अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्
आदि शंकराचार्य रचित — 3रा श्लोक: 'उज्जैन्यां महाकाली, पीठिकायां पुरुहूतिका। ओड्याणे गिरिजादेवी, माणिक्या दक्षवाटिके' — पुरुहूतिका का 10वाँ-पीठ शास्त्रीय-प्रमाण
Pithapuram · Andhra Pradesh
श्री पुरुहूतिका देवी (श्री कुक्कुटेश्वर स्वामी-परिसर में) — पीठापुरम, ज़िला काकीनाडा, आन्ध्र प्रदेश
पुरुहूतिका देवी — पीठिकायां पुरुहूतिका; अष्टादश शक्ति-पीठ का 10वाँ पीठ; पीठापुरम पाद-गया क्षेत्रम्
अन्य नाम: पुरुहूतिका · पुरुहुटिका · राज राजेश्वरी देवी (परिसर में द्वितीय नाम) · पीठापुरम अम्बिका

इस मन्दिर की विशेषता
श्री पुरुहूतिका देवी — चार-भुजा देवी-स्वरूप; हाथों में बीज-पात्र, परशु, कमल एवं मधु-पात्र (उर्वरता + दुष्ट-संहार + पवित्रता + समृद्धि के प्रतीक); कुक्कुटेश्वर स्वामी (स्वयंभू स्फटिक-लिङ्ग) परिसर के उत्तर-पूर्व-कोण में दक्षिणाभिमुख
चार-भुजा देवी; बीज-पात्र + परशु + कमल + मधु-पात्र; भैरव कुक्कुटेश्वर स्वायंभू स्फटिक-लिङ्ग के साथ एक ही प्रांगण में — दक्षिण-भारत के विरल युगल शक्ति-शिव-पीठों में से एक
सम्प्रदाय: शाक्त — श्री-विद्या परंपरा; दत्त-सम्प्रदाय (श्रीपाद श्रीवल्लभ जन्म-स्थान) के साथ युगल
आदि शंकराचार्य रचित — 3रा श्लोक: 'उज्जैन्यां महाकाली, पीठिकायां पुरुहूतिका। ओड्याणे गिरिजादेवी, माणिक्या दक्षवाटिके' — पुरुहूतिका का 10वाँ-पीठ शास्त्रीय-प्रमाण
गयासुर-शरीर-विभाजन कथा एवं त्रि-गया क्षेत्र-निर्माण; पीठापुरम पाद-गया कशी-समतुल्य पिण्ड-दान-तीर्थ
पीठापुरम को चार मोक्ष-स्थानों में सम्मिलित (काशी, केदार, कुम्भकोणम् के साथ)
पुरुहूतिका नाम का स्रोत — इन्द्र (पुरुहूत = बहु-यज्ञ-कर्ता) ने यहाँ तप कर अहल्या-गौतम-शाप-निवारण किया
05:30 से 19:00 तक · मध्याह्न विश्राम 12:30-16:30 (मध्याह्न विश्राम)
विशेष नियम: श्री पाद श्रीवल्लभ महा संस्थानम् (पृथक-परिसर) दैनिक-कार्यक्रम: सुप्रभातम् 05:00, काकद आरती 05:30, पञ्चामृत अभिषेकम् 09:00, महा-नैवेद्य 12:00, प्रदोष-पूजन 17:00, पालकी सेवा 19:00, रात्रि आरती 20:30; प्रत्येक अमावस्या को महामृत्युञ्जय होमम् 10:00-11:30 AM
कुक्कुटेश्वर + पुरुहूतिका + पाद गया सरोवर का सम्मिलित-दर्शन।
आन्ध्र प्रदेश देवादाय विभाग के Executive Officer (EO) द्वारा संचालित।
कुक्कुटेश्वर-पुरुहूतिका कल्याण-उत्सव।
पाद-गया सरोवर पर पिण्ड-दान — काशी-समतुल्य पुण्य।
कुक्कुटेश्वर-पुरुहूतिका कल्याण-उत्सव; रात्रि-जागरण। 2026 — रविवार 15 फरवरी।
मन्दिर का अद्वितीय वार्षिक अनुष्ठान। फरवरी 2026 के मध्य।
1320 ईस्वी जन्म-तिथि; पीठापुरम का सर्वोच्च दत्त-उत्सव। 2026 — 14-15 सितंबर।
श्री पुरुहूतिका देवी अम्मावारी नवरात्रि उत्सवालु — Government of India Utsav portal-सूचीबद्ध। 2026 घटस्थापना — रविवार 11 अक्टूबर; विजयदशमी — मंगलवार 20 अक्टूबर।
अक्टूबर-नवंबर 2026; दीप-समर्पण-काल।
1350 ईस्वी जल-समाधि-तिथि; नवंबर 2026।
दत्तात्रेय-जन्म-तिथि; पीठापुरम दत्त-सम्प्रदाय के लिए विशेष-महत्त्व। 2026 — बुधवार 23 दिसंबर।
आदि शंकराचार्य-रचित अष्टादश स्तोत्रम् का 10वाँ पीठ — 'पीठिकायां पुरुहूतिका'; पूर्व: महाकाली उज्जैन (9); पश्चात्: गिरिजा देवी ओड्याणा (11)
स्रोत: अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्
त्रि-गया परंपरा का दक्षिण-भारत-स्थल; पाद-गया सरोवर पर पिण्ड-दान काशी-समतुल्य पुण्य; अन्य 2 गया: शिरो-गया बिहार + नाभि-गया जाजपुर
स्रोत: स्कन्द पुराण + गयासुर-कथा
दत्तात्रेय के प्रथम-कलियुग पूर्ण-अवतार श्री पाद श्रीवल्लभ का जन्म-स्थान (1320 ईस्वी); दत्त-सम्प्रदाय का अद्वितीय आदि-स्थान
स्रोत: श्री पाद श्रीवल्लभ चरितामृतम् + दत्त-सम्प्रदाय
5 पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्रों में कुन्ती माधव (पीठापुरम); अन्य 4: बिन्दु माधव काशी + वेणु माधव प्रयाग + सुन्दर माधव तिरुवनन्तपुरम + सेतु माधव रामेश्वरम; एकमात्र-स्थल जहाँ शक्ति-पीठ + पाद-गया + पञ्च-माधव एक-साथ
स्रोत: पञ्च-माधव परंपरा
इन्द्र ने यहाँ तप-अनुष्ठान कर अहल्या-गौतम-शाप-निवारण किया; नाम 'पुरुहूतिका' इस कथा से व्युत्पन्न
स्रोत: स्थल-पुराण + इन्द्र-अहल्या-गौतम कथा
स्वयंभू स्फटिक (श्वेत-संगमरमर) लिङ्ग; कुक्कुट (तेलुगु में मुर्ग) सदृश; पुरुहूतिका-पीठ का भैरव
त्रि-गया परंपरा का दक्षिण-भारत-स्थल; पिण्ड-दान काशी-समतुल्य; गयासुर के चरण
लेपाक्षी के पश्चात् भारत की द्वितीय-सबसे-बड़ी एक-शिला नन्दी
5 पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्रों में सम्मिलित; सीता-राम (त्रेता) एवं कुन्ती (द्वापर) द्वारा पूज्य
कृष्ण-वेणु गोपाल
1966 में स्थापित दत्त-सम्प्रदाय का प्रमुख-तीर्थ; श्री पाद श्रीवल्लभ का जन्म-स्थान
सत्यनारायण व्रत-कथा का प्रमुख-तीर्थ
5 पञ्चाराम क्षेत्रों में सम्मिलित; अष्टादश शक्ति-पीठों में मानिक्याम्बा (12वाँ) भी यहीं
5 पञ्चाराम क्षेत्रों में सम्मिलित
10वाँ पीठ — 'पीठिकायां पुरुहूतिका'; पूर्व: महाकाली उज्जैन (9); पश्चात्: गिरिजा देवी ओड्याणा (11)
18 मंदिर
पाद-गया (चरण-गया) — गयासुर के चरण; अन्य 2: शिरो-गया (विष्णुपदम् बिहार) + नाभि-गया (बिराजा जाजपुर); पाद-गया सरोवर पर पिण्ड-दान काशी-समतुल्य
3 मंदिर
कुन्ती माधव (पीठापुरम); अन्य 4: बिन्दु माधव काशी + वेणु माधव प्रयाग + सुन्दर माधव तिरुवनन्तपुरम + सेतु माधव रामेश्वरम
5 मंदिर
आदि-स्थान — पीठापुरम (1320 श्री पाद श्रीवल्लभ जन्म) → कुरुपुरम/कुरुगड्डी (1350 जल-समाधि) → गाणगापुर (नरसिंह सरस्वती 2रा अवतार-स्थल)
3 मंदिर
पुरुहूतिका (पीठापुरम) → भ्रमराम्बिका (श्रीशैलम्) → जोगुलाम्बा (अलम्पुर) → कनक दुर्गा (विजयवाड़ा)
4 मंदिर
पीठापुरम (पाद-गया + शक्ति-पीठ + दत्त) + सामलकोटा (कुमाराराम) + द्राक्षारामम् (भीमाराम + मानिक्याम्बा) + अन्नवरम्
4 मंदिर · 2 दिन