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Nathdwara · Rajasthan

श्री श्रीनाथजी मन्दिर

श्री श्रीनाथजी मन्दिर — नाथद्वारा, ज़िला राजसमन्द, राजस्थान

श्री श्रीनाथजी = श्रीकृष्ण 7-वर्षीय बाल-गोवर्धन-धारी रूप; पुष्टि-मार्ग (वल्लभाचार्य-स्थापित-सम्प्रदाय) के 7 स्वरूपों में मुख्य 'गृह' (मुख्य-गृहाधीशजी); मन्दिर-नाम 'नन्द-भवन' (नन्द-गोकुल-निवास-प्रतिमान); हवेली-शैली (मेवाड़) वास्तुकला; 1672 ईस्वी से नाथद्वारा (पूर्व-नाम सिंहाद/सिहाद)

अन्य नाम: श्रीनाथजी · श्रीनाथजी की हवेली · नन्द-भवन · गिरिधरजी

  • पुष्टि-मार्ग का सर्वोच्च-तीर्थ
  • पुष्टि-मार्ग 7 स्वरूप: श्रीनाथजी
  • गोवर्धन-कृष्ण-गोवर्धन-धारण-कथा-केन…
  • मेवाड़-राजवंश-संरक्षित
श्री श्रीनाथजी मन्दिर
दर्शन समय
05:30 (मङ्गला) – 19:30 (शयन-समापन)
स्वरूप
स्वयम्भू बाल-कृष्ण-मूर्ति काले-संगमर्मर…
स्थान
Nathdwara · Rajasthan
उत्तम ऋतु
अन्नकूट
काल
1672 ईस्वी नाथद्वारा-प्रतिष्ठा

इस मन्दिर की विशेषता

  • पुष्टि-मार्ग का सर्वोच्च-तीर्थ; 7 स्वरूपों में मुख्य 'गृह' (ज्येष्ठ गिरिधर-वंश)
  • पुष्टि-मार्ग 7 स्वरूप: श्रीनाथजी (नाथद्वारा) + मथुराधीश (कोटा) + विट्ठलनाथजी (नाथद्वारा) + द्वारकाधीश (कांकरोली) + गोकुलनाथजी (गोकुल) + गोकुलचन्द्रमाजी (कामवन/कामन) + बालकृष्णजी (सूरत)
  • गोवर्धन-कृष्ण-गोवर्धन-धारण-कथा-केन्द्रीय मूर्ति-स्वरूप; 1672 ईस्वी में औरङ्गज़ेब-आक्रमण-पश्चात् गोवर्धन-मथुरा-से नाथद्वारा-स्थानान्तर; पारम्परिक-कथा-अनुसार बैल-गाड़ी-पहिये सिंहाद-ग्राम पर अटक गए — दिव्य-संकेत-कारण नाथद्वारा-स्थापना
  • मेवाड़-राजवंश-संरक्षित — महाराणा राजसिंह (1672) + महाराणा सङ्ग्रामसिंह द्वितीय (परवर्ती) ने राजकीय-संरक्षण प्रदान किया; मेवाड़-नाथद्वारा-सम्बन्ध स्थायी
  • पिछवाई-चित्रकला (कपड़े पर श्रीनाथजी-पृष्ठभूमि-चित्र) का विश्व-प्रसिद्ध स्कूल; नाथद्वारा = पिछवाई-केन्द्र
  • 8-दैनिक-दर्शन परम्परा: मङ्गला + शृङ्गार + ग्वाल + राजभोग + उत्थापन + भोग + सन्ध्या-आरती + शयन — विश्व का अद्वितीय 8-बार-दैनिक-दर्शन-तीर्थ
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री श्रीनाथजी (श्रीकृष्ण 7-वर्षीय बाल-गोवर्धन-धारी रूप) — स्व-प्रकट (स्वयम्भू) काले-संगमर्मर बस-राहत-मूर्ति गोवर्धन-पर्वत से; बाँया-हाथ ऊपर उठा (गोवर्धन-धारणा-मुद्रा), दाँया-हाथ कमर पर; जीवन्त-बाल-स्वरूप-उपासना (दिन में 8-बार वस्त्र-परिवर्तन); उप-देवता: नवनीतप्रियजी (नाथद्वारा-निवास); विट्ठलनाथजी (गोविन्दजी का गृह)

स्वयम्भू बाल-कृष्ण-मूर्ति काले-संगमर्मर बस-राहत; गोवर्धन-पर्वत-धारक रूप (विष्णु-इन्द्र-गर्व-शमन-कथा-केन्द्र); 8-दिन-बार वस्त्र-परिवर्तन परम्परा

सम्प्रदाय: पुष्टि-मार्ग (कृपा-मार्ग) — वल्लभाचार्य (1479-1530/31; तेलुगु ब्राह्मण) स्थापित; पुत्र विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी) ने सम्प्रदाय-संस्थागत किया; उनके 7 पुत्रों ने 7 प्रमुख-स्वरूप ग्रहण किए (श्रीनाथजी ज्येष्ठ-पुत्र-गिरिधर के पास); प्रशासन: नाथद्वारा मन्दिर अधिनियम 1959 (राजस्थान); नाथद्वारा मन्दिर मण्डल (निगम); तिलकायत महाराज वंशानुगत-संरक्षक-प्रबन्धक-न्यासी (स्वामी नहीं — 1959-अधिनियम-अनुसार); वर्तमान तिलकायत: श्री इन्द्रदमनजी ('राकेशजी') महाराज (एकल-स्रोत-flag)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

श्रीनाथजी मूर्ति-गोवर्धन-स्वयम्भू कथा

श्रीनाथजी मूर्ति श्रीकृष्ण-स्वयम्भू-मूर्ति है — गोवर्धन-पर्वत से बाँया-हाथ-ऊपर-उठा-गोवर्धन-धारणा-मुद्रा-स्वरूप में प्रकट हुई। श्रीकृष्ण ने इन्द्र-गर्व-शमन-हेतु गोवर्धन-पर्वत 7-दिवस-तक उठा कर ब्रज-वासियों की वर्षा-रक्षा की — यही मूर्ति-स्वरूप।

पुष्टि-मार्ग वल्लभाचार्य-विट्ठलनाथजी कथा

श्री वल्लभाचार्य (1479-1530/31; तेलुगु ब्राह्मण) ने पुष्टि-मार्ग (कृपा-मार्ग) सम्प्रदाय-स्थापना की; भागवत-केन्द्रित कृष्ण-भक्ति-मार्ग। पुत्र विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी) ने सम्प्रदाय-संस्थागत किया एवं श्रीनाथजी-सहित 7 प्रमुख-स्वरूप-उपासना-व्यवस्था की। विट्ठलनाथजी के 7 पुत्रों ने 7 स्वरूपों के अधिकार ग्रहण किए: ज्येष्ठ-गिरिधर = श्रीनाथजी (मुख्य गृह)।

नाथद्वारा-स्थानान्तर कथा (1672 ईस्वी)

1665-1672 ईस्वी काल — मुग़ल बादशाह औरङ्गज़ेब के मूर्ति-भञ्जन-आक्रमण-कारण श्रीनाथजी-मूर्ति गोवर्धन/मथुरा-से सुरक्षित-स्थानान्तर। आगरा में 6-माह-विश्राम-पश्चात् मेवाड़-यात्रा। पारम्परिक-कथा-अनुसार सिंहाद/सिहाद-ग्राम पर बैल-गाड़ी के पहिये अचानक अटक गए — दिव्य-संकेत-स्वीकार करके मेवाड़-महाराणा राजसिंह ने 1672 ईस्वी में राज-संरक्षण प्रदान किया एवं मन्दिर-निर्माण किया। नगर-नाम 'नाथद्वारा' (= भगवान्-के-द्वार) — पूर्व-नाम सिंहाद। मन्दिर-वास्तुकला: हवेली-शैली (मेवाड़); मन्दिर-नाम 'नन्द-भवन' (नन्द-गोकुल-निवास-प्रतिमान)।

8-दैनिक-दर्शन परम्परा (श्रीनाथजी-जीवन्त-बाल-दिनचर्या-उपासना)

श्रीनाथजी 7-वर्षीय बाल-कृष्ण-स्वरूप — जीवन्त-बाल-दिनचर्या-उपासना-कारण दिन में 8 बार वस्त्र-परिवर्तन एवं दर्शन-कार्यक्रम: मङ्गला (जागरण-दर्शन) + शृङ्गार (अलङ्कार) + ग्वाल (गोपालन-स्वरूप) + राजभोग (मध्याह्न-भोजन) + उत्थापन (विश्राम-पश्चात्-जागरण) + भोग (सायं-भोजन) + सन्ध्या-आरती + शयन (विश्राम-दर्शन)। दर्शन-काल मौसमी-परिवर्तन-अनुसार।

पिछवाई-चित्रकला-परम्परा

श्रीनाथजी मूर्ति के पीछे लटकाए जाने वाले कपड़े-पर-चित्रित पृष्ठभूमि-चित्र = 'पिछवाई' (= पीछे की चीज़); प्रत्येक उत्सव/ऋतु-अनुसार विशेष-पिछवाई; नाथद्वारा = विश्व का पिछवाई-कला-केन्द्र।

संत एवं परम्परा

  • वल्लभाचार्य (1479-1530/31) — पुष्टि-मार्ग सम्प्रदाय-स्थापक; तेलुगु ब्राह्मण
  • विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी; 1516-1586) — वल्लभाचार्य-पुत्र; पुष्टि-मार्ग-संस्थागतकर्ता; 7 स्वरूप-व्यवस्था-स्थापक
  • गिरिधर-गोस्वामी — विट्ठलनाथजी-ज्येष्ठ-पुत्र; श्रीनाथजी-मुख्य-अधिकारी-वंश-प्रारम्भ
  • गोस्वामी दामोदर दास बैरागी — 1672 ईस्वी मूर्ति-स्थानान्तर-काल मूर्ति-संरक्षक
  • महाराणा राजसिंह (मेवाड़; शासन 1652-1680) — 1672 ईस्वी नाथद्वारा-राज-संरक्षण-प्रदाता; मन्दिर-निर्माता
  • महाराणा सङ्ग्रामसिंह द्वितीय (मेवाड़) — परवर्ती-राज-संरक्षण
  • तिलकायत महाराज वंश — गिरिधर-वंश ज्येष्ठ-पुत्र-वंशानुगत आध्यात्मिक-प्रमुख
  • वर्तमान तिलकायत: श्री इन्द्रदमनजी ('राकेशजी') महाराज (एकल-स्रोत nathdwara.in flag)
  • नाथद्वारा मन्दिर मण्डल (निगम) — 1959-अधिनियम-अधीन शासी-निकाय; तिलकायत वंशानुगत-न्यासी

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 1530वल्लभाचार्य-निधन; पुष्टि-मार्ग-सम्प्रदाय-संस्थापना-पूर्णWikipedia Pushtimarga बहु-स्रोत
  2. 1586विट्ठलनाथजी (गुसाईंजी)-निधन; 7 पुत्रों ने 7 स्वरूप-अधिकार ग्रहण किएWikipedia + Krishnakosh बहु-स्रोत
  3. 1665औरङ्गज़ेब मूर्ति-भञ्जन-आक्रमण-प्रारम्भ; श्रीनाथजी-मूर्ति-गोवर्धन-से सुरक्षित-स्थानान्तर-प्रारम्भWikipedia Shrinathji बहु-स्रोत
  4. 1672नाथद्वारा-प्रतिष्ठा; मेवाड़ महाराणा राजसिंह-संरक्षण; मन्दिर-निर्माण; नगर-नाम 'नाथद्वारा' (पूर्व-सिंहाद)Wikipedia + Bharatpedia बहु-स्रोत
  5. 1959नाथद्वारा मन्दिर अधिनियम 1959 (राजस्थान) — मन्दिर-सार्वजनिक-घोषित; नाथद्वारा मन्दिर मण्डल (निगम)-स्थापना; तिलकायत वंशानुगत-न्यासी (स्वामी-नहीं) — सर्वोच्च-न्यायालय Tilkayat Shri Govindlalji v. State of Rajasthan-निर्णय-अधीनRajasthan Devasthan + Supreme Court निर्णय
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:30 (मङ्गला) से 19:30 (शयन-समापन) तक · मध्याह्न विश्राम 12:15-15:30

मङ्गला दर्शन (जागरण)05:30-06:30
दैनिक
शृङ्गार दर्शन (अलङ्कार)07:15-08:00
दैनिक
ग्वाल दर्शन (गोपालन-स्वरूप)09:15-09:45
दैनिक
राजभोग दर्शन (मध्याह्न-भोजन)11:15-12:15
दैनिक
(मन्दिर-विश्राम)12:15-15:30
दैनिक
उत्थापन दर्शन (विश्राम-पश्चात्-जागरण)15:30-16:00
दैनिक
भोग दर्शन (सायं-भोजन)16:30-17:15
दैनिक
सन्ध्या-आरती दर्शन17:15-18:00
दैनिक
शयन दर्शन (विश्राम)18:45-19:30
दैनिक

वस्त्र-संहिता: पारम्परिक-भारतीय-वस्त्र अनुशंसित; पुरुष धोती/कुर्ता-पैजामा; स्त्री साड़ी/सलवार-सूट + ऊपरी-वस्त्र; पुष्टि-मार्ग-मन्दिर पारम्परिक-शुद्धता-केन्द्रित

फोटोग्राफी: मन्दिर-अन्तर्भाग में फोटोग्राफी एवं मोबाइल फोन पूर्ण-निषिद्ध (कड़ाई से); इलेक्ट्रॉनिक-उपकरण-निषिद्ध

विशेष नियम: मन्दिर-अन्तर्भाग में फोटोग्राफी + मोबाइल फोन + इलेक्ट्रॉनिक-उपकरण पूर्ण-निषिद्ध (कड़ाई से); 8-दर्शन-समय मौसमी-परिवर्तन-अनुसार; दर्शन-समय-पूर्व मन्दिर-प्रबन्धन-कॉल अनुशंसित; पुष्टि-मार्ग-मन्दिर पारम्परिक-शुद्धता-केन्द्रित

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

8 दैनिक-दर्शन (निःशुल्क)निःशुल्क
समय
05:30-12:15 + 15:30-19:30

मङ्गला + शृङ्गार + ग्वाल + राजभोग + उत्थापन + भोग + सन्ध्या-आरती + शयन = विश्व का अद्वितीय 8-दैनिक-दर्शन।

विशेष-सेवा (अभिषेक/भोग-समर्पण)

व्यक्तिगत/परिवार-नाम-संकल्प-सङ्ग; नाथद्वारा मन्दिर मण्डल-कार्यालय-बुकिंग।

फाग-महोत्सव-दर्शन (होली; ब्रज-शैली सप्ताह-दीर्घ)निःशुल्क

होली-पूर्व सप्ताह-दीर्घ ब्रज-शैली रंग-केसर-गुलाल-होली; पिछवाई-विशेष-होली-थीम।

अन्नकूट छप्पन-भोग-दर्शन (गोवर्धन पूजा)निःशुल्क

गोवर्धन-पूजा-दिन (दीवाली-पश्चात्) 56 व्यञ्जन-भोग-समर्पण; मन्दिर-हस्ताक्षर-उत्सव।

जन्माष्टमी-दर्शननिःशुल्क

अष्टमी-तिथि (अगस्त-सितंबर) कृष्ण-जन्म-उत्सव।

पिछवाई-दर्शन (मूर्ति-पृष्ठभूमि-चित्र-दर्शन)निःशुल्क

प्रत्येक-उत्सव-अनुसार विशेष-पिछवाई-चित्र; नाथद्वारा-पिछवाई-कला-स्कूल-केन्द्र।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

अन्नकूट छप्पन-भोग (गोवर्धन पूजा)कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा (दीवाली-पश्चात्); 2026: 9 नवंबर 2026

मन्दिर-हस्ताक्षर-उत्सव; 56 व्यञ्जन-भोग-समर्पण; श्रीनाथजी = गोवर्धन-धारक-स्वरूप-कारण विशेष-महत्त्व

जन्माष्टमीश्रावण कृष्ण अष्टमी (अगस्त-सितंबर); 2026: 4 सितंबर 2026

कृष्ण-जन्म-वार्षिक-उत्सव; पुष्टि-मार्ग-शैली विशेष-दर्शन

फाग महोत्सव / होली (ब्रज-शैली सप्ताह-दीर्घ)फाल्गुन (फरवरी-मार्च); 2026: ~25 फरवरी - 3 मार्च 2026

होली-पूर्व सप्ताह-दीर्घ ब्रज-शैली रंग-केसर-गुलाल-होली; पिछवाई-विशेष-होली-थीम

शरद पूर्णिमाआश्विन पूर्णिमा (अक्टूबर); 2026: ~25 अक्टूबर 2026

रास-लीला-स्मरण; विशेष-दर्शन एवं चन्द्र-अभिषेक

वसन्त पञ्चमीमाघ शुक्ल पञ्चमी; 2026: ~22 जनवरी 2026

वसन्त-ऋतु-आरम्भ; पीत-वस्त्र-शृङ्गार

दीवालीकार्तिक अमावस्या

विशेष-दीप-शृङ्गार

गोपाष्टमीकार्तिक शुक्ल अष्टमी

श्रीकृष्ण-गोपालन-वर्षगाँठ

नन्दोत्सवजन्माष्टमी-अगले-दिन (श्रावण कृष्ण नवमी)

नन्द-बाबा-गोकुल-कृष्ण-जन्म-समारोह-स्मरण

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

पुष्टि-मार्ग कृपा-संकल्प (वल्लभ-परम्परा)

पुष्टि-मार्ग = कृपा-मार्ग; भगवद्-कृपा-केवल-आधार-संकल्प-तीर्थ; पुष्टि-मार्ग-सर्वोच्च-तीर्थ-दर्शन-संकल्प

स्रोत: वल्लभाचार्य षोडश-ग्रन्थ + Wikipedia

8-दैनिक-दर्शन-संकल्प (विश्व का अद्वितीय)

मङ्गला + शृङ्गार + ग्वाल + राजभोग + उत्थापन + भोग + सन्ध्या-आरती + शयन; जीवन्त-बाल-कृष्ण-दिनचर्या-उपासना-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: templetimings + templedarshantime + yatradham बहु-स्रोत

अन्नकूट छप्पन-भोग-संकल्प (गोवर्धन पूजा-दिन)

श्रीनाथजी = गोवर्धन-धारक-स्वरूप; 56 व्यञ्जन-भोग-समर्पण; मन्दिर-हस्ताक्षर-उत्सव-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + Shrinathji Helpline बहु-स्रोत

फाग महोत्सव-होली-दर्शन-संकल्प (ब्रज-शैली)

होली-पूर्व सप्ताह-दीर्घ ब्रज-शैली केसर-गुलाल-होली; नाथद्वारा-होली विश्व-प्रसिद्ध; पिछवाई-होली-थीम; आनन्द-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Temples.bio + Shrinathji Helpline बहु-स्रोत

पिछवाई-कला-दर्शन-संकल्प

नाथद्वारा = विश्व का पिछवाई-कला-केन्द्र; प्रत्येक-उत्सव-अनुसार विशेष-पिछवाई-पृष्ठभूमि-चित्र-दर्शन; पारम्परिक-कला-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia Shrinathji + Wikipedia Nathdwara बहु-स्रोत

गोवर्धन-धारक कृष्ण-दर्शन-संकल्प (इन्द्र-गर्व-शमन-कथा-केन्द्र)

श्रीनाथजी 7-वर्षीय बाल-कृष्ण गोवर्धन-धारक-स्वरूप; ब्रज-वासियों-वर्षा-रक्षा-कथा-केन्द्र; भक्ति-शक्ति-दर्शन-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: भागवत-पुराण + Wikipedia बहु-स्रोत

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • श्री वल्लभाचार्य षोडश-ग्रन्थवेदान्त-ग्रन्थ-संग्रहवल्लभाचार्य (1479-1530/31)इस मन्दिर हेतु16 ग्रन्थ; पुष्टि-मार्ग-केन्द्रीय
  • मधुराष्टकम् (वल्लभाचार्य-कृत)अष्टक-स्तोत्रवल्लभाचार्य-कृतइस मन्दिर हेतुश्रीकृष्ण-मधुर-स्वरूप-वर्णन; पुष्टि-मार्ग-दैनिक-पाठ
  • अष्टछाप कविता-संग्रह (8 कवि — सूरदास + परमानन्द दास + कृष्ण दास + कुम्भन दास + चतुर्भुज दास + छीतस्वामी + गोविन्द स्वामी + नन्द दास)ब्रज-भाषा भक्ति-कविता-संग्रहवल्लभाचार्य + विट्ठलनाथजी-शिष्य 8-कवि (16वीं-शताब्दी)इस मन्दिर हेतुपुष्टि-मार्ग-केन्द्रीय
  • श्रीनाथजी-अष्टकम्अष्टक-स्तोत्रपुष्टि-मार्ग-परम्पराइस मन्दिर हेतु
  • गोवर्धन-स्तोत्रस्तोत्रवल्लभ-परम्पराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

नवनीतप्रियजी मन्दिर100 मी

श्रीनाथजी-निवास-स्थल का सहायक-स्वरूप-गृह

विट्ठलनाथजी मन्दिर200 मी

गोविन्दजी का गृह; पुष्टि-मार्ग 7-स्वरूपों में सम्मिलित; दर्शन-योग्य

विश्वास स्वरूपम् (369 फीट शिव-मूर्ति, 2022-उद्घाटित)5 किमी

विश्व का सर्वोच्च-शिव-मूर्ति (~111 मी); मियाणी-कुम्भलगढ़-समीप गणेश-टेकरी; तत् पदम् उपवन-कार्यालय-निर्मित

एकलिङ्गजी मन्दिर35 किमी

मेवाड़-राजवंश-इष्ट-देव शिव-तीर्थ; 734 ईस्वी-निर्मित

हल्दीघाटी (महाराणा प्रताप युद्ध-स्थल 1576)25 किमी

मेवाड़-इतिहास-केन्द्रीय रणक्षेत्र; चेतक-स्मारक

उदयपुर सिटी पैलेस + जगदीश मन्दिर48 किमी

मेवाड़-शाही-वास्तुकला; उदयपुर जग प्रसिद्ध पर्यटन-केन्द्र

कांकरोली द्वारकाधीश मन्दिर (पुष्टि-मार्ग 7 स्वरूप)25 किमी

पुष्टि-मार्ग 7 स्वरूपों में सम्मिलित द्वारकाधीश-स्वरूप-तीर्थ; बालकृष्ण-वंश

कुम्भलगढ़ क़िला (UNESCO राजस्थान-पहाड़ी-क़िले)80 किमी

UNESCO विश्व-धरोहर 'राजस्थान-पहाड़ी-क़िले' समूह; 15वीं-शताब्दी मेवाड़ क़िला

पुष्टि-मार्ग 7 स्वरूप-तीर्थयात्रा

मुख्य-गृह (ज्येष्ठ गिरिधर-वंश) — श्रीनाथजी नाथद्वारा + मथुराधीश कोटा + विट्ठलनाथजी नाथद्वारा + द्वारकाधीश कांकरोली + गोकुलनाथजी गोकुल + गोकुलचन्द्रमाजी कामवन + बालकृष्णजी सूरत

7 मंदिर

मेवाड़ शैव-वैष्णव-तीर्थयात्रा (नाथद्वारा + एकलिङ्गजी + कांकरोली + कुम्भलगढ़)

मुख्य-वैष्णव-तीर्थ; मेवाड़-राजवंश-संरक्षण

4 मंदिर

ब्रज-नाथद्वारा कृष्ण-तीर्थयात्रा (गोवर्धन-मथुरा + नाथद्वारा)

1672 ईस्वी ब्रज-स्थानान्तर के बाद का प्रमुख-कृष्ण-तीर्थ; गोवर्धन-स्वरूप-केन्द्र

2 मंदिर

राजस्थान कृष्ण-शक्ति-शिव-तीर्थ-यात्रा (नाथद्वारा + एकलिङ्गजी + करनी माता)

राजस्थान-कृष्ण-तीर्थ-शिखर

3 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री श्रीनाथजी मन्दिर, नाथद्वारा, ज़िला राजसमन्द, राजस्थान — PIN 313301 (बनास-नदी-तट; अरावली-पर्वतमाला)
हवाई अड्डा
महाराणा प्रताप हवाई अड्डा उदयपुर (UDR)
रेलवे
नाथद्वारा रेलवे स्टेशन (NDT; उत्तर-पश्चिम रेलवे); मावली जङ्क्शन ~30 किमी + उदयपुर सिटी स्टेशन ~48 किमी वैकल्पिक
बस-स्टैण्ड
नाथद्वारा बस-स्टैण्ड (मन्दिर-समीप); राजस्थान RTC नियमित-बस-सेवा
उत्तम ऋतु
अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) 9 नवंबर 2026 — मन्दिर-शिखर-उत्सव; जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026; फाग महोत्सव-होली ~25 फरवरी - 3 मार्च 2026; शरद पूर्णिमा ~25 अक्टूबर 2026; वसन्त पञ्चमी ~22 जनवरी 2026; शीत-मासों (नवंबर-फरवरी) में अरावली-यात्रा आरामदायक; पावस-ऋतु (जुलाई-सितंबर) में मध्यम-वर्षा
प्रबन्धन
नाथद्वारा मन्दिर मण्डल (निगम; 1959-अधिनियम-अधीन — नाथद्वारा मन्दिर अधिनियम 1959, राजस्थान); तिलकायत महाराज वंशानुगत-संरक्षक-प्रबन्धक-न्यासी (स्वामी-नहीं; सर्वोच्च-न्यायालय Tilkayat Shri Govindlalji v. State of Rajasthan-निर्णय-अधीन); वर्तमान तिलकायत: श्री इन्द्रदमनजी ('राकेशजी') महाराज (एकल-स्रोत nathdwara.in flag); गिरिधर-वंश ज्येष्ठ-पुत्र-वंशानुगत आध्यात्मिक-प्रमुख
3 किमीNathdwara Railway
58 किमीUdaipur
30 किमीMavli Junction Railway
219 किमीAjmer
350 किमीJaipur
5 किमीStatue of Belief
35 किमीEklingji Temple
25 किमीHaldighati
619 किमीDelhi
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