मुद्गल-पुराण
अष्ट-कषेत्र-गणनना में सिद्धटेक सम्मिलित; विष्णु-तपस्या-वर्णन
Siddhatek · Maharashtra
श्री सिद्धिविनायक मन्दिर — सिद्धटेक, भीमा नदी-तट, करजत तालुका, ज़िला अहमदनगर (अहिल्यानगर), महाराष्ट्र
सिद्धिविनायक — अष्टविनायक का द्वितीय तीर्थ; अष्टविनायक में एकमात्र दक्षिणामुखी (उद्धन्मुखी / दक्षिणी-शुण्ड) गणेश; विष्णु-तपस्या-सिद्धि-स्थल
अन्य नाम: सिद्धिविनायक सिद्धटेक · उद्धन्मुखी गणेश · दक्षिणामुखी गणेश

इस मन्दिर की विशेषता
श्री सिद्धिविनायक गणेश — स्वयंभू ~3-फुट उच्च काले-पाषाण-मूर्ति, उत्तर-मुख, पद्मासन; पार्श्व में सिद्धि-ब्रह्म-प्रतिमा; पीतल-कवच; जय-विजय (विष्णु के द्वार-पाल) ब्रह्म-प्रतिमाओं से आबद्ध — विष्णु-तपस्या का प्रतीक
अष्टविनायक में एकमात्र दक्षिणामुखी (उद्धन्मुखी, दक्षिण-शुण्ड) — साधक-वर्ग के सिद्धि-दाता; निवृत्ति-मार्ग (मोक्ष) के अधिष्ठाता
सम्प्रदाय: गाणपत्य-सम्प्रदाय — अष्टविनायक यात्रा-क्रम का द्वितीय तीर्थ; मुद्गल-पुराण + गणेश-पुराण-वर्णित
अष्ट-कषेत्र-गणनना में सिद्धटेक सम्मिलित; विष्णु-तपस्या-वर्णन
सृष्टि-आदि-काल कथा: योग-निद्रा-गत विष्णु-नाभि-कमल से ब्रह्मा-प्रकटन; विष्णु-कर्ण-मल से मधु-कैटभ दैत्य-उत्पत्ति; ब्रह्मा-सृष्टि-विघ्न; विष्णु-1000/5000-वर्ष-युद्ध-निष्फलता; शिव-उपदेश — विष्णु ने युद्ध-पूर्व गणेश-आवाहन नहीं किया; विष्णु ने सिद्धटेक-पर्वत पर 'ॐ श्री गणेशाय नमः' मंत्र से तपस्या; गणेश-प्रकटन एवं सिद्धि-वर-दान; विष्णु ने पुनः-आकर मधु-कैटभ-वध; 'सिद्धि' + 'टेक' (पहाड़ी) = सिद्धटेक नामकरण
05:00 से 21:30 तक
विशेष नियम: गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; सङ्कल्प-पूजा एवं षोडशोपचार ट्रस्ट-कार्यालय से बुकिंग; सङ्कष्टी/चतुर्थी/भाद्रपद-माघ-उत्सव-काल ऑनलाइन-स्लॉट-बुकिंग अनुशंसित
नगारखाना-द्वार से हरिपन्त फडके पगडण्डी द्वारा सभा-मण्डप-गर्भगृह; निःशुल्क।
ट्रस्ट-कार्यालय से बुकिंग; मन्दिर-पुजारी द्वारा सम्पादित।
सिद्धि-सङ्कल्प हेतु विशेष-अनुष्ठान; ट्रस्ट-बुकिंग।
पहाड़ी की पूर्ण-परिक्रमा (~5 किमी कांटेदार-बाबूल-वन-मार्ग); पारम्परिक-नियम 7-बार-पारम्परिक; अष्टविनायक में अद्वितीय।
ऐतिहासिक-संकल्प-कथा-अनुसरण — 21 दिन × 21-दिवसीय परिक्रमा-अनुष्ठान; पद-प्रतिष्ठा-पुनरुद्धार-संकल्प।
chinchwaddeosthan.org + shreesiddhivinayakdevasthanam.org पोर्टल पर।
सोमवार 14 सितंबर 2026 (Drik Panchang सर्वसम्मति); भाद्रपद शुक्ल 1-5 तक 10-दिवसीय गणेशोत्सव; 3 दिन पालकी-शोभायात्रा।
22 जनवरी 2026 (Drik Panchang); सिद्धटेक में बड़ी भीड़; 3 दिन पालकी-शोभायात्रा।
6 जनवरी 2026 (Drik Panchang); अत्यन्त-शुभ — सङ्कल्प-सिद्धि-काल।
मासिक-गणेश-व्रत; चन्द्र-दर्शन-पारणा।
मासिक शुक्ल-चतुर्थी पूजा।
विशेष पूजा।
सिद्धटेक 'जागृत-कषेत्र' — कठोर-नियम-पालन के साथ लिये गये संकल्प फलित होते हैं; साधक-वर्ग का सिद्धि-तीर्थ
स्रोत: मुद्गल-पुराण + Chinchwad Devasthan + Hindu Jagruti
पेशवा-सेनापति हरिपन्त फडके ने सेनापति-पद-हानि-पश्चात् 21-दिवसीय अनुष्ठान-वचन — 21 दिन तक प्रतिदिन 21-बार परिक्रमा; 21वें दिन पेशवा-दूत-आगमन एवं सेनापति-पद-पुनरुद्धार। दीर्घ-स्तब्ध कार्य-पुनरुद्धार-संकल्प की प्रमाण-कथा
स्रोत: Wikipedia + chinchwaddeosthan.org + ashtavinayak.net
दक्षिणामुखी (दक्षिण-शुण्ड) गणेश निवृत्ति-मार्ग (मोक्ष) के अधिष्ठाता; साधक-वर्ग के सिद्धि-दाता; अष्टविनायक में एकमात्र — गृह-पूजा-निषिद्ध, केवल-मन्दिर-पूजन-योग्य
स्रोत: The Federal + In My Eye + ashtavinayak.net बहु-स्रोत
विष्णु ने मधु-कैटभ-वध-हेतु यहाँ तपस्या-कर सिद्धि प्राप्त की; असुर-वध-संकल्प + शत्रु-विजय का प्रारम्भ-स्थल
स्रोत: गणेश-पुराण + मुद्गल-पुराण
पहाड़ी की पूर्ण-परिक्रमा (~5 किमी कांटेदार-बाबूल-वन-मार्ग) 7-बार-पारम्परिक; अष्टविनायक में सर्वाधिक-कठिन एवं शक्तिशाली परिक्रमा-संकल्प
स्रोत: Wikipedia + Maharashtra Tourism बहु-स्रोत
तीर्थयात्री-विश्राम-ग्राम; ऐतिहासिक नौका-तट; अब सड़क-सेतु
महाराष्ट्र की प्रमुख नदी; पञ्ढरपुर पर चन्द्रभागा-नाम; स्नान-तीर्थ
निकटतम रेलवे; पुणे-सोलापुर लाइन; तीर्थयात्रा-आधार-बिन्दु
अष्टविनायक यात्रा-क्रम का पूर्व-तीर्थ; प्रारम्भ-तीर्थ
मुलामुथा-संगम; चिन्तामणि-गणेश; पेशवा माधवराव-समाधि-स्थल
भीमा-नदी (चन्द्रभागा) पर विट्ठल-तीर्थ; भीमा-नदी-तीर्थ-शृङ्खला
साईं बाबा समाधि-मन्दिर; समान-ज़िला तीर्थयात्रा-संयोजन
द्वितीय तीर्थ; क्रम: 1. मोरगाँव → 2. **सिद्धटेक (यह)** → 3. पाली → 4. महाड → 5. थेऊर → 6. लेण्याद्री → 7. ओझर → 8. रांजणगाँव → मोरगाँव-समापन
8 मंदिर · 3 दिन
मोरगाँव-पश्चात् दिवस-1 का दूसरा-तीर्थ
8 मंदिर · 3 दिन
सिद्धटेक → पञ्ढरपुर (चन्द्रभागा) — समान-नदी-तीर्थ-संयोजन
2 मंदिर