वाल्मीकि रामायण
लंका-विजय के पश्चात् श्री राम द्वारा शिव-पूजन एवं ब्रह्म-हत्या (रावण-वध) निवारण हेतु शिवलिङ्ग की प्रतिष्ठा का प्रसंग
Rameshwaram · Tamil Nadu
रामनाथस्वामी / रामेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग / रामलिङ्गेश्वर
अन्य नाम: रामेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग · रामनाथस्वामी · रामलिङ्गेश्वर · रामेश्वरम् धाम

इस मन्दिर की विशेषता
श्री रामनाथस्वामी (शिव) — गर्भगृह में दो ज्योतिर्लिङ्ग: (1) रामलिङ्गम् — मान्यता: सीताजी द्वारा बालू (रेत) से निर्मित, श्री राम द्वारा प्रतिष्ठित; (2) विश्वलिङ्गम् — हनुमानजी द्वारा कैलाश से लाया गया। प्रथम पूजा परंपरानुसार विश्वलिङ्ग की होती है।
लिङ्ग-स्वरूप शिव
सम्प्रदाय: शैव (शैव-वैष्णव-स्मार्त — तीनों परंपराओं द्वारा पूज्य)
लंका-विजय के पश्चात् श्री राम द्वारा शिव-पूजन एवं ब्रह्म-हत्या (रावण-वध) निवारण हेतु शिवलिङ्ग की प्रतिष्ठा का प्रसंग
सेतु माहात्म्य / रामेश्वर माहात्म्य — रामेश्वरम् क्षेत्र, 22 तीर्थों, गन्धमादन पर्वत का विस्तृत वर्णन
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में रामेश्वर का माहात्म्य
रामेश्वर सम्मिलित
04:00 से 20:00 तक · मध्याह्न विश्राम 13:00-15:00 (दोपहर विश्राम)
गर्भगृह में आदि शंकराचार्य-परम्परा का स्फटिक (क्रिस्टल) लिंगम् दर्शन — दिन में केवल यह 1 घंटा। मंदिर काउंटर पर टिकट; मूल्य HRCE काउंटर पर पुष्टि करें।
भक्तों के लिए दर्शन प्रारम्भ
मंदिर बन्द
वस्त्र-संहिता: पुरुष: धोती + शर्ट / पायजामा-कुर्ता; गर्भगृह में प्रवेश के पूर्व शर्ट उतारनी होती है; लुंगी, बरमुडा, जींस, तंग पैन्ट निषिद्ध। महिला: साड़ी या सलवार-कमीज़; पारंपरिक मर्यादित वस्त्र।
मंदिर के बाहरी कॉरिडोर से रामलिंग एवं विश्वलिंग के दर्शन। पूर्णतः निःशुल्क।
मंदिर के अन्दर 22 तीर्थम् (पवित्र कूप) — श्री राम के 22 बाणों का प्रतीक। उत्तर-द्वार स्थित HRCE टिकट काउंटर से टिकट प्राप्त कर एक-एक कुण्ड पर सेवायतों द्वारा पवित्र जल का अभिषेक।
आदि शंकराचार्य-परंपरा का स्फटिक लिंगम् — दिन में मात्र 1 घंटा गर्भगृह में दर्शन। मूल्य HRCE काउंटर पर पुष्टि करें।
सीमित संख्या; उपलब्धता अनुसार। मूल्य HRCE काउंटर पर पुष्टि करें।
वंशजों के लिये रामेश्वर में पितृ-तर्पण की विशेष परंपरा
मंदिर का प्रमुख वार्षिक पर्व — 10-दिवसीय उत्सव; मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। लाखों शिव-भक्त उपस्थित।
श्री रामनाथस्वामी एवं पार्वती-वर्धिनी (Parvathavardhini) के दिव्य विवाह का स्मरणोत्सव
तमिल मास थाई (जनवरी-फरवरी) एवं आदि (जुलाई-अगस्त) की अमावस्याओं पर अग्नि-तीर्थम् स्नान एवं पितृ-तर्पण; पीक दिनों में 2+ लाख भक्त
पितृ-तर्पण का चरम काल; अग्नि-तीर्थम् में स्नान एवं रामेश्वर में पिण्डदान की विशेष परंपरा
9 दिवसीय शक्ति-उत्सव; पार्वती-वर्धिनी की विशेष पूजा
मान्यता: स्वयं श्री राम ने यहाँ शिव-पूजन से ब्रह्म-हत्या-दोष का निवारण किया — सम्पूर्ण मानवता हेतु आदर्श स्थापित किया। रामनाथस्वामी दर्शन से सभी पापों का क्षय।
स्रोत: वाल्मीकि रामायण + स्कन्द पुराण सेतु माहात्म्य
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में दक्षिणतम; आदि शंकराचार्य के द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र अनुसार एक दर्शन से बारहों का फल
स्रोत: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र
अग्नि-तीर्थम् + 22 तीर्थम् + रामेश्वर में पितृ-तर्पण से सम्पूर्ण वंश-पीढ़ी का कल्याण एवं मोक्ष — गया, हरिद्वार, प्रयाग के साथ सर्वोच्च पितृ-तीर्थों में
स्रोत: स्कन्द पुराण सेतु माहात्म्य
अग्नि-तीर्थम् में स्नान कर शिव-पूजन से निःसन्तान दम्पतियों को सन्तान-प्राप्ति
स्रोत: स्थल-परंपरा
मंदिर के पूर्वी द्वार से समुद्र-तट; मान्यता: श्री राम-सीता लंका से वापसी पर यहाँ रुके; 64 तीर्थों में सर्वोच्च। मंदिर-दर्शन से पूर्व समुद्र-स्नान की पारंपरिक अनिवार्यता। निःसन्तान दम्पतियों को सन्तान-प्राप्ति की मान्यता।
श्री रामनाथस्वामी की पत्नी देवी पार्वती का स्वरूप; पार्वत-वर्धिनी अर्थात् 'पार्वत-कन्या वर्धन करने वाली'। अर्ध-मण्डपम् में श्री-चक्र स्थापित। मंदिर-यात्रा में रामनाथस्वामी एवं पार्वतवर्धिनी दोनों के दर्शन अनिवार्य।
द्वीप का सर्वोच्च बिन्दु; श्री राम के पाद-चिह्न; मान्यता: हनुमान ने यहीं से लंका की ओर छलांग लगायी थी
श्री राम ने धनुष की नोक से सेतु-निर्माण-स्थल का संकेत किया — 'धनुष-कोडि' (धनुष का सिरा)। 22-23 दिसम्बर 1964 के चक्रवात में नगर पूर्णतः ध्वस्त — 'भूत-नगर'। कोथन्डरामस्वामी मंदिर सुरक्षित बचा। राम सेतु (Adam's Bridge) यहीं से प्रारम्भ हो श्रीलंका के तलैमन्नार तक।
मान्यता: श्री राम ने यहाँ से सेतु-निर्माण (वानर-सेना द्वारा) प्रारम्भ किया
विभीषण के राज्याभिषेक का स्थान-मान्यता; 1964 के विनाशकारी चक्रवात में सुरक्षित बचा एकमात्र भवन
मन्नार खाड़ी पर शांत समुद्र-तट; नये पम्बन सेतु से दृष्टि-योग्य
PM श्री मोदी द्वारा 6 अप्रैल 2025 को उद्घाटित — भारत का प्रथम वर्टिकल-लिफ्ट समुद्र-रेलवे पुल; ~2.08 किमी लम्बा; बीच का खण्ड बड़े जहाज़ों के निकलने के लिए ऊपर उठ सकता है; भारतीय रेलवे स्वामी।
रामेश्वरम् मूल-निवासी पूर्व राष्ट्रपति डॉ॰ ए॰पी॰जे॰ अब्दुल कलाम का राष्ट्रीय स्मारक
दक्षिण-धाम — रामेश्वरम्। अन्य 3: द्वारका (पश्चिम), पुरी जगन्नाथ (पूर्व), बद्रीनाथ (उत्तर)। आदि शंकराचार्य द्वारा सम्पूर्ण भारत-राष्ट्र की भू-सांस्कृतिक एकता हेतु प्रतिष्ठित।
4 मंदिर
12 ज्योतिर्लिंगों में दक्षिणतम; आदि शंकराचार्य के द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र अनुसार
12 मंदिर
विशिष्ट परंपरा: काशी (वाराणसी) के विश्वनाथ का जल लाकर रामेश्वर के ज्योतिर्लिंग पर अभिषेक; तत्पश्चात् रामेश्वर की रेत वापस काशी में अर्पण। दोनों ज्योतिर्लिंगों के बीच यह 'आत्म-संयोग' यात्रा।
तेवारम् के 63 नायन्मार-सन्तों द्वारा गाये गये 276 शैव-क्षेत्रों में रामेश्वर सम्मिलित
276 मंदिर
रामेश्वरम् = सेतु-बंधन एवं लंका-वापसी का स्थल। पूर्ण यात्रा: अयोध्या (जन्म) → चित्रकूट → पंचवटी → हम्पी (किष्किन्धा) → रामेश्वरम् (सेतु) → लंका