अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्
आदि शंकराचार्य रचित — श्लोक: 'महालक्ष्मीः कोल्हापुरे, माहूर्ये एकवीरिका' — एकवीरिका का 8वाँ-पीठ शास्त्रीय-प्रमाण
Mahur · Maharashtra
श्री रेणुका माता (एकवीरा देवी) मंदिर — मातापुर / माहूरगड, ज़िला नांदेड़, महाराष्ट्र
रेणुका माता / एकवीरा देवी — माहूर्ये एकवीरिका; अष्टादश शक्ति-पीठ का 8वाँ पीठ; परशुराम-माता
अन्य नाम: एकवीरा देवी · एकवीरिका · येल्लम्मा (कर्नाटक परंपरा) · एकवीर · यमाई · मारीयम्मन् · पद्मक्षी रेणुका · रेणुका भवानी · उच्चङ्गी मारीयम्मा · मातापुर निवासिनी जगदम्बा

इस मन्दिर की विशेषता
श्री रेणुका माता — मात्र मुख-स्वरूप (केवल मुख/शीश) स्वयंभू मूर्ति; भारत के समस्त शक्ति-पीठों में अद्वितीय अनिकोनिक-रूप; परशुराम के पीछे-मुड़ने से माँ केवल मस्तक तक पृथ्वी से प्रकट हुईं
गर्भगृह में केवल मुख-स्वरूप स्वयंभू-मूर्ति; स्वर्ण-आभूषण-अलंकृत (कर्ण-कुण्डल, नाक-नथ, माला); भारत के समस्त शक्ति-पीठों में एकमात्र मुख-केवल देवी-स्वरूप
सम्प्रदाय: शाक्त — रेणुका-येल्लम्मा परंपरा का मातृ-तीर्थ; दत्त-सम्प्रदाय के साथ युगल (दत्तात्रेय का जन्म-स्थल भी यहीं)
आदि शंकराचार्य रचित — श्लोक: 'महालक्ष्मीः कोल्हापुरे, माहूर्ये एकवीरिका' — एकवीरिका का 8वाँ-पीठ शास्त्रीय-प्रमाण
अध्याय 38 (देवी गीता) — 'सह्याद्रि-पर्वत में द्वितीय-स्थान मातृपुर — यहाँ देवी रेणुका निवास करती हैं'; मातापुर / मात्रिपुर के रूप में नामांकन
रेणुका स्तोत्रम् (परशुराम-कृतम्) का स्रोत — परशुराम द्वारा माँ के पुनः-जीवन हेतु रचित
रेणुका-जमदग्नि-परशुराम कथा — कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) द्वारा कामधेनु-ग्रहण; जमदग्नि-वध; रेणुका-शीश-छेद
परशुराम (6वें विष्णु-अवतार) की कथा एवं रेणुका-वध-कथा
06:00 से 22:00 तक
दिन की प्रथम आरती
सायं प्रमुख आरती
फोटोग्राफी: गर्भगृह में फोटोग्राफी निषिद्ध
विशेष नियम: ~200-250 पाषाण-कटित सीढ़ी पहाड़ी-शिखर तक; वृद्ध/अक्षम हेतु डोली-सेवा उपलब्ध; भक्तों को स्व-आरती करने की अनुमति
पहाड़ी-शिखर तक ~200-250 सीढ़ी; गर्भगृह में स्व-आरती की अनुमति।
स्थानीय वाहक-सेवा; पहाड़ी पर ले जाना-लाना।
आधिकारिक मंदिर-पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग एवं लाइव दर्शन।
मंदिर-न्यास द्वारा बुकिंग।
देवी को अपने शरीर-भार-तुल्य अन्न/सिक्के समर्पण।
घटस्थापना 12:30 PM गुड़ी पाडवा पर; महा-आरती; सप्तधान्य-बीज-वपन; पीली पैठनी सहित पंचामृत अभिषेक। 2026 — गुरुवार 19 मार्च से शुक्रवार 27 मार्च।
रेणुका-पुत्र परशुराम की जन्म-तिथि; माहूर में विशेष-पूजा। 2026 — रविवार 19 अप्रैल।
मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक उत्सव; हज़ारों श्रद्धालु। 2026 घटस्थापना — रविवार 11 अक्टूबर; विजयदशमी — मंगलवार 20 अक्टूबर।
वार्षिक भव्य-मेला; एक-दिवसीय सर्वोच्च-घटना। 2026 — मंगलवार 21 अक्टूबर।
पीक-दर्शन-समय। 2026 — रविवार 8 नवंबर।
पीक-दर्शन। 2026 — मंगलवार 24 नवंबर।
महापूजा + महाप्रसाद; माहूर दत्तात्रेय का जन्म-स्थान होने के कारण विशेष महत्व। 2026 — बुधवार 23 दिसंबर।
माहूर-मन्दिरों में पारंपरिक-उत्सव। 2027 — 14 जनवरी।
आदि शंकराचार्य-रचित अष्टादश स्तोत्रम् का 8वाँ पीठ — 'माहूर्ये एकवीरिका'; पूर्व: महालक्ष्मी कोल्हापुर (7); पश्चात्: महाकाली उज्जैन (9)
स्रोत: अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् (आदि शंकराचार्य)
महालक्ष्मी (कोल्हापुर) + तुळजा भवानी (तुळजापुर) + रेणुका (माहूर) — तीन पूर्ण-पीठ; सप्तशृंगी (वणी) अर्ध-पीठ; MSRTC नवरात्रि-काल विशेष सर्किट-बस
स्रोत: महाराष्ट्र शाक्त-परंपरा
एकमात्र तीर्थ जहाँ आदि शक्ति (रेणुका) + दत्तात्रेय-जन्म-स्थान + सती अनसूया-तप-स्थान तीन-पहाड़ी-संगम के रूप में अवस्थित
स्रोत: स्थल-परंपरा + दत्त-सम्प्रदाय
मात्रिपुर / मातृ-तीर्थ कुण्ड पर परशुराम ने अपनी माँ का अन्तिम-संस्कार सम्पन्न किया; मातृ-तर्पण के अद्वितीय-स्थल के रूप में संकल्प
स्रोत: महाभारत + वायु पुराण रेणुका स्तोत्रम्
माहूर रेणुका-येल्लम्मा-मारीयम्मन् पैन-इंडिया परंपरा का मातृ-तीर्थ; कर्नाटक के सौंदत्ती येल्लम्मा एवं अन्य क्षेत्रीय रेणुका-मंदिरों का डॉक्ट्रिनल-स्रोत
स्रोत: क्षेत्रीय रेणुका-परंपरा (बहु-राज्य)
दत्तात्रेय का जन्म-स्थान (आदि-स्थान); दत्त 3.5 स्थानों में सम्मिलित; पूर्ण-मूर्ति (अधिकांश दत्त-मन्दिरों में केवल पादुका, यहाँ पूर्ण-मूर्ति विरल)
सती अनसूया एवं ऋषि अत्रि का तप-स्थान; दत्तात्रेय के माता-पिता का तीर्थ
रेणुका के पुत्र परशुराम (6वें विष्णु-अवतार)
रेणुका के पति, परशुराम के पिता सप्तर्षि जमदग्नि का मंदिर
परशुराम ने यहाँ जमदग्नि का अन्तिम-संस्कार सम्पन्न किया; गुरुचरित्र में उल्लिखित
गोंड-काल से बहुराजवंशीय ऐतिहासिक किला
इस्लामी मास के 5वें-दिन उर्स वाला सूफी-दरगाह; धर्म-समन्वय-स्थल
महाराष्ट्र 3.5 पूर्ण-पीठों में अन्य पूर्ण-पीठ; आद्या शक्ति पीठ; सर्किट-यात्रा
महाराष्ट्र 3.5 पूर्ण-पीठों में अन्य पूर्ण-पीठ; अष्टादश 7वाँ पीठ
महाराष्ट्र 3.5 अर्ध-पीठ
तीसरा पूर्ण-पीठ — महालक्ष्मी (कोल्हापुर) + तुळजा भवानी (तुळजापुर) + रेणुका (माहूर) + सप्तशृंगी (वणी — अर्ध); MSRTC नवरात्रि-काल विशेष सर्किट-बस
4 मंदिर
8वाँ पीठ — 'माहूर्ये एकवीरिका'; पूर्व: महालक्ष्मी कोल्हापुर (7); पश्चात्: महाकाली उज्जैन (9)
18 मंदिर
आदि-स्थान — माहूर (दत्तात्रेय जन्म) + औदुम्बर + नरसोबावाडी + गाणगापुर — महाराष्ट्र/कर्नाटक दत्त-तीर्थ
4 मंदिर
डॉक्ट्रिनल मातृ-तीर्थ — माहूर (महाराष्ट्र) ↔ सौंदत्ती येल्लम्मा (कर्नाटक) ↔ चंद्रगुट्टी रेणुकाम्बे (शिमोगा) ↔ पद्मक्षी रेणुका मन्दिर (तेलंगाना/AP)