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Sabarimala · Kerala

श्री सबरीमला अय्यप्पा मन्दिर

श्री सबरीमला अय्यप्पा मन्दिर (श्री धर्म-शास्ता / हरिहरपुत्र) — सन्निधानम्, पेरियार बाघ-अभयारण्य, ज़िला पठानमथिट्टा, केरल

श्री अय्यप्पा / श्री धर्म-शास्ता / हरिहरपुत्र (हरि-हर-पुत्र = विष्णु-मोहिनी + शिव-सन्तान); सबरीमला में नैष्ठिक-ब्रह्मचारी रूप; 18 पवित्र-सोपान (पथिनेट्टम्पडि); 41-दिवसीय व्रत-दीक्षा; मकर ज्योति (मकर सङ्क्रान्ति 14 जनवरी); विश्व के सर्वाधिक-वृहत् वार्षिक-तीर्थयात्रा-समागमों में सम्मिलित

अन्य नाम: अय्यप्पा · धर्म-शास्ता · हरिहरपुत्र · मणिकण्ठ · स्वामी

  • विश्व के सर्वाधिक-वृहत् वार्षिक-ती…
  • नैष्ठिक-ब्रह्मचारी रूप-विशिष्ट: 10…
  • हरिहरपुत्र
  • 18 पवित्र-सोपान
श्री सबरीमला अय्यप्पा मन्दिर
दर्शन समय
04:00 (मण्डल-कालम/मकरविलक्कु-काल) – 23:00 (मण्डल-कालम/मकरविलक्कु-काल)
स्वरूप
नैष्ठिक-ब्रह्मचारी अय्यप्पा-मूर्ति
स्थान
Sabarimala · Kerala
उत्तम ऋतु
मण्डल-कालम 16 नवंबर 2025-27 दिसंबर 2…
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • विश्व के सर्वाधिक-वृहत् वार्षिक-तीर्थयात्रा-समागमों में सम्मिलित (10-50 मिलियन वार्षिक-अनुमान, स्रोत-असंगत); मूर्ति-निकटतम-दर्शन-काल 100-110 दिन/वर्ष-केवल खुला रहता है
  • नैष्ठिक-ब्रह्मचारी रूप-विशिष्ट: 10-50 वर्ष-आयु-स्त्रियों-परम्परागत-प्रवेश-निषेध (2018 SC-निर्णय-पश्चात् औपचारिक-समाप्त परन्तु व्यवहार-स्तर पर 9-न्यायाधीश-समीक्षा-लम्बित-कारण परम्परा-जारी)
  • हरिहरपुत्र — विश्व का प्रमुख शैव-वैष्णव-संगम-तीर्थ
  • 18 पवित्र-सोपान (पथिनेट्टम्पडि) — केवल इरुमुडि-कट्टु-धारी 41-दिवसीय-व्रती श्रद्धालु-चढ़ाई-योग्य; प्रत्येक-सोपान का तत्त्व/गुण-प्रतीक
  • 41-दिवसीय व्रत-दीक्षा (मण्डल-व्रत / मालाधारणा) — विश्व-स्तर वार्षिक-व्रत-शिरोमणि
  • मकर ज्योति (14 जनवरी मकर सङ्क्रान्ति) — पोन्नम्बलमेडु पर्वत-शिखर पर प्रज्वलित-नक्षत्र-ज्योति; मन्दिर-सन्निधानम्-से दृश्य
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री अय्यप्पा — श्री धर्म-शास्ता का नैष्ठिक-ब्रह्मचारी (शाश्वत-ब्रह्मचारी योगी) रूप; मूर्ति 18-सोपान-शीर्ष सन्निधानम् में; पट्टमहिषी-शाला निषिद्ध (सबरीमला-विशिष्ट; अन्य-शास्ता-तीर्थों यथा अचनकोविल में पट्ट-महिषी पूर्णा एवं पुष्कला + पुत्र सत्यक के साथ गृहस्थ-स्वरूप); उप-देवता: मलिकप्पुरथम्मा + गणपति + नागराज + कडुथस्वामी + वावर

नैष्ठिक-ब्रह्मचारी अय्यप्पा-मूर्ति; मणि-कण्ठ (जन्म-काल स्वर्ण-घण्टी कण्ठ-धारी) — पाण्डलम राजा राजशेखर द्वारा शिशु-स्वरूप पम्पा-तट से प्राप्त; पाण्डलम-वंश-संरक्षण-दत्तक

सम्प्रदाय: शैव-वैष्णव-संगम (हरि-हर-पुत्र); शाक्त-गण-शास्ता परम्परा; पाण्डलम-राजवंश-संरक्षित; थझमोन मदम परिवार-वंशानुगत-तन्त्री; ट्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) आधुनिक-प्रशासन

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

हरिहरपुत्र-जन्म कथा (पुराण-परम्परा)

देव-राक्षस समुद्र-मन्थन-काल विष्णु ने मोहिनी-स्त्री-अवतार धारण किया; शिव मोहिनी-संग-संग किए — इस अद्वितीय-संयोग से हरिहरपुत्र अय्यप्पा का जन्म। राक्षसी महिषी का वर: 'केवल विष्णु + शिव-पुत्र ही मेरा वध कर सकेगा' — इसी-वर-निष्फलन-हेतु हरिहरपुत्र-जन्म।

मणिकण्ठ-पाण्डलम कथा

पाण्डलम राजा राजशेखर ने पम्पा-नदी-तट पर शिशु को पाया; जन्म-काल स्वर्ण-घण्टी (मणि) कण्ठ-धारी देख 'मणिकण्ठ' नाम-कर पुत्र-स्वरूप पाला; अद्भुत-गुण-दर्शन-पश्चात् युवा-काल अय्यप्पा ने पाण्डलम-राजकुमार-पद त्याग-कर सबरीमला-तपस्या-प्रस्थान किया; पाण्डलम-वंश आज भी सन्निधानम्-संरक्षण-वंश।

महिषी-वध कथा

अय्यप्पा ने महिषी-वध-पश्चात् दुर्गा-स्वरूप मलिकप्पुरथम्मा को रक्षण-प्रदान किया; मलिकप्पुरथम्मा सबरीमला-उप-शाला में पूज्य; अय्यप्पा-विवाह-इच्छा-काल अय्यप्पा ने प्रथम-कन्नि-अय्यप्पन-न-आगमन-वर्ष विवाह-वचन दिया — कन्नि-अय्यप्पन-दीक्षा-परम्परा-कारण।

18-सोपान प्रतीकात्मक-तत्त्व-गणना

सोपान 1-5: पञ्चेन्द्रिय (नेत्र, कर्ण, नासिका, त्वक्, रसना); सोपान 6-13: अष्ट-राग (काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मात्सर्य, असूया, दम्भ); सोपान 14-16: त्रिगुण (सत्त्व, रजस्, तमस्); सोपान 17-18: विद्या एवं अविद्या। वैकल्पिक-व्याख्या: 18 पुराण + 18 पर्वत-सबरीमला-घेर + 18 तत्त्व/शस्त्र महिषी-वध-काल।

वावर-कथा (हिन्दू-मुस्लिम सद्भाव)

अय्यप्पा के मुस्लिम-साथी वावर; एरुमेली-तीर्थयात्रा-मार्ग पर पारम्परिक-तीर्थयात्री वावर-मस्जिद एवं कोचम्बलम् (शास्ता-शाला) पर प्रथम-प्रार्थना के बाद ही आगे जाते हैं।

संत एवं परम्परा

  • विष्णु (मोहिनी-स्त्री-अवतार) + शिव — हरिहरपुत्र-जनक
  • पाण्डलम राजा राजशेखर — दत्तक-पालन-पिता; पाण्डलम-वंश आज भी सन्निधानम्-संरक्षण-वंश
  • महिषी-दुर्गा (मलिकप्पुरथम्मा) — महिषी-वध-कथा का मूल-कारण; आज सबरीमला-उप-शाला में पूज्य
  • वावर — मुस्लिम-साथी; एरुमेली-वावर-मस्जिद-स्थापित
  • कडुथ-स्वामी (करिमला) — अन्य-साथी; उप-शाला में पूज्य
  • थझमोन मदम परिवार — वंशानुगत-तन्त्री
  • ट्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) — 1950-अधिनियम-अधीन आधुनिक-प्रशासन; ~1,249-1,252 मन्दिर-प्रबन्धन; सबरीमला TDB का सर्वाधिक-राजस्व-स्रोत (~₹255 करोड़ हाल-सत्र)
  • गुरुस्वामी-व्यवस्था — अनुभवी-व्रती जो नये-व्रतियों (कन्नि-अय्यप्पन) को मार्गदर्शन देते हैं

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 1950ट्रावणकोर-कोचिन हिन्दू धार्मिक संस्थान अधिनियम-अधीन ट्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB)-स्थापनाWikipedia Travancore Devaswom Board
  2. 201828 सितंबर 2018 — सर्वोच्च-न्यायालय 4:1 निर्णय (इण्डियन यङ्ग लॉयर्स एसोसिएशन v. केरल) — सभी-स्त्री-प्रवेश-अनुमत; नियम 3(b)-निरस्तSC Observer + Wikipedia
  3. 20269-न्यायाधीश-बेंच-समीक्षा (CJI सूर्य कान्त + 8 न्यायाधीश)-गठन; 7 अप्रैल 2026 सुनवाई-प्रारम्भ; प्रारम्भिक-तर्क-समाप्त, अन्तिम-निर्णय-लम्बित; व्यवहार-स्तर पर 10-50 वर्ष-आयु-स्त्रियों-प्रवेश पर परम्परागत-रोक जारीVajiram & Ravi + LawBeat + Wikipedia
  4. 2025मण्डल-कालम 2025-26 प्रारम्भ 16 नवंबर 2025; मण्डल-पूजा 27 दिसंबर; पुनः-उद्घाटन ~30 दिसंबर 2025; मकरविलक्कु 14 जनवरी 2026; सत्र-समापन ~20 जनवरी 2026; वर्चुअल-क्यू अनिवार्य ~70,000 ऑनलाइन + ~20,000 ऑन-स्पॉट दैनिक-सीमा; 14 जनवरी-सीमा 30,000Onmanorama + Ayodhya Registration + TDB official
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

04:00 (मण्डल-कालम/मकरविलक्कु-काल) से 23:00 (मण्डल-कालम/मकरविलक्कु-काल) तक

मन्दिर-केवल 100-110 दिन/वर्ष खुलाविशेष-काल केवल
मण्डल-कालम + मकरविलक्कु + विषु + ओणम + प्रतिष्ठा-दिनम + मासिक-मलयालम-प्रथम-5-दिन
गणपति-होमम् + निर्माल्य-दर्शन04:30
खुले-दिन
उषा-पूजा07:30
खुले-दिन
नेय्य-अभिषेकम्07:00-13:00
खुले-दिन; प्रत्येक इरुमुडि-धारी-व्रती द्वारा
उच्छ-पूजा12:30
खुले-दिन
अथाझ-पूजा22:30
खुले-दिन
हरिवरासनम् (समापन-गीत)23:00 बन्द-होने-पूर्व
खुले-दिन

विशेष नियम: मन्दिर वर्ष में केवल ~100-110 दिन खुलता है; इरुमुडि-कट्टु अनिवार्य 18-सोपान-चढ़ाई-हेतु; 41-दिवसीय व्रत-दीक्षा-पूर्व-अनिवार्य; पारम्परिक-रूप 10-50 वर्ष-आयु-स्त्रियों-प्रवेश-निषेध (2018 SC-निर्णय औपचारिक-अनुमत परन्तु 9-न्यायाधीश-समीक्षा-लम्बित-कारण व्यवहार-रोक जारी); गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; पम्बा-तट से 5 किमी पैदल-चढ़ाई अनिवार्य; वर्चुअल-क्यू अनिवार्य

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शन (वर्चुअल-क्यू अनिवार्य)निःशुल्क
समय
04:00-23:00 (खुले-दिन)
उपयुक्त
41-दिवसीय-व्रत-दीक्षित श्रद्धालु (इरुमुडि-कट्टु-धारी)

sabarimalaonline.org वर्चुअल-क्यू बुकिंग; मण्डल-कालम-दैनिक ~70,000 ऑनलाइन + ~20,000 ऑन-स्पॉट; मकरविलक्कु-दिवस 30,000।

नेय्य-अभिषेकम् (व्यक्तिगत-घृत-अभिषेक)निःशुल्क

प्रत्येक इरुमुडि-धारी-व्रती द्वारा 07:00-13:00; अपने नेय-तेङ्गाई (घृत-नारियल) से अय्यप्पा-मूर्ति पर अभिषेक; खाली-नारियल-छिलका आझि (होम-कुण्ड)-अर्पण।

18-पवित्र-सोपान (पथिनेट्टम्पडि) चढ़ाईनिःशुल्क

केवल इरुमुडि-कट्टु-धारी 41-दिवसीय-व्रती; प्रथम-बार-व्रती (कन्नि-अय्यप्पन) प्रथम-सोपान-समीप नारियल-तोड़न करते हैं।

मकर ज्योति दर्शन (वार्षिक 14 जनवरी)निःशुल्क

मकर सङ्क्रान्ति-दिवस सूर्यास्त-काल पोन्नम्बलमेडु पर्वत-शिखर पर प्रज्वलित-नक्षत्र-ज्योति (मकरविलक्कु) मन्दिर-सन्निधानम्-से दृश्य; तीन-बार TDB-पुजारियों द्वारा प्रज्ज्वलित।

एरुमेली पेट्टा थुल्लल शोभायात्रा (परम्परागत-मार्ग)निःशुल्क

महिषी-वध-स्मारक नृत्य-शोभायात्रा; भस्म/केसर/कोयला-लिप्त श्रद्धालु मुख-पन्ने/शस्त्र-धारी 'स्वामी थिन्थकथोम्, अय्यप्पा थिन्थकथोम्' जप-सहित।

एरुमेली वावर-मस्जिद + कोचम्बलम्-दर्शननिःशुल्क

परम्परागत-तीर्थयात्रा-मार्ग पर अनिवार्य-प्रथम-प्रार्थना-स्थल; हिन्दू-मुस्लिम-सद्भाव-प्रतीक।

पडि-पूजा (18-सोपान-विशेष-पूजा)

TDB-बुकिंग; पुष्पाभिषेकम्, कलाभाभिषेकम्, उदयास्तमन-पूजा, सहस्र-कलशम् भी उपलब्ध।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

मण्डल-कालम 2025-26 (41-दिवसीय)वृश्चिक-मास-प्रारम्भ (मध्य-नवंबर-अन्त-दिसंबर)

प्रारम्भ 16 नवंबर 2025; मण्डल-पूजा 27 दिसंबर 2025 समापन; 41-दिवसीय व्रत-दीक्षा का शिखर-काल; मन्दिर सतत-खुला।

मकरविलक्कु 2026 (मकर ज्योति)मकर सङ्क्रान्ति (14 जनवरी 2026)

मन्दिर पुनः-उद्घाटन ~30 दिसंबर 2025; मकर सङ्क्रान्ति 14 जनवरी 2026 सूर्यास्त-काल मकर ज्योति-दर्शन पोन्नम्बलमेडु-पर्वत-शिखर पर; सत्र-समापन ~20 जनवरी 2026; वार्षिक-शिखर-काल।

पैन्कुनि उत्तरम् उत्सवम् (10-दिवसीय)मीनम (मार्च-अप्रैल)

वार्षिक-10-दिवसीय उत्सव; पल्लीवेट्ट + आराट्टु सम्मिलित।

विषु (मलयालम नववर्ष; 7-दिवसीय)मेषम (अप्रैल)

मलयालम नववर्ष-उत्सव।

ओणम (3-दिवसीय)चिङ्गम-कन्नि (अगस्त-सितंबर)

केरल का राष्ट्रीय-उत्सव।

प्रतिष्ठा-दिनम (2-दिवसीय)विशेष-तिथि

मन्दिर-प्रतिष्ठा-वर्षगाँठ।

मासिक पूजा (मलयालम-मास प्रथम-5-दिन)मलयालम-मासारम्भ-काल

प्रत्येक-मलयालम-मासारम्भ प्रथम-5-दिन मन्दिर खुलता है।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

41-दिवसीय व्रत-दीक्षा-संकल्प (वार्षिक-व्रत-शिरोमणि)

विश्व-स्तर वार्षिक-व्रत-शिरोमणि; काले/नीले मुण्डु, मालाधारणा, ब्रह्मचर्य, सात्त्विक-भोजन, 'स्वामी'-सम्बोधन; गुरुस्वामी-मार्गदर्शन-अधीन; मन-शरीर-शुद्धि एवं अय्यप्पा-कृपा-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Hari Hara Kshethram + Yensures + Wikipedia बहु-स्रोत

ब्रह्मचर्य-संकल्प (नैष्ठिक-ब्रह्मचारी अय्यप्पा-आदर्श)

अय्यप्पा का नैष्ठिक-ब्रह्मचारी रूप-दर्शन; ब्रह्मचर्य एवं संयम-संकल्प-तीर्थ; तीर्थयात्रा-काल पूर्ण-ब्रह्मचर्य अनिवार्य

स्रोत: Wikipedia Ayyappan + पुराण-परम्परा

18-पवित्र-सोपान-चढ़ाई-संकल्प (पञ्चेन्द्रिय + अष्ट-राग + त्रिगुण + विद्या/अविद्या-विजय)

18-सोपान-चढ़ाई = आत्म-विजय का प्रतीक: पञ्चेन्द्रिय-नियन्त्रण + अष्ट-राग-त्याग + त्रिगुण-अतीत + विद्या/अविद्या-अतीत; आत्म-साक्षात्कार-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia Pathinettampadi + ThePrint + Kerala Tourism बहु-स्रोत

मकर ज्योति-दर्शन-संकल्प (वार्षिक 14 जनवरी)

मकर सङ्क्रान्ति-दिवस सूर्यास्त-काल नक्षत्र-दर्शन; अय्यप्पा-दिव्य-दर्शन-संकल्प; जीवन-में-कम-से-कम-एक-बार-दुर्लभ-संकल्प

स्रोत: Wikipedia Makara Jyothi + Hindumirror + Daily Jagran बहु-स्रोत

नेय्य-अभिषेकम्-संकल्प (व्यक्तिगत-घृत-अभिषेक)

नारियल = शरीर, घृत = आत्मा-अर्पण; नेय्य-अभिषेकम् = अपनी आत्मा का अय्यप्पा-समर्पण-प्रतीक; आत्म-समर्पण-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Kerala Tourism + Yensures बहु-स्रोत

हिन्दू-मुस्लिम-सद्भाव दर्शन-संकल्प (वावर परम्परा)

एरुमेली वावर-मस्जिद + कोचम्बलम्-शास्ता-शाला पर अनिवार्य-प्रथम-प्रार्थना; अय्यप्पा-वावर-मित्रता-कथा; भारत के दुर्लभ-धार्मिक-सद्भाव-तीर्थों में सम्मिलित

स्रोत: Wikipedia Vavar + Scroll.in + Kerala Tourism बहु-स्रोत

स्वामिये शरणम् अय्यप्पा शरणागति-संकल्प

108-शरण-जप; तीर्थयात्रा-काल सतत-जप; पूर्ण-शरणागति-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Hindu Blog + अय्यप्पा-भक्ति-परम्परा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • स्वामिये शरणम् अय्यप्पा (शरण-मन्त्र)मूल-शरणागति-मन्त्रअय्यप्पा-भक्ति परम्पराइस मन्दिर हेतु'हे स्वामी, मैं आपकी शरण में हूँ' — अभिवादन एवं तीर्थयात्रा-काल सतत-जप; 108 शरण-जप परम्परा
  • हरिवरासनम् (समापन-गीत)मलयालम भक्ति-गीतअय्यप्पा-भक्ति परम्पराइस मन्दिर हेतुमन्दिर बन्द-होने-पूर्व 23:00 गायन-परम्परा
  • अय्यप्पा गायत्री मन्त्रगायत्री मन्त्रअय्यप्पा-परम्पराइस मन्दिर हेतु
  • अय्यप्पा अष्टोत्तर शतनामावलीनामावलीअय्यप्पा-परम्पराइस मन्दिर हेतु
  • विष्णु सहस्रनाम + शिव पञ्चाक्षरीस्तोत्र + मन्त्रवैष्णव + शैव परम्पराहरि-हर-पुत्र-स्वरूप के कारण द्वि-सम्प्रदाय-स्तुति
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

18 पवित्र-सोपान (पथिनेट्टम्पडि)100 मी

पञ्चेन्द्रिय + अष्ट-राग + त्रिगुण + विद्या/अविद्या-प्रतीक 18 ग्रेनाइट/पञ्च-लोह-आवृत्त सोपान; केवल इरुमुडि-धारी-व्रती-चढ़ाई-योग्य

मलिकप्पुरथम्मा शाला (महिषी-दुर्गा)50 मी

महिषी-वध-पश्चात् दुर्गा-स्वरूप; कन्नि-अय्यप्पन-न-आगमन-वर्ष अय्यप्पा-विवाह-वचन-कथा-केन्द्र; मन्दिर-उप-शाला

गणपति + नागराज + कडुथस्वामी + वावर-उप-शालाएँ50 मी

मुख्य-शाला-समीप उप-देवता; वावर-शाला हिन्दू-मुस्लिम-सद्भाव-प्रतीक

एरुमेली वावर-मस्जिद + कोचम्बलम्61 किमी

अय्यप्पा के मुस्लिम-साथी वावर का स्मारक-मस्जिद + शास्ता-शाला; परम्परागत-तीर्थयात्री प्रथम-प्रार्थना-स्थल

पाण्डलम राजवंश-निवास + पाण्डलम-वलिया-कोइक्कल मन्दिर100 किमी

अय्यप्पा-दत्तक-पिता राजशेखर-वंश-निवास; पाण्डलम-राजवंश आज भी सन्निधानम्-संरक्षण-वंश; मण्डल-कालम-काल-पूर्व पाण्डलम-से अय्यप्पा-थिरुवाभरणम् (दिव्य-आभूषण) सबरीमला-यात्रा

पम्बा नदी-घाट5 किमी

अय्यप्पा-शिशु-प्राप्ति-नदी; पम्बा-स्नान सबरीमला-यात्रा-पूर्व अनिवार्य

करिमला (कडुथ-स्वामी-स्थल)25 किमी

अय्यप्पा के अन्य-साथी कडुथ-स्वामी का स्थल; पैदल-तीर्थयात्री-विश्राम

नीलिमला (5 किमी अन्तिम-चढ़ाई)5 किमी

पम्बा-से सन्निधानम्-तक की अन्तिम 5-किमी पैदल-चढ़ाई-मार्ग; अप्पाचिमेडु + सबरी-पीडम् + सरमकुथी

अय्यप्पा 41-दिवसीय व्रत-दीक्षा-यात्रा

विश्व-स्तर वार्षिक-व्रत-शिरोमणि; मालाधारणा-दीक्षा-काल 41 दिन; गुरुस्वामी-निर्देशन-अधीन; अन्तिम-दिन इरुमुडि-कट्टु-निरा + एरुमेली पेट्टा-थुल्लल + वावर-मस्जिद + पम्बा-स्नान + 5-किमी पैदल-चढ़ाई + 18-सोपान + अय्यप्पा-दर्शन + नेय्य-अभिषेकम्

5 मंदिर

मकर ज्योति-दर्शन वार्षिक-तीर्थयात्रा (14 जनवरी)

मकर सङ्क्रान्ति-दिवस सूर्यास्त-काल नक्षत्र-दर्शन; वार्षिक-शिखर-काल; जीवन-में-कम-से-कम-एक-बार-दुर्लभ-संकल्प

1 मंदिर

पाण्डलम-सबरीमला तीर्थयात्रा

पाण्डलम-वलिया-कोइक्कल + पम्बा + सबरीमला — अय्यप्पा-जीवन-कथा-त्रिविध-स्थल-यात्रा; मण्डल-कालम-समाप्ति-पूर्व पाण्डलम-से थिरुवाभरणम्-यात्रा

3 मंदिर

एरुमेली परम्परागत-तीर्थयात्रा-मार्ग (61 किमी पैदल)

एरुमेली वावर-मस्जिद + कोचम्बलम् + पेरुर्थोडु + काल-केट्टी + अझुथमेडु + करिमला + पम्बा + नीलिमला + सन्निधानम् — परम्परागत-पैदल-यात्रा

8 मंदिर

केरल-तमिलनाडु अय्यप्पा-तीर्थ-क्लस्टर (सबरीमला + अचनकोविल + कुलथुप्पुजहा + अरियनकावु + पुनलूर शास्ता-तीर्थ)

पञ्च-शास्ता / पञ्च-धर्म-शास्ता तीर्थ-क्लस्टर का प्रमुख-तीर्थ

5 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री सबरीमला अय्यप्पा मन्दिर, सन्निधानम्, पेरियार बाघ-अभयारण्य, ज़िला पठानमथिट्टा, केरल
हवाई अड्डा
तिरुवनन्तपुरम् अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (TRV) — ~170-184 किमी; कोचि अन्तर्राष्ट्रीय (COK) — ~154-214 किमी
रेलवे
चेङ्गन्नूर (CNGR) — ~85 किमी; कोट्टायम / तिरुवल्ला / एर्नाकुलम वैकल्पिक
बस-स्टैण्ड
पम्बा बस-स्टैण्ड (अन्तिम मोटर-योग्य; 5 किमी पैदल-चढ़ाई सन्निधानम्-तक); KSRTC सत्र-काल समर्पित बस-सेवा
उत्तम ऋतु
मण्डल-कालम 16 नवंबर 2025-27 दिसंबर 2025; मकरविलक्कु 30 दिसंबर 2025-20 जनवरी 2026 (मकर ज्योति 14 जनवरी 2026); विषु अप्रैल; ओणम अगस्त-सितंबर; अगला मण्डल-सत्र ~मध्य-नवंबर 2026; पैन्कुनि उत्तरम् मार्च-अप्रैल
प्रबन्धन
ट्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB; 1950 अधिनियम-अधीन; ~1,249-1,252 मन्दिर-प्रबन्धन; सबरीमला TDB का सर्वाधिक-राजस्व-स्रोत ~₹255 करोड़ हाल-सत्र); पाण्डलम राजवंश-परिवार वंशानुगत-संरक्षक; थझमोन मदम परिवार वंशानुगत-तन्त्री
5 किमीPamba
85 किमीChengannur Railway
184 किमीKochi
170 किमीTrivandrum
90 किमीKottayam
61 किमीErumeli
100 किमीPandalam
230 किमीMadurai
700 किमीBangalore
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