श्रीमद् भागवत पुराण
स्कन्ध 10 — श्रीकृष्ण-जन्म, कंस-कारागार, बाल-लीला सम्पूर्ण विवरण
Mathura · Uttar Pradesh
श्रीकृष्ण जन्मभूमि — कारागार-स्थल जहाँ श्रीकृष्ण का प्राकट्य
अन्य नाम: कृष्ण जन्मभूमि · श्री कृष्ण जन्मस्थान · कारागार · केशव देव मंदिर

इस मन्दिर की विशेषता
श्री कृष्ण (बाल-स्वरूप; जन्म-स्थल पर 'कारागार' एवं मुख्य मंदिर में राधा-कृष्ण-स्वरूप)
तीन प्रमुख मंदिर: (1) केशव देव मंदिर — कृष्ण-स्वरूप, (2) गर्भ गृह — द्वापर युग में श्रीकृष्ण जन्म-स्थल, (3) भागवत भवन — राधा-कृष्ण मुख्य विग्रह
सम्प्रदाय: वैष्णव (पुष्टि-मार्ग + निम्बार्क + अन्य)
स्कन्ध 10 — श्रीकृष्ण-जन्म, कंस-कारागार, बाल-लीला सम्पूर्ण विवरण
श्रीकृष्ण-जीवन का प्रथम विस्तृत संदर्भ
श्रीकृष्ण-अवतार एवं मथुरा-माहात्म्य
श्रीकृष्ण जन्म खण्ड
श्रीकृष्ण-लीला के अनेक संदर्भ
05:00 से 21:30 तक
दिन की प्रथम आरती
मध्याह्न के बाद गर्भ-गृह कुछ देर बन्द
सायं प्रमुख अनुष्ठान
दिन की अन्तिम आरती
केशव देव, गर्भ गृह एवं भागवत भवन के निःशुल्क दर्शन।
मंदिर परिसर में मोबाइल, कैमरा, बैग, चमड़े की वस्तुएँ पूर्णतः वर्जित; अनिवार्य निःशुल्क लॉकर। बाहरी सुरक्षा-चेकपोस्ट पर सख्त जाँच (शाही ईदगाह-विवाद के कारण)।
मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक पर्व — कृष्ण-जन्म-स्थल पर ही जन्मोत्सव। मध्य-रात्रि ठीक 12:00 बजे प्राकट्योत्सव; अभिषेक, झूलन-उत्सव; पूर्ण-रात्रि दर्शन। लाखों श्रद्धालु। 2026 — स्मार्त 4 सितंबर शुक्रवार + वैष्णव/ISKCON 5 सितंबर शनिवार (DrikPanchang पुष्ट; अष्टमी तिथि 4 सितंबर 10:48 AM - 5 सितंबर 11:23 AM)।
श्रीकृष्ण के नंद-यशोदा द्वारा गोकुल में स्वागत-उत्सव; मक्खन-दही उत्सव
राधा-जन्म-उत्सव; भागवत भवन में विशेष राधा-अर्चना
मथुरा-वृन्दावन के विश्व-प्रसिद्ध होली-उत्सव; जन्मस्थान में भी भव्य आयोजन
56 भोग एवं गोवर्धन-कथा
मथुरा 7 सप्तपुरी मोक्षदायिनी नगरियों में अग्रणी; कृष्ण-जन्म-स्थल-दर्शन से मोक्ष-संकल्प
स्रोत: स्कन्द पुराण + गरुड़ पुराण
श्रीकृष्ण के बाल-स्वरूप का दर्शन — संतान-प्राप्ति, बालक-स्वास्थ्य एवं भक्ति-वृद्धि
स्रोत: श्रीमद् भागवत पुराण
अष्ट-धाम वैष्णव-तीर्थ-क्रम में जन्मस्थान का प्रथम स्थान; मथुरा-वृन्दावन-गोकुल-गोवर्धन-बरसाना-नंदगाँव-बल्लभगढ़-गोपेश्वर 7-दिवसीय यात्रा
स्रोत: वैष्णव परंपरा
स्वयं भगवान के अवतार-स्थल का दर्शन — अद्वितीय पुण्य-फल
स्रोत: भागवत-परंपरा
वस्तुतः वह स्थल जहाँ द्वापर युग में कंस-कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ; भूमिगत-गर्भगृह; अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव
श्रीकृष्ण के 'केशव' स्वरूप का प्रमुख मंदिर
राधा-कृष्ण मुख्य विग्रह; भागवत-कथा सत्संग-स्थल
मथुरा में स्थित अलग द्वारकाधीश मंदिर (1814 में सेठ गोकुलदास द्वारा निर्मित); पुष्टि-मार्गी मंदिर
श्रीकृष्ण-राधा की रास-लीला स्थल; निधि वन; प्रेम-मन्दिर
श्रीकृष्ण का बाल-काल (0-6 वर्ष); रमणरेती; द्वारकाधीश-गोकुल
श्रीकृष्ण ने इन्द्र-कोप से व्रजवासियों की रक्षा हेतु 7 दिन तक उठाया; 21-किमी परिक्रमा-तीर्थ
श्रीकृष्ण कंस-वध के बाद यहीं विश्राम किया; मथुरा का 24 घाटों में मुख्य घाट; सायं यमुना-आरती
प्रथम धाम — मथुरा का कृष्ण जन्मस्थान; क्रम: जन्मभूमि → वृन्दावन → गोकुल → गोवर्धन → बरसाना → नंदगाँव → गोपेश्वर → वल्लभगढ़
8 मंदिर
मथुरा 7 सप्तपुरी में अग्रणी; अन्य 6: अयोध्या, हरिद्वार, काशी, काँची, उज्जैन, द्वारका
7 मंदिर
ब्रज क्षेत्र की पारंपरिक 84-कोस (~268 किमी) पैदल परिक्रमा का केन्द्रीय तीर्थ
जन्म-स्थल; श्रीकृष्ण-जीवन-यात्रा का प्रथम तीर्थ