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Pithapuram · Andhra Pradesh

श्री पुरुहूतिका देवी

श्री पुरुहूतिका देवी (श्री कुक्कुटेश्वर स्वामी-परिसर में) — पीठापुरम, ज़िला काकीनाडा, आन्ध्र प्रदेश

पुरुहूतिका देवी — पीठिकायां पुरुहूतिका; अष्टादश शक्ति-पीठ का 10वाँ पीठ; पीठापुरम पाद-गया क्षेत्रम्

अन्य नाम: पुरुहूतिका · पुरुहुटिका · राज राजेश्वरी देवी (परिसर में द्वितीय नाम) · पीठापुरम अम्बिका

  • 18 अष्टादश महा-शक्ति-पीठ
  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा
  • त्रि-गया क्षेत्र
  • 5 पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्र
श्री पुरुहूतिका देवी
दर्शन समय
05:30 – 19:00
स्वरूप
चार-भुजा देवी
स्थान
Pithapuram · Andhra Pradesh
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 18 अष्टादश महा-शक्ति-पीठ — आदि शंकराचार्य रचित स्तोत्रम् का 10वाँ पीठ; श्लोक 3: 'उज्जैन्यां महाकाली, पीठिकायां पुरुहूतिका। ओड्याणे गिरिजादेवी, माणिक्या दक्षवाटिके'
  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा — सती का वाम-हस्त (बायाँ हाथ) यहाँ गिरा (आदि शंकराचार्य अष्टादश परंपरा सहित बहु-स्रोत सहमति); भैरव: कुक्कुटेश्वर
  • त्रि-गया क्षेत्र — पाद-गया (गयासुर के चरण); अन्य 2: शिरो गया (बिहार) + नाभि गया (बिराजा, जाजपुर); पाद-गया सरोवर पर पिण्ड-प्रदान कशी-समतुल्य
  • 5 पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्र — कुन्ती माधव (पीठापुरम); अन्य 4: बिन्दु माधव (काशी), वेणु माधव (प्रयाग), सुन्दर माधव (तिरुवनन्तपुरम), सेतु माधव (रामेश्वरम)
  • श्री पाद श्रीवल्लभ (1320 ईस्वी) जन्म-स्थान — दत्तात्रेय के प्रथम कलियुग अवतार का अद्वितीय आदि-स्थान
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री पुरुहूतिका देवी — चार-भुजा देवी-स्वरूप; हाथों में बीज-पात्र, परशु, कमल एवं मधु-पात्र (उर्वरता + दुष्ट-संहार + पवित्रता + समृद्धि के प्रतीक); कुक्कुटेश्वर स्वामी (स्वयंभू स्फटिक-लिङ्ग) परिसर के उत्तर-पूर्व-कोण में दक्षिणाभिमुख

चार-भुजा देवी; बीज-पात्र + परशु + कमल + मधु-पात्र; भैरव कुक्कुटेश्वर स्वायंभू स्फटिक-लिङ्ग के साथ एक ही प्रांगण में — दक्षिण-भारत के विरल युगल शक्ति-शिव-पीठों में से एक

सम्प्रदाय: शाक्त — श्री-विद्या परंपरा; दत्त-सम्प्रदाय (श्रीपाद श्रीवल्लभ जन्म-स्थान) के साथ युगल

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्

आदि शंकराचार्य रचित — 3रा श्लोक: 'उज्जैन्यां महाकाली, पीठिकायां पुरुहूतिका। ओड्याणे गिरिजादेवी, माणिक्या दक्षवाटिके' — पुरुहूतिका का 10वाँ-पीठ शास्त्रीय-प्रमाण

स्कन्द पुराण

गयासुर-शरीर-विभाजन कथा एवं त्रि-गया क्षेत्र-निर्माण; पीठापुरम पाद-गया कशी-समतुल्य पिण्ड-दान-तीर्थ

श्रीनाथ रचित भीमेश्वर पुराणम् (~15वीं शताब्दी तेलुगु)

पीठापुरम को चार मोक्ष-स्थानों में सम्मिलित (काशी, केदार, कुम्भकोणम् के साथ)

इन्द्र-अहल्या-गौतम कथा

पुरुहूतिका नाम का स्रोत — इन्द्र (पुरुहूत = बहु-यज्ञ-कर्ता) ने यहाँ तप कर अहल्या-गौतम-शाप-निवारण किया

संत एवं परम्परा

  • आदि शंकराचार्य (8वीं शताब्दी) — अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् में 10वें पीठ रूप में 'पीठिकायां पुरुहूतिका' की स्तुति; क्षेत्रीय परंपरा-अनुसार शिवानन्द लहरी की रचना यहीं की
  • इन्द्र (पुरुहूत) — अहल्या-गौतम-शाप के पश्चात् यहाँ तप-अनुष्ठान; देवी पुरुहूतिका नाम का स्रोत
  • गयासुर — तीनों देव-त्रिमूर्ति-यज्ञ के पश्चात् शरीर तीन-स्थानों में विभाजित (शिरो-गया + नाभि-गया + पाद-गया)
  • श्री पाद श्रीवल्लभ (1320-1350 ईस्वी) — दत्तात्रेय का प्रथम-कलियुग पूर्ण-अवतार; पीठापुरम में अप्पल राज शर्मा एवं सुमती महारानी के पुत्र-रूप में, मातुल बापन्न अवधानुलु (बापनार्य, हारितस गोत्र) के घर भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) चित्रा नक्षत्र पर जन्म; 16 वर्ष की आयु तक पीठापुरम-निवास; 1350 ईस्वी 30 वर्ष की आयु में कुरुपुरम् (कृष्णा द्वीप, कर्नाटक) में जल-समाधि
  • श्री वासुदेवानन्द सरस्वती (तेम्बे स्वामी; 1854-1914) — 1908 में कुक्कुटेश्वर परिसर में दत्त-पादुका-स्थापना; पीठापुरम-दत्त-पुनरुद्धार का प्रवर्तक
  • श्री सज्जनगडा रामस्वामी (1966) — श्री पाद श्रीवल्लभ महा संस्थानम् के संस्थापक
  • श्रीनाथ कवि (15वीं शताब्दी) — भीमेश्वर पुराणम् में पीठापुरम-वर्णन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 350~350 ईस्वी — सम्राट समुद्रगुप्त के प्रयाग (इलाहाबाद) स्तम्भ-शिलालेख में पिष्टपुर (पीठापुरम) का उल्लेखWikipedia Pithapuram + Sanathana Dharma Substack
  2. 624624-641 ईस्वी — पूर्वी चालुक्य-नरेश कुब्ज विष्णुवर्धन की राजधानी (वेङ्गी-स्थानान्तरण से पूर्व)Wikipedia Eastern Chalukyas
  3. 8008वीं शताब्दी — आदि शंकराचार्य द्वारा अष्टादश-स्तोत्रम् में 10वें पीठ-निरूपणStotra Nidhi + Hindupedia + Tirtha Yatra बहु-स्रोत
  4. 13201320 ईस्वी — भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) पर श्री पाद श्रीवल्लभ का पीठापुरम में जन्म; दत्तात्रेय का प्रथम-कलियुग पूर्ण-अवतारSripadaSrivallabhaMahasamsthanam + sripada-srivallabha.org + Wikipedia बहु-स्रोत
  5. 19081908 — श्री वासुदेवानन्द सरस्वती (तेम्बे स्वामी) द्वारा कुक्कुटेश्वर परिसर में दत्त-पादुका-स्थापनाsripada-srivallabha.org + Wikipedia Vasudevanand Saraswati
  6. 198822 फरवरी 1988 — श्री पाद श्रीवल्लभ महा संस्थानम् में पादुका-प्रतिष्ठा (मुख्य-मन्दिर 1987 पूर्ण; तीन मूर्तियाँ — दत्तात्रेय + श्रीपाद + नरसिंह सरस्वती 1992 में स्थापित)Sripada-srivallabha.org
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:30 से 19:00 तक · मध्याह्न विश्राम 12:30-16:30 (मध्याह्न विश्राम)

प्रातः दर्शन (कुक्कुटेश्वर + पुरुहूतिका)05:30-12:30
दैनिक
सायं दर्शन16:30-19:00
दैनिक

विशेष नियम: श्री पाद श्रीवल्लभ महा संस्थानम् (पृथक-परिसर) दैनिक-कार्यक्रम: सुप्रभातम् 05:00, काकद आरती 05:30, पञ्चामृत अभिषेकम् 09:00, महा-नैवेद्य 12:00, प्रदोष-पूजन 17:00, पालकी सेवा 19:00, रात्रि आरती 20:30; प्रत्येक अमावस्या को महामृत्युञ्जय होमम् 10:00-11:30 AM

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
05:30-12:30 एवं 16:30-19:00
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

कुक्कुटेश्वर + पुरुहूतिका + पाद गया सरोवर का सम्मिलित-दर्शन।

विशेष सेवाएँ (अभिषेकम्, पुष्पालङ्कार, दीप सेवा, नैवेद्य, कुङ्कुम अर्चना, धूप सेवा, मन्त्र पुष्पम्, दरबार सेवा, पवलिम्पु शयन सेवा)

आन्ध्र प्रदेश देवादाय विभाग के Executive Officer (EO) द्वारा संचालित।

स्वामी वारि कल्याणम्
उपयुक्त
महाशिवरात्रि-दिन

कुक्कुटेश्वर-पुरुहूतिका कल्याण-उत्सव।

पाद-गया पिण्ड-प्रदान
उपयुक्त
पितृ-तर्पण-संकल्प

पाद-गया सरोवर पर पिण्ड-दान — काशी-समतुल्य पुण्य।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रि — कुक्कुटेश्वर स्वामी वारि कल्याणम्फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

कुक्कुटेश्वर-पुरुहूतिका कल्याण-उत्सव; रात्रि-जागरण। 2026 — रविवार 15 फरवरी।

माघ बहुल त्रयोदशी — कुक्कुटेश्वर विशिष्ट-अनुष्ठानमाघ कृष्ण त्रयोदशी

मन्दिर का अद्वितीय वार्षिक अनुष्ठान। फरवरी 2026 के मध्य।

श्री पाद श्रीवल्लभ जयन्तीभाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी)

1320 ईस्वी जन्म-तिथि; पीठापुरम का सर्वोच्च दत्त-उत्सव। 2026 — 14-15 सितंबर।

शरद नवरात्रि — सर्वोच्च देवी-उत्सवआश्विन शुक्ल प्रतिपदा-दशमी

श्री पुरुहूतिका देवी अम्मावारी नवरात्रि उत्सवालु — Government of India Utsav portal-सूचीबद्ध। 2026 घटस्थापना — रविवार 11 अक्टूबर; विजयदशमी — मंगलवार 20 अक्टूबर।

कार्तिक मासम् (कार्तिक दीपम् काल)कार्तिक-मास

अक्टूबर-नवंबर 2026; दीप-समर्पण-काल।

श्री पाद श्रीवल्लभ आराधनाआश्विन कृष्ण द्वादशी (गुरु द्वादशी)

1350 ईस्वी जल-समाधि-तिथि; नवंबर 2026।

दत्त जयन्ती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा)मार्गशीर्ष पूर्णिमा

दत्तात्रेय-जन्म-तिथि; पीठापुरम दत्त-सम्प्रदाय के लिए विशेष-महत्त्व। 2026 — बुधवार 23 दिसंबर।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

अष्टादश शक्ति-पीठ यात्रा-संकल्प (10वाँ पीठ)

आदि शंकराचार्य-रचित अष्टादश स्तोत्रम् का 10वाँ पीठ — 'पीठिकायां पुरुहूतिका'; पूर्व: महाकाली उज्जैन (9); पश्चात्: गिरिजा देवी ओड्याणा (11)

स्रोत: अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्

पाद-गया पिण्ड-प्रदान-संकल्प (पितृ-तर्पण)

त्रि-गया परंपरा का दक्षिण-भारत-स्थल; पाद-गया सरोवर पर पिण्ड-दान काशी-समतुल्य पुण्य; अन्य 2 गया: शिरो-गया बिहार + नाभि-गया जाजपुर

स्रोत: स्कन्द पुराण + गयासुर-कथा

श्री पाद श्रीवल्लभ-आदि-स्थान-दर्शन-संकल्प

दत्तात्रेय के प्रथम-कलियुग पूर्ण-अवतार श्री पाद श्रीवल्लभ का जन्म-स्थान (1320 ईस्वी); दत्त-सम्प्रदाय का अद्वितीय आदि-स्थान

स्रोत: श्री पाद श्रीवल्लभ चरितामृतम् + दत्त-सम्प्रदाय

पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्र दर्शन (कुन्ती माधव)

5 पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्रों में कुन्ती माधव (पीठापुरम); अन्य 4: बिन्दु माधव काशी + वेणु माधव प्रयाग + सुन्दर माधव तिरुवनन्तपुरम + सेतु माधव रामेश्वरम; एकमात्र-स्थल जहाँ शक्ति-पीठ + पाद-गया + पञ्च-माधव एक-साथ

स्रोत: पञ्च-माधव परंपरा

इन्द्र-तप-संकल्प (पुरुहूत-इन्द्र-शाप-निवारण कथा)

इन्द्र ने यहाँ तप-अनुष्ठान कर अहल्या-गौतम-शाप-निवारण किया; नाम 'पुरुहूतिका' इस कथा से व्युत्पन्न

स्रोत: स्थल-पुराण + इन्द्र-अहल्या-गौतम कथा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् — 3रा श्लोकस्तोत्रआदि शंकराचार्य रचितइस मन्दिर हेतु'उज्जैन्यां महाकाली, पीठिकायां पुरुहूतिका। ओड्याणे गिरिजादेवी, माणिक्या दक्षवाटिके' — पुरुहूतिका का 10वाँ-पीठ शास्त्रीय-प्रमाण
  • ललिता सहस्रनामस्तोत्रब्रह्माण्ड पुराण ललितोपाख्यानश्री-विद्या-उपासना का सामान्य-स्तोत्र (समस्त शाक्त-पीठों में पारायण)
  • श्री सूक्तम्वैदिक सूक्तऋग्वेद खिल-सूक्त
  • श्री पाद श्रीवल्लभ चरितामृतम्जीवन-चरितदत्त-सम्प्रदायइस मन्दिर हेतुश्री पाद श्रीवल्लभ के जन्म एवं लीला-वर्णन; पीठापुरम-कथा-केन्द्रित
  • दत्तात्रेय गायत्री मन्त्रगायत्री मन्त्रदत्त-उपासना परंपराइस मन्दिर हेतुॐ द्रां ह्रीं क्रों दत्तात्रेयाय विद्महे, योगीश्वराय धीमहि, तन्नो दत्तः प्रचोदयात्
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

श्री कुक्कुटेश्वर स्वामी (परिसर का मुख्य शिव-शाल)0 मी

स्वयंभू स्फटिक (श्वेत-संगमरमर) लिङ्ग; कुक्कुट (तेलुगु में मुर्ग) सदृश; पुरुहूतिका-पीठ का भैरव

पाद-गया सरोवर (पवित्र-तालाब)50 मी

त्रि-गया परंपरा का दक्षिण-भारत-स्थल; पिण्ड-दान काशी-समतुल्य; गयासुर के चरण

एक-शिला नन्दी100 मी

लेपाक्षी के पश्चात् भारत की द्वितीय-सबसे-बड़ी एक-शिला नन्दी

श्री कुन्ती माधव स्वामी (पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्र)200 मी

5 पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्रों में सम्मिलित; सीता-राम (त्रेता) एवं कुन्ती (द्वापर) द्वारा पूज्य

श्री वेणु गोपाल स्वामी मन्दिर300 मी

कृष्ण-वेणु गोपाल

श्री पाद श्रीवल्लभ महा संस्थानम् + अनघ दत्त क्षेत्रम्800 मी

1966 में स्थापित दत्त-सम्प्रदाय का प्रमुख-तीर्थ; श्री पाद श्रीवल्लभ का जन्म-स्थान

अन्नवरम् (श्री वीर वेङ्कट सत्यनारायण स्वामी)32 किमी

सत्यनारायण व्रत-कथा का प्रमुख-तीर्थ

द्राक्षारामम् भीमेश्वर (पञ्चाराम)50 किमी

5 पञ्चाराम क्षेत्रों में सम्मिलित; अष्टादश शक्ति-पीठों में मानिक्याम्बा (12वाँ) भी यहीं

सामलकोटा (कुमाराराम भीमेश्वर — पञ्चाराम)12 किमी

5 पञ्चाराम क्षेत्रों में सम्मिलित

अष्टादश महा-शक्ति-पीठ यात्रा (आदि शंकराचार्य)

10वाँ पीठ — 'पीठिकायां पुरुहूतिका'; पूर्व: महाकाली उज्जैन (9); पश्चात्: गिरिजा देवी ओड्याणा (11)

18 मंदिर

त्रि-गया क्षेत्र यात्रा (पितृ-तर्पण-संकल्प)

पाद-गया (चरण-गया) — गयासुर के चरण; अन्य 2: शिरो-गया (विष्णुपदम् बिहार) + नाभि-गया (बिराजा जाजपुर); पाद-गया सरोवर पर पिण्ड-दान काशी-समतुल्य

3 मंदिर

5 पञ्च-माधव विष्णु-क्षेत्र यात्रा

कुन्ती माधव (पीठापुरम); अन्य 4: बिन्दु माधव काशी + वेणु माधव प्रयाग + सुन्दर माधव तिरुवनन्तपुरम + सेतु माधव रामेश्वरम

5 मंदिर

दत्त-सम्प्रदाय त्रिवेणी यात्रा

आदि-स्थान — पीठापुरम (1320 श्री पाद श्रीवल्लभ जन्म) → कुरुपुरम/कुरुगड्डी (1350 जल-समाधि) → गाणगापुर (नरसिंह सरस्वती 2रा अवतार-स्थल)

3 मंदिर

AP-तेलंगाना शक्ति-तीर्थ यात्रा (4-स्थल)

पुरुहूतिका (पीठापुरम) → भ्रमराम्बिका (श्रीशैलम्) → जोगुलाम्बा (अलम्पुर) → कनक दुर्गा (विजयवाड़ा)

4 मंदिर

पाद-गया + पञ्चाराम संयुक्त-यात्रा

पीठापुरम (पाद-गया + शक्ति-पीठ + दत्त) + सामलकोटा (कुमाराराम) + द्राक्षारामम् (भीमाराम + मानिक्याम्बा) + अन्नवरम्

4 मंदिर · 2 दिन

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
पाद-गया क्षेत्रम्, पीठापुरम, ज़िला काकीनाडा — 533450, आन्ध्र प्रदेश
हवाई अड्डा
राजमुन्द्री हवाई अड्डा (RJA) — ~76 किमी; विशाखापट्टनम (VTZ) — ~142 किमी
रेलवे
पीठापुरम रेलवे स्टेशन (PAP) — ~2 किमी (हावड़ा-चेन्नई मुख्य-मार्ग); सामलकोटा जंक्शन — ~12 किमी (प्रमुख निकटतम जंक्शन)
बस-स्टैण्ड
पीठापुरम बस-स्टैंड; APSRTC नियमित बसें
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; शरद नवरात्रि (11-20 अक्टूबर 2026) सर्वोच्च; महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026; दत्त जयन्ती 23 दिसंबर 2026; गर्मी (मार्च-जून) में दिन का तापमान 42°C+ एवं उच्च-आर्द्रता
हेल्पलाइन
08869-252477 (Executive Officer कार्यालय), 08869-251445 (वैकल्पिक), +91-08869-250300 (श्री पाद श्रीवल्लभ संस्थानम्)
2 किमीPithapuram Railway Station
12 किमीSamalkota Junction
20 किमीKakinada
32 किमीAnnavaram
50 किमीDraksharama Bhimeshwara
75 किमीRajahmundry
142 किमीVisakhapatnam
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