स्रोत: लिङ्ग पुराण + शिव पुराण
देवी सती को समर्पित — 51 शक्ति पीठों में से एक। तंत्र-शाक्त उपासकों हेतु अति-महत्वपूर्ण। पशुपतिनाथ यात्रा के साथ अनिवार्य।
नेपाल का सर्वोच्च पवित्र अन्तिम-संस्कार स्थल; नेपाल राज-परिवार के अन्तिम-संस्कार यहीं होते हैं
सर्वसाधारण हेतु लकड़ी-चिता अन्तिम-संस्कार घाट; भस्मेश्वर महादेव शिवलिंग; काठमांडू का प्रमुख कर्मकाण्ड-स्थल
बागमती के पशुपति-क्षेत्र में प्रवेश-स्थल; गौरी-शिव-स्नान परंपरा
किरातेश्वर शिव — किरात-स्वरूप शिव का मंदिर; पशुपति-गुह्येश्वरी मार्ग पर
शिव-पार्वती-मृग-लीला का पौराणिक स्थल; पशुपति-मूल कथा (शिव के मृग-स्वरूप एवं श्रृंग-टूटने की कथा) इसी वन से सम्बद्ध; 264 हेक्टेयर पशुपति-क्षेत्र का प्राकृतिक भाग
विश्व के सबसे बड़े बौद्ध स्तूपों में से एक; UNESCO विश्व धरोहर। काठमांडू-धार्मिक यात्रा का अनिवार्य अंग।
नेपाल का सर्वोच्च हिन्दू-तीर्थ; मुक्तिनाथ (विष्णु-धाम) एवं जनकपुर (सीता-जन्मभूमि) के साथ संयुक्त यात्रा
3 मंदिर
काठमांडू घाटी के 7 UNESCO स्मारक-समूहों में अग्रणी हिन्दू-तीर्थ
7 मंदिर
केन्द्रीय; 246 हेक्टेयर क्षेत्र; 518 लघु-मंदिर; 1 दिवस की पूर्ण यात्रा
कैलाश-मानसरोवर यात्रा से पूर्व एवं पश्चात् काठमांडू-पशुपतिनाथ दर्शन परंपरागत