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Ayodhya · Uttar Pradesh

श्री राम जन्मभूमि मंदिर

श्री राम जन्मभूमि / श्री राम मंदिर

अन्य नाम: राम मंदिर · श्री राम मंदिर · अयोध्या राम मंदिर · रामलला मंदिर

  • 7 Saptapuri
श्री राम जन्मभूमि मंदिर
दर्शन समय
07:00 – 21:30
स्वरूप
गर्भगृह में प्रतिष्ठित 51-इंच कृष्ण-शिला…
स्थान
Ayodhya · Uttar Pradesh
उत्तम ऋतु
अक्टूबर से मार्च
काल
मूल स्थान अति प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 7 Saptapuri
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री रामलला (श्री राम का 5-वर्षीय बाल-स्वरूप)

गर्भगृह में प्रतिष्ठित 51-इंच कृष्ण-शिला मूर्ति — मूर्तिकार श्री अरुण योगिराज (जन्म 15 दिसंबर 1983, मैसूरु, कर्नाटक; विश्वकर्मा ब्राह्मण समुदाय; पाँच पीढ़ी की मूर्तिकार परंपरा — पिता योगिराज शिल्पी (राज्य पुरस्कार-विजेता), पितामह बी॰ बसवन्ना शिल्पी (मैसूरु महल के कलाकार, 1983 राष्ट्रीय पुरस्कार); MBA डिग्री लेकर भी 2008 में मूर्तिकला में लौटे)। पत्थर बुज्जेगौड़नापुरा गाँव, हेगडादेवनकोटे तालुक, मैसूरु जिले से — अनुमानित 2.5 अरब वर्ष प्राचीन। कृष्ण-शिला के चयन का कारण: 'दूध, जल आदि तरलों से कोई रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं — दैनिक अभिषेक के लिए आदर्श'। साथ ही 1949 की 'रामलला विराजमान' मूर्ति उत्सव-मूर्ति के रूप में।

सम्प्रदाय: वैष्णव

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

वाल्मीकि रामायण

बाल काण्ड + अयोध्या काण्ड — कोसल राजधानी अयोध्या का वर्णन

स्कन्द पुराण

वैष्णव खण्ड — अयोध्या माहात्म्य (10 अध्याय, 990 श्लोक); अध्याय 10 अयोध्या तीर्थयात्रा को समर्पित

जन्मस्थान विघ्नेश्वर के उत्तर-पूर्व, वसिष्ठ कुण्ड के उत्तर एवं लोमश आश्रम के पश्चिम स्थित

स्कन्द पुराण

अयोध्या — आदिपुरी, विष्णु की प्रथम नगरी; 7 मोक्षदायिनी सप्तपुरियों में प्रथम; सरयू तट पर तमसा एवं घाघरा संगम के निकट

गोस्वामी तुलसीदास — श्रीरामचरितमानस

बाल काण्ड — श्री राम के अयोध्या में जन्म एवं बाल लीलाओं का वर्णन

संत एवं परम्परा

  • गोस्वामी तुलसीदास — श्रीरामचरितमानस (16वीं शताब्दी) के माध्यम से अयोध्या के राम-प्राकट्य की लोकप्रिय परंपरा को संरक्षित किया
  • बुधकौशिक ऋषि — श्रीरामरक्षास्तोत्र के द्रष्टा (शिवजी द्वारा स्वप्न में प्रदत्त); 38 श्लोक; काशी से अयोध्या तक राम-भक्ति परंपरा में नित्य-पाठ्य
  • महर्षि वाल्मीकि — रामायण के रचयिता; अयोध्या के निकट तमसा तट पर तपस्या; मंदिर के निकट हवाई अड्डा 'महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्याधाम' इन्हीं के नाम पर

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 1528मुग़ल सम्राट बाबर के सेनापति मीर बाक़ी द्वारा बाबरी मस्जिद का निर्माण — कथित रूप से पूर्व-स्थित राम-मंदिर के स्थान परविकिपीडिया + सुप्रीम कोर्ट निर्णय
  2. 1949मस्जिद के भीतर रामलला मूर्ति की स्थापना (22-23 दिसंबर 1949 रात)विकिपीडिया
  3. 19926 दिसंबर 1992 — बाबरी मस्जिद का ध्वंस; देशव्यापी विवादविकिपीडिया
  4. 20199 नवंबर 2019 — सुप्रीम कोर्ट की 5-न्यायाधीशीय संविधान-पीठ ने 5-0 सर्वसम्मत निर्णय में 2.77 एकड़ विवादित भूमि मंदिर निर्माण के लिए हिन्दू पक्ष को सौंपी; मस्जिद हेतु 5 एकड़ वैकल्पिक भूमि UP सुन्नी सेंट्रल वक़्फ बोर्ड कोविकिपीडिया + Al Jazeera
  5. 20205 फरवरी 2020 — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकसभा में 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट के गठन की घोषणा। 15 सदस्य: 9 स्थायी + 6 मनोनीत; केवल 11 को मतदान का अधिकार; प्रत्येक सदस्य का अभ्यासी हिन्दू होना अनिवार्य। 19 फरवरी 2020 की प्रथम बैठक में महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज अध्यक्ष, श्री चम्पत राय (VHP उपाध्यक्ष) महासचिव, स्वामी गोविन्द देव गिरि जी महाराज कोषाध्यक्ष, श्री के॰ परासरण वरिष्ठ प्रवक्ता निर्वाचित। अन्य ज्ञात सदस्यों में: डॉ॰ अनिल मिश्र (होम्योपैथ, अयोध्या), कमेश्वर चौपाल (पटना, अनुसूचित जाति), महंत दिनेन्द्र दास (निर्मोही अखाड़ा, अयोध्या)। 5 अगस्त 2020 — भूमि-पूजन एवं शिलान्यास।विकिपीडिया + National Herald + Maps of India
  6. 202330 दिसंबर 2023 — PM मोदी द्वारा 'महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्याधाम' (AYJ) एवं पुनर्विकसित 'अयोध्या धाम जंक्शन' रेलवे स्टेशन का उद्घाटन (फेज़ 1 लागत ₹242 करोड़; रनवे 2,250 मीटर; नागर शैली टर्मिनल — रामायण के 7 काण्डों के प्रतीक 7 स्तम्भ, मधुबनी एवं पट्टचित्र कला)विकिपीडिया
  7. 202422 जनवरी 2024 — प्राण-प्रतिष्ठा समारोह (दोपहर 12:15-12:45 IST); मुख्य अनुष्ठानकर्ता पंडित श्री लक्ष्मीकान्त दीक्षित (पुणे) के नेतृत्व में पुजारी-दल; प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 'मुख्य यजमान'; मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ एवं RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत उपस्थितविकिपीडिया + Republic World
  8. 202423 जनवरी 2024 — मंदिर सार्वजनिक दर्शन हेतु खुला; प्रथम दिन 5+ लाख दर्शनार्थी; प्रथम 12 दिनों में 24 लाखविकिपीडिया
  9. 2024मार्च 2025 तक मंदिर को ₹3,500 करोड़ दान प्राप्त; मंदिर ट्रस्ट ने 5 वर्षों में सरकार को ₹396 करोड़ कर अदा कियाOrganiser
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

07:00 से 21:30 तक · मध्याह्न विश्राम 11:30-14:00 (भोग आरती एवं विश्राम)

मंगला आरती04:00
दैनिकबुकिंग आवश्यक

दिन की प्रथम आरती; पास आवश्यक — केवल आधिकारिक online.srjbtkshetra.org से निःशुल्क बुकिंग

श्रृंगार आरती (जागरण)06:00
दैनिकबुकिंग आवश्यक

देव-श्रृंगार के समय; पास आवश्यक

भोग आरती (मध्याह्न)12:00
दैनिकबुकिंग आवश्यक
संध्या आरती18:00-18:30
दैनिकबुकिंग आवश्यक
शयन आरती22:00
दैनिकबुकिंग आवश्यक

देव-शयन के समय; दिन की अंतिम आरती

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य (निःशुल्क) दर्शननिःशुल्क
समय
07:00-11:30 एवं 14:00-19:00 (कुल ~9.5 घंटे)
प्रतीक्षा
1-3 घंटे (सामान्य दिन)
उपयुक्त
सभी भक्त — कोई पास अनिवार्य नहीं

रामलला का गर्भगृह दर्शन; क्यू में प्रतीक्षा। मध्याह्न में भोग एवं विश्राम हेतु मंदिर बंद।

सुगम दर्शन (E-Pass)निःशुल्क
समय
बुकिंग समय अनुसार
प्रतीक्षा
30 मिनट से कम (समर्पित लेन)
उपयुक्त
समय की कमी वाले भक्त

OTP-आधारित निःशुल्क पंजीकरण; निर्धारित समय-स्लॉट; समर्पित प्रवेश-लेन। पास 100% निःशुल्क।

आरती पास (Mangala/Shringar/Sandhya/Shayan)निःशुल्क
उपयुक्त
जो भक्त किसी विशेष आरती में सम्मिलित होना चाहते हैं

प्रत्येक आरती के लिए अलग निःशुल्क पास; सीमित स्थान

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

श्री राम नवमीचैत्र शुक्ल नवमी

मंदिर का प्रमुख वार्षिक पर्व — भगवान् श्री राम के जन्मदिवस का उत्सव। 2024 से अद्वितीय 'सूर्य तिलक' अनुष्ठान: मध्याह्न ठीक 12:00 बजे लगभग 3-4 मिनट तक सूर्य की किरणें मूर्ति के मस्तक पर पड़ती हैं — OPTICA बेंगलुरु + CBRI रुड़की + भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (IIA) बेंगलुरु द्वारा निर्मित ऑप्टिकल प्रणाली (लेंस + दर्पण + चान्द्र-पंचांग गियर मैकेनिज़्म) सूर्य की स्थिति को प्रति वर्ष राम नवमी पर ठीक से सेट करता है। पंचधातु निर्माण, स्प्रिंग-रहित डिज़ाइन, शताब्दी-लंबा जीवन। साथ ही अभिषेक, श्रृंगार, वैदिक मंत्रोच्चार। राम नवमी 2026 — 26-27 मार्च।

भीड़: अत्यंत भीड़; सुगम पास 1+ माह पूर्व बुक करें

दीपोत्सव अयोध्याकार्तिक अमावस्या (दीपावली) पूर्व-संध्या

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित — सरयू तट के 55 घाटों पर लाखों दीप। दीपोत्सव 2024 ने दो गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाये: (1) सबसे बड़ा तेल-दीप प्रदर्शन = 25,12,585 दीप; (2) सबसे अधिक लोग एक साथ 'दीप परिक्रमा' = 1,121 वेदाचार्य। पिछला रिकॉर्ड (2023): 22,23,676। 2019 का रिकॉर्ड: राम की पैड़ी पर 4.5 लाख दीप।

भीड़: घाटों पर सायं 5-7 बजे चरम भीड़; होटल 2-3 माह पूर्व बुक करें

14 कोसी परिक्रमाअक्षय नवमी (कार्तिक मास)

अयोध्या नगरी की 56 किमी परिधि की पवित्र परिक्रमा — श्री राम के राज्य की प्राचीन सीमा का प्रतीक; मार्ग में 5000+ मंदिर; 3-5 दिन में पूर्ण। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद 2024 की 14 कोसी परिक्रमा में 30 लाख तीर्थयात्री सम्मिलित।

पंच कोसी परिक्रमादेवोत्थानी एकादशी (कार्तिक शुक्ल एकादशी)

14 कोसी की लघु संस्करण; देवोत्थानी एकादशी से प्रारंभ; अयोध्या के मुख्य तीर्थ-स्थलों की परिक्रमा

विवाह पंचमीमार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी

श्री राम-सीता विवाह का स्मरणोत्सव; मंदिर में विशेष श्रृंगार एवं पूजन

विजयादशमी (दशहरा)आश्विन शुक्ल दशमी

रावण-वध का उत्सव; अयोध्या-नगर में रामलीला परंपरा

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

मोक्ष / जीवनोपरांत मुक्ति

अयोध्या 7 मोक्षदायिनी सप्तपुरियों में प्रथम — विष्णु की 'आदिपुरी'

स्रोत: स्कन्द पुराण, वैष्णव खण्ड, अयोध्या माहात्म्य

रोग-निवारण, शत्रु-नाश, दीर्घायु

श्री रामरक्षास्तोत्र का नित्य पाठ — विष्णु सहस्रनाम का फल; सर्व-संकट निवारण

स्रोत: श्री रामरक्षास्तोत्र फलश्रुति (बुधकौशिक ऋषि)

श्रद्धा-भक्ति का चरम — रामनाम-तारण

'श्रीराम' तारक मंत्र — समस्त पापों से मुक्ति

स्रोत: रामायण एवं रामचरितमानस की सर्वत्र मान्यता

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • श्री रामरक्षा स्तोत्र (Ram Raksha Stotram)स्तोत्रबुधकौशिक ऋषि प्रणीत (शिवजी द्वारा स्वप्न में प्रदत्त, प्रातः लिपिबद्ध)। 38 श्लोक, छन्द अनुष्टुप्, देवता श्री सीताराम, शक्ति सीता, कीलक श्रीहनुमान। फलश्रुति: रामनाम स्मरण से विष्णु सहस्रनाम का फल; दीर्घायु, रोग-निवारण, शत्रु-नाश, मानसिक शांति।इस मन्दिर हेतुअयोध्या एवं समस्त राम मंदिरों में दैनिक पाठ की परंपरा (प्रातः, मध्याह्न, सायं — दिन में 3 बार)
  • श्री रामचरितमानस — सुन्दरकाण्डअध्याय / पाठगोस्वामी तुलसीदास प्रणीत (16वीं शताब्दी)मंगलवार/शनिवार को विशेष पाठ; हनुमान-कथा प्रधान; राम-भक्ति का सर्वाधिक लोकप्रिय अध्याय
  • श्री राम तारक मंत्र — 'श्री रामाय रामभद्राय...'मंत्रश्री राम के 108 नामों के आधार पर; तारक मंत्र = 'श्री राम'इस मन्दिर हेतुअयोध्या में नित्य जप; मोक्ष-दायक मान्यता
  • हनुमान चालीसास्तोत्रगोस्वामी तुलसीदास प्रणीत; 40 चौपाइयाँरामभक्त हनुमान को समर्पित; निकटवर्ती हनुमान गढ़ी मंदिर में विशेष
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तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

हनुमान गढ़ी400 मी

76 सीढ़ियों पर स्थित चार-कोणीय किले-सदृश मंदिर; गुफा में हनुमानजी का निवास माना जाता है — जन्मभूमि/रामकोट के रक्षक। मंगलवार-शनिवार चरम भीड़। राम-यात्रा हनुमान गढ़ी दर्शन के बिना अधूरी मानी जाती है।

श्री कनक भवन300 मी

'सोने का महल' — परंपरानुसार माता कैकेयी द्वारा सीता-राम को विवाह-उपहार; केवल सीता-राम युगल मूर्ति; स्वर्ण-मुकुट, रजत-छत वाला गर्भगृह

त्रेता के ठाकुर800 मी

श्री राम के अश्वमेध यज्ञ स्थल पर स्थित; काले-पाषाण की प्राचीन मूर्तियाँ (राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, भरत, शत्रुघ्न) — सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित मान्यता

दशरथ महल500 मी

श्री राम के पिता राजा दशरथ का राजमहल; पारंपरिक वास्तुकला का प्राचीन भवन

नागेश्वरनाथ मंदिर1 किमी

मान्यतानुसार श्री राम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित — अयोध्या के प्राचीनतम शिव मंदिरों में

राम की पैड़ी (सरयू घाट)1.5 किमी

सरयू नदी पर 14 पवित्र घाटों की शृंखला; मान्यता: वनवास से पूर्व श्री राम ने इसी स्थान पर सरयू स्नान किया; दैनिक सरयू आरती सायं 5-6 बजे (काशी गंगा आरती समकक्ष); 7:30 PM लेज़र शो; 2019 दीपोत्सव में 4.5 लाख दीप का गिनीज रिकॉर्ड

अयोध्या 14 कोसी परिक्रमा

केन्द्र-बिंदु एवं समापन-स्थल — श्री राम की राज्य-सीमा की परिक्रमा

5000 मंदिर · 3 दिन

अयोध्या पंच कोसी परिक्रमा

केन्द्र-बिंदु

अयोध्या 84 कोसी परिक्रमा

केन्द्रीय आरम्भ-बिंदु — पाँच ज़िलों में विस्तृत वृहद् परिक्रमा

सप्तपुरी मोक्षदायिनी यात्रा

अयोध्या = सप्तपुरियों की 'आदिपुरी' (प्रथम मोक्षदायिनी नगरी); 7 नगरियाँ: अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, काँची, उज्जैन, द्वारका

7 मंदिर

श्री राम कथा यात्रा (राम जन्म से वनवास तक)

जन्मस्थान — यात्रा का आरम्भ-बिंदु; आगे: चित्रकूट, पंचवटी, हम्पी (किष्किन्धा), रामेश्वरम् (सेतुबंध)

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मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

हवाई अड्डा
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम (AYJ; ICAO: VEAY) — 30 दिसंबर 2023 PM मोदी द्वारा उद्घाटन; आरंभ 10 जनवरी 2024; IndiGo, Air India Express, Akasa, Alliance Air संचालन में
रेलवे
अयोध्या धाम जंक्शन (पूर्व नाम: अयोध्या जंक्शन; 30 दिसंबर 2023 को PM मोदी द्वारा पुनर्विकसित स्टेशन उद्घाटन; भारत का सबसे बड़ा कॉनकोर्स योजनाबद्ध — 7,200 m²)
उत्तम ऋतु
अक्टूबर से मार्च — मौसम अनुकूल; दीपोत्सव (अक्टूबर-नवंबर) एवं राम नवमी (मार्च-अप्रैल) पीक भीड़
वेबसाइट
https://srjbtkshetra.org
135 किमीLucknow
165 किमीPrayagraj
200 किमीVaranasi
685 किमीDelhi
150 किमीGorakhpur
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