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Trincomalee · Eastern Province

श्री शाङ्करी देवी शक्तिपीठ

श्री शाङ्करी देवी शक्तिपीठ — कोनेश्वरम परिसर, स्वामी रॉक, फोर्ट फ्रेडरिक, त्रिङ्कोमलि, श्रीलङ्का

लङ्कायां शाङ्करी देवी — अष्टादश शक्ति-पीठों का प्रथम पीठ; दक्षिण कैलाश

अन्य नाम: शाङ्करी देवी · मधुमै अम्मन (तमिल — कोनेश्वरम-परिसर में) · लङ्कायां शाङ्करी

  • 18 अष्टादश महा-शक्ति-पीठ
  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा
  • पञ्च ईश्वरम्
  • दक्षिण कैलाश
श्री शाङ्करी देवी शक्तिपीठ
दर्शन समय
06:00 – 18:00
स्वरूप
वर्तमान देवी-मूर्ति: 1952 में स्थानीय तम…
स्थान
Trincomalee · Eastern Province
उत्तम ऋतु
मई-सितंबर सर्वोत्तम
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 18 अष्टादश महा-शक्ति-पीठ — आदि शंकराचार्य रचित स्तोत्रम् का प्रथम-पीठ (श्लोक: 'लङ्कायां शाङ्करी देवी, कामाक्षी काञ्चिकापुरे । प्रद्युम्ने शृङ्खला देवी, चामुण्डा क्रौञ्चपट्टणे'); भारतवर्ष की शाक्त-भूगोल का दक्षिणतम छोर
  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा — सती की जङ्घा (groin-जघन प्रदेश) यहाँ गिरी (बहु-स्रोत सहमति); भैरव: त्रिकोणेश्वर / कोणनाथ
  • पञ्च ईश्वरम् (श्रीलङ्का) में सम्मिलित कोनेश्वरम परिसर — मूल 5 शिव-मन्दिरों में से एक (अन्य: नागुलेश्वरम, केतीश्वरम, मुन्नेश्वरम, थोण्डेश्वरम)
  • दक्षिण कैलाश (Dakshina Kailasha) / थेन कैलायम् — तिरुकैलाश के साथ समान-देशान्तर पर अवस्थित (स्थल-परंपरा)
  • रामायण ट्रेल श्रीलङ्का का प्रमुख स्थल — रावण-शाङ्करी कथा
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री शाङ्करी देवी — सती / पार्वती-स्वरूप; 1622 में पुर्तगाली विध्वंस के पश्चात् मूल मूर्ति लुप्त; वर्तमान 1952-निर्मित चार-भुजा देवी-मूर्ति कोनेश्वरम् परिसर के निकट

वर्तमान देवी-मूर्ति: 1952 में स्थानीय तमिल हिन्दू समाज द्वारा पुनः-निर्मित चार-भुजा देवी-स्वरूप; मूल 'सहस्र-स्तम्भ-मण्डप' (हज़ार-खम्भों का मन्दिर) 1622 में लुप्त

सम्प्रदाय: शाक्त — कोनेश्वरम (शिव) परिसर के साथ शाक्त-शैव युगल

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्

आदि शंकराचार्य रचित — प्रथम श्लोक: 'लङ्कायां शाङ्करी देवी, कामाक्षी काञ्चिकापुरे । प्रद्युम्ने शृङ्खला देवी, चामुण्डा क्रौञ्चपट्टणे' — शाङ्करी का प्रथम-स्थान शास्त्रीय-प्रमाण

स्कन्द पुराण

त्रिङ्कोमलि-माहात्म्य; दक्षिण कैलाश / थेन कैलायम् नामकरण; रावण-शाङ्करी कथा एवं सहस्र-स्तम्भ-मण्डप का निर्माण

देवी भागवत पुराण

लङ्कायां शाङ्करी शक्ति-पीठ की दक्षिणतम-स्थिति

रामायण (वाल्मीकि)

रावण-तपस्या स्थल; विभीषण द्वारा रावण-वध-पश्चात् मन्दिर-पुनर्स्थापना

संत एवं परम्परा

  • रावण — स्कन्द पुराण-कथा अनुसार मूल 'सहस्र-स्तम्भ-मण्डप' (हज़ार-खम्भे का मन्दिर) पार्वती के लिए निर्मित; प्रतिष्ठा-दक्षिणा के रूप में मन्दिर स्वयं माँगा; पार्वती ने धर्म-आचरण की शर्त पर अनुदान दिया; सीता-अपहरण के पश्चात् कृपा निवृत्त
  • विभीषण — रावण-वध-पश्चात् मन्दिर-पुनर्स्थापन
  • आदि शंकराचार्य — अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् में लङ्कायां शाङ्करी को प्रथम-पीठ के रूप में स्थापित
  • पुर्तगाली सेनापति कोन्स्तान्तिनो दे सा दे नोरोन्हा (1622) — मन्दिर-विध्वंसक
  • त्रिङ्कोमलि हिन्दू सांस्कृतिक न्यास (1952) — पुनर्निर्माण-समाज
  • श्रीलङ्का हिन्दू धार्मिक एवं सांस्कृतिक-कार्य विभाग (आधुनिक प्रबन्धक)

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 8008वीं शताब्दी — आदि शंकराचार्य द्वारा अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् में लङ्कायां शाङ्करी का प्रथम-पीठ-निरूपणStotra Nidhi + Tirtha Yatra + Hindupedia बहु-स्रोत
  2. 162214 अप्रैल 1622 (तमिल नववर्ष) — पुर्तगाली सेनापति कोन्स्तान्तिनो दे सा दे नोरोन्हा द्वारा मन्दिर-विध्वंस; मुख्य-शाल समुद्र में गिराया गयाWikipedia Koneswaram + Namakoti + Hindu Portal बहु-स्रोत
  3. 16241624 ईस्वी — अन्तिम स्मारक का पतन; पत्थर फोर्ट फ्रेडरिक के निर्माण में पुनः-प्रयोग; कुछ शिल्प लिस्बन संग्रहालय भेजे गएWikipedia Koneswaram
  4. 19521952 ईस्वी — स्थानीय तमिल हिन्दू समाज द्वारा शाङ्करी देवी-शाल पुनर्निर्माणWikipedia + Hindu Portal
  5. 19633 मार्च 1963 — कोनेश्वरम् शिव-मन्दिर पुनः-प्रतिष्ठाWikipedia Koneswaram
  6. 2003अप्रैल 2003 — 379-वर्षीय विराम के पश्चात् कोनेश्वरम वार्षिक रथोत्सव परंपरा पुनः-प्रारम्भWikipedia + Trawell
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:00 से 18:00 तक

प्रातः पूजा06:00
दैनिक

मन्दिर खुलने पर प्रथम-पूजा

द्वितीय पूजा08:00
दैनिक
मध्याह्न पूजा11:00
दैनिक
सायं दर्शन (देवी-शाल)16:00-20:00
दैनिक

Tirthayatra के अनुसार देवी-शाल का विस्तृत-समय

वस्त्र-संहिता: घुटनों तक ढका हुआ शालीन-वस्त्र; मन्दिर के भीतर नंगे-पाँव; दोपहर के गर्म-समय में पत्थर के तापमान से बचें

फोटोग्राफी: मन्दिर-परिसर में फोटो अनुमत; फोर्ट फ्रेडरिक-परिधि (नौसेना-क्षेत्र) में फोटोग्राफी प्रतिबंधित

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
06:00-18:00
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

शाङ्करी देवी-शाल का दर्शन निःशुल्क; कोई VIP/सेवा टिकट-तंत्र नहीं।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

कोनेश्वरम परिसर में विशेष अभिषेक; शाङ्करी देवी-शाल में देवी-पूजन। 2026 — रविवार 15 फरवरी।

चैत्र (वासन्तिक) नवरात्रिचैत्र शुक्ल प्रतिपदा-नवमी

9-दिवसीय देवी-उपासना। 2026 — गुरुवार 19 मार्च से शुक्रवार 27 मार्च।

थिरुकोनेश्वरम् रथ-थिरुविला (वार्षिक 22-दिवसीय रथोत्सव)मेष संक्रांति / तमिल पुथन्डु काल

मन्दिर का प्रमुख वार्षिक रथोत्सव; 22-दिवसीय; तमिल नववर्ष (पुथन्डु) के आस-पास पूर्णता। 2003 में 379-वर्षीय विराम के पश्चात् पुनः-प्रारम्भ। 2026 तमिल पुथन्डु — 14 अप्रैल।

शारदीय नवरात्रिआश्विन शुक्ल प्रतिपदा-दशमी

9-रात्रि उत्सव। 2026 घटस्थापना — रविवार 11 अक्टूबर; विजयदशमी — मंगलवार 20 अक्टूबर।

दिवालीकार्तिक अमावस्या

लक्ष्मी-पूजन। 2026 — रविवार 8 नवंबर।

कार्तिकै दीपम्कार्तिक-मास

कोनेश्वरम परिसर में पारंपरिक दीप-उत्सव (नवंबर-दिसंबर)।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

अष्टादश शक्ति-पीठ यात्रा-संकल्प (प्रथम-पीठ)

आदि शंकराचार्य-रचित अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् का प्रथम-पीठ — 'लङ्कायां शाङ्करी देवी'; यात्रा का प्रारम्भिक-स्थल

स्रोत: अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् (आदि शंकराचार्य)

51 शक्ति-पीठ यात्रा-संकल्प

सती की जङ्घा (जघन-प्रदेश) यहाँ गिरी; भैरव: त्रिकोणेश्वर / कोणनाथ

स्रोत: देवी भागवत + तंत्र-चूड़ामणि (बहु-स्रोत सहमति)

श्रीलङ्का पञ्च-ईश्वरम् यात्रा

नागुलेश्वरम (जाफना) + केतीश्वरम (मन्नार) + कोनेश्वरम (त्रिङ्कोमलि) + मुन्नेश्वरम (पुत्तलम) + थोण्डेश्वरम (मतर) — श्रीलङ्का के 5 शिव-मन्दिरों की संयुक्त-यात्रा

स्रोत: स्थल-परंपरा

रामायण ट्रेल श्रीलङ्का यात्रा

कोनेश्वरम/त्रिङ्कोमलि (रावण की शिव-तपस्या एवं मन्दिर) + कन्निया (रावण-मातृ-तर्पण) + सीता अम्मन (नुवारा एलिया) + मनवारी (राम-शिवलिङ्ग) + कतरगाम (मुरुगन) + मुन्नेश्वरम (राम-प्रायश्चित्त)

स्रोत: रामायण-परंपरा

दक्षिण कैलाश-दर्शन-संकल्प

त्रिङ्कोमलि = 'दक्षिण कैलाश' / 'थेन कैलायम्' — कैलाश-पर्वत के समान-देशान्तर पर; शिव-शक्ति युगल-दर्शन का दक्षिणतम-स्थल

स्रोत: स्थल-परंपरा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् — प्रथम श्लोकस्तोत्रआदि शंकराचार्य रचितइस मन्दिर हेतु'लङ्कायां शाङ्करी देवी, कामाक्षी काञ्चिकापुरे । प्रद्युम्ने शृङ्खला देवी, चामुण्डा क्रौञ्चपट्टणे' — शाङ्करी का प्रथम-पीठ-स्थान शास्त्रीय-प्रमाण
  • देवी माहात्म्यम् नवाक्षरी मन्त्रमन्त्रदेवी माहात्म्यम् / दुर्गा सप्तशतीइस मन्दिर हेतुॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः — समस्त शक्ति-पीठों में पारायण
  • दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्यम्)ग्रन्थमार्कण्डेय पुराण अध्याय 81-93इस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

श्री कोनेश्वरम् शिव मन्दिर (एक ही परिसर में)0 मी

पञ्च ईश्वरम् में सम्मिलित प्रमुख शिव-लिङ्ग; त्रिकोणेश्वर/कोणनाथ; शाङ्करी देवी का संगत भैरव

स्वामी रॉक एवं रावण-वेट्टु (रावण-चीरा)0 मी

~400 फुट चट्टान-शिखर; रावण के स्वामी रॉक हिलाने के प्रयास में शिव-कृपा से तलवार-पतन से बना भग्न-चीरा

फोर्ट फ्रेडरिक (1624 पुर्तगाली → 1639 डच → 1795 ब्रिटिश)100 मी

मूल मन्दिर के पत्थर से 1624 में निर्मित ऐतिहासिक किला

कन्निया गर्म-जल स्रोत8 किमी

7 गर्म-कुएँ; रावण द्वारा अपनी माँ के अन्तिम-संस्कार-तर्पण हेतु बाण-मार-कर निकाले गए कथा-स्थल

त्रिङ्कोमलि बन्दरगाह1 किमी

विश्व के सबसे प्राकृतिक-गहरे बन्दरगाहों में से एक; मन्दिर से प्रत्यक्ष-दृश्य

निलावेली समुद्र-तट16 किमी

श्रीलङ्का का प्रसिद्ध समुद्र-तट

पिजन आइलैण्ड राष्ट्रीय-उद्यान17 किमी

मई-अक्टूबर स्नॉर्केलिंग-स्थल

अष्टादश महा-शक्ति-पीठ यात्रा (आदि शंकराचार्य) — प्रथम-पीठ

1वाँ पीठ (यात्रा का प्रारम्भिक-स्थल) — 'लङ्कायां शाङ्करी देवी'; पश्चात्: कामाक्षी काञ्ची (2)

18 मंदिर

श्रीलङ्का पञ्च-ईश्वरम् यात्रा (5 शिव-मन्दिर)

केन्द्रीय शिव-शक्ति युगल — कोनेश्वरम (शाङ्करी सहित) + नागुलेश्वरम (जाफना) + केतीश्वरम (मन्नार) + मुन्नेश्वरम (पुत्तलम) + थोण्डेश्वरम/तेनवरम (मतर)

5 मंदिर · 5 दिन

श्रीलङ्का रामायण ट्रेल

रावण-शिव-तपस्या एवं मन्दिर-स्थल — कोनेश्वरम/त्रिङ्कोमलि → कन्निया (रावण-मातृ-तर्पण) → सीता अम्मन मन्दिर नुवारा एलिया (सीता-कारावास) → मनवारी (राम-शिवलिङ्ग) → कतरगाम (मुरुगन) → मुन्नेश्वरम (राम-प्रायश्चित्त)

6 मंदिर · 7 दिन

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री शाङ्करी देवी शक्तिपीठ, कोनेश्वरम परिसर, स्वामी रॉक (कोणेसर मलै), फोर्ट फ्रेडरिक, त्रिङ्कोमलि, पूर्वी प्रांत, श्रीलङ्का
हवाई अड्डा
चायना बे (TRR), त्रिङ्कोमलि — ~10 किमी; कोलंबो बण्डारनायके अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (CMB) — ~235 किमी
रेलवे
त्रिङ्कोमलि रेलवे स्टेशन — ~3 किमी; कोलंबो फोर्ट से 5 दैनिक ट्रेनें (6-9 घंटे यात्रा-समय अनुसार)
बस-स्टैण्ड
त्रिङ्कोमलि नगर-केन्द्र से ~3 किमी; ऑटो/टुक-टुक उपलब्ध
उत्तम ऋतु
मई-सितंबर सर्वोत्तम (शुष्क-मौसम); तमिल पुथन्डु (14 अप्रैल 2026) के निकट थिरुकोनेश्वरम् रथोत्सव सर्वोच्च; अक्टूबर-जनवरी पूर्वोत्तर मानसून (वर्षा)
3 किमीTrincomalee City Centre
10 किमीChina Bay Airport
8 किमीKanniya Hot Springs
16 किमीNilaveli Beach
17 किमीPigeon Island
235 किमीColombo
180 किमीKandy
90 किमीSigiriya
280 किमीNuwara Eliya
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