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Sharda (PoK) / Teetwal (Indian side substitute) · Azad Jammu & Kashmir (Pakistan-administered) / Jammu and Kashmir (India — टीतवाल)

श्री शारदा देवी पीठ

श्री शारदा देवी पीठ — शारदा-ग्राम, नीलम-घाटी, पाक-अधिकृत-कश्मीर (ऐतिहासिक एवं वर्तमान-अप्राप्य); भारतीय-पक्ष देवोत्थान-स्थल: शारदा माता मन्दिर, टीतवाल (कुपवाड़ा, जम्मू-कश्मीर)

शारदा देवी — कश्मीर-पुर-वासिनी; सरस्वती-स्वरूप; अष्टादश शक्ति-पीठों का 18वाँ एवं अन्तिम पीठ; भारत के 4 प्राचीन शिक्षा-केन्द्रों में सम्मिलित (नालन्दा + तक्षशिला + विक्रमशिला + शारदा पीठ)

अन्य नाम: शारदा देवी · माँ शारदा · सरस्वती (कश्मीरी रूप) · वाग्देवी · कश्मीर-पुर-वासिनी · कश्मीरी पण्डितों की कुलदेवी · शारदा-त्रिमूर्ति (शारदा + सरस्वती + वाग्देवी)

  • 18 अष्टादश महा-शक्ति-पीठ
  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा
  • भारत के 4 प्राचीन शिक्षा-केन्द्र
  • कश्मीर के 3 सर्वोच्च-पवित्र पण्डित…
श्री शारदा देवी पीठ
दर्शन समय
मूल मन्दिर: कोई दैनिक-पूजा नहीं (1947-48 से जीर्ण-शीर्ण एवं अप्राप्य) – —
स्वरूप
मूल मन्दिर: कश्मीरी त्रबीयेटेड स्थापत्य
स्थान
Sharda (PoK) / Teetwal (Indian side substitute) · Azad Jammu & Kashmir (Pakistan-administered) / Jammu and Kashmir (India — टीतवाल)
उत्तम ऋतु
मूल मन्दिर
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 18 अष्टादश महा-शक्ति-पीठ — आदि शंकराचार्य रचित स्तोत्रम् का 18वाँ एवं अन्तिम पीठ; 4थे श्लोक का अन्तिम-चरण: 'काश्मीरे तु सरस्वती'
  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा — सती का दक्षिण-हस्त (दायाँ हाथ) यहाँ गिरा (बहु-स्रोत सहमति); भैरव-नाम मुख्यधारा-स्रोतों में सर्वसम्मत नहीं — drop
  • भारत के 4 प्राचीन शिक्षा-केन्द्र — शारदा पीठ + नालन्दा + तक्षशिला + विक्रमशिला (6वीं-12वीं शताब्दी); शारदा पीठ इन 4 में एकमात्र-स्थल जिसका भू-भाग आज भारत-सम्प्रभुता से बाहर
  • कश्मीर के 3 सर्वोच्च-पवित्र पण्डित-स्थल: शारदा पीठ + मार्तण्ड सूर्य मन्दिर + अमरनाथ — एकमात्र अमरनाथ पूर्ण-प्राप्य; मार्तण्ड भारतीय जम्मू-कश्मीर में किन्तु जीर्ण-शीर्ण; शारदा LoC-पार
  • शारदा-लिपि का जन्म-स्थल — जिसके कारण कश्मीर का प्राचीन नाम 'शारदा देश'
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री शारदा देवी — सरस्वती के कश्मीरी-स्वरूप; कश्मीरी पण्डितों की कुलदेवी; मूल मन्दिर 1947-48 से जीर्ण-शीर्ण एवं अप्राप्य; भारतीय-पक्ष टीतवाल (कुपवाड़ा) मन्दिर में 22 मार्च 2023 से पञ्च-लोह मूर्ति प्रतिष्ठित (श्रृङ्गेरी शारदा पीठ-संस्कारित)

मूल मन्दिर: कश्मीरी त्रबीयेटेड स्थापत्य; ग्रीक डॉरिक-शैली स्तम्भ; वर्ग-गर्भगृह; पश्चिमाभिमुख द्वार (मार्तण्ड सूर्य मन्दिर शैली-समान); वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण-अवस्था। टीतवाल देवोत्थान-मन्दिर: श्रृङ्गेरी शारदा पीठ-निर्मित पञ्च-लोह मूर्ति (शारदा देवी)

सम्प्रदाय: शाक्त — श्री-विद्या एवं शारदा-संप्रदाय (Saraswati-Shakti); कश्मीर शैव-संप्रदाय (अभिनवगुप्त-वंश) से युगल

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्

आदि शंकराचार्य रचित — 4थे श्लोक का अन्तिम-चरण: 'काश्मीरे तु सरस्वती' — शारदा का 18वाँ एवं अन्तिम अष्टादश पीठ शास्त्रीय-प्रमाण; पूर्ण-यात्रा-समापन

नीलमत पुराण (6वीं-8वीं शताब्दी)

मधुमती (आधुनिक नीलम/किशनगङ्गा) एवं सान्डिली (शाण्डिल्य-नामकरण) सरिताओं के संगम पर शारदा पीठ का स्थापन; संगम-स्नान से चक्रेश एवं दुर्गा का दर्शन-फल

कल्हण रचित राजतरङ्गिणी (1148-1168 ईस्वी)

शारदा पीठ का अग्र-गण्य तीर्थ एवं सरस्वती-उपासना का प्रमुख-केन्द्र

माधवीय शंकर विजयम् (14वीं शताब्दी)

आदि शंकराचार्य के 'सर्वज्ञ पीठ' (दक्षिण-द्वार) आरोहण-कथा का स्रोत; न्याय + बौद्ध + श्वेताम्बर जैन + मीमांसा विद्वानों पर विजय; देवी शारदा द्वारा पवित्रता-परीक्षा

अल-बिरूनी ग्रन्थ (11वीं शताब्दी)

शारदा पीठ की विद्वत्ता एवं तीर्थ-महिमा का उल्लेख

संत एवं परम्परा

  • ऋषि शाण्डिल्य — मूल मन्दिर-स्थापना का श्रेय (नीलमत पुराण); सान्डिली नदी नामकरण
  • कारकोट-वंश-नरेश ललितादित्य मुक्तापीड (शासन 724-760 ईस्वी) — वर्तमान शिला-संरचना के निर्माण का श्रेय
  • आदि शंकराचार्य (8वीं शताब्दी) — 'सर्वज्ञ पीठ' पर आरोहण; अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् में 'काश्मीरे तु सरस्वती' के रूप में अन्तिम-पीठ-निरूपण; परंपरा-अनुसार चन्दन-काष्ठ-निर्मित शारदा-मूर्ति को श्रृङ्गेरी ले गए (दक्षिणी-मठ-स्थापना)
  • कल्हण (राजतरङ्गिणी, 1148-1168) — कश्मीरी इतिहासकार; शारदा पीठ का प्राथमिक-स्रोत-दस्तावेज़ीकरण
  • अभिनवगुप्त (10वीं शताब्दी) — कश्मीर शैव-संप्रदाय के परम-गुरु; यहाँ अध्ययन किया
  • कुमारजीव — चीनी बौद्ध अनुवादक; शारदा पीठ-अध्येता
  • वैरोचन एवं थोनमी सम्भोट — तिब्बती लिपि-प्रवर्तक; शारदा पीठ-अध्येता
  • रामानुजाचार्य (11वीं शताब्दी; परंपरागत-मान्यता) — श्री भाष्य लिखने से पूर्व ब्रह्म-सूत्र-परामर्श हेतु शारदा पीठ आगमन
  • अल-बिरूनी (11वीं शताब्दी) — फारसी विद्वान; शारदा पीठ-उल्लेख
  • स्वामी नन्द लाल जी — 1947 के पश्चात् शारदा-शिला-मूर्तियों को टिक्कर (कुपवाड़ा) एवं देविबल (बारामुला) स्थानान्तरण
  • रविन्द्र पंडिता (2018-) — सेव शारदा कमेटी कश्मीर (SSCK) के संस्थापक; मोहन कुमार मोंगा एवं एस.के. कौल सह-संस्थापक
  • जगद्गुरु भारती तीर्थ + विधुशेखर भारती (श्रृङ्गेरी शारदा पीठम्) — 22 मार्च 2023 टीतवाल पञ्च-लोह मूर्ति-संस्कारक
  • केन्द्रीय गृह-मंत्री श्री अमित शाह — 22 मार्च 2023 टीतवाल शारदा माता मन्दिर ई-उद्घाटन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 7006वीं-8वीं शताब्दी — नीलमत पुराण में शारदा पीठ का प्रथम-उल्लेख; ऋषि शाण्डिल्य द्वारा मूल-मन्दिर-स्थापन-परंपराWikipedia Sharada Peeth + Grokipedia
  2. 750724-760 ईस्वी — कारकोट-वंश-नरेश ललितादित्य मुक्तापीड द्वारा मूल शिला-संरचना (मार्तण्ड सूर्य मन्दिर शैली-समान)Wikipedia + Kashmir Times + Kashmir Images बहु-स्रोत
  3. 8008वीं शताब्दी — आदि शंकराचार्य द्वारा 'सर्वज्ञ पीठ' (दक्षिण-द्वार) आरोहण एवं अष्टादश-स्तोत्रम् में 18वें/अन्तिम-पीठ-निरूपणMadhaviya Shankara Vijayam + Wikipedia + Kashmir Scan
  4. 11501148-1168 — कल्हण-रचित राजतरङ्गिणी में शारदा पीठ का अग्र-गण्य-तीर्थ-रूप-दस्तावेज़ीकरणWikipedia + Grokipedia बहु-स्रोत
  5. 19481947-48 — प्रथम कश्मीर युद्ध के पश्चात् शारदा-ग्राम पाक-अधिकृत-कश्मीर में चला गया; नियमित-पूजा बन्द; स्वामी नन्द लाल जी द्वारा कुछ शिला-मूर्तियाँ टिक्कर एवं देविबल स्थानान्तरितWikipedia + The Quint बहु-स्रोत
  6. 20058 अक्टूबर 2005 — कश्मीर भूकम्प से अतिरिक्त संरचनात्मक-क्षतिThe Quint + Hindu Temples of India
  7. 20182018 — रविन्द्र पंडिता द्वारा सेव शारदा कमेटी कश्मीर (SSCK) की स्थापना (सह-संस्थापक: मोहन कुमार मोंगा, एस.के. कौल)ANI News + Wikipedia + Organiser
  8. 201925 मार्च 2019 — पाकिस्तान द्वारा कर्तारपुर-शैली शारदा-कॉरिडोर-प्रस्ताव की सैद्धान्तिक-स्वीकृति (6 वर्षों में अब-तक क्रियान्वित नहीं)The Quint + Daily O
  9. 20233 जनवरी 2023 — भारत सर्वोच्च-न्यायालय द्वारा SSCK-पक्ष अतिक्रमण-विरोधी आदेश; 22 मार्च 2023 (नवरेह) — श्री अमित शाह द्वारा टीतवाल (कुपवाड़ा) में नया शारदा माता मन्दिर ई-उद्घाटन; श्रृङ्गेरी पञ्च-लोह मूर्ति 7-20 मार्च 2023 ~2,500 किमी यात्रा कर पहुँचीThe Print + Newsbharati + Tribune + Outlook बहु-स्रोत
  10. 2023नवंबर 2023 — पाक-सेना द्वारा मन्दिर-बाह्य-दीवार-ध्वंस एवं परिसर में 'कॉफी होम' निर्माण; मूल 73 कनाल भू-भाग में से केवल ~10 कनाल शेष; 3 जनवरी 2023 के SC-आदेश की अवहेलनाRepublic World + Swarajya + News Intervention + Hindu Post बहु-स्रोत
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

मूल मन्दिर: कोई दैनिक-पूजा नहीं (1947-48 से जीर्ण-शीर्ण एवं अप्राप्य) से तक · मध्याह्न विश्राम

मूल मन्दिर (PoK)कोई दैनिक-पूजा नहीं (1947-पश्चात्)

पाकिस्तानी पुरातत्व-विभाग की नाममात्र-अभिरक्षा

टीतवाल देवोत्थान-मन्दिर (कुपवाड़ा, भारत)स्थानीय आरती-कार्यक्रम (कुपवाड़ा प्रशासन-निर्धारित)
दैनिक

22 मार्च 2023 से नियमित पूजा प्रारम्भ

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

मूल मन्दिर दर्शन (वर्तमान-अप्राप्य)निःशुल्क
उपयुक्त

भारतीय श्रद्धालुओं हेतु LoC-वीज़ा-तंत्र के अधीन अनुपलब्ध; 2019 का पाकिस्तानी कर्तारपुर-शैली शारदा-कॉरिडोर-प्रस्ताव क्रियान्वित नहीं।

टीतवाल देवोत्थान-मन्दिर दर्शन (भारतीय-पक्ष विकल्प)निःशुल्क
उपयुक्त
अष्टादश यात्रा-संकल्प का प्रतीकात्मक-समापन

श्रृङ्गेरी पञ्च-लोह मूर्ति-स्थापित; 22 मार्च 2023 से कुपवाड़ा-टीतवाल में नियमित पूजा एवं वार्षिक 'शारदा दिवस' आयोजन।

श्रृङ्गेरी शारदा पीठम् दर्शन (दक्षिणी-विकल्प)
उपयुक्त
आदि शंकराचार्य-चन्दन-काष्ठ-मूर्ति परंपरा-अनुसार

8वीं शताब्दी आदि शंकराचार्य-स्थापित दक्षिणी-मठ; शारदा-तीर्थ-निरन्तरता।

सेव शारदा कमेटी कश्मीर (SSCK) समर्थन
उपयुक्त
शारदा-कॉरिडोर-समर्थन-संकल्प

रविन्द्र पंडिता-नेतृत्व अभियान; अष्टादश-यात्रा पूर्णता के लिए मूल-मन्दिर-पहुँच की वकालत।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

नवरेह (कश्मीरी पण्डित नववर्ष)चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

टीतवाल देवोत्थान-गतिविधियों का प्रमुख-दिवस; 2023 के बाद हर वर्ष यहाँ शारदा-उत्सव। 2026 — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च।

शारदा दिवस (वार्षिक — टीतवाल)सितंबर (2025 में सितंबर में आयोजित; 2026 तिथि-घोषणा-प्रतीक्षित)

कुपवाड़ा जिला-प्रशासन एवं SSCK द्वारा संयुक्त-आयोजन; पारंपरिक यात्रा-स्थापना का प्रयास।

श्रावण-भाद्रपद यात्रा (ऐतिहासिक — अब अप्राप्य)श्रावण-भाद्रपद (अगस्त-सितंबर)

1947-पूर्व — 70-मील 7-दिवसीय यात्रा; आदि शंकराचार्य के स्तोत्र-गायन से समाप्ति। वर्तमान-अप्राप्य; SSCK द्वारा शारदा-कॉरिडोर के माध्यम से पुनरारम्भ की वकालत।

टीतवाल मन्दिर वार्षिकोत्सव (22 मार्च 2023 प्रतिष्ठा-तिथि)चैत्र शुक्ल

22 मार्च 2023 की पञ्च-लोह मूर्ति प्रतिष्ठा-वर्षगाँठ; पञ्चांग-अनुसार चैत्र-शुक्ल-दिनों में आयोजन। 2026 — रविवार 22 मार्च।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

अष्टादश शक्ति-पीठ यात्रा-संकल्प (18वाँ एवं अन्तिम पीठ)

आदि शंकराचार्य-रचित अष्टादश स्तोत्रम् का 18वाँ एवं अन्तिम पीठ — 'काश्मीरे तु सरस्वती'; पूर्ण-यात्रा-समापन; पूर्व: मङ्गला गौरी गया (16) → विशालाक्षी काशी (17) → शारदा कश्मीर (18)

स्रोत: अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम्

विद्या-संकल्प (विद्यार्थी एवं विद्वज्जन)

शारदा देवी = विद्या-स्वरूपा; 'नमस्ते शारदे देवि...विद्यादानं च देहि मे'; ज्ञान-वर-प्राप्ति का सर्वोच्च-पीठ

स्रोत: शारदा वन्दना

4 प्राचीन शिक्षा-केन्द्र-स्मरण-संकल्प

शारदा पीठ + नालन्दा + तक्षशिला + विक्रमशिला — 6वीं-12वीं शताब्दी के 4 प्राचीन-विश्वविद्यालय

स्रोत: ऐतिहासिक परंपरा

कश्मीरी पण्डित कुलदेवी-संकल्प

कश्मीरी पण्डितों की कुलदेवी 'कश्मीर-पुर-वासिनी'; शारदा-त्रिमूर्ति (शारदा + सरस्वती + वाग्देवी)

स्रोत: कश्मीर-पण्डित परंपरा

आदि शंकराचार्य सर्वज्ञ-पीठ-स्मरण

8वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य-आरोहित दक्षिण-द्वार 'सर्वज्ञ पीठ'; अद्वैत-परंपरा का परम-निर्णायक-क्षण

स्रोत: माधवीय शंकर विजयम्

शारदा देवोत्थान-यात्रा-समर्थन-संकल्प

टीतवाल मन्दिर-दर्शन एवं SSCK-समर्थन; मूल-मन्दिर-पुनः-प्राप्ति के लिए प्रार्थना

स्रोत: देवोत्थान-परंपरा (2018-)

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • अष्टादश शक्ति-पीठ स्तोत्रम् — 4थे श्लोक का अन्तिम-चरणस्तोत्रआदि शंकराचार्य रचितइस मन्दिर हेतु'काश्मीरे तु सरस्वती' — शारदा का 18वाँ एवं अन्तिम अष्टादश पीठ शास्त्रीय-प्रमाण; पूर्ण-यात्रा-समापन
  • शारदा देवी वन्दना (आदि शंकराचार्य-कृत)स्तोत्रआदि शंकराचार्य परंपराइस मन्दिर हेतु'नमस्ते शारदे देवि काश्मीरपुरवासिनि। त्वामहं प्रार्थये नित्यं विद्यादानं च देहि मे॥' — 'काश्मीर-पुर-वासिनि' शारदा के लिए विशिष्ट-वन्दना
  • सरस्वती वन्दनावन्दनाअग्रवाल / पुरंदर-दास परंपराइस मन्दिर हेतु'या कुन्देन्दु-तुषार-हार-धवला...' — शारदा-सरस्वती-समान-पीठों में पारायण
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

नीलम (किशनगङ्गा) नदी100 मी

नीलमत पुराण-वर्णित 'मधुमती' नदी; परंपरा-अनुसार 'स्वर्ण-कण-धारी' रेत

शारदा पीठ विश्वविद्यालय खण्डहर50 मी

6वीं-12वीं शताब्दी प्राचीन-विश्वविद्यालय परिसर के अवशेष; 4 प्राचीन शिक्षा-केन्द्रों में सम्मिलित

टीतवाल शारदा माता मन्दिर (भारतीय-पक्ष)30 किमी

22 मार्च 2023 ई-उद्घाटित (पञ्च-लोह मूर्ति श्रृङ्गेरी से); भारतीय श्रद्धालुओं हेतु देवोत्थान-दर्शन-स्थल

मार्तण्ड सूर्य मन्दिर खण्डहर (अनन्तनाग, J&K)200 किमी

ललितादित्य-काल (8वीं शताब्दी); शारदा पीठ की समान-शैली; कश्मीर के 3 सर्वोच्च-पवित्र पण्डित-स्थलों में सम्मिलित

अमरनाथ गुफा (पहलगाम, J&K)300 किमी

कश्मीर के 3 सर्वोच्च-पवित्र पण्डित-स्थलों में एकमात्र पूर्ण-प्राप्य; प्रति-वर्ष लाखों श्रद्धालु

श्रृङ्गेरी शारदा पीठम् (कर्नाटक — दक्षिणी)2500 किमी

8वीं शताब्दी आदि शंकराचार्य-स्थापित दक्षिणी-मठ; परंपरा-अनुसार चन्दन-काष्ठ शारदा-मूर्ति यहाँ ले जायी गयी; 2023 में टीतवाल पञ्च-लोह मूर्ति-संस्कारक

हरमुख पर्वत30 किमी

कश्मीरी पण्डित परंपरा में शिव-निवास

अष्टादश महा-शक्ति-पीठ यात्रा (आदि शंकराचार्य) — 18वाँ एवं अन्तिम पीठ

18वाँ एवं अन्तिम पीठ — 'काश्मीरे तु सरस्वती'; पूर्ण-यात्रा-समापन; पूर्व: विशालाक्षी काशी (17); वर्तमान-अप्राप्य के कारण कश्मीरी-पण्डित-परंपरा-अनुसार 'अष्टादश-यात्रा शारदा-दर्शन के बिना अधूरी' — टीतवाल या श्रृङ्गेरी से प्रतीकात्मक-पूर्णता

18 मंदिर

कश्मीरी पण्डित 3 सर्वोच्च-पवित्र-स्थल

शारदा पीठ + मार्तण्ड सूर्य मन्दिर + अमरनाथ — एकमात्र अमरनाथ पूर्ण-प्राप्य; मार्तण्ड भारतीय-कश्मीर में जीर्ण-शीर्ण; शारदा LoC-पार

3 मंदिर

भारत के 4 प्राचीन शिक्षा-केन्द्र (6वीं-12वीं शताब्दी)

शारदा पीठ + नालन्दा + तक्षशिला + विक्रमशिला — एकमात्र-स्थल जिसका भू-भाग आज भारत-सम्प्रभुता से बाहर

4 मंदिर

शारदा-तीर्थ निरन्तरता: मूल → टीतवाल → श्रृङ्गेरी

मूल PoK शारदा पीठ (अप्राप्य) → भारतीय-पक्ष टीतवाल (2023-) → आदि शंकराचार्य-परंपरा श्रृङ्गेरी (8वीं शताब्दी)

3 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
मूल: शारदा-ग्राम, तहसील शारदा, नीलम-जिला, आज़ाद जम्मू-कश्मीर (पाकिस्तान-अधिकृत; भारतीय श्रद्धालुओं हेतु अप्राप्य)। भारतीय-पक्ष विकल्प: शारदा माता मन्दिर, टीतवाल-ग्राम, करनाह-तहसील, कुपवाड़ा-जिला, जम्मू-कश्मीर — 193224
हवाई अड्डा
मूल: इस्लामाबाद/पाकिस्तान (भारतीयों हेतु जटिल); टीतवाल विकल्प: श्रीनगर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (SXR) — ~165 किमी कुपवाड़ा होकर
रेलवे
मूल: PoK में कोई रेल-नहीं; टीतवाल विकल्प: कोई निकट रेल-नहीं; जम्मू-तवी 350+ किमी
बस-स्टैण्ड
मूल: मुज़फ़्फ़राबाद से ~150 किमी नीलम-घाटी मार्ग; टीतवाल विकल्प: श्रीनगर/कुपवाड़ा से पारंपरिक-वाहन
उत्तम ऋतु
मूल मन्दिर (PoK): वर्तमान-अप्राप्य; टीतवाल विकल्प: मई-सितंबर सर्वोत्तम (शीत-मास में हिमपात-बन्द); शारदा दिवस सितंबर एवं नवरेह मार्च प्रमुख-तिथियाँ
वेबसाइट
https://www.sringeri.net/
0 किमीSharda Village
150 किमीMuzaffarabad
30 किमीKupwara
80 किमीKupwara
130 किमीSrinagar
80 किमीTeetwal Sharda Mata Mandir
2500 किमीSringeri Sharada Peetham
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