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Kathmandu · Bagmati Province

श्री पशुपतिनाथ मंदिर

पशुपतिनाथ — सर्व-प्राणी-नाथ शिव

अन्य नाम: पशुपति · पशुपति-नाथ · नेपाल-कैलाश · श्लेष्मन्तक-वन का स्वामी

  • UNESCO विश्व धरोहर
  • नेपाल का सर्वोच्च हिन्दू-तीर्थ
  • शिव-पुराण कोटिरुद्र संहिता-वर्णित…
श्री पशुपतिनाथ मंदिर
स्वरूप
चतुर्मुख मुख-लिंग
स्थान
Kathmandu · Bagmati Province
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
मूल पीठ: अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • UNESCO विश्व धरोहर (1979 से; काठमांडू घाटी के 7 स्मारक-समूहों में अग्रणी)
  • नेपाल का सर्वोच्च हिन्दू-तीर्थ
  • शिव-पुराण कोटिरुद्र संहिता-वर्णित उत्तर-दिशा का प्रमुख शिव-लिंग
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री पशुपतिनाथ (शिव — समस्त प्राणियों के स्वामी; चतुर्मुख मुख-लिंग स्वरूप)

चतुर्मुख मुख-लिंग — 1 मीटर ऊँचा पाषाण-लिंग; चार दिशाओं में मुख; रजत-नाग द्वारा वेष्टित रजत-आधार पर प्रतिष्ठित

सम्प्रदाय: शैव (नेपाल का प्रमुख शैव-पीठ; आदि शंकराचार्य-स्थापित कर्नाटक-मूल भट्ट पुजारी-परंपरा)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

शिव पुराण

कोटिरुद्र संहिता, अध्याय 11 — उत्तर दिशा के शिवलिंगों का माहात्म्य; पशुपतिनाथ को 'सर्व-कामनाओं-का-दाता' के रूप में स्तुत

स्कन्द पुराण

नेपाल-माहात्म्य खण्ड — पशुपति क्षेत्र एवं श्लेष्मन्तक वन का विस्तृत वर्णन

लिङ्ग पुराण

पशुपति-स्वरूप एवं पशुपति-व्रत का संदर्भ

गोपालराज वंशावली (Gopalraj Vamsavali)

नेपाल की प्राचीनतम राज-वंशावली — लिच्छवि राजा सुपुष्प देव द्वारा प्रथम पंच-मंजिला मंदिर निर्माण का संदर्भ

संत एवं परम्परा

  • लिच्छवि राजा सुपुष्प देव — परंपरानुसार पशुपतिनाथ के प्रथम पंच-मंजिला मंदिर के निर्माता; गोपालराज वंशावली अनुसार मानदेव से 39 पीढ़ी पूर्व
  • लिच्छवि राजा जयदेव द्वितीय — 753 ईस्वी में पशुपतिनाथ प्रांगण में शिलालेख स्थापना; पशुपति-इतिहास का प्रामाणिक प्रलेखन
  • आदि शंकराचार्य — कर्नाटक-मूल भट्ट ब्राह्मणों को पशुपतिनाथ का प्रधान-पुजारी नियुक्त करने की परंपरा के संस्थापक; भारत के उत्तर एवं दक्षिण को एक सूत्र में बाँधने का प्रयास
  • मल्ल राजा भूपतीन्द्र मल्ल (1692 ईस्वी) — वर्तमान मुख्य पैगोडा-शैली मंदिर के पुनर्निर्माता; स्वर्ण-मण्डित छत एवं रजत-मण्डित द्वार

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 100लगभग प्रथम-दूसरी शताब्दी ईस्वी — लिच्छवि राजा सुपुष्प देव द्वारा प्रथम पंच-मंजिला पशुपतिनाथ मंदिर का निर्माण (गोपालराज वंशावली अनुसार)Gopalraj Vamsavali via PADT + Wikipedia
  2. 753753 ईस्वी — लिच्छवि राजा जयदेव द्वितीय द्वारा पशुपतिनाथ प्रांगण में शिलालेख स्थापित; पशुपति-इतिहास का प्रामाणिक प्रलेखनWikipedia + PADT
  3. 16921692 ईस्वी — मल्ल-काल में वर्तमान मुख्य संरचना का पुनर्निर्माण (पूर्व-संरचनाएँ दीमक एवं भूकम्प से क्षतिग्रस्त होने के पश्चात्); नेवारी पैगोडा शैली; दो-स्तरीय स्वर्ण-मण्डित ताम्र-छत; रजत-मण्डित द्वार; आधार से शिखर 23.07 मीटर। (Wikipedia पुनर्निर्माण-वर्ष पुष्ट करता है; कुछ स्रोत मल्ल राजा भूपतीन्द्र मल्ल को निर्माण-कर्ता बताते हैं — Wikipedia में यह पुष्ट नहीं।)Wikipedia + Britannica + Shanker Hotel UNESCO
  4. 19791979 — UNESCO द्वारा पशुपतिनाथ को विश्व धरोहर स्थल घोषित (काठमांडू घाटी के 7 स्मारक-समूहों में अग्रणी)। पशुपति क्षेत्र का सम्पूर्ण विस्तार 246 हेक्टेयर; 518 लघु-मंदिर सम्मिलित।UNESCO + Shanker Hotel
  5. 2015अप्रैल 2015 — नेपाल भूकम्प (7.8 मैग्निट्यूड) में काठमांडू घाटी के अनेक स्मारक क्षतिग्रस्त; पशुपतिनाथ मुख्य मंदिर सुरक्षित रहा; परिसर के कुछ छोटे मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया।UNESCO post-earthquake reports
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

मंगला आरती / प्रातः-अनुष्ठान05:00 से प्रारम्भ
दैनिक

गर्भगृह 5 AM से खुलता है (Wikipedia पुष्ट); बाह्य-परिसर 4 AM से सुलभ

नित्य अभिषेक एवं भोग09:00-12:00
दैनिक
बागमती संध्या आरती (नदी-तट)18:00 (सूर्यास्त से 30 मिनट पूर्व)
दैनिक

बागमती नदी-तट पर भव्य अनुष्ठान — दीप-आरती, मंत्रोच्चारण; काशी-गंगा आरती के समान। गैर-हिन्दू भी बागमती के पश्चिमी तट से दर्शन कर सकते हैं।

गर्भगृह सायं-अनुष्ठान17:00-19:00 (मौसम-अनुसार 18:30 या 20:00 तक)
दैनिक

दिन का अन्तिम गर्भगृह-अनुष्ठान; बाह्य-परिसर 21:00 बजे तक

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य दर्शन (केवल हिन्दू)निःशुल्क
समय
04:00-11:00 एवं 15:00-21:00
उपयुक्त
हिन्दू श्रद्धालु

गर्भगृह में केवल हिन्दू श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति है। मुख्य शिवलिंग दर्शन निःशुल्क।

विदेशी पर्यटक प्रवेश-शुल्क (बाह्य परिसर)
उपयुक्त
गैर-हिन्दू पर्यटक

बाह्य परिसर के लिए विदेशी पर्यटकों हेतु प्रवेश-शुल्क NPR 1,000 (PADT निर्धारित)। नेपाली एवं भारतीय नागरिक एवं 10 वर्ष से कम आयु के बालक निःशुल्क प्रवेश। शुल्क काउंटर पर सत्यापित करें।

विशेष पूजा एवं अभिषेक (Online Booking)
उपयुक्त
श्रद्धालु एवं विशिष्ट संकल्प हेतु

PADT आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन विशेष पूजा एवं अभिषेक की बुकिंग।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

पशुपतिनाथ का सर्वोच्च वार्षिक पर्व। 2:15 बजे प्रातः से मंदिर के द्वार खुलते हैं; नेपाल + भारत + विश्व-भर से 10 लाख+ श्रद्धालु आते हैं। 4-प्रहर पूजा (प्रातः, मध्याह्न, सायं, मध्य-रात्रि)। 2026 — 15 फरवरी रविवार।

तीज (हरितालिका तीज)भाद्रपद शुक्ल तृतीया

नेपाली महिलाओं का प्रमुख व्रत-पर्व; लाखों महिलाएँ लाल साड़ी में पशुपतिनाथ-दर्शन हेतु आती हैं; पति की दीर्घायु एवं अविवाहितों के लिए सुयोग्य वर-प्राप्ति का संकल्प

बाला चतुर्थीमार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी

पशुपति क्षेत्र का स्थानीय पर्व; पशुपति-आराधना की रात्रि

श्रावण मासश्रावण

सम्पूर्ण मास शिव-उपासना; प्रति-सोमवार विशेष रुद्राभिषेक; नेपाली कांवड़िये एवं भारतीय श्रद्धालु

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

सर्व-कामना पूर्ति एवं मोक्ष

शिव-पुराण कोटिरुद्र संहिता अनुसार पशुपतिनाथ 'सर्व-कामनाओं-के-दाता' एवं 'मोक्ष-दायी' हैं

स्रोत: शिव पुराण कोटिरुद्र संहिता अध्याय 11

अन्तिम-संस्कार एवं पितृ-मुक्ति

पशुपति क्षेत्र के बागमती-तट का आर्य घाट एवं भस्मेश्वर घाट हिन्दू अन्तिम-संस्कार हेतु सर्वोच्च पवित्र; पितृ-मोक्ष-दायी

स्रोत: स्कन्द पुराण नेपाल-माहात्म्य

पशु-पाप-मुक्ति एवं समस्त-प्राणी-आशीर्वाद

'पशुपति' = समस्त प्राणियों के स्वामी; पशु-पाप-मुक्ति एवं अहिंसा-व्रत का अधिष्ठाता; जीव-जन्तु एवं पर्यावरण-संरक्षण का देवता

स्रोत: लिङ्ग पुराण + शिव पुराण

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • पशुपतिनाथ अष्टकम् / स्तोत्रस्तोत्रस्थल-परंपरा एवं शिव-स्तुति परंपराइस मन्दिर हेतु
  • महामृत्युञ्जय मंत्र — 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...'मंत्रऋग्वेद 7.59.12पशुपतिनाथ अभिषेक एवं रुद्राभिषेक का प्रमुख मंत्र
  • ॐ नमः शिवाय — पञ्चाक्षर मंत्रमंत्रयजुर्वेद रुद्राध्याय
  • श्री रुद्रम् चमकम्स्तोत्रयजुर्वेद, तैत्तिरीय संहितापशुपति-उपासना का प्रमुख वैदिक स्तोत्र
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

गुह्येश्वरी मंदिर (51 शक्ति पीठ)1 किमी

देवी सती को समर्पित — 51 शक्ति पीठों में से एक। तंत्र-शाक्त उपासकों हेतु अति-महत्वपूर्ण। पशुपतिनाथ यात्रा के साथ अनिवार्य।

आर्य घाट (Arya Ghat)100 मी

नेपाल का सर्वोच्च पवित्र अन्तिम-संस्कार स्थल; नेपाल राज-परिवार के अन्तिम-संस्कार यहीं होते हैं

भस्मेश्वर घाट200 मी

सर्वसाधारण हेतु लकड़ी-चिता अन्तिम-संस्कार घाट; भस्मेश्वर महादेव शिवलिंग; काठमांडू का प्रमुख कर्मकाण्ड-स्थल

गौरी घाट500 मी

बागमती के पशुपति-क्षेत्र में प्रवेश-स्थल; गौरी-शिव-स्नान परंपरा

किरातेश्वर मंदिर800 मी

किरातेश्वर शिव — किरात-स्वरूप शिव का मंदिर; पशुपति-गुह्येश्वरी मार्ग पर

श्लेष्मन्तक वन (Sleshmantak Forest)1.5 किमी

शिव-पार्वती-मृग-लीला का पौराणिक स्थल; पशुपति-मूल कथा (शिव के मृग-स्वरूप एवं श्रृंग-टूटने की कथा) इसी वन से सम्बद्ध; 264 हेक्टेयर पशुपति-क्षेत्र का प्राकृतिक भाग

बौद्धनाथ स्तूप (Boudhanath)2 किमी

विश्व के सबसे बड़े बौद्ध स्तूपों में से एक; UNESCO विश्व धरोहर। काठमांडू-धार्मिक यात्रा का अनिवार्य अंग।

नेपाल हिन्दू-तीर्थ यात्रा (पशुपतिनाथ + मुक्तिनाथ + जनकपुर)

नेपाल का सर्वोच्च हिन्दू-तीर्थ; मुक्तिनाथ (विष्णु-धाम) एवं जनकपुर (सीता-जन्मभूमि) के साथ संयुक्त यात्रा

3 मंदिर

काठमांडू UNESCO धरोहर यात्रा (पशुपतिनाथ + स्वयंभूनाथ + बौद्धनाथ + भक्तपुर + पाटन दरबार)

काठमांडू घाटी के 7 UNESCO स्मारक-समूहों में अग्रणी हिन्दू-तीर्थ

7 मंदिर

पशुपति-क्षेत्र तीर्थ-समूह (पशुपतिनाथ + गुह्येश्वरी + आर्य घाट + भस्मेश्वर + श्लेष्मन्तक वन)

केन्द्रीय; 246 हेक्टेयर क्षेत्र; 518 लघु-मंदिर; 1 दिवस की पूर्ण यात्रा

कैलाश-मानसरोवर + पशुपतिनाथ संयुक्त यात्रा (तीर्थयात्रा-मार्ग)

कैलाश-मानसरोवर यात्रा से पूर्व एवं पश्चात् काठमांडू-पशुपतिनाथ दर्शन परंपरागत

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
पशुपतिनाथ मंदिर, पशुपति क्षेत्र विकास कोष (PADT), गौशाला, काठमांडू — 44621, बागमती प्रदेश, नेपाल
हवाई अड्डा
त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (KTM), काठमांडू — पशुपतिनाथ से ~4 किमी (15-20 मिनट)
रेलवे
नेपाल में रेलवे-नेटवर्क सीमित; निकटतम भारतीय रेलवे: रक्सौल (RXL, बिहार) — ~150 किमी सड़क मार्ग; जयनगर (JYG, बिहार) से जनकपुर ट्रेन के बाद सड़क-मार्ग ~370 किमी
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; तापमान 5-22°C; स्वच्छ दर्शन। मानसून (जून-सितंबर) में बागमती-तट का दृश्य अद्भुत। महाशिवरात्रि (फरवरी) पर पीक भीड़ — 10 लाख+।
4 किमीTribhuvan Airport
5 किमीKathmandu city centre
13 किमीBhaktapur
6 किमीPatan
200 किमीPokhara
150 किमीRaxaul
280 किमीLumbini
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