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Siddhatek · Maharashtra

श्री सिद्धिविनायक मन्दिर

श्री सिद्धिविनायक मन्दिर — सिद्धटेक, भीमा नदी-तट, करजत तालुका, ज़िला अहमदनगर (अहिल्यानगर), महाराष्ट्र

सिद्धिविनायक — अष्टविनायक का द्वितीय तीर्थ; अष्टविनायक में एकमात्र दक्षिणामुखी (उद्धन्मुखी / दक्षिणी-शुण्ड) गणेश; विष्णु-तपस्या-सिद्धि-स्थल

अन्य नाम: सिद्धिविनायक सिद्धटेक · उद्धन्मुखी गणेश · दक्षिणामुखी गणेश

  • अष्टविनायक यात्रा का द्वितीय तीर्थ
  • अष्टविनायक में एकमात्र दक्षिणामुखी
  • अष्टविनायक में एकमात्र अहमदनगर-ज़ि…
  • अष्टविनायक में एकमात्र पहाड़ी-पञ्च…
श्री सिद्धिविनायक मन्दिर
दर्शन समय
05:00 – 21:30
स्वरूप
अष्टविनायक में एकमात्र दक्षिणामुखी
स्थान
Siddhatek · Maharashtra
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम
काल
विष्णु-तपस्या-काल पौराणिक

इस मन्दिर की विशेषता

  • अष्टविनायक यात्रा का द्वितीय तीर्थ (मोरगाँव-पश्चात्)
  • अष्टविनायक में एकमात्र दक्षिणामुखी (उद्धन्मुखी / दक्षिण-शुण्ड) — गृह-स्थापना-निषिद्ध; केवल-मन्दिर-पूजन; कठोर-शुद्धि-नियम-अपेक्षित — अद्वितीय
  • अष्टविनायक में एकमात्र अहमदनगर-ज़िला (अहिल्यानगर); अन्य 7 पुणे एवं रायगढ़ ज़िले में
  • अष्टविनायक में एकमात्र पहाड़ी-पञ्च-किमी-परिक्रमा परम्परा (बाबूल-कांटेदार-वन-मार्ग) — सर्वाधिक-कठिन; 7-बार-पारम्परिक
  • गणेश-चतुर्थी 2026: सोमवार 14 सितंबर 2026 (Drik Panchang सर्वसम्मति)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री सिद्धिविनायक गणेश — स्वयंभू ~3-फुट उच्च काले-पाषाण-मूर्ति, उत्तर-मुख, पद्मासन; पार्श्व में सिद्धि-ब्रह्म-प्रतिमा; पीतल-कवच; जय-विजय (विष्णु के द्वार-पाल) ब्रह्म-प्रतिमाओं से आबद्ध — विष्णु-तपस्या का प्रतीक

अष्टविनायक में एकमात्र दक्षिणामुखी (उद्धन्मुखी, दक्षिण-शुण्ड) — साधक-वर्ग के सिद्धि-दाता; निवृत्ति-मार्ग (मोक्ष) के अधिष्ठाता

सम्प्रदाय: गाणपत्य-सम्प्रदाय — अष्टविनायक यात्रा-क्रम का द्वितीय तीर्थ; मुद्गल-पुराण + गणेश-पुराण-वर्णित

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

मुद्गल-पुराण

अष्ट-कषेत्र-गणनना में सिद्धटेक सम्मिलित; विष्णु-तपस्या-वर्णन

गणेश-पुराण

सृष्टि-आदि-काल कथा: योग-निद्रा-गत विष्णु-नाभि-कमल से ब्रह्मा-प्रकटन; विष्णु-कर्ण-मल से मधु-कैटभ दैत्य-उत्पत्ति; ब्रह्मा-सृष्टि-विघ्न; विष्णु-1000/5000-वर्ष-युद्ध-निष्फलता; शिव-उपदेश — विष्णु ने युद्ध-पूर्व गणेश-आवाहन नहीं किया; विष्णु ने सिद्धटेक-पर्वत पर 'ॐ श्री गणेशाय नमः' मंत्र से तपस्या; गणेश-प्रकटन एवं सिद्धि-वर-दान; विष्णु ने पुनः-आकर मधु-कैटभ-वध; 'सिद्धि' + 'टेक' (पहाड़ी) = सिद्धटेक नामकरण

संत एवं परम्परा

  • विष्णु — मधु-कैटभ-वध-हेतु यहाँ तपस्या-कर सिद्धि-प्राप्ति; मन्दिर-स्थापना की पौराणिक-परम्परा
  • महर्षि व्यास — सिद्धटेक-तपस्या-सिद्धि-परम्परा
  • भृशुण्डि ऋषि — सिद्धटेक-तपस्या-सिद्धि-परम्परा
  • सन्त मोरया गोसावी (समाधि 1561 ईस्वी) — सर्व-अष्टविनायक-तपस्या; सिद्धटेक-सिद्धि-परम्परा-संरक्षण
  • सन्त नारायण महाराज (केडगाँव) — गाणपत्य-सम्प्रदाय-वंश
  • पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर (इन्दौर महारानी; 18वीं शताब्दी अन्त) — वर्तमान गर्भगृह-निर्माण-संरक्षण
  • सरदार हरिपन्त फडके (पेशवा सेनापति) — नगारखाना + पगडण्डी-घाट + वाडा-निर्माण; 21×21 परिक्रमा-संकल्प-सिद्धि की ऐतिहासिक-कथा
  • चिञ्चवड देवस्थान ट्रस्ट (मोरया गोसावी-वंशज देव-परिवार) — आधुनिक-प्रशासन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 18वीं शताब्दी अन्त — पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर द्वारा वर्तमान गर्भगृह (15 फुट × 10 फुट गुम्बद-आकार) निर्माण; समकाल में सरदार हरिपन्त फडके द्वारा नगारखाना, पगडण्डी, नदी-घाट, वाडा-निर्माण; हरिपन्त फडके की 21×21 परिक्रमा-संकल्प-सिद्धि — सेनापति-पद-पुनरुद्धार-कथा (सिद्धटेक की प्रमाण-कथा)Wikipedia + chinchwaddeosthan.org + Maharashtra Tourism
  2. 1939बाह्य सभा-मण्डप विघटनWikipedia Siddhivinayak Temple Siddhatek
  3. 1970बाह्य सभा-मण्डप पुनर्निर्माणWikipedia
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:00 से 21:30 तक

काकड आरती05:00
दैनिक
प्रक्षाल पूजा (प्रातः)05:15
दैनिक
महापूजा11:00
दैनिक
महानैवेद्य12:00
दैनिक
प्रक्षाल पूजा (सायं)20:00
दैनिक
दधि-भात + दाल नैवेद्य20:30
दैनिक
शेजारती21:00
दैनिक

विशेष नियम: गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; सङ्कल्प-पूजा एवं षोडशोपचार ट्रस्ट-कार्यालय से बुकिंग; सङ्कष्टी/चतुर्थी/भाद्रपद-माघ-उत्सव-काल ऑनलाइन-स्लॉट-बुकिंग अनुशंसित

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
05:00-21:30 (दैनिक)
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

नगारखाना-द्वार से हरिपन्त फडके पगडण्डी द्वारा सभा-मण्डप-गर्भगृह; निःशुल्क।

अभिषेक एवं षोडशोपचार पूजा

ट्रस्ट-कार्यालय से बुकिंग; मन्दिर-पुजारी द्वारा सम्पादित।

सहस्रावर्तन पूजा

सिद्धि-सङ्कल्प हेतु विशेष-अनुष्ठान; ट्रस्ट-बुकिंग।

5-किमी पहाड़ी पञ्चकोशी परिक्रमानिःशुल्क

पहाड़ी की पूर्ण-परिक्रमा (~5 किमी कांटेदार-बाबूल-वन-मार्ग); पारम्परिक-नियम 7-बार-पारम्परिक; अष्टविनायक में अद्वितीय।

हरिपन्त फडके 21×21 परिक्रमा सङ्कल्प

ऐतिहासिक-संकल्प-कथा-अनुसरण — 21 दिन × 21-दिवसीय परिक्रमा-अनुष्ठान; पद-प्रतिष्ठा-पुनरुद्धार-संकल्प।

ऑनलाइन लाइव दर्शन एवं लाइव आरती

chinchwaddeosthan.org + shreesiddhivinayakdevasthanam.org पोर्टल पर।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

गणेश-चतुर्थी 2026भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी

सोमवार 14 सितंबर 2026 (Drik Panchang सर्वसम्मति); भाद्रपद शुक्ल 1-5 तक 10-दिवसीय गणेशोत्सव; 3 दिन पालकी-शोभायात्रा।

गणेश-जयन्ती / माघ चतुर्थी 2026माघ शुक्ल चतुर्थी

22 जनवरी 2026 (Drik Panchang); सिद्धटेक में बड़ी भीड़; 3 दिन पालकी-शोभायात्रा।

अङ्गारकी चतुर्थी 2026मंगलवार-सङ्कष्टी चतुर्थी

6 जनवरी 2026 (Drik Panchang); अत्यन्त-शुभ — सङ्कल्प-सिद्धि-काल।

मासिक सङ्कष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी (प्रत्येक मास)

मासिक-गणेश-व्रत; चन्द्र-दर्शन-पारणा।

विनायकी चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी (प्रत्येक मास)

मासिक शुक्ल-चतुर्थी पूजा।

विजयदशमी + सोमवती अमावस्याविशेष-तिथि

विशेष पूजा।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

सङ्कल्प-सिद्धि-संकल्प (जागृत-कषेत्र)

सिद्धटेक 'जागृत-कषेत्र' — कठोर-नियम-पालन के साथ लिये गये संकल्प फलित होते हैं; साधक-वर्ग का सिद्धि-तीर्थ

स्रोत: मुद्गल-पुराण + Chinchwad Devasthan + Hindu Jagruti

दीर्घ-स्तब्ध-कार्य-पुनरुद्धार-संकल्प (हरिपन्त फडके परम्परा)

पेशवा-सेनापति हरिपन्त फडके ने सेनापति-पद-हानि-पश्चात् 21-दिवसीय अनुष्ठान-वचन — 21 दिन तक प्रतिदिन 21-बार परिक्रमा; 21वें दिन पेशवा-दूत-आगमन एवं सेनापति-पद-पुनरुद्धार। दीर्घ-स्तब्ध कार्य-पुनरुद्धार-संकल्प की प्रमाण-कथा

स्रोत: Wikipedia + chinchwaddeosthan.org + ashtavinayak.net

साधक-वर्ग सिद्धि-संकल्प (दक्षिणामुखी-निवृत्ति-मार्ग)

दक्षिणामुखी (दक्षिण-शुण्ड) गणेश निवृत्ति-मार्ग (मोक्ष) के अधिष्ठाता; साधक-वर्ग के सिद्धि-दाता; अष्टविनायक में एकमात्र — गृह-पूजा-निषिद्ध, केवल-मन्दिर-पूजन-योग्य

स्रोत: The Federal + In My Eye + ashtavinayak.net बहु-स्रोत

विष्णु-तपस्या-सिद्धि-संकल्प

विष्णु ने मधु-कैटभ-वध-हेतु यहाँ तपस्या-कर सिद्धि प्राप्त की; असुर-वध-संकल्प + शत्रु-विजय का प्रारम्भ-स्थल

स्रोत: गणेश-पुराण + मुद्गल-पुराण

5-किमी पहाड़ी पञ्चकोशी परिक्रमा-संकल्प

पहाड़ी की पूर्ण-परिक्रमा (~5 किमी कांटेदार-बाबूल-वन-मार्ग) 7-बार-पारम्परिक; अष्टविनायक में सर्वाधिक-कठिन एवं शक्तिशाली परिक्रमा-संकल्प

स्रोत: Wikipedia + Maharashtra Tourism बहु-स्रोत

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ श्री गणेशाय नमःमूल मंत्रमुद्गल-पुराण — विष्णु-तपस्या-मंत्रइस मन्दिर हेतुविष्णु ने इसी-मंत्र से सिद्धटेक-तपस्या-कर सिद्धि-प्राप्ति की
  • ॐ गं गणपतये नमःबीज मंत्रगाणपत्य परम्परा
  • सङ्कटनाशन गणेश स्तोत्रस्तोत्रनारद-पुराणसङ्कष्टी चतुर्थी विशेष
  • गणपति अथर्वशीर्षउपनिषद् स्तोत्रअथर्ववेदमहाभिषेक-काल
  • मन्त्र-पुष्पाञ्जलिसमापन-अर्पणवैदिक परम्परा
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

शिरापुर ग्राम (भीमा-दक्षिण-तट)1 किमी

तीर्थयात्री-विश्राम-ग्राम; ऐतिहासिक नौका-तट; अब सड़क-सेतु

भीमा नदी-घाट200 मी

महाराष्ट्र की प्रमुख नदी; पञ्ढरपुर पर चन्द्रभागा-नाम; स्नान-तीर्थ

दौण्ड जङ्क्शन (Daund)18 किमी

निकटतम रेलवे; पुणे-सोलापुर लाइन; तीर्थयात्रा-आधार-बिन्दु

मोरगाँव मयूरेश्वर मन्दिर (अष्टविनायक #1)85 किमी

अष्टविनायक यात्रा-क्रम का पूर्व-तीर्थ; प्रारम्भ-तीर्थ

थेऊर चिन्तामणि मन्दिर (अष्टविनायक #5)80 किमी

मुलामुथा-संगम; चिन्तामणि-गणेश; पेशवा माधवराव-समाधि-स्थल

पञ्ढरपुर विट्ठल-रुक्मिणी मन्दिर120 किमी

भीमा-नदी (चन्द्रभागा) पर विट्ठल-तीर्थ; भीमा-नदी-तीर्थ-शृङ्खला

शिरडी साईं बाबा समाधि-मन्दिर150 किमी

साईं बाबा समाधि-मन्दिर; समान-ज़िला तीर्थयात्रा-संयोजन

अष्टविनायक यात्रा शास्त्रोक्त क्रम — द्वितीय तीर्थ

द्वितीय तीर्थ; क्रम: 1. मोरगाँव → 2. **सिद्धटेक (यह)** → 3. पाली → 4. महाड → 5. थेऊर → 6. लेण्याद्री → 7. ओझर → 8. रांजणगाँव → मोरगाँव-समापन

8 मंदिर · 3 दिन

पुणे-केन्द्रित 2-रात्रि / 3-दिवसीय अष्टविनायक यात्रा-पैकेज

मोरगाँव-पश्चात् दिवस-1 का दूसरा-तीर्थ

8 मंदिर · 3 दिन

भीमा-नदी तीर्थ-शृङ्खला

सिद्धटेक → पञ्ढरपुर (चन्द्रभागा) — समान-नदी-तीर्थ-संयोजन

2 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री सिद्धिविनायक मन्दिर, ग्राम देउलवाडी, सिद्धटेक, पोस्ट जलालपुर, तालुका करजत, ज़िला अहमदनगर (अहिल्यानगर), महाराष्ट्र — PIN 414403
हवाई अड्डा
पुणे अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (PNQ, लोहगाँव) — ~101 किमी
रेलवे
दौण्ड जङ्क्शन (Daund Junction, पुणे-सोलापुर रेलवे लाइन) — 18-19 किमी
बस-स्टैण्ड
सिद्धटेक/शिरापुर बस-स्टैण्ड (MSRTC); शिरापुर (पुणे-ज़िला) भीमा-दक्षिण-तट 1 किमी; सड़क-सेतु-स्थापित (वाहन-योग्य)
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम; ग्रीष्म (अप्रैल-मई) पहाड़ी-परिक्रमा-त्याज्य (खुली-धूप); गणेश-चतुर्थी 14 सितंबर 2026; गणेश-जयन्ती 22 जनवरी 2026; अङ्गारकी 6 जनवरी 2026
18 किमीDaund Junction
1 किमीShirapur
100 किमीPune
101 किमीPune Airport
85 किमीAhmednagar
85 किमीMorgaon
80 किमीTheur
120 किमीPandharpur
150 किमीShirdi
250 किमीMumbai
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