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Salasar · Rajasthan

श्री सालासर बालाजी मन्दिर

श्री सालासर बालाजी मन्दिर — सालासर ग्राम, सुजानगढ़ तहसील, ज़िला चूरू, राजस्थान

श्री सालासर बालाजी — दाढ़ी-मूँछ-धारी हनुमान का अद्वितीय-मूर्ति-स्वरूप; पारम्परिक-कथन-अनुसार 'फ़क़ीर-सन्त-स्वरूप' दर्शन-कारण दाढ़ी-मूँछ; 1755 ईस्वी (विक्रम संवत् 1811) मूल-स्थापना

अन्य नाम: सालासर बालाजी · दाढ़ी-मूँछ बालाजी · सालासर धाम · सालासर हनुमान

  • भारत का एकमात्र दाढ़ी-मूँछ-धारी हन…
  • राजस्थान के प्रमुख हनुमान-तीर्थों…
  • जयपुर-बीकानेर NH-65 राजमार्ग पर स्…
  • तीन प्रमुख वार्षिक मेले
श्री सालासर बालाजी मन्दिर
दर्शन समय
04:30 (पट खौलना/उद्घाटन) – 22:00 (शयन आरती-पश्चात्)
स्वरूप
दाढ़ी-मूँछ-धारी हनुमान-शिला-मूर्ति
स्थान
Salasar · Rajasthan
उत्तम ऋतु
हनुमान-जयन्ती चैत्र-पूर्णिमा 2 अप्रै…
काल
1755 ईस्वी

इस मन्दिर की विशेषता

  • भारत का एकमात्र दाढ़ी-मूँछ-धारी हनुमान-मन्दिर (बहु-स्रोत-दावा) — विश्व-प्रसिद्ध-विशिष्टता; 1755 ईस्वी (विक्रम संवत् 1811) मूल-स्थापना
  • राजस्थान के प्रमुख हनुमान-तीर्थों में सम्मिलित — मेहंदीपुर बालाजी से विपरीत-स्वरूप (शान्त-सेवक vs उग्र-सङ्कट-मोचन)
  • जयपुर-बीकानेर NH-65 राजमार्ग पर स्थित — राजस्थान-तीर्थयात्रा-केन्द्र
  • तीन प्रमुख वार्षिक मेले (पुष्टि-भ्रमण-तीर्थ): चैत्र-पूर्णिमा + भाद्रपद-पूर्णिमा + आश्विन-पूर्णिमा — चैत्र एवं आश्विन-मेलों में 6-7 लाख श्रद्धालु
  • मङ्गलवार + शनिवार सर्वाधिक-तीर्थयात्री-दिन (लाखों-दैनिक चरम-काल)
  • चोला-समर्पण-परम्परा (लाल-वस्त्र + सिन्दूर); सवामणि-भोग (50 किलो शाकाहारी-भोजन-अर्पण); मोली-बँधा-नारियल-मनोकामना-परम्परा
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री हनुमान (बालाजी) — दाढ़ी-मूँछ-धारी अद्वितीय-मूर्ति-स्वरूप; शान्त-सेवक-रूप (मेहंदीपुर के उग्र-स्वरूप-के विपरीत); उप-देवता: मोहन दास महाराज समाधि (मन्दिर-परिसर); अञ्जनी माता-मन्दिर (2 किमी, लक्ष्मणगढ़ रोड)

दाढ़ी-मूँछ-धारी हनुमान-शिला-मूर्ति; भारत का एकमात्र (अनेक-स्रोत-दावा) बालाजी-दाढ़ी-मूँछ-मन्दिर; पारम्परिक-कथन: मोहन दास महाराज को हनुमान फ़क़ीर-सन्त-स्वरूप में दाढ़ी-मूँछ-सहित दर्शन-कारण मूर्ति वैसी ही

सम्प्रदाय: वैष्णव-हनुमान-भक्ति; प्रशासन: हनुमान सेवा समिति ट्रस्ट (shrihanumansevasamiti.com); पुजारी दाधीच ब्राह्मण-कुल; मोहन दास महाराज-वंशज (मोहन दास + काणीराम + ईश्वर दास-वंशज); उदैराम/उदयराम (मोहन दास-बहन काणीबाई-पुत्र; प्रथम-पुजारी)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

असोता-ग्राम मूर्ति-प्रकटन कथा (1755 ईस्वी)

विक्रम संवत् 1811 (= 1755 ईस्वी) श्रावण शुक्ल नवमी शनिवार — असोता ग्राम (नागौर ज़िला) के एक गिन्थला जाट किसान ने अपने हल-चलाने-काल भूमि-से प्रकट होने वाली हनुमान-पाषाण-मूर्ति प्राप्त की। उसकी पत्नी ने अपनी साड़ी से मूर्ति-स्वच्छ की एवं बाजरा-चूर्मा अर्पण किया (आज भी चूर्मा-अर्पण-परम्परा जारी)।

मोहन दास महाराज + दाढ़ी-मूँछ-स्वरूप कथा

पण्डित लच्छीराम के कनिष्ठ-पुत्र मोहन दास महाराज (रुल्यानी-ग्राम-मूल) सालासर-स्थित अपनी बहन काणीबाई एवं भाँजे उदैराम-सङ्ग निवास-हेतु आए। पारम्परिक-कथन-अनुसार भगवान् हनुमान उन्हें फ़क़ीर-सन्त-स्वरूप (दाढ़ी-मूँछ-सहित) में दर्शन-दिए — यही दाढ़ी-मूँछ-धारी अद्वितीय-मूर्ति-स्वरूप-का स्रोत। दिव्य-निर्देश-अनुसार बैल-गाड़ी द्वारा मूर्ति असोता-से सालासर-तक यात्रा-कारण मन्दिर-स्थापना सालासर में हुई।

मोहन दास महाराज-समाधि कथा (1794 ईस्वी)

मोहन दास महाराज ने बैसाख शुक्ल त्रयोदशी 1794 ईस्वी (विक्रम संवत् 1851) को सचेत-समाधि ग्रहण की। मन्दिर-परिसर-में मोहन दास + बहन काणीबाई-समाधि-स्थल पुत्र उदैराम द्वारा शिलालेख-सहित निर्मित (विक्रम संवत् 1852)। मोहन दास के नाम पर मन्दिर-में सायं-काल मोहन-दास-जी-आरती दैनिक होती है।

उदैराम-वंश-परम्परा (प्रथम-पुजारी)

मोहन दास-बहन काणीबाई के पुत्र उदैराम (या उदयराम) ने आध्यात्मिक-शिष्य-वस्त्र ग्रहण किया एवं प्रथम-पुजारी बने। मोहन दास द्वारा उदैराम को 'चोला-सेवा-अधिकार' प्रदान-कारण आज भी पारिवारिक-पुजारी-परम्परा। मोहन दास + काणीराम + ईश्वर दास-वंशज प्रबन्धन एवं संरचना-विस्तार-कर्ता।

वार्षिक-मेलों कथा (तीन प्रमुख मेले)

तीन प्रमुख वार्षिक मेले: चैत्र पूर्णिमा + भाद्रपद पूर्णिमा + आश्विन पूर्णिमा (तीनों चतुर्दशी-पूर्णिमा-काल)। चैत्र (हनुमान-जन्मोत्सव) एवं आश्विन-मेलों में 6-7 लाख श्रद्धालु आते हैं। हनुमान-जन्मोत्सव सर्वाधिक-वृहत् मेला।

संत एवं परम्परा

  • श्री हनुमान (बालाजी) — मूल-देवता; फ़क़ीर-सन्त-स्वरूप-दर्शन-कथा-केन्द्र (दाढ़ी-मूँछ-स्वरूप)
  • मोहन दास महाराज (1754-1794) — मन्दिर-स्थापक; पण्डित लच्छीराम-कनिष्ठ-पुत्र; रुल्यानी-मूल; सालासर-निवासी; 1755 दिव्य-दर्शन-काल मूर्ति-स्थापना; 1794 सचेत-समाधि
  • काणीबाई (मोहन दास-बहन) — सालासर-निवासी; मोहन दास-वास्तव्य-कारण; मन्दिर-में समाधि-शिलालेख-सहित
  • उदैराम/उदयराम (काणीबाई-पुत्र; मोहन दास-भाँजा) — प्रथम-पुजारी; चोला-सेवा-अधिकार-प्राप्तकर्ता; उत्तरवर्ती-वंश-स्थापक
  • गिन्थला जाट किसान (असोता-ग्राम) + पत्नी — मूल-मूर्ति-प्रकटन-कथा-केन्द्र; बाजरा-चूर्मा-परम्परा-स्थापक
  • हनुमान सेवा समिति ट्रस्ट — आधुनिक-शासी-निकाय; दाधीच ब्राह्मण-कुल-पुजारी
  • मोहन दास + काणीराम + ईश्वर दास-वंशज — परम्परागत-प्रबन्धन एवं संरचना-विस्तार-कर्ता

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 1755विक्रम संवत् 1811 श्रावण शुक्ल नवमी शनिवार — असोता-ग्राम-मूर्ति-प्रकटन एवं सालासर-स्थापना (मोहन दास महाराज द्वारा)Official shreesalasarbalajimandir.com + Wikipedia + Rajasthan Tourism बहु-स्रोत
  2. 1759विक्रम संवत् 1815 — मन्दिर-संरचना-निर्माण-पूर्णOfficial site + Wikipedia
  3. 1794बैसाख शुक्ल त्रयोदशी 1794 ईस्वी (विक्रम संवत् 1851) — मोहन दास महाराज-सचेत-समाधिOfficial site + Grokipedia
  4. 1796विक्रम संवत् 1852 — उदैराम द्वारा मोहन दास + काणीबाई-समाधि-शिलालेख-सहित स्मारक-निर्माणOfficial site
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

04:30 (पट खौलना/उद्घाटन) से 22:00 (शयन आरती-पश्चात्) तक · मध्याह्न विश्राम अप्रकाशित (मन्दिर मुख्यतः निरन्तर-खुला)

पट खौलना (उद्घाटन)04:30
दैनिक
मङ्गल आरती05:00
दैनिक
राजभोग आरती11:00 (मङ्गलवार-केवल)
मङ्गलवार-केवल
राजभोग10:30
दैनिक
धूप / मोहन-दास-जी आरती18:00
दैनिक
बालाजी आरती19:30
दैनिक
बाल भोग20:15
दैनिक
शयन आरती (मन्दिर-समापन)22:00
दैनिक

वस्त्र-संहिता: मामूली/पारम्परिक-भारतीय-वस्त्र अनुशंसित; पुरुष पैजामा/धोती/पैण्ट; स्त्री साड़ी/सलवार-सूट; कन्धे एवं पैर-ढके; शॉर्ट्स/स्लीवलेस-त्याज्य (पारम्परिक-निर्देश; प्राथमिक-स्रोत-अनुपस्थिति-कारण flag)

फोटोग्राफी: गर्भगृह-फोटोग्राफी कड़ाई से निषिद्ध; मन्दिर-बाह्य-क्षेत्र-अनुमत (बहु-स्रोत-सम्मति-यात्रा-गाइड; प्राथमिक-स्रोत-अनुपस्थिति-कारण flag)

विशेष नियम: मङ्गलवार + शनिवार अति-भीड़-दिन (कतार-घण्टों); सावधान-समय-योजना अनुशंसित; गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; पारम्परिक-वस्त्र अनुशंसित; निकटतम-पार्किङ-स्थल मन्दिर-समीप-केवल

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
04:30-22:00

दाढ़ी-मूँछ-धारी बालाजी-मूर्ति-दर्शन + मोहन दास महाराज-समाधि।

चोला-समर्पण (लाल-वस्त्र + सिन्दूर-अर्पण)

मन्दिर-केन्द्रीय-परम्परा; उदैराम-वंश-पुजारी-निर्देशन-अधीन।

सवामणि-भोग (50 किलो शाकाहारी-भोजन-अर्पण)

shaligram.com + मन्दिर-कार्यालय-बुकिंग; मनोकामना-पूर्ति-संकल्प-अर्पण।

मोली-बँधा-नारियल-मनोकामना (अद्वितीय)

मन्दिर-परिसर में नारियल-पर मोली (लाल-धागा) बाँधने की मनोकामना-परम्परा।

हनुमान-जन्मोत्सव (चैत्र पूर्णिमा वार्षिक-मेला)निःशुल्क

वार्षिक-शिखर-मेला; 6-7 लाख श्रद्धालु।

तीन प्रमुख वार्षिक मेले (चैत्र + भाद्रपद + आश्विन पूर्णिमा)निःशुल्क

चतुर्दशी-पूर्णिमा-काल; चैत्र + आश्विन-मेलों में 6-7 लाख श्रद्धालु; भाद्रपद-मेला तुलनात्मक-छोटा।

दैनिक भण्डारा (अन्न-दान)निःशुल्क

निःशुल्क शाकाहारी-भोजन; मन्दिर-रसोई।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

हनुमान जन्मोत्सव (चैत्र पूर्णिमा वार्षिक-मेला)चैत्र पूर्णिमा (अप्रैल); 2026: 2 अप्रैल 2026 (हनुमान-जयन्ती)

वार्षिक-शिखर-मेला; 6-7 लाख श्रद्धालु; मेला अति-भीड़-कारण विशेष-व्यवस्था

भाद्रपद पूर्णिमा मेलाभाद्रपद पूर्णिमा (अगस्त-सितंबर)

द्वितीय वार्षिक मेला; तुलनात्मक-छोटा

आश्विन पूर्णिमा मेला (शरद-पूर्णिमा)आश्विन पूर्णिमा (अक्टूबर); 2026: ~25 अक्टूबर 2026

तृतीय वार्षिक मेला; 6-7 लाख श्रद्धालु; शरद-पूर्णिमा-काल

मोहन दास समाधि-दिवसबैसाख शुक्ल त्रयोदशी (अप्रैल-मई)

मोहन दास महाराज-सचेत-समाधि-वार्षिक-स्मरण-दिन

मङ्गलवार + शनिवार साप्ताहिक भीड़-दिनसाप्ताहिक

लाखों-दैनिक श्रद्धालु; मङ्गल-आरती + विशेष-दर्शन

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

दाढ़ी-मूँछ बालाजी-दर्शन-संकल्प (अद्वितीय-स्वरूप)

भारत का एकमात्र दाढ़ी-मूँछ-धारी हनुमान-मन्दिर (बहु-स्रोत-दावा); 1755 ईस्वी मूल-स्थापना; अद्वितीय-दर्शन-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + Rajasthan Tourism + Golden Triangle Tour बहु-स्रोत

चोला-समर्पण-संकल्प (लाल-वस्त्र + सिन्दूर)

मन्दिर-केन्द्रीय-परम्परा; उदैराम-वंश-पुजारी-निर्देशन-अधीन; हनुमान-कृपा-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Official site + परम्परा

सवामणि-भोग-अर्पण-संकल्प (50 किलो शाकाहारी-भोजन)

shaligram.com + मन्दिर-कार्यालय-बुकिंग; मनोकामना-पूर्ति-संकल्प-अर्पण-तीर्थ

स्रोत: Shaligram + बहु-स्रोत

मोली-बँधा-नारियल मनोकामना-संकल्प (अद्वितीय)

मन्दिर-परिसर में नारियल-पर मोली (लाल-धागा) बाँधने की अद्वितीय-मनोकामना-परम्परा; मनोकामना-पूर्ति-पश्चात् मोली-हटाने-परम्परा

स्रोत: बहु-यात्रा-स्रोत

हनुमान-जन्मोत्सव-मेला-दर्शन-संकल्प (वार्षिक 2 अप्रैल 2026)

वार्षिक-शिखर-मेला; 6-7 लाख श्रद्धालु; हनुमान-जयन्ती-वार्षिक-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Patrika + Wikipedia बहु-स्रोत

मङ्गलवार/शनिवार-व्रत-संकल्प (साप्ताहिक हनुमान-दिन)

हनुमान-केन्द्रीय-दिन; लाखों श्रद्धालु; साप्ताहिक-व्रत-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + Rajasthan Tourism

अन्न-दान-सेवन-संकल्प (दैनिक भण्डारा)

निःशुल्क शाकाहारी-भोजन; मन्दिर-रसोई; अन्न-दान-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: बहु-यात्रा-स्रोत

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • हनुमान चालीसा (40-श्लोक)चालीसा-स्तोत्रगोस्वामी तुलसीदास (1532-1623)सालासर-दर्शन-काल नित्य-पाठ-परम्परा
  • बजरङ्ग बाणबाण-स्तोत्रगोस्वामी तुलसीदास-कृत पारम्परिक-कथन
  • हनुमान अष्टकअष्टक-स्तोत्रहनुमान-भक्ति-परम्परा
  • सालासर-बालाजी आरती (दाढ़ी-मूँछ-वर्णन)आरतीसालासर-परम्पराइस मन्दिर हेतु
  • सङ्कट-मोचन हनुमान-स्तोत्रस्तोत्रतुलसीदास-कृत
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

मोहन दास महाराज-समाधि (मन्दिर-परिसर)50 मी

मन्दिर-स्थापक-समाधि-स्थल; उदैराम-शिलालेख-1796; दैनिक मोहन-दास-जी-आरती-स्थल

काणीबाई-समाधि (मोहन दास-बहन)50 मी

मोहन दास-बहन; उदैराम-माता; उदैराम-शिलालेख-स्मारक

अञ्जनी माता मन्दिर (हनुमान-माता)2 किमी

हनुमान-माता अञ्जनी-मन्दिर; सालासर-दर्शन-सङ्ग पारम्परिक-युग्म-यात्रा

असोता-ग्राम (मूल-मूर्ति-प्रकटन-स्थल; नागौर ज़िला)100 किमी

1755 गिन्थला जाट किसान-मूर्ति-प्रकटन-मूल-स्थल

रुल्यानी-ग्राम (मोहन दास-जन्म-स्थल)50 किमी

मोहन दास महाराज-जन्म-स्थल; पण्डित लच्छीराम-निवास

मेहंदीपुर बालाजी (विपरीत-स्वरूप हनुमान-तीर्थ)270 किमी

उग्र-सङ्कट-मोचन-स्वरूप; सालासर-शान्त-स्वरूप-विपरीत; राजस्थान-हनुमान-युग्म-तीर्थयात्रा

राजस्थान हनुमान-तीर्थयात्रा (सालासर + मेहंदीपुर)

शान्त-सेवक-स्वरूप (दाढ़ी-मूँछ) — मेहंदीपुर-उग्र-स्वरूप-विपरीत; राजस्थान-दो-प्रमुख-हनुमान-तीर्थों में सम्मिलित

2 मंदिर

सालासर + अञ्जनी-माता युग्म-तीर्थयात्रा

मुख्य-हनुमान-तीर्थ; 2 किमी-समीप अञ्जनी-माता (हनुमान-माता) पारम्परिक-युग्म-यात्रा

2 मंदिर

उत्तर-भारत हनुमान-तीर्थ-क्लस्टर (सालासर + मेहंदीपुर + खोले-के-हनुमानजी जयपुर + सङ्कट-मोचन वाराणसी)

उत्तर-भारत-प्रमुख-हनुमान-तीर्थ-समूह में सम्मिलित

4 मंदिर

राजस्थान शक्ति-वैष्णव-यात्रा (सालासर + खाटू-श्याम-जी + नाथद्वारा + पुष्कर)

राजस्थान-तीर्थयात्रा-केन्द्रों में सम्मिलित (जयपुर-बीकानेर-केन्द्र)

4 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री सालासर बालाजी मन्दिर, सालासर ग्राम, सुजानगढ़ तहसील, ज़िला चूरू, राजस्थान — PIN 331506 (जयपुर-बीकानेर NH-65)
हवाई अड्डा
जयपुर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (JAI) — ~168 किमी; जोधपुर (JDH) ~265 किमी वैकल्पिक
रेलवे
सुजानगढ़ रेलवे स्टेशन (SUJH) — ~25 किमी; लक्ष्मणगढ़ 32 किमी, दीदवाना 42 किमी, रतनगढ़ 45 किमी, सीकर 55 किमी वैकल्पिक
बस-स्टैण्ड
सालासर बस-स्टैण्ड (मन्दिर-समीप); राजस्थान RTC नियमित-बस-सेवा
उत्तम ऋतु
हनुमान-जयन्ती चैत्र-पूर्णिमा 2 अप्रैल 2026 (वार्षिक-शिखर-मेला); भाद्रपद-पूर्णिमा (अगस्त-सितंबर); शरद-पूर्णिमा ~25 अक्टूबर 2026; मोहन-दास समाधि-दिवस बैसाख शुक्ल त्रयोदशी; मङ्गलवार + शनिवार साप्ताहिक भीड़; शीत-मासों (नवंबर-फरवरी) में राजस्थान-यात्रा-आरामदायक; ग्रीष्म-काल (अप्रैल-जून) तीव्र-गर्मी 45+ °C
प्रबन्धन
हनुमान सेवा समिति ट्रस्ट (shrihanumansevasamiti.com); पुजारी दाधीच ब्राह्मण-कुल; मोहन दास महाराज-वंशज परम्परागत-प्रबन्धन (मोहन दास + काणीराम + ईश्वर दास-वंशज); उदैराम-वंश प्रथम-पुजारी-परम्परा (चोला-सेवा-अधिकार)
25 किमीSujangarh Railway
60 किमीSikar
168 किमीJaipur
190 किमीBikaner
325 किमीDelhi
270 किमीMehandipur Balaji
2 किमीAnjani Mata Temple
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