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Mahur · Maharashtra

श्री रेणुका माता

श्री रेणुका माता (एकवीरा देवी) मंदिर — मातापुर / माहूरगड, ज़िला नांदेड़, महाराष्ट्र

रेणुका माता / एकवीरा देवी — माहूर्ये एकवीरिका; अष्टादश शक्ति-पीठ का 8वाँ पीठ; परशुराम-माता

अन्य नाम: एकवीरा देवी · एकवीरिका · येल्लम्मा (कर्नाटक परंपरा) · एकवीर · यमाई · मारीयम्मन् · पद्मक्षी रेणुका · रेणुका भवानी · उच्चङ्गी मारीयम्मा · मातापुर निवासिनी जगदम्बा

  • 18 अष्टादश महा-शक्ति-पीठ
  • महाराष्ट्र साढ़े-तीन
  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा
  • दत्त 3.5 स्थान
श्री रेणुका माता
दर्शन समय
06:00 – 22:00
स्वरूप
गर्भगृह में केवल मुख-स्वरूप स्वयंभू-मूर्…
स्थान
Mahur · Maharashtra
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 18 अष्टादश महा-शक्ति-पीठ — आदि शंकराचार्य रचित स्तोत्रम् का 8वाँ पीठ; श्लोक: 'महालक्ष्मीः कोल्हापुरे, माहूर्ये एकवीरिका'
  • महाराष्ट्र साढ़े-तीन (3.5) पूर्ण शक्ति-पीठ — पूर्ण-पीठ (अन्य 2 पूर्ण: महालक्ष्मी कोल्हापुर + तुळजा भवानी तुळजापुर; अर्ध-पीठ: सप्तशृंगी वणी)
  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा — रेणुका का शीश यहाँ गिरा (परशुराम-कथा के साथ); रेणुका-शीश-पीठ
  • दत्त 3.5 स्थान — माहूर दत्तात्रेय का जन्म-स्थान (आदि-स्थान); अन्य दत्त-तीर्थ: औदुम्बर, नरसोबावाडी, गाणगापुर
  • रेणुका-येल्लम्मा-मारीयम्मन् पैन-इंडिया परंपरा का डॉक्ट्रिनल मातृ-तीर्थ (महाराष्ट्र + कर्नाटक + तमिल नाडु + तेलंगाना + आंध्र + गुजरात)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री रेणुका माता — मात्र मुख-स्वरूप (केवल मुख/शीश) स्वयंभू मूर्ति; भारत के समस्त शक्ति-पीठों में अद्वितीय अनिकोनिक-रूप; परशुराम के पीछे-मुड़ने से माँ केवल मस्तक तक पृथ्वी से प्रकट हुईं

गर्भगृह में केवल मुख-स्वरूप स्वयंभू-मूर्ति; स्वर्ण-आभूषण-अलंकृत (कर्ण-कुण्डल, नाक-नथ, माला); भारत के समस्त शक्ति-पीठों में एकमात्र मुख-केवल देवी-स्वरूप

सम्प्रदाय: शाक्त — रेणुका-येल्लम्मा परंपरा का मातृ-तीर्थ; दत्त-सम्प्रदाय के साथ युगल (दत्तात्रेय का जन्म-स्थल भी यहीं)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्

आदि शंकराचार्य रचित — श्लोक: 'महालक्ष्मीः कोल्हापुरे, माहूर्ये एकवीरिका' — एकवीरिका का 8वाँ-पीठ शास्त्रीय-प्रमाण

देवी भागवत पुराण

अध्याय 38 (देवी गीता) — 'सह्याद्रि-पर्वत में द्वितीय-स्थान मातृपुर — यहाँ देवी रेणुका निवास करती हैं'; मातापुर / मात्रिपुर के रूप में नामांकन

वायु पुराण

रेणुका स्तोत्रम् (परशुराम-कृतम्) का स्रोत — परशुराम द्वारा माँ के पुनः-जीवन हेतु रचित

महाभारत

रेणुका-जमदग्नि-परशुराम कथा — कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) द्वारा कामधेनु-ग्रहण; जमदग्नि-वध; रेणुका-शीश-छेद

भागवत पुराण + हरिवंश

परशुराम (6वें विष्णु-अवतार) की कथा एवं रेणुका-वध-कथा

संत एवं परम्परा

  • महर्षि जमदग्नि (सप्तर्षि) — रेणुका के पति; परशुराम के पिता
  • रेणुका माता — कार्तवीर्य अर्जुन द्वारा जमदग्नि-वध के पश्चात् पुत्र परशुराम के हाथ से शीश-छेद; परशुराम के तप-प्रभाव से पुनः-जीवित किन्तु केवल शीश-रूप में प्रकट
  • परशुराम (6वें विष्णु-अवतार) — माहूर में मातृ-तर्पण के माध्यम से रेणुका को पुनः-जीवित किया; वायु पुराण-वर्णित रेणुका स्तोत्रम् के रचयिता; मातृ-तीर्थ-कुण्ड पर अन्तिम-संस्कार सम्पन्न
  • दत्तात्रेय — माहूर में जन्म (अत्रि-अनसूया-पुत्र); परशुराम को मातृ-तर्पण-विधि सिखाई; माहूर दत्तात्रेय का आदि-स्थान
  • अत्रि एवं सती अनसूया — माहूर के अनसूया-शिखर पर तप-स्थल; दत्तात्रेय के माता-पिता
  • आदि शंकराचार्य (8वीं शताब्दी) — माहूर-यात्रा में बाणलिङ्ग-स्थापना; अष्टादश-स्तोत्रम् में 8वें पीठ रूप में 'माहूर्ये एकवीरिका' की स्तुति
  • देवगिरि के यादव-नरेश (~12वीं शताब्दी) — वर्तमान मंदिर-संरचना के निर्माता
  • शाण्डिल्य महर्षि — रेणुका अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् के रचयिता (108 नाम)

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 8008वीं शताब्दी — आदि शंकराचार्य द्वारा अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् में माहूर्ये एकवीरिका का 8वें पीठ-रूप में निरूपण; बाणलिङ्ग-स्थापनाStotra Nidhi + Tirtha Yatra + Hindupedia + AstroVed बहु-स्रोत
  2. 1200~12वीं शताब्दी — देवगिरि के यादव-नरेश द्वारा वर्तमान मंदिर-संरचना का निर्माणOutlook + AstroVed + Templesofindia + Nagpur Today बहु-स्रोत
  3. 13581358 ईस्वी — बहमनी सल्तनत द्वारा माहूर किले पर अधिग्रहणWikipedia Mahur Fort
  4. 15271527 ईस्वी — निज़ामशाही-शासनWikipedia Mahur Fort
  5. 16171617 ईस्वी — मुग़ल-शासन (शाह जहाँ-काल सहित)Wikipedia Mahur Fort
  6. 19481948 — हैदराबाद निज़ाम के भारत-संघ-विलय के पश्चात् माहूर भारत-गणराज्य में सम्मिलितWikipedia Mahur Fort
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:00 से 22:00 तक

मंगला आरती05:00
दैनिक

दिन की प्रथम आरती

प्रातः दर्शन06:00-12:00
दैनिक
अपराह्न दर्शन12:00-18:00
दैनिक
सन्ध्या आरती18:00
दैनिक

सायं प्रमुख आरती

रात्रि दर्शन18:00-22:00
दैनिक

फोटोग्राफी: गर्भगृह में फोटोग्राफी निषिद्ध

विशेष नियम: ~200-250 पाषाण-कटित सीढ़ी पहाड़ी-शिखर तक; वृद्ध/अक्षम हेतु डोली-सेवा उपलब्ध; भक्तों को स्व-आरती करने की अनुमति

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शन (स्व-आरती-सहित)निःशुल्क
समय
06:00-22:00
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

पहाड़ी-शिखर तक ~200-250 सीढ़ी; गर्भगृह में स्व-आरती की अनुमति।

डोली दर्शन
उपयुक्त
वृद्ध / अक्षम / न-चढ़ सकने वाले

स्थानीय वाहक-सेवा; पहाड़ी पर ले जाना-लाना।

ऑनलाइन दर्शन-पास एवं लाइव दर्शन-प्रसारण

आधिकारिक मंदिर-पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग एवं लाइव दर्शन।

विशेष पूजा (नवचण्डी पाठ, अभिषेक, पंचामृत अभिषेक, महापूजा)
उपयुक्त
नवरात्रि / दत्त जयन्ती / विजयदशमी विशेष-संकल्प

मंदिर-न्यास द्वारा बुकिंग।

तुलाभार (Thulabharam)

देवी को अपने शरीर-भार-तुल्य अन्न/सिक्के समर्पण।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

चैत्र (वासन्तिक) नवरात्रि — गुड़ी पाडवा घटस्थापना से प्रारम्भचैत्र शुक्ल प्रतिपदा-नवमी

घटस्थापना 12:30 PM गुड़ी पाडवा पर; महा-आरती; सप्तधान्य-बीज-वपन; पीली पैठनी सहित पंचामृत अभिषेक। 2026 — गुरुवार 19 मार्च से शुक्रवार 27 मार्च।

परशुराम जयन्तीवैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया)

रेणुका-पुत्र परशुराम की जन्म-तिथि; माहूर में विशेष-पूजा। 2026 — रविवार 19 अप्रैल।

शारदीय नवरात्रि — सर्वोच्च मंदिर-उत्सवआश्विन शुक्ल प्रतिपदा-दशमी

मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक उत्सव; हज़ारों श्रद्धालु। 2026 घटस्थापना — रविवार 11 अक्टूबर; विजयदशमी — मंगलवार 20 अक्टूबर।

विजयदशमी (दशहरा) मेलाआश्विन शुक्ल दशमी

वार्षिक भव्य-मेला; एक-दिवसीय सर्वोच्च-घटना। 2026 — मंगलवार 21 अक्टूबर।

दिवाली लक्ष्मी पूजाकार्तिक अमावस्या

पीक-दर्शन-समय। 2026 — रविवार 8 नवंबर।

कार्तिक पूर्णिमाकार्तिक पूर्णिमा

पीक-दर्शन। 2026 — मंगलवार 24 नवंबर।

दत्त जयन्ती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा)मार्गशीर्ष पूर्णिमा

महापूजा + महाप्रसाद; माहूर दत्तात्रेय का जन्म-स्थान होने के कारण विशेष महत्व। 2026 — बुधवार 23 दिसंबर।

मकर संक्रांतिपौष-मास-अन्त

माहूर-मन्दिरों में पारंपरिक-उत्सव। 2027 — 14 जनवरी।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

अष्टादश शक्ति-पीठ यात्रा-संकल्प (8वाँ पीठ)

आदि शंकराचार्य-रचित अष्टादश स्तोत्रम् का 8वाँ पीठ — 'माहूर्ये एकवीरिका'; पूर्व: महालक्ष्मी कोल्हापुर (7); पश्चात्: महाकाली उज्जैन (9)

स्रोत: अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् (आदि शंकराचार्य)

महाराष्ट्र साढ़े-तीन शक्ति-पीठ यात्रा (पूर्ण-पीठ)

महालक्ष्मी (कोल्हापुर) + तुळजा भवानी (तुळजापुर) + रेणुका (माहूर) — तीन पूर्ण-पीठ; सप्तशृंगी (वणी) अर्ध-पीठ; MSRTC नवरात्रि-काल विशेष सर्किट-बस

स्रोत: महाराष्ट्र शाक्त-परंपरा

रेणुका-दत्त युगल-यात्रा (माहूर अद्वितीय 3-पहाड़ी संगम)

एकमात्र तीर्थ जहाँ आदि शक्ति (रेणुका) + दत्तात्रेय-जन्म-स्थान + सती अनसूया-तप-स्थान तीन-पहाड़ी-संगम के रूप में अवस्थित

स्रोत: स्थल-परंपरा + दत्त-सम्प्रदाय

परशुराम-मातृ-तर्पण-संकल्प

मात्रिपुर / मातृ-तीर्थ कुण्ड पर परशुराम ने अपनी माँ का अन्तिम-संस्कार सम्पन्न किया; मातृ-तर्पण के अद्वितीय-स्थल के रूप में संकल्प

स्रोत: महाभारत + वायु पुराण रेणुका स्तोत्रम्

रेणुका-येल्लम्मा परंपरा-संकल्प (पैन-इंडिया)

माहूर रेणुका-येल्लम्मा-मारीयम्मन् पैन-इंडिया परंपरा का मातृ-तीर्थ; कर्नाटक के सौंदत्ती येल्लम्मा एवं अन्य क्षेत्रीय रेणुका-मंदिरों का डॉक्ट्रिनल-स्रोत

स्रोत: क्षेत्रीय रेणुका-परंपरा (बहु-राज्य)

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • रेणुका स्तोत्रम् (परशुराम-कृतम्)स्तोत्रवायु पुराणइस मन्दिर हेतुप्रारम्भिक श्लोक — 'ॐ नमः परमानन्दे सर्वदेवमयि शुभे। अकारादि-क्षकारान्तं मातृका-मन्त्रमालिनी' — परशुराम द्वारा रेणुका के पुनः-जीवन हेतु रचित
  • रेणुका अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् (108 नाम)नामावलीशाण्डिल्य महर्षि-रचितइस मन्दिर हेतुदेवी रेणुका के 108 नाम
  • अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्स्तोत्रआदि शंकराचार्य रचितइस मन्दिर हेतुश्लोक: 'महालक्ष्मीः कोल्हापुरे, माहूर्ये एकवीरिका' — एकवीरिका का 8वें पीठ-स्थान शास्त्रीय-प्रमाण
  • रेणुका बीज / आह्वान मंत्रमूल मंत्रदेवी-उपासना परंपराइस मन्दिर हेतुॐ ऐं ह्रीं श्रीं रेणुकायै नमः
  • दत्तात्रेय गायत्री मंत्रगायत्री मंत्रदत्त-उपासना परंपराइस मन्दिर हेतुॐ द्रां ह्रीं क्रों दत्तात्रेयाय विद्महे, योगीश्वराय धीमहि, तन्नो दत्तः प्रचोदयात् — माहूर दत्तात्रेय आदि-स्थान होने के कारण रेणुका-दत्त युगल-उपासना
  • दत्तात्रेय स्तोत्रम् (नारद-कृतम्)स्तोत्रनारद-कृत — माहूर दत्त-शिखर पर पारायणइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

दत्त शिखर मंदिर (दत्तात्रेय जन्म-स्थान)1.5 किमी

दत्तात्रेय का जन्म-स्थान (आदि-स्थान); दत्त 3.5 स्थानों में सम्मिलित; पूर्ण-मूर्ति (अधिकांश दत्त-मन्दिरों में केवल पादुका, यहाँ पूर्ण-मूर्ति विरल)

अत्रि-अनसूया शिखर मंदिर2 किमी

सती अनसूया एवं ऋषि अत्रि का तप-स्थान; दत्तात्रेय के माता-पिता का तीर्थ

परशुराम मंदिर (परिसर में)100 मी

रेणुका के पुत्र परशुराम (6वें विष्णु-अवतार)

जमदग्नि मंदिर500 मी

रेणुका के पति, परशुराम के पिता सप्तर्षि जमदग्नि का मंदिर

मातृ-तीर्थ कुण्ड (पवित्र-तालाब)3 किमी

परशुराम ने यहाँ जमदग्नि का अन्तिम-संस्कार सम्पन्न किया; गुरुचरित्र में उल्लिखित

माहूरगड किला + महाकाली मंदिर + माहूर संग्रहालय + राजे उदाराम का महल + शेख फरीद झरना1 किमी

गोंड-काल से बहुराजवंशीय ऐतिहासिक किला

सोनापीर दरगाह (मुहर-ए-रसूल)2 किमी

इस्लामी मास के 5वें-दिन उर्स वाला सूफी-दरगाह; धर्म-समन्वय-स्थल

तुळजा भवानी (तुळजापुर)400 किमी

महाराष्ट्र 3.5 पूर्ण-पीठों में अन्य पूर्ण-पीठ; आद्या शक्ति पीठ; सर्किट-यात्रा

महालक्ष्मी (कोल्हापुर / अंबाबाई)600 किमी

महाराष्ट्र 3.5 पूर्ण-पीठों में अन्य पूर्ण-पीठ; अष्टादश 7वाँ पीठ

सप्तशृंगी देवी (वणी, नासिक)500 किमी

महाराष्ट्र 3.5 अर्ध-पीठ

महाराष्ट्र साढ़े-तीन शक्ति-पीठ यात्रा

तीसरा पूर्ण-पीठ — महालक्ष्मी (कोल्हापुर) + तुळजा भवानी (तुळजापुर) + रेणुका (माहूर) + सप्तशृंगी (वणी — अर्ध); MSRTC नवरात्रि-काल विशेष सर्किट-बस

4 मंदिर

अष्टादश महा-शक्ति-पीठ यात्रा (आदि शंकराचार्य)

8वाँ पीठ — 'माहूर्ये एकवीरिका'; पूर्व: महालक्ष्मी कोल्हापुर (7); पश्चात्: महाकाली उज्जैन (9)

18 मंदिर

दत्त 3.5 स्थान यात्रा-सर्किट

आदि-स्थान — माहूर (दत्तात्रेय जन्म) + औदुम्बर + नरसोबावाडी + गाणगापुर — महाराष्ट्र/कर्नाटक दत्त-तीर्थ

4 मंदिर

रेणुका-येल्लम्मा पैन-इंडिया परंपरा-यात्रा

डॉक्ट्रिनल मातृ-तीर्थ — माहूर (महाराष्ट्र) ↔ सौंदत्ती येल्लम्मा (कर्नाटक) ↔ चंद्रगुट्टी रेणुकाम्बे (शिमोगा) ↔ पद्मक्षी रेणुका मन्दिर (तेलंगाना/AP)

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री रेणुका माता मंदिर (एकवीरा देवी / माहूर्ये एकवीरिका), माहूरगड, ता. माहूर, ज़िला नांदेड़ — पिनकोड (पुष्ट नहीं — नांदेड़-ज़िला कार्यालय से सत्यापन करें), महाराष्ट्र
हवाई अड्डा
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी हवाई अड्डा, नांदेड़ — ~100-130 किमी; डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर — ~200-222 किमी
रेलवे
किनवट रेलवे स्टेशन — ~50 किमी (निकटतम रेल-हेड); नांदेड़ जंक्शन — ~126 किमी
बस-स्टैण्ड
माहूर बस-स्टैंड; MSRTC नांदेड़/यवतमाल/नागपुर/अकोला/अमरावती से नियमित बसें; नवरात्रि-काल विशेष 'साढ़े-तीन शक्ति पीठ' सर्किट-बस
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; शारदीय नवरात्रि (11-20 अक्टूबर 2026) सर्वोच्च; विजयदशमी मेला (21 अक्टूबर 2026); दत्त जयन्ती (23 दिसंबर 2026); गर्मी (अप्रैल-जून) में पहाड़ी-शिखर सहनीय किन्तु दिन का तापमान 40°C+
हेल्पलाइन
+91 99306 33303 (माहूर गढ़ चैरिटेबल ट्रस्ट, मुम्बई)
50 किमीKinwat Railway Station
126 किमीNanded Junction
130 किमीNanded Airport
110 किमीYavatmal
222 किमीNagpur Airport
2.4 किमीMahur village centre to temple…
3 किमीMatru Tirtha
400 किमीTuljapur Bhavani
600 किमीKolhapur Mahalakshmi
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