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Mathura · Uttar Pradesh

श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर, मथुरा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि — कारागार-स्थल जहाँ श्रीकृष्ण का प्राकट्य

अन्य नाम: कृष्ण जन्मभूमि · श्री कृष्ण जन्मस्थान · कारागार · केशव देव मंदिर

  • 7 सप्तपुरी
  • श्रीकृष्ण-लीला-स्थलियों में सर्वप्…
  • अष्ट-धाम वैष्णव-तीर्थ
श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर, मथुरा
दर्शन समय
05:00 – 21:30
स्वरूप
तीन प्रमुख मंदिर:
स्थान
Mathura · Uttar Pradesh
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
मूल मंदिर: श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्…

इस मन्दिर की विशेषता

  • 7 सप्तपुरी (मथुरा — मोक्षदायिनी नगरी)
  • श्रीकृष्ण-लीला-स्थलियों में सर्वप्रथम
  • अष्ट-धाम वैष्णव-तीर्थ
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री कृष्ण (बाल-स्वरूप; जन्म-स्थल पर 'कारागार' एवं मुख्य मंदिर में राधा-कृष्ण-स्वरूप)

तीन प्रमुख मंदिर: (1) केशव देव मंदिर — कृष्ण-स्वरूप, (2) गर्भ गृह — द्वापर युग में श्रीकृष्ण जन्म-स्थल, (3) भागवत भवन — राधा-कृष्ण मुख्य विग्रह

सम्प्रदाय: वैष्णव (पुष्टि-मार्ग + निम्बार्क + अन्य)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

श्रीमद् भागवत पुराण

स्कन्ध 10 — श्रीकृष्ण-जन्म, कंस-कारागार, बाल-लीला सम्पूर्ण विवरण

हरिवंश पुराण

श्रीकृष्ण-जीवन का प्रथम विस्तृत संदर्भ

विष्णु पुराण

श्रीकृष्ण-अवतार एवं मथुरा-माहात्म्य

ब्रह्म वैवर्त पुराण

श्रीकृष्ण जन्म खण्ड

महाभारत

श्रीकृष्ण-लीला के अनेक संदर्भ

संत एवं परम्परा

  • श्रीकृष्ण — द्वापर युग, भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, मध्य-रात्रि कंस-कारागार (वसुदेव-देवकी के 8वें पुत्र रूप) में प्राकट्य; पिता वसुदेव द्वारा यमुना पार कर गोकुल नन्द-यशोदा के पास पहुँचाया गया
  • वज्रनाभ — श्रीकृष्ण के प्रपौत्र; मूल मंदिर के निर्माता (परंपरा)
  • राजा वीर सिंह देव बुंदेला (ओरछा, 1618 ईस्वी) — जहाँगीर-काल में 33 लाख रुपये की लागत से अष्टकोणीय लाल-बलुआ-पत्थर मंदिर निर्मित
  • मदन मोहन मालवीय एवं बिड़ला परिवार (20वीं शताब्दी) — श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान (1957) के माध्यम से वर्तमान मंदिर-परिसर के पुनर्निर्माण के संरक्षक

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. -6006वीं-5वीं शताब्दी ईसा-पूर्व — पुरातत्वीय खुदाई से प्राचीन कृष्ण-उपासना के साक्ष्यWikipedia Krishna Janmasthan Temple Complex
  2. 10171017 ईस्वी — महमूद ग़ज़नी द्वारा मथुरा एवं मंदिर का प्रथम विनाशWikipedia + Aurangzeb-era historical records
  3. 115012वीं शताब्दी — विजयपाल (राजपूत राजा) द्वारा पुनर्निर्माणWikipedia
  4. 16181618 ईस्वी — जहाँगीर-काल में राजा वीर सिंह देव बुंदेला (ओरछा) द्वारा 33 लाख रुपये की लागत से अष्टकोणीय लाल-बलुआ-पत्थर मंदिर निर्माण; फ्रांसीसी यात्री ताविर्नियर ने 1650 में इसका वर्णन कियाWikipedia + Tavernier travelogue
  5. 16701670 ईस्वी — मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब द्वारा मंदिर का विनाश एवं उसी स्थान पर शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण (ASI ऐतिहासिक प्रमाण-पुष्ट)Wikipedia + ASI historical records + OpIndia 2024
  6. 19571957 ईस्वी — श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की स्थापना; वर्तमान मंदिर-परिसर (केशव देव + गर्भ गृह + भागवत भवन) का पुनर्निर्माण मदन मोहन मालवीय एवं बिड़ला परिवार के संरक्षण सेWikipedia + Trust records
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:00 से 21:30 तक

मंगला आरती05:30
दैनिक

दिन की प्रथम आरती

मक्खन भोग08:00
दैनिक
शृंगार आरती09:00
दैनिक
राजभोग आरती11:00-12:00
दैनिक

मध्याह्न के बाद गर्भ-गृह कुछ देर बन्द

उत्थापन / सायं दर्शन16:00 (ग्रीष्म) / 15:00 (शीत)
दैनिक
संध्या आरती18:00
दैनिक

सायं प्रमुख अनुष्ठान

शयन आरती21:00-21:30 (ग्रीष्म) / 20:00-20:30 (शीत)
दैनिक

दिन की अन्तिम आरती

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
05:00-12:00 एवं 16:00-21:30 (ग्रीष्म)
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

केशव देव, गर्भ गृह एवं भागवत भवन के निःशुल्क दर्शन।

अति-कठोर सुरक्षा-नियम
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु — आधिकारिक नियम

मंदिर परिसर में मोबाइल, कैमरा, बैग, चमड़े की वस्तुएँ पूर्णतः वर्जित; अनिवार्य निःशुल्क लॉकर। बाहरी सुरक्षा-चेकपोस्ट पर सख्त जाँच (शाही ईदगाह-विवाद के कारण)।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

श्री कृष्ण जन्माष्टमीभाद्रपद कृष्ण अष्टमी

मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक पर्व — कृष्ण-जन्म-स्थल पर ही जन्मोत्सव। मध्य-रात्रि ठीक 12:00 बजे प्राकट्योत्सव; अभिषेक, झूलन-उत्सव; पूर्ण-रात्रि दर्शन। लाखों श्रद्धालु। 2026 — स्मार्त 4 सितंबर शुक्रवार + वैष्णव/ISKCON 5 सितंबर शनिवार (DrikPanchang पुष्ट; अष्टमी तिथि 4 सितंबर 10:48 AM - 5 सितंबर 11:23 AM)।

नंदोत्सवजन्माष्टमी के अगले दिन

श्रीकृष्ण के नंद-यशोदा द्वारा गोकुल में स्वागत-उत्सव; मक्खन-दही उत्सव

राधाष्टमीभाद्रपद शुक्ल अष्टमी

राधा-जन्म-उत्सव; भागवत भवन में विशेष राधा-अर्चना

होली / लठमार होलीफाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा एवं उसके बाद

मथुरा-वृन्दावन के विश्व-प्रसिद्ध होली-उत्सव; जन्मस्थान में भी भव्य आयोजन

अन्नकूट (गोवर्धन पूजा)कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा

56 भोग एवं गोवर्धन-कथा

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

मोक्ष एवं वैकुण्ठ-प्राप्ति (सप्तपुरी)

मथुरा 7 सप्तपुरी मोक्षदायिनी नगरियों में अग्रणी; कृष्ण-जन्म-स्थल-दर्शन से मोक्ष-संकल्प

स्रोत: स्कन्द पुराण + गरुड़ पुराण

श्रीकृष्ण-भक्ति एवं संतान-कृपा

श्रीकृष्ण के बाल-स्वरूप का दर्शन — संतान-प्राप्ति, बालक-स्वास्थ्य एवं भक्ति-वृद्धि

स्रोत: श्रीमद् भागवत पुराण

अष्ट-धाम वैष्णव यात्रा

अष्ट-धाम वैष्णव-तीर्थ-क्रम में जन्मस्थान का प्रथम स्थान; मथुरा-वृन्दावन-गोकुल-गोवर्धन-बरसाना-नंदगाँव-बल्लभगढ़-गोपेश्वर 7-दिवसीय यात्रा

स्रोत: वैष्णव परंपरा

जन्म-स्थल-दर्शन की दुर्लभ-पुण्य

स्वयं भगवान के अवतार-स्थल का दर्शन — अद्वितीय पुण्य-फल

स्रोत: भागवत-परंपरा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय — द्वादशाक्षर मंत्रमंत्रश्रीमद् भागवत पुराण; विष्णु-उपासना का सर्वोच्च मंत्रइस मन्दिर हेतुजन्मस्थान-उपासना का मूल मंत्र
  • श्रीमद् भगवद्गीताग्रन्थमहाभारत — श्रीकृष्ण के 700 श्लोक
  • हरे कृष्ण महामंत्रमंत्रकलिसंतरण उपनिषद्
  • श्रीकृष्ण जन्म अष्टमी स्तोत्रस्तोत्रभागवत परंपराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

गर्भ गृह (कृष्ण जन्म-कारागार)50 मी

वस्तुतः वह स्थल जहाँ द्वापर युग में कंस-कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ; भूमिगत-गर्भगृह; अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव

केशव देव मंदिर100 मी

श्रीकृष्ण के 'केशव' स्वरूप का प्रमुख मंदिर

भागवत भवन100 मी

राधा-कृष्ण मुख्य विग्रह; भागवत-कथा सत्संग-स्थल

द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा2 किमी

मथुरा में स्थित अलग द्वारकाधीश मंदिर (1814 में सेठ गोकुलदास द्वारा निर्मित); पुष्टि-मार्गी मंदिर

वृन्दावन (बांके बिहारी मंदिर)12 किमी

श्रीकृष्ण-राधा की रास-लीला स्थल; निधि वन; प्रेम-मन्दिर

गोकुल — नन्द-यशोदा का घर15 किमी

श्रीकृष्ण का बाल-काल (0-6 वर्ष); रमणरेती; द्वारकाधीश-गोकुल

गोवर्धन पर्वत22 किमी

श्रीकृष्ण ने इन्द्र-कोप से व्रजवासियों की रक्षा हेतु 7 दिन तक उठाया; 21-किमी परिक्रमा-तीर्थ

विश्राम घाट (यमुना-तट)1.5 किमी

श्रीकृष्ण कंस-वध के बाद यहीं विश्राम किया; मथुरा का 24 घाटों में मुख्य घाट; सायं यमुना-आरती

अष्ट-धाम वैष्णव यात्रा (मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र)

प्रथम धाम — मथुरा का कृष्ण जन्मस्थान; क्रम: जन्मभूमि → वृन्दावन → गोकुल → गोवर्धन → बरसाना → नंदगाँव → गोपेश्वर → वल्लभगढ़

8 मंदिर

7 सप्तपुरी मोक्षदायिनी यात्रा

मथुरा 7 सप्तपुरी में अग्रणी; अन्य 6: अयोध्या, हरिद्वार, काशी, काँची, उज्जैन, द्वारका

7 मंदिर

ब्रज परिक्रमा (84-कोस)

ब्रज क्षेत्र की पारंपरिक 84-कोस (~268 किमी) पैदल परिक्रमा का केन्द्रीय तीर्थ

श्रीकृष्ण-जीवन यात्रा (मथुरा → गोकुल → वृन्दावन → द्वारका → भालका)

जन्म-स्थल; श्रीकृष्ण-जीवन-यात्रा का प्रथम तीर्थ

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, जन्मभूमि मार्ग, मथुरा — 281001, उत्तर प्रदेश
हवाई अड्डा
इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली (DEL) — ~145 किमी; आगरा (AGR) — ~60 किमी
रेलवे
मथुरा जंक्शन (MTJ) — मंदिर से ~4 किमी; उत्तर मध्य रेलवे का प्रमुख जंक्शन (दिल्ली-मुंबई + दिल्ली-चेन्नई मार्ग)
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; तापमान 12-30°C। जुलाई-अगस्त मानसून (मक्खन-मटकी होती है)। जन्माष्टमी + होली पर पीक भीड़।
वेबसाइट
https://jksskmathura.com
4 किमीMathura Junction Railway
12 किमीVrindavan
15 किमीGokul
22 किमीGovardhan
50 किमीBarsana
60 किमीAgra
145 किमीDelhi
200 किमीJaipur
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